गरीबी और बेरोजगारी के प्रकार व माप — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स

प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में गरीबी और बेरोजगारी से प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) और आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के नवीनतम आंकड़े विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। बिहार की स्थिति पर भी ध्यान देना आवश्यक है। नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।


1. गरीबी (Poverty)

गरीबी की अवधारणा

गरीबी वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति या परिवार न्यूनतम जीवन स्तर (भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य) प्राप्त करने में असमर्थ होता है।

गरीबी के प्रकार

प्रकारविवरण
निरपेक्ष गरीबी (Absolute Poverty)न्यूनतम जीवन निर्वाह स्तर से नीचे की स्थिति; कैलोरी, आय के आधार पर मापन
सापेक्ष गरीबी (Relative Poverty)समाज के अन्य वर्गों की तुलना में कम आय; असमानता को दर्शाती है
बहुआयामी गरीबी (Multidimensional Poverty)केवल आय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर के कई आयामों में वंचना

गरीबी मापन के तरीके

1. बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI):

  • NITI आयोग नोडल एजेंसी है
  • 3 आयाम: स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर
  • 12 संकेतक (SDG से जुड़े)
  • 2023 की रिपोर्ट: 2015-16 में 24.85% से घटकर 2019-21 में 14.96%; लगभग 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे तेज गिरावट: 32.59% से 19.28%

2. बिहार में MPI (2015-16 से 2019-21):

  • बहुआयामी गरीबी 51.89% से घटकर 33.76%
  • 2.25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर
  • पोषण, मातृ स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा, ईंधन, स्वच्छता में सुधार का बड़ा योगदान

3. 2022-23 के अनुमान (NITI आयोग चर्चा पत्र):

  • बिहार में बहुआयामी गरीबी 56.34% (2013-14) से 26.59% (2022-23)
  • 3.77 करोड़ लोग गरीबी से बाहर

2. बेरोजगारी (Unemployment)

बेरोजगारी की अवधारणा

बेरोजगारी वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति काम करने के इच्छुक और योग्य हो, लेकिन उसे भुगतान वाला काम न मिले।

बेरोजगारी के प्रकार

प्रकारविवरण
चक्रीय (Cyclical)आर्थिक मंदी के कारण; मांग में कमी से उत्पन्न
संरचनात्मक (Structural)अर्थव्यवस्था की संरचना में बदलाव से; कौशल और नौकरी के बीच असंगति
घर्षणात्मक (Frictional)नौकरी बदलने के दौरान का अस्थायी बेरोजगारी
प्रच्छन्न (Disguised)वास्तविक आवश्यकता से अधिक लोग काम में लगे हों; कृषि क्षेत्र में सामान्य
मौसमी (Seasonal)कृषि आधारित कार्यों में विशिष्ट मौसम में बेरोजगारी
शिक्षित बेरोजगारी (Educated)उच्च शिक्षा प्राप्त होने पर भी रोजगार न मिलना

बेरोजगारी मापन: PLFS

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS):

  • MoSPI द्वारा 2017-18 से आयोजित
  • मुख्य संकेतक: LFPR (श्रम बल भागीदारी दर), WPR (श्रमिक जनसंख्या अनुपात), UR (बेरोजगारी दर)
  • दो संदर्भ: सामान्य स्थिति (Usual Status) और वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS)

PLFS 2025 के अनुसार (राष्ट्रीय):

  • UR (15+ वर्ष): 2022 में 3.6% से घटकर 2025 में 3.1%
  • ग्रामीण UR (2025): 2.4%; शहरी UR: 4.8%
  • 15-29 वर्ष आयु: 10.9% (2022) से 9.9% (2025)

बिहार में बेरोजगारी की स्थिति

संकेतकबिहारराष्ट्रीय
UR (अप्रैल-जून 2025, 15+)5.2%5.4%
UR (वार्षिक 2023-24)3%3.2%
शहरी UR (जुलाई-सितंबर 2025)9.6%
शहरी युवा महिला UR (15-29)52.3% (राजस्थान के बाद दूसरा)
युवा (15-29) WPRकेवल 28% कार्यरत

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • बिहार में शहरी युवा महिलाओं की बेरोजगारी दर 52.3% है
  • युवाओं (15-29) में केवल 28% कार्यरत
  • बिहार से बड़े पैमाने पर पलायन: 14 जिलों (दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, अररिया आदि) से सर्वाधिक पलायन; प्रति व्यक्ति आय राज्य औसत से भी कम

3. BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न

प्रश्न 1: बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) में कितने आयाम शामिल हैं?
(a) 2
(b) 3
(c) 4
(d) 5

उत्तर: (b) 3
व्याख्या: MPI में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर — तीन आयाम और 12 संकेतक शामिल हैं ।


प्रश्न 2: NITI आयोग की 2023 MPI रिपोर्ट के अनुसार भारत में बहुआयामी गरीबी कितनी घटी?
(a) 24.85% से 14.96%
(b) 32.59% से 19.28%
(c) 51.89% से 33.76%
(d) 29.17% से 11.28%

उत्तर: (a) 24.85% से 14.96%
व्याख्या: 2015-16 से 2019-21 के बीच भारत में MPI 24.85% से 14.96% हो गया; लगभग 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर ।


प्रश्न 3: बिहार में बहुआयामी गरीबी 2015-16 से 2019-21 के बीच कितनी घटी?
(a) 51.89% से 33.76%
(b) 24.85% से 14.96%
(c) 56.34% से 26.59%
(d) 40% से 16%

उत्तर: (a) 51.89% से 33.76%
व्याख्या: बिहार में MPI 51.89% से 33.76% हुई; लगभग 2.25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर ।


प्रश्न 4: PLFS के अनुसार 2025 में भारत की बेरोजगारी दर (15+ वर्ष) कितनी रही?
(a) 3.6%
(b) 3.1%
(c) 5.2%
(d) 4.8%

उत्तर: (b) 3.1%
व्याख्या: PLFS 2025 के अनुसार 15+ वर्ष आयु की बेरोजगारी दर 2022 के 3.6% से घटकर 3.1% हो गई ।


प्रश्न 5: बिहार में शहरी युवा महिलाओं (15-29 वर्ष) की बेरोजगारी दर कितनी है?
(a) 25.3%
(b) 52.3%
(c) 9.6%
(d) 28%

उत्तर: (b) 52.3%
व्याख्या: PLFS जुलाई-सितंबर 2025 के अनुसार बिहार में शहरी युवा महिलाओं की UR 52.3% है, जो राजस्थान के बाद दूसरी सबसे अधिक है ।


प्रश्न 6: PLFS में बेरोजगारी दर (UR) की परिभाषा क्या है?
(a) कुल जनसंख्या में बेरोजगारों का प्रतिशत
(b) श्रम बल में बेरोजगारों का प्रतिशत
(c) कामकाजी आयु जनसंख्या में बेरोजगारों का प्रतिशत
(d) ग्रामीण जनसंख्या में बेरोजगारों का प्रतिशत

उत्तर: (b) श्रम बल में बेरोजगारों का प्रतिशत
व्याख्या: UR = (बेरोजगार व्यक्ति ÷ श्रम बल) × 100; श्रम बल में रोजगार + बेरोजगार दोनों शामिल ।


4. BPSC PT के लिए रणनीति

  1. MPI: 3 आयाम, 12 संकेतक; NITI आयोग नोडल एजेंसी; 2023 रिपोर्ट के आंकड़े
  2. बिहार MPI: 51.89% से 33.76% (2015-16 से 2019-21); 2.25 करोड़ गरीबी से बाहर
  3. बेरोजगारी के प्रकार: चक्रीय, संरचनात्मक, घर्षणात्मक, प्रच्छन्न, मौसमी, शिक्षित
  4. PLFS: MoSPI द्वारा; LFPR, WPR, UR; सामान्य और CWS स्थिति
  5. बिहार के आंकड़े: शहरी UR 9.6%, युवा महिला UR 52.3%, युवा WPR 28%
  6. पलायन: 14 जिलों से सर्वाधिक; प्रति व्यक्ति आय राज्य औसत से कम
  7. पिछले प्रश्न पत्र: BPSC के गरीबी और बेरोजगारी से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें

इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!

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