बिहार का भौगोलिक विभाजन, नदियाँ एवं जलवायु — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स
प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में बिहार का भूगोल अत्यंत महत्वपूर्ण है। 70वीं BPSC PT में मुंगेर पहाड़ी क्षेत्र के भौगोलिक विभाजन से प्रश्न पूछा गया , तथा 71वीं BPSC PT में बिहार की जलवायु के प्रकार पर प्रश्न आया । नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।
1. बिहार का भौगोलिक विभाजन और उच्चावच
मूल तथ्य
तीन प्रमुख भौगोलिक प्रदेश
बिहार को भौगोलिक रूप से तीन प्राकृतिक विभागों में बाँटा जाता है :
1. उत्तर का पर्वतीय एवं तराई भाग (सोमेश्वर श्रेणी):
- सोमेश्वर श्रेणी: हिमालय की नेपाल श्रेणी का हिस्सा; औसत ऊँचाई 455 मीटर, सर्वोच्च शिखर 874 मीटर
- तराई क्षेत्र: दलदली भूमि, साल वृक्ष के घने जंगल; वाल्मीकि नगर में बिहार का एकमात्र बाघ अभयारण्य
2. मध्य का विशाल मैदान (95% भाग):
- तराई उपक्षेत्र: सोमेश्वर श्रेणी के दक्षिण में लगभग 10 किमी चौड़ा कंकर-बालू का निक्षेप
- भांगर क्षेत्र: पुराना जलोढ़ क्षेत्र; आसपास से 7-8 मीटर ऊँचा
- खादर क्षेत्र: नया जलोढ़ क्षेत्र; गंडक से कोसी नदी तक उत्तरी बिहार में विस्तृत; प्रतिवर्ष बाढ़ से उपजाऊ परंतु तबाही के कगार पर
3. दक्षिण का पहाड़ी किनारा (दक्षिणी पठारी क्षेत्र):
- कैमूर पठार: चूना पत्थर के लिए प्रसिद्ध
- मुंगेर पहाड़ी क्षेत्र: दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र (Southern Hilly Region) का हिस्सा; छोटानागपुर पठार का विस्तार; मुंगेर, जमुई, बांका में फैला
- राजमहल पहाड़ियाँ: गंगा के दक्षिणी तट पर
मुख्य भौगोलिक विशेषताएँ
- गंगा नदी राज्य को उत्तरी बिहार और दक्षिणी बिहार में विभाजित करती है
- उत्तरी बिहार: समतल जलोढ़ मैदान; बाढ़-प्रवण (कोसी, गंडक)
- दक्षिणी बिहार: अपेक्षाकृत ऊँचा, त्रिभुजाकार; सोन, पुनपुन जैसी मौसमी नदियाँ
- ढाल: पश्चिम से पूर्व की ओर
2. बिहार की नदियाँ और बाढ़ प्रबंधन
नदी तंत्र का वर्गीकरण
बिहार की नदियों को चार श्रेणियों में बाँटा जा सकता है :
| श्रेणी | नदियाँ | विशेषताएँ |
|---|---|---|
| गंगा | गंगा | राज्य के बीच से बहती है; बिहार में 300 मील की यात्रा |
| उत्तर से गंगा में मिलने वाली | घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, कोसी, महानंदा | हिमालय से निकलती हैं; अत्यधिक सिल्ट; बाढ़-प्रवण |
| दक्षिण से गंगा में मिलने वाली | सोन, पुनपुन, फल्गू, किऊल | छोटानागपुर पठार से निकलती हैं; मौसमी |
| छोटानागपुर पठार से दक्षिण-पूर्व बहने वाली | कासी, दामोदर, बराकर, अजय | मुख्यतः झारखंड में |
प्रमुख नदियाँ (विस्तार से)
गंगा नदी:
- बिहार में प्रवेश: कर्मनासा नदी के संगम के निकट (पश्चिम सीमा)
- तीन प्रमुख सहायक नदियाँ: घाघरा (उत्तर से, आरा के निकट), सोन (दक्षिण से, बिहटा के निकट), गंडक (उत्तर से, पटना के सामने)
- पटना के पूर्व में पुनपुन (फतुहा), मुंगेर में हरोहर एवं किऊल
- मुंगेर के पास गंगा तीव्र मोड़ लेती है और लगभग दक्षिण की ओर मुड़ जाती है
- महात्मा गांधी सेतु: पटना में गंगा पर भारत का सबसे लंबा पुल (5,850 मीटर)
कोसी नदी — “बिहार का शोक” (Sorrow of Bihar):
- हिमालय से निकलती है; विशाल जलग्रहण क्षेत्र
- अस्थिर मार्ग: सिल्ट जमाव के कारण बार-बार मार्ग बदलती है; बाढ़ के समय किनारों को काटकर नए मार्ग बनाती है
- बाढ़: उत्तरी बिहार में विनाशकारी बाढ़ का मुख्य कारण
गंडक नदी:
- हिमालय से निकलती है (सात धाराओं के संगम से); त्रिवेणी के निकट बिहार में प्रवेश; लगभग 200 मील उत्तरी बिहार में बहकर पटना के सामने गंगा में मिलती है
- गंडक बैराज: बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई के लिए; बगहा (चंपारण) से गंगा संगम तक तटबंध
- त्रिवेणी नहर: चंपारण में सिंचाई
बूढ़ी गंडक:
सोन नदी:
- दक्षिण से गंगा में मिलने वाली सबसे बड़ी नदी
- सोन नहर प्रणाली: देहरी से निकलती है; पटना प्रमंडल में लगभग 8,00,000 एकड़ (मुख्यतः धान) की सिंचाई
- पटना और भोजपुर जिलों के बीच प्राकृतिक सीमा
पुनपुन:
घाघरा:
बाढ़ प्रबंधन (Flood Management)
बाढ़ के कारण:
- उत्तरी बिहार: हिमालयी नदियों का विशाल जलग्रहण क्षेत्र; मानसून में अत्यधिक वर्षा; सिल्ट जमाव से नदी तल उठना; मार्ग परिवर्तन
- दक्षिणी बिहार: छोटानागपुर पठार से निकलने वाली नदियाँ; कम जलग्रहण क्षेत्र; बाढ़ कम तीव्र परंतु अचानक
- जलभराव: सारण, वैशाली, समस्तीपुर में विशाल जलभराव क्षेत्र (समतल भूभाग के कारण)
प्रबंधन के उपाय:
- तटबंध: गंडक नदी पर बगहा से गंगा संगम तक तटबंध
- नहरें: त्रिवेणी नहर (चंपारण), सोन नहर प्रणाली (देहरी)
- पारंपरिक सिंचाई: पाइन (लंबी संकरी नहरें) और अहर (छिछले जलग्रहण कुंड) — पटना, गया, भागलपुर में विशेष रूप से
- जलाशय: छोटानागपुर क्षेत्र में घाटियों को बाँधकर छोटे तालाब बनाना
3. बिहार की प्रमुख जलवायु
जलवायु प्रकार
बिहार की जलवायु उपोष्ण कटिबंधीय मानसूनी (Subtropical Monsoon) है । कोपेन वर्गीकरण में इसे Cwa (आर्द्र उपोष्ण) कहा जाता है ।
71वीं BPSC PT (2025) में पूछा गया: “बिहार का अधिकांश भाग किस जलवायु प्रकार में आता है?” → उत्तर: उपोष्ण मानसून
तीन प्रमुख ऋतुएँ
वर्षा (Rainfall)
- औसत वार्षिक वर्षा: लगभग 1,200 मिमी (120 सेमी)
- मानसून का योगदान: वार्षिक वर्षा का 80% से अधिक (जून-सितंबर)
- स्थानिक वितरण: उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर घटती है
कृषि-जलवायु क्षेत्र एवं वर्षा:
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
- पिछले 20 वर्षों में 13 बार मानसून की सामान्य से कम वर्षा दर्ज
- 2025: 31% कम वर्षा; 2024: 20% कम; 2023: 23% कम
- “झपसी” (सावन-भादो की धीमी, लगातार बारिश) गायब हो चुकी है; धान की फसल एवं तापमान नियंत्रण पर प्रतिकूल प्रभाव
- निकट भविष्य (2030) एवं मध्यम अवधि (2050): वर्षा, अधिकतम/न्यूनतम तापमान एवं वाष्पन-उत्सर्जन सभी बढ़ने का अनुमान
- प्रमुख जोखिम: रबी में गर्मी का तनाव, खरीफ में तीव्र वर्षा एवं लंबे शुष्क दौर
4. BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न
प्रश्न 1: बिहार का क्षेत्रफल कितना है?
(a) 94,163 वर्ग किमी
(b) 92,257 वर्ग किमी
(c) 98,000 वर्ग किमी
(d) 1,00,000 वर्ग किमी
उत्तर: (a) 94,163 वर्ग किमी
व्याख्या: बिहार का कुल क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किमी है, जो इसे भारत का 12वाँ सबसे बड़ा राज्य बनाता है ।
प्रश्न 2: मुंगेर पहाड़ी क्षेत्र किस भौगोलिक प्रदेश का हिस्सा है? (70वीं BPSC PT)
(a) उत्तरी बिहार मैदान
(b) सोमेश्वर पहाड़ी श्रेणी
(c) दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र
(d) दक्षिणी बिहार मैदान
उत्तर: (c) दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र
व्याख्या: मुंगेर पहाड़ी क्षेत्र दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र (Southern Hilly Region) का हिस्सा है, जो छोटानागपुर पठार का विस्तार है ।
प्रश्न 3: “बिहार का शोक” किस नदी को कहा जाता है?
(a) गंडक
(b) सोन
(c) कोसी
(d) घाघरा
उत्तर: (c) कोसी
व्याख्या: कोसी नदी अपने अस्थिर मार्ग एवं विनाशकारी बाढ़ के कारण “बिहार का शोक” कहलाती है ।
प्रश्न 4: गंगा नदी में उत्तर से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ (पश्चिम से पूर्व) कौन सी हैं?
(a) गंडक, घाघरा, कोसी
(b) घाघरा, गंडक, कोसी
(c) कोसी, गंडक, घाघरा
(d) सोन, गंडक, कोसी
उत्तर: (b) घाघरा, गंडक, कोसी
व्याख्या: गंगा में उत्तर से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ पश्चिम से पूर्व: घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, कोसी, महानंदा ।
प्रश्न 5: बिहार का अधिकांश भाग किस जलवायु प्रकार में आता है? (71वीं BPSC PT)
(a) गर्म एवं शुष्क
(b) उष्ण कटिबंधीय सवाना
(c) उपोष्ण मानसून
(d) गर्म एवं अर्ध-शुष्क
उत्तर: (c) उपोष्ण मानसून
व्याख्या: बिहार की जलवायु उपोष्ण कटिबंधीय मानसूनी (Subtropical Monsoon) है, जो कोपेन वर्गीकरण में Cwa है ।
प्रश्न 6: बिहार में सर्वाधिक वर्षा किस कृषि-जलवायु क्षेत्र में होती है?
(a) क्षेत्र I
(b) क्षेत्र II
(c) क्षेत्र IIIA
(d) क्षेत्र IIIB
उत्तर: (b) क्षेत्र II
व्याख्या: उत्तर-पूर्व बिहार (क्षेत्र II) में सर्वाधिक वार्षिक वर्षा (1,381.8 मिमी) होती है ।
प्रश्न 7: बिहार में गंगा नदी पर बना भारत का सबसे लंबा पुल कौन सा है?
(a) विक्रमशिला सेतु
(b) महात्मा गांधी सेतु
(c) कोसी बैराज
(d) गंडक बैराज
उत्तर: (b) महात्मा गांधी सेतु
व्याख्या: महात्मा गांधी सेतु (5,850 मीटर) पटना में गंगा नदी पर भारत का सबसे लंबा पुल है ।
प्रश्न 8: सोन नहर प्रणाली कहाँ से निकलती है?
(a) पटना
(b) देहरी
(c) बिहटा
(d) मुंगेर
उत्तर: (b) देहरी
व्याख्या: सोन नहर प्रणाली देहरी से निकलती है और पटना प्रमंडल में लगभग 8,00,000 एकड़ की सिंचाई करती है ।
प्रश्न 9: कैमूर पठार किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?
(a) तांबा
(b) चूना पत्थर
(c) लिथियम
(d) बॉक्साइट
उत्तर: (b) चूना पत्थर
व्याख्या: कैमूर पठार चूना पत्थर के लिए प्रसिद्ध है ।
प्रश्न 10: बिहार की औसत ऊँचाई कितनी है?
(a) 52 मीटर
(b) 100 मीटर
(c) 173 मीटर
(d) 455 मीटर
उत्तर: (a) 52 मीटर
व्याख्या: बिहार की औसत ऊँचाई लगभग 52-53 मीटर है ।
5. BPSC PT के लिए रणनीति
- भौगोलिक विभाजन: तीन प्रमुख प्रदेश (उत्तरी पर्वतीय, मध्य मैदान, दक्षिणी पठार); मुंगेर पहाड़ी क्षेत्र दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र में
- नदियाँ: गंगा (मध्य से), कोसी (बिहार का शोक), गंडक (पटना के सामने), सोन (दक्षिण से), पुनपुन (फतुहा)
- बाढ़ प्रबंधन: तटबंध (गंडक), नहरें (त्रिवेणी, सोन), पारंपरिक (पाइन, अहर)
- जलवायु: उपोष्ण मानसून (Cwa); तीन ऋतुएँ; वर्षा 1,200 मिमी; उत्तर-पूर्व में सर्वाधिक
- जलवायु परिवर्तन: झपसी का गायब होना; 20 वर्षों में 13 बार कम वर्षा
- पिछले प्रश्न पत्र: 70वीं (मुंगेर पहाड़ी), 71वीं (जलवायु) के प्रश्नों का अभ्यास करें
इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!