यूरोपीय कंपनियों का आगमन (पुर्तगाली, अंग्रेज, फ्रांसीसी) — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स
प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में आधुनिक भारत के आरंभिक काल से यूरोपीय कंपनियों के आगमन पर प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। विशेष रूप से बिहार में इन कंपनियों की फैक्ट्रियों से संबंधित प्रश्न BPSC की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।
1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)
यूरोपीय व्यापार के लिए समुद्री मार्ग की खोज
कारण:
- 1453 ई.: उस्मानी तुर्कों ने कुस्तुनतुनिया (Constantinople) पर अधिकार कर लिया, जिससे यूरोप और भारत के बीच का स्थल मार्ग बंद हो गया
- मसालों (काली मिर्च, दालचीनी) एवं अन्य वस्तुओं का व्यापार लाभदायक था, परंतु अरब व्यापारियों का एकाधिकार था
- पुनर्जागरण काल के भौगोलिक अन्वेषणों एवं नए उपकरणों (दिशा-सूचक यंत्र, दूरबीन) ने समुद्री यात्रा को संभव बनाया
- स्पेन एवं पुर्तगाल के राजाओं ने नए मार्गों की खोज को प्रोत्साहन दिया
महत्वपूर्ण खोजें:
- 1487 ई.: बार्थोलोम्यू डियाज ने ‘केप ऑफ गुड होप’ (उत्तमाशा अंतरीप) की खोज की
- 1498 ई.: वास्को डि गामा ने भारत के पश्चिमी तट पर स्थित कालीकट बंदरगाह पर पहुँचकर भारत एवं यूरोप के बीच नए समुद्री मार्ग की खोज की
2. पुर्तगाली (Portuguese) — सबसे पहले आने वाले यूरोपीय
प्रमुख तथ्य
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| भारत आगमन | 1498 ई. (वास्को डि गामा) |
| स्थान | कालीकट (केरल) |
| स्वागतकर्ता | ज़मोरिन (कालीकट का राजा) |
| प्रथम वायसराय | फ्रांसिस्को डी अल्मेडा (1505 ई.) |
| वास्तविक संस्थापक | अल्बुकर्क (Albuquerque) |
| गोवा पर अधिकार | 1510 ई. (बीजापुर के शासक यूसुफ आदिल शाह से) |
| प्रथम व्यापारिक कोठी | कोचीन (Cochin) |
| ‘ब्लू वाटर’ नीति | डी अल्मेडा |
महत्वपूर्ण बिंदु
- वास्को डि गामा पुर्तगाली था, जो 1498 ई. में कालीकट पहुँचा। उसे ज़मोरिन ने स्वागत किया
- फ्रांसिस्को डी अल्मेडा भारत में प्रथम पुर्तगाली वायसराय बनकर आया (1505 ई.)
- अल्बुकर्क को पुर्तगाली सत्ता का वास्तविक संस्थापक माना जाता है। उसने 1510 ई. में गोवा को जीता
- अल्बुकर्क सती प्रथा का विरोध करने वाला प्रथम यूरोपीय व्यक्ति था
- पुर्तगालियों ने भारत में पहला किला गोवा में बनाया
- गोथिक स्थापत्य कला की स्थापना का श्रेय पुर्तगालियों को जाता है
- हुगली को बंगाल की खाड़ी में समुद्री डकैती के आधार के रूप में प्रयोग किया जाता था
3. अंग्रेज (British/English)
प्रमुख तथ्य
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कंपनी स्थापना | 1600 ई. (ईस्ट इंडिया कंपनी) |
| भारत आगमन | 1608 ई. (सूरत में) |
| प्रथम फैक्ट्री (दक्षिण) | मसूलीपट्टनम |
| प्रथम फैक्ट्री (पूर्व) | 1651 ई. (हुगली नदी के तट पर) |
| प्रथम फोर्ट सेंट जॉर्ज | 1640 ई. (मद्रास) |
| जहाँगीर से मुलाकात | सर टॉमस रो (1615 ई.) |
महत्वपूर्ण बिंदु
- टॉमस रो (जेम्स प्रथम का राजदूत) 1615 ई. में जहाँगीर के दरबार में आया और सूरत में व्यापार का अधिकार प्राप्त किया
- जहाँगीर ने टॉमस रो को 400 का मनसब प्रदान किया
- सर जॉन चाइल्ड (ईस्ट इंडिया कंपनी का गवर्नर) को औरंगजेब द्वारा भारत से निष्कासित किया गया था
- विलियम नॉरिस 1698 ई. में औरंगजेब के दरबार में ब्रिटिश कंपनी का दूत बनकर उपस्थित हुआ
- अंग्रेजों का भारत आने का मुख्य उद्देश्य व्यापार था
4. फ्रांसीसी (French)
प्रमुख तथ्य
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कंपनी स्थापना | 1664 ई. |
| भारत आगमन | 1668 ई. (सूरत) |
| प्रमुख केंद्र | पांडिचेरी (Puducherry), चंद्रनगर, माहे |
| अंतिम यूरोपीय | भारत आने वाली अंतिम कंपनी |
महत्वपूर्ण बिंदु
- फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1664 ई. में हुई
- फ्रांसीसियों ने सूरत में 1668 ई. में पहला व्यापारिक केंद्र स्थापित किया
- फ्रांसीसी कंपनी की आर्थिक स्थिति ब्रिटिश कंपनी की तुलना में कमजोर थी। ब्रिटिश के पास मध्य भारत, बंगाल, बंबई और मद्रास था, जबकि फ्रांसीसी केवल दक्षिण भारत तक सीमित थी
- 1761 ई.: अंग्रेजों ने पांडिचेरी को फ्रांसीसियों से छीन लिया
- 1763 ई.: पेरिस की संधि द्वारा अंग्रेजों ने चंद्रनगर को छोड़कर शेष प्रदेश लौटा दिए। ये प्रदेश भारत की आजादी तक फ्रांसीसियों के कब्जे में रहे
5. डच (Dutch) — संदर्भ हेतु
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कंपनी स्थापना | 1602 ई. (VOC) |
| भारत आगमन | 1596/1602 ई. |
| प्रथम डच नागरिक | कारनेलिस डी हाउटमैन (1596 ई.) |
| प्रमुख केंद्र | पुलिकट, सूरत, चिनसुरा, कासिमबाजार, पटना, नागापट्टनम, कोचीन |
- डच ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में दूसरी यूरोपीय कंपनी थी
- ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी से कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण डच पीछे रह गए
6. आंग्ल-फ्रांसीसी संघर्ष (कर्नाटक युद्ध)
| युद्ध | अवधि | मुख्य कारण | समाप्ति संधि |
|---|---|---|---|
| प्रथम कर्नाटक युद्ध | 1746-1748 | ऑस्ट्रिया उत्तराधिकार युद्ध | एक्स-ला-शैपेल (1748) |
| द्वितीय कर्नाटक युद्ध | 1749-1754 | हैदराबाद व कर्नाटक का उत्तराधिकार विवाद | पांडिचेरी (1754) |
| तृतीय कर्नाटक युद्ध | 1758-1763 | सप्तवर्षीय युद्ध; वांडीवाश (1760) | पेरिस (1763) |
वांडीवाश का युद्ध (1760 ई.): अंग्रेजों एवं फ्रांसीसियों के बीच निर्णायक युद्ध, जिसमें अंग्रेजों की विजय हुई
7. बिहार में यूरोपीय कंपनियों का आगमन (BPSC विशेष)
बिहार अपने शोरा (Saltpetre), सूती वस्त्र, अफीम और अनाज के कारण यूरोपीय व्यापारियों का प्रमुख आकर्षण केंद्र था ।
पुर्तगाली (बिहार में सबसे पहले)
- बिहार में व्यापार करने वाले पहले यूरोपीय पुर्तगाली थे
- हुगली से नावों द्वारा गंगा मार्ग से पटना आते थे
- मसाले और चीनी मिट्टी के बर्तन लाते तथा सूती वस्त्र व शोरा ले जाते थे
डच (पटना में पहली फैक्ट्री)
अंग्रेज
- 1620 ई.: पटना के आलमगंज में व्यापारिक केंद्र खोलने का प्रयास किया, जो 1621 में बंद हो गया
- 1651 ई.: वास्तविक और स्थायी अंग्रेजी फैक्ट्री स्थापित हुई
8. याद रखने योग्य महत्वपूर्ण क्रम
भारत आगमन का क्रम (याद रखें: पु – ड – अं – डे – फ्रां):
पुर्तगाली (1498) → डच (1596/1602) → अंग्रेज (1608) → डेनिश (1620) → फ्रांसीसी (1668)
कंपनी स्थापना का क्रम:
पुर्तगाली (1498) → ब्रिटिश (1600) → डच (1602) → डेनिश (1616) → फ्रांसीसी (1664)
9. मॉडल प्रश्न (BPSC PT पैटर्न पर आधारित)
प्रश्न 1: भारत में पुर्तगाली सत्ता का वास्तविक संस्थापक कौन था?
(a) वास्को डि गामा
(b) अल्बुकर्क
(c) फ्रांसिस्को डी अल्मेडा
(d) बार्थोलोम्यू डियाज
उत्तर: (b) अल्बुकर्क
व्याख्या: अल्बुकर्क ने 1510 ई. में गोवा को जीता और पुर्तगाली सत्ता को मजबूत किया ।
प्रश्न 2: भारत में प्रथम पुर्तगाली वायसराय कौन था?
(a) डियाज
(b) वास्को डि गामा
(c) अल्मेडा
(d) अल्बुकर्क
उत्तर: (c) अल्मेडा
व्याख्या: फ्रांसिस्को डी अल्मेडा 1505 ई. में भारत में प्रथम पुर्तगाली वायसराय बनकर आया । (यह प्रश्न 45वीं BPSC (Pre) 2001 में पूछा गया था )
प्रश्न 3: वास्को डि गामा ने कालीकट में किससे मुलाकात की?
(a) गैस्पर कोरिया
(b) अल्बुकर्क
(c) ज़मोरिन
(d) डॉन अहनाडिया
उत्तर: (c) ज़मोरिन
व्याख्या: कालीकट के राजा ज़मोरिन ने वास्को डि गामा का स्वागत किया ।
प्रश्न 4: जहाँगीर के दरबार में आने वाला अंग्रेज राजदूत कौन था?
(a) क्लाइव
(b) टॉमस रो
(c) लॉर्ड एस्टर
(d) क्लाइड
उत्तर: (b) टॉमस रो
व्याख्या: सर टॉमस रो 1615 ई. में जहाँगीर के दरबार में आया और सूरत में व्यापार का अधिकार प्राप्त किया ।
प्रश्न 5: बिहार में पहली डच फैक्ट्री कब स्थापित हुई?
(a) 1620 ई.
(b) 1632 ई.
(c) 1651 ई.
(d) 1668 ई.
उत्तर: (b) 1632 ई.
व्याख्या: 1632 ई. में पटना में पहली डच फैक्ट्री स्थापित हुई, जिसकी मुख्य रुचि शोरा और सूती वस्त्रों के निर्यात में थी ।
प्रश्न 6: बिहार में व्यापार करने वाले पहले यूरोपीय कौन थे?
(a) डच
(b) अंग्रेज
(c) फ्रांसीसी
(d) पुर्तगाली
उत्तर: (d) पुर्तगाली
व्याख्या: बिहार में व्यापार करने वाले पहले यूरोपीय पुर्तगाली थे, जो हुगली से गंगा मार्ग द्वारा पटना आते थे ।
प्रश्न 7: भारत में सबसे पहले आने वाली यूरोपीय कंपनी कौन थी?
(a) डच
(b) अंग्रेज
(c) फ्रांसीसी
(d) पुर्तगाली
उत्तर: (d) पुर्तगाली
व्याख्या: पुर्तगाली 1498 ई. में वास्को डि गामा के नेतृत्व में भारत आने वाले पहले यूरोपीय थे ।
प्रश्न 8: वांडीवाश का युद्ध किनके बीच हुआ?
(a) अंग्रेज और डच
(b) अंग्रेज और फ्रांसीसी
(c) पुर्तगाली और डच
(d) फ्रांसीसी और डच
उत्तर: (b) अंग्रेज और फ्रांसीसी
व्याख्या: वांडीवाश का युद्ध (1760 ई.) अंग्रेजों एवं फ्रांसीसियों के बीच हुआ, जिसमें अंग्रेजों की विजय हुई ।
प्रश्न 9: भारत में गोथिक स्थापत्य कला की स्थापना का श्रेय किसे जाता है?
(a) डच
(b) अंग्रेज
(c) पुर्तगाली
(d) फ्रांसीसी
उत्तर: (c) पुर्तगाली
व्याख्या: भारत में गोथिक स्थापत्य कला की स्थापना का श्रेय पुर्तगालियों को जाता है ।
प्रश्न 10: पेरिस की संधि (1763 ई.) के बाद फ्रांसीसियों के पास कौन सा क्षेत्र रह गया?
(a) पांडिचेरी
(b) चंद्रनगर
(c) माहे
(d) कराईकल
उत्तर: (b) चंद्रनगर
व्याख्या: 1763 ई. की पेरिस संधि द्वारा अंग्रेजों ने चंद्रनगर को छोड़कर शेष प्रदेश लौटा दिए ।
10. BPSC PT के लिए रणनीति
- पुर्तगाली: वास्को डि गामा (1498), अल्मेडा (प्रथम वायसराय), अल्बुकर्क (गोवा 1510), कोचीन (प्रथम कोठी)
- अंग्रेज: 1600 (कंपनी), 1608 (सूरत), टॉमस रो (1615), सर जॉन चाइल्ड का निष्कासन
- फ्रांसीसी: 1664 (कंपनी), 1668 (सूरत), पांडिचेरी, पेरिस संधि (1763)
- बिहार संबंध: पुर्तगाली (सबसे पहले), डच फैक्ट्री (1632, पटना), अंग्रेज फैक्ट्री (1651)
- कर्नाटक युद्ध: तीनों युद्धों की तिथियाँ एवं संधियाँ
- पिछले प्रश्न पत्र: BPSC 45वीं (2001) सहित विभिन्न राज्य PSC के प्रश्नों का अभ्यास करें
इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!