बिहार सोशलिस्ट पार्टी का गठन 1934
September 20, 2026
बिहार सोशलिस्ट पार्टी का गठन 1934 में पटना में हुआ था, जो बाद में “कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी” (CSP) के रूप में अखिल भारतीय स्तर पर विकसित हुई।
📜 गठन और पृष्ठभूमि
- स्थापना तिथि और स्थान: 17 मई 1934 को पटना में कांग्रेस महासमिति के अधिवेशन से एक दिन पहले इसका गठन हुआ ।
- प्रमुख संस्थापक: आचार्य नरेंद्र देव (अध्यक्ष) और जयप्रकाश नारायण (महासचिव) इसके मुख्य स्थापक थे ।
- गठन का कारण: 1932 के सविनय अवज्ञा आंदोलन की समाप्ति के बाद कांग्रेस के भीतर वामपंथी विचारधारा के युवाओं ने महसूस किया कि राष्ट्रीय आंदोलन को समाजवादी दिशा देने के लिए एक अलग मंच की जरूरत है ।
- अन्य प्रमुख नेता: डॉ. राम मनोहर लोहिया, अच्युत पटवर्धन, मीनू मसानी आदि इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल थे ।
🎯 उद्देश्य और कार्यक्रम
- मुख्य लक्ष्य: पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करना और भारत में समाजवादी समाज की स्थापना करना ।
- रणनीति: पार्टी का उद्देश्य कांग्रेस के भीतर रहकर काम करना और उसे समाजवादी सिद्धांतों को स्वीकार करने के लिए बाध्य करना था ।
- जनाधार: इसने किसान सभाओं और मजदूर संगठनों के साथ मिलकर काम किया, जिससे बिहार में इसका व्यापक जनाधार बना ।
📝 BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न
- बिहार सोशलिस्ट पार्टी का गठन कब और कहाँ हुआ था?
- उत्तर: 17 मई 1934, पटना में।
- बिहार सोशलिस्ट पार्टी के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
- उत्तर: आचार्य नरेंद्र देव।
- कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी (CSP) के महासचिव कौन थे?
- उत्तर: जयप्रकाश नारायण।
💡 BPSC PT के लिए रणनीति
- तिथि और स्थान याद रखें: 17 मई 1934, पटना। यह तथ्य अक्सर पूछा जाता है।
- नेताओं की पहचान: आचार्य नरेंद्र देव (अध्यक्ष) और जयप्रकाश नारायण (महासचिव) की भूमिका को स्पष्ट रूप से याद रखें।
- कांग्रेस से संबंध: यह समझें कि यह पार्टी कांग्रेस के भीतर ही काम करती थी और इसका लक्ष्य कांग्रेस को समाजवादी बनाना था, अलग होना नहीं।