ISRO के प्रमुख मिशन, खासकर चंद्रयान और गगनयान
August 17, 2026
BPSC प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अनुभाग के अंतर्गत अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। इन मिशनों से जुड़े तथ्य, उनके उद्देश्य और उपलब्धियाँ अक्सर पूछी जाती हैं।
यहाँ इन मिशनों के लिए एक संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण नोट्स, पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) और मॉडल प्रश्नों का संकलन दिया गया है।
📝 महत्वपूर्ण मिशन: विस्तृत नोट्स
🌕 चंद्रयान मिशन (Chandrayaan Missions)
भारत का चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम तीन मिशनों के माध्यम से विकसित हुआ है, जिनमें से प्रत्येक ने महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं-11-15।
| मिशन | प्रक्षेपण तिथि | प्रमुख घटक / उद्देश्य | महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ |
|---|---|---|---|
| चंद्रयान-1 | 22 अक्टूबर 2008-11 | उद्देश्य: चंद्रमा पर जल की खोज करना-15। लॉन्च व्हीकल: PSLV-C11-15। | चंद्रमा पर जल के अणुओं (water molecules) की खोज की-11-15। |
| चंद्रयान-2 | 22 जुलाई 2019-11 | घटक: ऑर्बिटर, ‘विक्रम’ लैंडर, और ‘प्रज्ञान’ रोवर-11। उद्देश्य: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास-15। लॉन्च व्हीकल: GSLV Mk-III (LVM3)-11-15। | लैंडर से संपर्क टूट गया, परन्तु ऑर्बिटर सफलतापूर्वक कार्यरत है-11। |
| चंद्रयान-3 | 14 जुलाई 2023-11 | घटक: ‘विक्रम’ लैंडर और ‘प्रज्ञान’ रोवर-3-7। उद्देश्य: सॉफ्ट लैंडिंग का प्रदर्शन और चंद्र सतह का अध्ययन-3-5। लॉन्च व्हीकल: LVM3-M4-3-11। | 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग-3-11-5। इस उपलब्धि को हासिल करने वाला भारत विश्व का चौथा देश बन गया-3-5। मिशन की अवधि एक चंद्र दिवस (लगभग 14 पृथ्वी दिवस) थी-3-11। |
🧑🚀 गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission)
- उद्देश्य: भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है। इसका लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों (‘व्योमनॉट्स’) को एक स्वदेशी कैप्सूल के माध्यम से निम्न-पृथ्वी कक्षा (Low-Earth Orbit) में भेजना है-1-11-15।
- महत्व: यह मिशन मानव-रेटेड लॉन्च व्हीकल और जीवन-रक्षक प्रणालियों के विकास में ISRO की क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
- रोबोट ‘व्योममित्र’ (Vyommitra): ISRO ने गगनयान मिशन से पहले परीक्षण के लिए ‘व्योममित्र’ नामक एक अर्ध-मानवीय (half-humanoid) रोबोट विकसित किया है, जो अंतरिक्ष में मानवीय कार्यों का अनुकरण करेगा-7-13।
- प्रगति: मिशन से जुड़े विभिन्न परीक्षण (जैसे- एबॉर्ट मिशन का परीक्षण) जारी हैं-1-11।
📜 पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs)
यहाँ BPSC में पूछे गए कुछ प्रश्नों के उदाहरण दिए गए हैं:
- ISRO project ‘Chandrayaan-3’ में, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए ‘अर्ध-मानवीय’ रोबोट का क्या नाम है? (BPSC AE Paper 3, 2022)-7
- (a) मानवमित्र
- (b) ब्रह्ममित्र
- (c) गगनमित्र
- (d) व्योममित्र
- ISRO ने GSAT-6A उपग्रह किस रॉकेट वाहन से सफलतापूर्वक लॉन्च किया? (BPSC 63rd CCE)-12
- (a) PSLV-C37
- (b) GSLV-F08
- (c) GSLV-Mk III
- (d) PSLV-C45
- चंद्रयान-3 के उद्देश्य और महत्व पर एक मुख्य परीक्षा प्रश्न: “How do the objectives and significance of Chandrayaan-3 reflect India’s space ambitions and global aspirations?” (38 अंक) (70वीं BPSC मुख्य परीक्षा, 2025)-3-5उत्तर की रूपरेखा: इस प्रश्न के उत्तर में चंद्रयान-3 के उद्देश्यों (सॉफ्ट लैंडिंग, रोवर तैनाती, वैज्ञानिक प्रयोग), भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता को बढ़ावा देने में इसके महत्व, वैश्विक स्थान, कम लागत वाले मिशनों में नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर प्रकाश डाला जा सकता है-3-5।
🎯 मॉडल अभ्यास प्रश्न (Model Questions)
- चंद्रयान-3 को किस प्रक्षेपण यान (Launch Vehicle) द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया था?
- (a) PSLV-C37
- (b) GSLV-F08
- (c) LVM3-M4
- (d) सतीश धवन रॉकेट
- चंद्रयान-3 मिशन के संदर्भ में, लैंडर ‘विक्रम’ की मिशन अवधि (Mission Life) कितनी थी?
- (a) 1 पृथ्वी दिवस
- (b) 14 पृथ्वी दिवस
- (c) 1 चंद्र दिवस
- (d) 14 चंद्र दिवस
- निम्नलिखित में से कौन सा कथन चंद्रयान मिशनों के संबंध में सही है?
- (a) चंद्रयान-1 ने चंद्रमा की सतह पर जल की खोज की थी।
- (b) चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर विफल हो गया था, जबकि लैंडर सफल रहा।
- (c) चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के उत्तरी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की।
- (d) चंद्रयान-3 चंद्रमा पर उतरने वाला भारत का पहला मिशन था।
- गगनयान मिशन का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- (a) मंगल ग्रह पर एक ऑर्बिटर भेजना
- (b) चंद्रमा पर एक मानवयुक्त मिशन भेजना
- (c) भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को निम्न-पृथ्वी कक्षा में भेजना
- (d) एक स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना