कैबिनेट मिशन योजना (1946)
📜 पृष्ठभूमि और उद्देश्य
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन में क्लीमेंट एटली (Clement Attlee) की सरकार बनी। उसे यह स्पष्ट हो गया था कि अब भारत पर शासन जारी रखना संभव नहीं है। इसलिए, फरवरी 1946 में, ब्रिटिश सरकार ने तीन कैबिनेट मंत्रियों का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत भेजा, जिसे ‘कैबिनेट मिशन’ के नाम से जाना गया-1-3-9।
इस मिशन के मुख्य उद्देश्य थे:
- शांतिपूर्ण सत्ता-हस्तांतरण (Transfer of Power) के लिए एक संवैधानिक व्यवस्था पर चर्चा करना-1-3।
- भारतीय नेताओं से संविधान निर्माण की प्रक्रिया पर सहमति प्राप्त करना।
- एक संविधान सभा (Constituent Assembly) के गठन का प्रस्ताव देना।
महत्वपूर्ण तथ्य: मिशन का प्रमुख उद्देश्य पाकिस्तान की मांग पर विस्तृत कार्ययोजना बनाना या राष्ट्रीय सरकार स्थापित करना नहीं था, बल्कि सत्ता हस्तांतरण के लिए संवैधानिक ढाँचा तैयार करना था-1-3-9। उस समय उन्होंने पूर्ण पाकिस्तान की मांग को खारिज कर दिया था-1-3।
🗺️ मिशन योजना की मुख्य विशेषताएँ
कैबिनेट मिशन ने 16 मई 1946 को अपनी योजना प्रस्तुत की-9, जिसकी प्रमुख बातें थीं:
- प्रांतों का समूहीकरण: प्रांतीय विधानसभाओं को तीन वर्गों (Sections) में बाँटा गया:
- वर्ग A: हिंदू-बहुल प्रांत (मद्रास, बंबई, संयुक्त प्रांत, बिहार, उड़ीसा, सीपी और बरार)।
- वर्ग B: मुस्लिम-बहुल उत्तर-पश्चिमी प्रांत (पंजाब, सिंध, NWFP, बलूचिस्तान)।
- वर्ग C: मुस्लिम-बहुल पूर्वोत्तर प्रांत (बंगाल, असम)-3।
- शक्तियों का विभाजन: एक त्रि-स्तरीय (Three-tier) शासन व्यवस्था का प्रस्ताव था:
2. संविधान सभा का गठन
🏛️ गठन की प्रक्रिया और संरचना
- अधिकार आधार: संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना (Cabinet Mission Plan) की सिफारिश पर किया गया था-6-7-11। यह ‘कृप्स मिशन’ या ‘माउंटबेटन योजना’ का परिणाम नहीं था-7।
- कुल सदस्य: प्रारंभ में संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे-6-9।
- चुनाव की विधि: सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा नहीं, बल्कि प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था-6-10-12। रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन परामर्श के आधार पर किया गया-2।
- पहली बैठक: 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक हुई, जिसमें 211 सदस्य शामिल हुए-2-6।
📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ और घटनाक्रम
| घटना | तिथि | विवरण |
|---|---|---|
| चुनाव प्रक्रिया | जुलाई-अगस्त 1946 | प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा सदस्यों का चुनाव-6। |
| प्रथम अधिवेशन | 9 दिसंबर 1946 | पहली बैठक, डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष (Temporary President) चुना गया-6। |
| स्थायी अध्यक्ष | 11 दिसंबर 1946 | डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए; H.C. मुखर्जी उपाध्यक्ष बने-6। |
| उद्देश्य प्रस्ताव | 13 दिसंबर 1946 | पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ (Objectives Resolution) पेश किया, जो बाद में प्रस्तावना (Preamble) बना-6। |
| राष्ट्रीय ध्वज | 22 जुलाई 1947 | तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया-6। |
| संविधान निर्माण | 26 नवंबर 1949 | अंतिम मसौदा (Final Draft) अपनाया गया। इसे बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे और 141 दिन की बैठकें हुईं-6। |
3. अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण मॉडल प्रश्न (Model Questions)
अब आप निम्नलिखित प्रश्नों को हल करके अपनी तैयारी की जाँच कर सकते हैं:
- संविधान सभा का गठन किसकी सिफारिश पर किया गया था?
- (a) माउंटबेटन योजना
- (b) कृप्स मिशन
- (c) कैबिनेट मिशन योजना
- (d) भारत सरकार अधिनियम, 1935
- कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार, संविधान सभा में देशी रियासतों के लिए कितनी सीटें आरक्षित थीं?
- (a) 89
- (b) 92
- (c) 93
- (d) 95
- निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया गया था।
- संविधान सभा के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की थी।
- ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) केवल 3
- (d) 1, 2 और 3
- कैबिनेट मिशन योजना में प्रस्तावित शक्तियों के विभाजन के अनुसार, केंद्र के पास निम्नलिखित में से कौन-सा विषय नहीं होना था?
- (a) रक्षा
- (b) विदेशी मामले
- (c) संचार
- (d) कानून एवं व्यवस्था
उत्तर (स्वयं जाँच के लिए):