मौर्य साम्राज्य (चंद्रगुप्त, अशोक के अभिलेख और प्रशासन) — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स
प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में मौर्य साम्राज्य से प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। मौर्य साम्राज्य भारत का प्रथम विशाल साम्राज्य था, जिसका केंद्र मगध (बिहार) था। अशोक के अभिलेख, प्रशासनिक व्यवस्था एवं कला-स्थापत्य BPSC की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।
1. मौर्य साम्राज्य की स्थापना
पृष्ठभूमि
- नंद वंश का अत्याचारी शासन (महापद्मनंद एवं धनानंद)
- सिकंदर का आक्रमण (326 ई.पू.) — उत्तर-पश्चिम भारत में राजनीतिक अस्थिरता
- चाणक्य (कौटिल्य) का नंद वंश के प्रति विरोध
- मगध में नए साम्राज्य की आवश्यकता
चंद्रगुप्त मौर्य (322-297 ई.पू.)
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| जन्म | 340 ई.पू. (लगभग) |
| स्थापना | 322 ई.पू. |
| सहयोगी | चाणक्य (कौटिल्य) |
| राजधानी | पाटलिपुत्र (बिहार) |
| गुरु | चाणक्य |
साम्राज्य विस्तार:
- पंजाब एवं सिंध: सिकंदर के सेनापति सेल्यूकस को पराजित किया
- मगध: नंद वंश का अंत
- कंदहार से घौली तक: पश्चिमी एवं पूर्वी सीमाएँ
- गिरनार से मैसूर तक: दक्षिणी विस्तार
महत्वपूर्ण तथ्य:
- चंद्रगुप्त मौर्य मौर्य साम्राज्य का संस्थापक था
- उसने 322 ई.पू. में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की
- जैन धर्म अपनाया और चंद्रगिरि (कर्नाटक) में सल्लेखना (आत्महत्या) की
- सेल्यूकस निकेटर के साथ संधि — 500 हाथी, सेल्यूकस की पुत्री से विवाह
- मेगस्थनीज (सेल्यूकस का राजदूत) चंद्रगुप्त के दरबार में आया — ‘इंडिका’ की रचना
2. बिंदुसार (297-273 ई.पू.)
- चंद्रगुप्त का पुत्र एवं उत्तराधिकारी
- अमित्रघात (शत्रुहंता) की उपाधि
- यूनानी स्रोतों में अमित्रोचेट्स के नाम से ज्ञात
- अशोक का पिता
- चाणक्य बिंदुसार के काल में भी प्रधानमंत्री रहे
- बिंदुसार ने चाणक्य को मंत्री पद से हटाया और अशोक को राज्यपाल बनाया
3. अशोक (273-232 ई.पू.) — महान
प्रारंभिक जीवन
- राज्याभिषेक: 269 ई.पू. (4 वर्ष के संघर्ष के बाद)
- उपाधियाँ: देवानामप्रिय, प्रियदर्शी
- कलिंग युद्ध: 261 ई.पू. (अशोक के 8वें शासन वर्ष में)
कलिंग युद्ध (261 ई.पू.)
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कारण | साम्राज्य विस्तार |
| परिणाम | 1 लाख मृत्यु, 1.5 लाख बंदी |
| प्रभाव | अशोक का हृदय परिवर्तन |
| धर्म परिवर्तन | बौद्ध धर्म अपनाया |
कलिंग युद्ध का महत्व:
- अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया
- धम्म की नीति अपनाई
- अहिंसा का पालन
- प्रजाहित कार्यों पर ध्यान
धम्म (Dhamma) की नीति
धम्म के सिद्धांत:
- अहिंसा: जीवों की हत्या का त्याग
- सहिष्णुता: सभी धर्मों का सम्मान
- बड़ों का आदर: माता-पिता, गुरुओं का सम्मान
- दया: सेवकों एवं दासों के प्रति दया
- सत्य: सत्य बोलना
- दान: दान देना
धम्म प्रचार के साधन:
- धम्म महामात्र: धम्म प्रचार के लिए अधिकारी
- शिलालेख एवं स्तंभलेख: जनता तक संदेश
- धम्म यात्राएँ: स्वयं यात्रा कर प्रचार
- विदेशों में प्रचार: श्रीलंका, बर्मा, थाईलैंड
4. अशोक के अभिलेख (Inscriptions)
अभिलेखों का वर्गीकरण
| प्रकार | विवरण |
|---|---|
| शिलालेख | चट्टानों पर उत्कीर्ण |
| स्तंभलेख | स्तंभों पर उत्कीर्ण |
| गुहालेख | गुफाओं में उत्कीर्ण |
प्रमुख अभिलेख
| अभिलेख | स्थान | विषय |
|---|---|---|
| प्रथम शिलालेख | कंधार | धम्म के सिद्धांत |
| द्वितीय शिलालेख | कलिंग | प्रजाहित कार्य |
| तेरहवाँ शिलालेख | कलिंग | कलिंग युद्ध का वर्णन |
| सारनाथ स्तंभलेख | सारनाथ | सिंह शीर्ष |
| रुम्मिनदेई स्तंभलेख | लुम्बिनी | बुद्ध का जन्मस्थान |
| प्रयाग स्तंभलेख | प्रयागराज | धम्म की प्रशंसा |
| भाब्रू शिलालेख | राजस्थान | बुद्ध, धम्म, संघ |
| गिरनार शिलालेख | गुजरात | अहिंसा |
अभिलेखों की भाषा एवं लिपि
- भाषा: प्राकृत (अधिकांश), ग्रीक एवं अरामिक (कंधार)
- लिपि: ब्राह्मी (अधिकांश), खरोष्ठी (पश्चिमोत्तर), ग्रीक एवं अरामिक
- प्रथम बार: अशोक के अभिलेखों में प्राकृत का प्रयोग
अभिलेखों का महत्व
- राजनीतिक: साम्राज्य की सीमा एवं प्रशासन
- धार्मिक: बौद्ध धर्म एवं धम्म के सिद्धांत
- सामाजिक: प्रजाहित कार्य, नैतिक शिक्षा
- ऐतिहासिक: मौर्य काल की जानकारी का प्रमुख स्रोत
5. मौर्य प्रशासन
केंद्रीय प्रशासन
| पद | कार्य |
|---|---|
| सम्राट | सर्वोच्च सत्ता (राजनीतिक, सैन्य, न्यायिक) |
| मंत्रिपरिषद | सम्राट को सलाह |
| महामात्र | विभिन्न विभागों के अधिकारी |
| अध्यक्ष | विभागाध्यक्ष |
| प्रदेशिक | प्रांतों के शासक |
महत्वपूर्ण तथ्य:
- कौटिल्य का अर्थशास्त्र — मौर्य प्रशासन का प्रमुख स्रोत
- मेगस्थनीज की इंडिका — मौर्य प्रशासन की जानकारी
- केंद्रीकृत राजतंत्र — राजा सर्वोच्च
प्रांतीय प्रशासन
- प्रांत: 5 प्रमुख प्रांत (उत्तरापथ, दक्षिणापथ, अवंति, कलिंग, मगध)
- राज्यपाल: प्रांत के शासक (कुमार या राजकुमार)
- प्रदेशिक: प्रांतीय अधिकारी
नगर प्रशासन
नगरिक (नगरपालिका) के 6 समितियाँ:
- उद्योग एवं शिल्प: कारीगरों की निगरानी
- विदेशी निवासी: विदेशियों की देखभाल
- जन्म-मृत्यु: जनगणना
- व्यापार: वाणिज्य एवं व्यापार
- शिल्प: उत्पादन की निगरानी
- विक्रय कर: कर संग्रह
सैन्य प्रशासन
- विशाल सेना: पैदल, घुड़सवार, हाथी, रथ
- सैन्य विभाग: 6 समितियाँ
- सेनापति: सेना का प्रमुख
न्याय व्यवस्था
- राजा: सर्वोच्च न्यायाधीश
- धर्मस्थीय: दीवानी मुकदमे
- कंटकशोधन: फौजदारी मुकदमे
- ग्राम: ग्रामीण न्यायालय
राजस्व व्यवस्था
- भूमि कर: उपज का 1/6 (षष्ठांश)
- सिंचाई कर: जल कर
- व्यापार कर: वाणिज्य पर कर
- धार्मिक कर: मंदिरों के लिए
गुप्तचर विभाग
- गूढ़ पुरुष: गुप्तचर
- संस्था: गुप्तचरों का संगठन
6. मौर्य कला एवं स्थापत्य
स्तंभ (Pillars)
- अखंड स्तंभ: एकल पाषाण
- मौर्यन पॉलिश: दर्पण-सदृश चमक
- सारनाथ सिंह शीर्ष: चार सिंह
- धर्मचक्र: धर्म-विजय का प्रतीक
स्तूप (Stupas)
- सांची का महान स्तूप: अशोक द्वारा निर्मित
- बौद्ध अवशेष: बुद्ध के अवशेषों पर निर्मित
- मेधी: गोलाकार आधार
- हर्मिका: मध्य में स्तंभ
गुफाएँ (Caves)
- बराबर गुफाएँ: आजीवक संप्रदाय
- नागार्जुनी गुफाएँ: बौद्ध भिक्षुओं के लिए
मूर्तिकला
- यक्ष एवं यक्षिणी: दीदारगंज एवं पाटलिपुत्र से प्राप्त
- बोधगया: बुद्ध की प्रतिमा
7. मौर्य साम्राज्य का पतन
कारण:
- अशोक की मृत्यु (232 ई.पू.): केंद्रीय सत्ता कमजोर
- कमजोर उत्तराधिकारी: अशोक के बाद अयोग्य शासक
- प्रांतीय विद्रोह: विभिन्न प्रांतों का स्वतंत्र होना
- आर्थिक कमजोरी: युद्ध एवं दान से कोष खाली
- सैन्य कमजोरी: अहिंसा नीति से सैन्य शक्ति कमजोर
- विदेशी आक्रमण: यूनानी, शक, कुषाण
- ब्राह्मण विरोध: बौद्ध धर्म के प्रचार से ब्राह्मण असंतुष्ट
अंतिम शासक: बृहद्रथ (185 ई.पू.) — पुष्यमित्र शुंग द्वारा मारा गया
8. BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न
प्रश्न 1: मौर्य साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
(a) अशोक
(b) बिंदुसार
(c) चंद्रगुप्त मौर्य
(d) चाणक्य
उत्तर: (c) चंद्रगुप्त मौर्य
व्याख्या: चंद्रगुप्त मौर्य ने 322 ई.पू. में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की।
प्रश्न 2: मौर्य साम्राज्य की राजधानी कहाँ थी?
(a) राजगृह
(b) पाटलिपुत्र
(c) वैशाली
(d) कन्नौज
उत्तर: (b) पाटलिपुत्र
व्याख्या: मौर्य साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना, बिहार) थी।
प्रश्न 3: कलिंग युद्ध कब हुआ?
(a) 261 ई.पू.
(b) 273 ई.पू.
(c) 232 ई.पू.
(d) 185 ई.पू.
उत्तर: (a) 261 ई.पू.
व्याख्या: कलिंग युद्ध 261 ई.पू. में अशोक के 8वें शासन वर्ष में हुआ।
प्रश्न 4: अशोक के अभिलेखों की भाषा क्या थी?
(a) संस्कृत
(b) पाली
(c) प्राकृत
(d) हिंदी
उत्तर: (c) प्राकृत
व्याख्या: अशोक के अधिकांश अभिलेख प्राकृत भाषा में ब्राह्मी लिपि में उत्कीर्ण हैं।
प्रश्न 5: ‘इंडिका’ की रचना किसने की?
(a) कौटिल्य
(b) मेगस्थनीज
(c) ह्वेनसांग
(d) फाह्यान
उत्तर: (b) मेगस्थनीज
व्याख्या: मेगस्थनीज सेल्यूकस का राजदूत था, जो चंद्रगुप्त के दरबार में आया और ‘इंडिका’ की रचना की।
प्रश्न 6: अशोक का धम्म किस पर आधारित था?
(a) केवल बौद्ध धर्म
(b) सार्वभौमिक नैतिकता
(c) केवल हिंदू धर्म
(d) केवल जैन धर्म
उत्तर: (b) सार्वभौमिक नैतिकता
व्याख्या: अशोक का धम्म बौद्ध धर्म पर आधारित था, परंतु इसमें सार्वभौमिक नैतिकता के सिद्धांत सम्मिलित थे।
प्रश्न 7: मौर्य प्रशासन में ‘महामात्र’ क्या थे?
(a) सैनिक
(b) विभागों के अधिकारी
(c) गुप्तचर
(d) न्यायाधीश
उत्तर: (b) विभागों के अधिकारी
व्याख्या: महामात्र विभिन्न विभागों के अधिकारी थे, जो प्रशासनिक कार्य करते थे।
प्रश्न 8: सारनाथ का सिंह शीर्ष किसकी सत्ता का प्रतीक है?
(a) केवल बौद्ध धर्म
(b) चक्रवर्ती सम्राट की सर्वव्यापी सत्ता
(c) केवल अहिंसा
(d) गुप्त काल की कला
उत्तर: (b) चक्रवर्ती सम्राट की सर्वव्यापी सत्ता
व्याख्या: चार सिंह चारों दिशाओं में मुख किए हुए — सम्राट की सर्वव्यापी सत्ता का प्रतीक हैं।
प्रश्न 9: अशोक के किस अभिलेख में बुद्ध का जन्मस्थान लुम्बिनी का उल्लेख है?
(a) सारनाथ स्तंभलेख
(b) रुम्मिनदेई स्तंभलेख
(c) प्रयाग स्तंभलेख
(d) भाब्रू शिलालेख
उत्तर: (b) रुम्मिनदेई स्तंभलेख
व्याख्या: रुम्मिनदेई स्तंभलेख में बुद्ध का जन्मस्थान लुम्बिनी का उल्लेख है।
प्रश्न 10: मौर्य साम्राज्य का अंतिम शासक कौन था?
(a) अशोक
(b) बृहद्रथ
(c) कुणाल
(d) दशरथ
उत्तर: (b) बृहद्रथ
व्याख्या: बृहद्रथ मौर्य साम्राज्य का अंतिम शासक था, जिसे पुष्यमित्र शुंग ने मारा।
9. BPSC PT के लिए रणनीति
- चंद्रगुप्त: स्थापना (322 ई.पू.), चाणक्य, मेगस्थनीज, जैन धर्म
- अशोक: कलिंग युद्ध (261 ई.पू.), धम्म, अभिलेख
- अभिलेख: प्रमुख अभिलेखों के स्थान एवं विषय
- प्रशासन: केंद्रीय, प्रांतीय, नगर, सैन्य, न्याय, राजस्व
- कला: स्तंभ, स्तूप, गुफाएँ, मूर्तिकला
- बिहार संबंध: पाटलिपुत्र (राजधानी), बराबर गुफाएँ, बोधगया
- पिछले प्रश्न पत्र: BPSC के प्रश्नों का अभ्यास करें
इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!