NCERT कक्षा 7 (हमारे अतीत-II) अध्याय 4 – “मुगल साम्राज्य” – का BPSC PT के परिप्रेक्ष्य में विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत है

मुगल साम्राज्य (1526-1857) – विस्तृत नोट्स (BPSC PT विशेष)

 NCERT कक्षा 7 (हमारे अतीत-II) अध्याय 4 – “मुगल साम्राज्य” – का BPSC PT के परिप्रेक्ष्य में विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत है। इस अध्याय में मुगल शासकों, प्रशासनिक ढाँचे, मनसबदारी प्रणाली, धार्मिक नीतियों, एवं साम्राज्य के पतन का वर्णन है।

खंड 1: मुगल साम्राज्य – एक नजर में

1.1 मुगल वंश एवं प्रमुख शासक

शासक शासनकाल महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ

बाबर 1526-1530 प्रथम पानीपत युद्ध (1526) – इब्राहिम लोदी को हराया; खानवा युद्ध (1527) – राणा सांगा को हराया

हुमायूँ 1530-1540, 1555-1556 शेरशाह सूरी से पराजय (1540); 1555 में पुनः राज्य प्राप्ति

अकबर 1556-1605 मुगल साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक; मनसबदारी प्रणाली; दीन-ए-इलाही; सुलह-ए-कुल

जहाँगीर 1605-1627 चित्रकला का संरक्षण; अंग्रेजों को व्यापार अनुमति (सर थॉमस रो)

शाहजहाँ 1628-1658 ताजमहल, लाल किला, जामा मस्जिद; स्वर्ण युग (स्थापत्य)

औरंगजेब 1658-1707 दक्कन नीति; जजिया कर पुनः लागू; मराठों/जाटों/सिखों से युद्ध; मुगल साम्राज्य का अंतिम शक्तिशाली शासक

खंड 2: मनसबदारी प्रणाली (अकबर – 1570 ई. के आसपास)

2.1 एक नजर में (तथ्य)

मनसबदारी प्रणाली क्या थी?

· मनसबदारी प्रणाली अकबर द्वारा शुरू की गई एक प्रशासनिक एवं सैन्य व्यवस्था थी, जिसमें प्रत्येक अधिकारी (मनसबदार) को मनसब (पद/रैंक) दिया जाता था।

· यह अफगानों एवं राजपूतों को मुगल प्रशासन में शामिल करने का एक उपकरण था।

मनसब के दो अंक (Zat और Sawar):

अंक अर्थ विवरण

जात (Zat) व्यक्तिगत रैंक (वेतन का आधार) 10 से 5000 तक (बाद में 7000); उच्च जात = उच्च वेतन

सवार (Sawar) घुड़सवार सैनिकों की संख्या प्रति सवार पर अतिरिक्त वेतन

वेतन एवं प्रशासन:

शब्द अर्थ

जागीर वेतन का स्रोत (भूमि) – प्रशासनिक क्षेत्र जहाँ से मनसबदार कर वसूलता था

नकद वेतन कभी-कभी राजस्व विभाग (दीवान-ए-ख़ालिसा) से सीधे नकद दिया जाता था

ख़ालिसा सुल्तान के सीधे नियंत्रण वाली भूमि (जागीर में नहीं)

मनसबदार के कर्तव्य:

· निर्धारित संख्या में घुड़सवार रखना (सवार अंक के अनुसार)

· शांति व्यवस्था बनाए रखना

· कर संग्रह करना (यदि जागीर मिली हो)

· युद्ध के समय सेना के साथ उपस्थित होना

2.2 परीक्षा दृष्टिकोण (व्याख्या)

प्रश्न: मनसबदारी प्रणाली के उद्देश्य क्या थे?

उत्तर:

1. विभिन्न समूहों को प्रशासन में शामिल करना – राजपूत, अफगान, ईरानी, तुरानी सभी को मनसब मिलता था, जिससे साम्राज्य में एकता बनी।

2. केंद्रीय नियंत्रण बढ़ाना – हर मनसबदार केंद्र (सम्राट) के प्रति उत्तरदायी था।

3. सेना का व्यवस्थित संगठन – निश्चित संख्या में घुड़सवार रखना अनिवार्य था; दाग (घोड़ों पर दाग) और चिह्ना (सैनिकों का विवरण) व्यवस्था भी थी (अलाउद्दीन खिलजी से ली गई)।

4. स्थानीय शक्ति को नियंत्रित करना – जागीर केंद्र द्वारा दी जाती थी और बदली भी जा सकती थी; कोई मनसबदार किसी एक क्षेत्र में स्थायी रूप से जड़ें नहीं जमा सकता था।

खंड 3: अकबर की धार्मिक नीति – सुलह-ए-कुल एवं दीन-ए-इलाही

3.1 एक नजर में (तथ्य)

सुलह-ए-कुल (सबके प्रति शांति):

· अकबर की सर्वधर्म समभाव की नीति – सभी धर्मों के प्रति सम्मान, अहिंसा, उदारता।

· 1564 ई. में जजिया कर (गैर-मुस्लिमों पर लगने वाला कर) को समाप्त किया।

· 1575 ई. में इबादतख़ाना (आराधना गृह) की स्थापना – यहाँ विभिन्न धर्मों (हिंदू, जैन, ईसाई, पारसी, इस्लाम) के विद्वान धार्मिक चर्चा करते थे।

· दीन-ए-इलाही (1590 ई.) – धार्मिक समन्वय का प्रयास (सभी धर्मों के अच्छे तत्वों का मिश्रण)।

दीन-ए-इलाही की विशेषताएँ:

· सभी धर्मों के सर्वोत्तम सिद्धांतों का संग्रह।

· अकबर पीर‘ (गुरु) बना; अल्लाह-ओ-अकबर मुहर लगवाई।

· सदस्यों की संख्या – केवल 18 अनुयायी (बीरबल, अबुल फजल, राजा मानसिंह, फैजी आदि)।

· यह कभी लोकप्रिय नहीं हुआ; अकबर के बाद समाप्त हो गया।

· इसने किसी को धर्मांतरित नहीं किया; केवल उदार बनने को कहा।

ईश्वर की उपाधियाँ: अकबर ने अबुल फतह जलालुद्दीन मुहम्मद अकबरनाम रखा (धार्मिक तटस्थता)।

3.2 परीक्षा दृष्टिकोण (व्याख्या)

प्रश्न: अकबर की उदार धार्मिक नीति के मुख्य बिंदु क्या थे?

उत्तर:

1. जजिया कर हटाया (1564) – इससे हिंदुओं को राहत मिली; राजपूतों एवं अन्य हिंदू समुदायों का समर्थन मिला।

2. इबादतख़ाना की स्थापना (1575) – विभिन्न धर्मों के विद्वानों को एक मंच प्रदान किया; यहाँ अकबर स्वयं चर्चा करता था।

3. दीन-ए-इलाही (1590) – धार्मिक समन्वय का प्रयास; यह कभी लोकप्रिय नहीं हुआ परंतु धर्मनिरपेक्षता की दिशा में एक कदम था।

4. फतवा-ए-जहाँदारी (कट्टरपंथी इस्लामी विद्वानों की नीति) का विरोध किया – उसने उलमा (इस्लामी विद्वानों) की निरंकुशता पर अंकुश लगाया।

5. राजपूतों से विवाह – जोधाबाई (मारवाड़/आमेर) से विवाह; राजपूतों को उच्च पद (मनसब) दिए (राजा मानसिंह, भगवान दास)।

BPSC तुलना: अशोक (धम्म) और अकबर (सुलह-ए-कुल) दोनों ने धार्मिक सहिष्णुता, अहिंसा एवं उदारता पर बल दिया। अशोक ने बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया (परंतु सभी धर्मों का सम्मान किया); अकबर ने इस्लामिक कट्टरता से दूर रहकर सर्वधर्म समभाव को बढ़ावा दिया।

खंड 4: मुगल शासन के अन्य महत्वपूर्ण पहलू

4.1 भू-राजस्व प्रणाली (अकबर – राजा टोडर मल)

शब्द अर्थ

जब्ती भू-राजस्व (अकबर ने दहसाला प्रणालीलागू की)

दहसाला 10 वर्षों का औसत उत्पादन – कर निर्धारण (टोडर मल)

रैयत किसान (कर देने वाला)

मालगुजारी भू-राजस्व (प्रति बीघा)

कर: भू-राजस्व (1/3 उपज या नकद); जजिया (औरंगजेब ने पुनः लगाया); ज़कात (मुस्लिमों पर); खम्स (युद्ध लूट का 1/5); शुंगा (बाजार कर – शाहजहाँ के समय)।

4.2 केंद्रीय एवं प्रांतीय प्रशासन

पद कार्य

वज़ीर (प्रधानमंत्री) संपूर्ण प्रशासन (अकबर – बैरम खान, अबुल फजल)

दीवान-ए-ख़ालिसा राजस्व एवं वित्त (टोडर मल)

मीर बख्शी सैन्य विभाग (मनसबदारों की नियुक्ति)

सद्र-उस-सुदूर धार्मिक एवं न्यायिक मामले (प्रमुख काज़ी)

मीर-ए-आतिश तोपखाना

सूबेदार प्रांत (सूबा) का शासक – 12/15 सूबे (अकबर)

खंड 5: मुगल साम्राज्य के पतन के कारण (औरंगजेब पर केन्द्रित)

5.1 औरंगजेब की नीतियाँ – सबसे बड़ा कारण

नीति विवरण प्रभाव

जजिया कर पुनः लगाया (1679) गैर-मुस्लिमों पर (हिंदू) हिंदुओं में असंतोष; राजपूतों का समर्थन कम हुआ

मंदिर तोड़ना काशी, मथुरा, सोमनाथ मंदिर हिंदू धार्मिक भावनाएँ आहत

राजपूत नीति राजपूतों से विवाह बंद; उन्हें कम पद दिए राजपूतों ने विद्रोह किया (जोधपुर, मेवाड़)

दक्कन नीति बीजापुर, गोलकुंडा पर आक्रमण; 25 वर्ष युद्ध 20,000 सैनिक प्रति वर्ष मारे गए; कोष खाली; मराठों का विकास

मराठों से युद्ध शिवाजी एवं बाद में संभाजी निरंतर गुरिल्ला युद्ध; छत्रपति शिवाजी ने 1674 में स्वतंत्रता घोषित की; संभाजी को फाँसी (1689) – परंतु मराठे नहीं रुके

सिखों से युद्ध गुरु तेग बहादुर (1675), गुरु गोबिंद सिंह सिख सैन्य शक्ति बनी; बाद में खालसा पंथ

जाटों से युद्ध राजराम जाट (मथुरा) जाट विद्रोह

5.2 पतन के अन्य कारण

कारण विवरण

उत्तराधिकार संघर्ष प्रत्येक मुगल शासक के बाद भाई-भाई में युद्ध

निर्बल शासक (1707 के बाद) औरंगजेब के बाद – बहादुर शाह प्रथम, जहाँदार शाह, फर्रुखसियर (सभी अल्पकालिक एवं दुर्बल)

मनसबदारी का दुरुपयोग जागीरों की संख्या बढ़ी, परंतु राजस्व घटा; मनसबदार वेतन नहीं दे पाते थे

विदेशी आक्रमण नादिर शाह (1739) – दिल्ली लूटी; अहमद शाह अब्दाली (1748-61)

आर्थिक संकट लगातार युद्धों से खजाना खाली; जजिया कर के बावजूद राजस्व कम

BPSC के लिए महत्वपूर्ण तुलना:

· अकबर (सुलह-ए-कुल, जजिया हटाया, राजपूत समर्थन) स्थायी साम्राज्य

· औरंगजेब (जजिया पुनः लगाया, राजपूत विरोधी, दक्कन नीति) साम्राज्य का पतन

खंड 6: प्रमुख युद्ध एवं संधियाँ

युद्ध/घटना वर्ष शासक प्रतिद्वंद्वी परिणाम

प्रथम पानीपत 1526 बाबर इब्राहिम लोदी बाबर की जीत मुगल साम्राज्य की स्थापना

खानवा 1527 बाबर राणा सांगा (मेवाड़) बाबर की जीत; राजपूत शक्ति कमजोर

दौरिया घाट 1564 अकबर उजबेक विद्रोह अकबर की जीत

हल्दीघाटी 1576 अकबर महाराणा प्रताप अकबर की जीत (परंतु प्रताप ने आत्मसमर्पण नहीं किया)

बक्सर 1764 शाह आलम द्वितीय ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ब्रिटिश जीत मुगल अंग्रेजों के अधीन

खंड 7: मुगल स्थापत्य

संरचना निर्माता स्थान विशेषता

ताजमहल शाहजहाँ आगरा श्वेत संगमरमर; मुमताज महल की याद में; यूनेस्को विश्व धरोहर

लाल किला शाहजहाँ दिल्ली लाल बलुआ पत्थर; दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास

जामा मस्जिद शाहजहाँ दिल्ली भारत की सबसे बड़ी मस्जिद

फतेहपुर सीकरी अकबर आगरा शेख सलीम चिश्ती की दरगाह; पंचमहल, बुलंद दरवाजा

हुमायूँ का मकबरा हमीदा बानो बेगम दिल्ली प्रथम उद्यान मकबरा; ताजमहल का प्रेरणा स्रोत

आगरा किला अकबर/शाहजहाँ आगरा लाल बलुआ पत्थर एवं संगमरमर

पंचमहल अकबर फतेहपुर सीकरी पाँच मंजिला महल

बुलंद दरवाजा अकबर फतेहपुर सीकरी 1601 – गुजरात विजय के उपलक्ष्य में (53 मी. ऊँचा)

खंड 8: तुलनात्मक सारणी (BPSC के लिए)

शासक सैन्य सुधार आर्थिक नीति धार्मिक नीति प्रशासनिक योगदान स्थापत्य योगदान

बाबर तोपखाना प्रभावी – उदार (हुमायूँ को सलाह) – रामबाग (प्रथम उद्यान)

हुमायूँ – – – दीन-ए-इलाही? नहीं दीनपनाह नगर

अकबर मनसबदारी; दाग/चिह्ना दहसाला; टोडर मल सुलह-ए-कुल; दीन-ए-इलाही; जजिया हटाया मनसबदारी, जागीर, सूबा फतेहपुर सीकरी, बुलंद दरवाजा

जहाँगीर – – उदार (परंतु अबुल फजल को मारा) – चित्रकला; शालीमार बाग

शाहजहाँ – – उदार – ताजमहल, लाल किला

औरंगजेब – जजिया पुनः लगाया कट्टर; मंदिर तोड़े – बीबी का मकबरा (औरंगाबाद)

BPSC PT हेतु स्मरणीय तथ्य (Last Minute Revision)

तथ्य विवरण

प्रथम पानीपत युद्ध 1526 – बाबर > इब्राहिम लोदी मुगल साम्राज्य की स्थापना

दूसरा पानीपत युद्ध 1556 – अकबर/बैरम खान > हेमू (सूर वंश)

हल्दीघाटी युद्ध 1576 – अकबर > महाराणा प्रताप (परंतु प्रताप पकड़े नहीं गए)

मनसबदारी प्रणाली अकबर द्वारा शुरू; ‘मनसब‘ (रैंक) – जात (व्यक्तिगत रैंक) + सवार (घुड़सवारों की संख्या)

जागीर मनसबदार को वेतन के रूप में दी गई भूमि (कर वसूली का अधिकार)

ख़ालिसा सीधे सुल्तान के नियंत्रण वाली भूमि

सुलह-ए-कुल अकबर की सर्वधर्म समभाव नीति

दीन-ए-इलाही धार्मिक समन्वय का प्रयास (1590) – केवल 18 अनुयायी

जजिया कर अकबर ने हटाया (1564); औरंगजेब ने पुनः लगाया (1679)

अकबर के नवरत्न 9 रत्न – अबुल फजल, फैजी, बीरबल (महेश दास), टोडर मल, मुल्ला दो प्याजा, राजा मानसिंह, अब्दुल रहीम खान-ए-खाना, फकीर अजियाओद्दीन, मुल्ला मोहम्मद हुसैन

अबुल फजल अकबरनामा‘ (आइन-ए-अकबरी – मुगल प्रशासन का विवरण)

बाबरनामा (तुजुक-ए-बाबरी) बाबर की आत्मकथा – तुर्की भाषा में

हुमायूँनामा गुलबदन बानो (हुमायूँ की बहन) – फारसी में

पहली मुगल-मराठा संधि 1665 – पुरंदर (शिवाजी > जय सिंह के नेतृत्व में)

मुगल साम्राज्य का अंतिम शक्तिशाली शासक औरंगजेब (1707 के बाद सब दुर्बल)

मुगल साम्राज्य का औपचारिक अंत 1857 के विद्रोह के बाद – बहादुर शाह ज़फ़र को ब्रिटिशों ने पदच्युत किया

💡 BPSC PT हेतु टिप्स :

1. अकबर की नीतियाँ – मनसबदारी, जजिया हटाना, दीन-ए-इलाही, सुलह-ए-कुल – ये बार-बार पूछे जाते हैं

2. औरंगजेब की नीतियाँ – जजिया पुनः लगाना, दक्कन नीति, मराठों/सिखों/जाटों से युद्ध – पतन के कारण

3. पानीपत युद्ध – प्रथम (1526 – बाबर), द्वितीय (1556 – अकबर)

4. हल्दीघाटी (1576) – अकबर बनाम महाराणा प्रताप – परिणाम: अकबर जीता, परंतु प्रताप पकड़े नहीं गए

5. BPSC में अशोक (धम्म) और अकबर (सुलह-ए-कुल) की तुलना – धार्मिक सहिष्णुता के संदर्भ में प्रश्न आ सकते हैं

6. बिहार से संबंध – अकबर के समय में बिहार (पटना, मुंगेर) मुगल साम्राज्य का हिस्सा था; आइन-ए-अकबरी में बिहार के विवरण मिलते हैं; मान सिंह (राजा मानसिंह) बिहार (बंगाल-बिहार के क्षेत्र) के सूबेदार थे।मुगल साम्राज्य – 100 MCQ (व्याख्या सहित) | BPSC PT हेतु विशेष

नीचे NCERT कक्षा 7 (हमारे अतीत-II) अध्याय 4 – “मुगल साम्राज्य” – पर आधारित 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) दिए गए हैं, जो BPSC PT के परिप्रेक्ष्य में तैयार किए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ तथ्यात्मक उत्तर एवं संक्षिप्त व्याख्या दी गई है।

खंड A: मुगल शासक एवं सामान्य परिचय (प्रश्न 1–20)

Q1. मुगल साम्राज्य का संस्थापक कौन था?

(A) हुमायूँ

(B) अकबर

(C) बाबर

(D) औरंगजेब

उत्तर: (C) बाबर

व्याख्या: बाबर ने 1526 ई. में प्रथम पानीपत युद्ध में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी।

Q2. मुगल साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक किसे कहा जाता है?

(A) बाबर

(B) हुमायूँ

(C) अकबर

(D) शाहजहाँ

उत्तर: (C) अकबर

व्याख्या: बाबर ने नींव रखी, परंतु अकबर ने मनसबदारी प्रणाली, सुलह-ए-कुल, सूबा व्यवस्था आदि के माध्यम से साम्राज्य को स्थायी और व्यवस्थित किया।

Q3. मुगल शासन में मनसबका क्या अर्थ था?

(A) भूमि का टुकड़ा

(B) पद/रैंक

(C) कर

(D) सेनापति

उत्तर: (B) पद/रैंक

व्याख्या: मनसबका अर्थ पद या रैंक होता है। प्रत्येक मनसबदार (अधिकारी) को एक मनसब (जैसे – 1000, 2000, 5000 जात) दिया जाता था।

Q4. ‘मनसबदारी प्रणालीकिसने शुरू की?

(A) बाबर

(B) हुमायूँ

(C) अकबर

(D) जहाँगीर

उत्तर: (C) अकबर

व्याख्या: अकबर ने लगभग 1570 ई. में मनसबदारी प्रणाली शुरू की, जिससे प्रशासन एवं सेना का व्यवस्थित संगठन हुआ।

Q5. ‘मनसबके कितने अंक होते थे?

(A) एक – जात

(B) दो – जात एवं सवार

(C) तीन – जात, सवार, जागीर

(D) केवल जागीर

उत्तर: (B) दो – जात एवं सवार

व्याख्या: मनसब के दो अंक – जात (व्यक्तिगत रैंक/वेतन) और सवार (घुड़सवार सैनिकों की संख्या)।

Q6. ‘जातका क्या अर्थ था?

(A) व्यक्तिगत रैंक (वेतन का आधार)

(B) घुड़सवारों की संख्या

(C) भूमि का प्रकार

(D) कर की दर

उत्तर: (A) व्यक्तिगत रैंक (वेतन का आधार)

व्याख्या: जातमनसब का पहला अंक था, जो अधिकारी के व्यक्तिगत वेतन एवं प्रतिष्ठा को दर्शाता था (10 से 5000/7000 तक)।

Q7. ‘सवारका क्या अर्थ था?

(A) व्यक्तिगत रैंक

(B) घुड़सवार सैनिकों की संख्या

(C) पैदल सैनिक

(D) हाथियों की संख्या

उत्तर: (B) घुड़सवार सैनिकों की संख्या

व्याख्या: सवारमनसब का दूसरा अंक था, जो यह बताता था कि उस मनसबदार को कितने घुड़सवार रखने थे।

Q8. मनसबदारों को वेतन किस रूप में दिया जाता था?

(A) केवल नकद

(B) जागीर (भूमि)

(C) केवल अनाज

(D) सोने के सिक्के

उत्तर: (B) जागीर (भूमि)

व्याख्या: अधिकांश मनसबदारों को जागीर (भूमि का एक क्षेत्र) दी जाती थी, जहाँ से वे कर वसूल कर अपना एवं अपने सैनिकों का वेतन निकालते थे।

Q9. ‘जागीरक्या थी?

(A) एक प्रकार का कर

(B) मनसबदार को दी गई भूमि (वेतन का स्रोत)

(C) एक सैन्य पद

(D) एक धार्मिक उपाधि

उत्तर: (B) मनसबदार को दी गई भूमि (वेतन का स्रोत)

व्याख्या: जागीर वह भूमि थी जो मनसबदार को उसके वेतन के बदले दी जाती थी। वह वहाँ से कर वसूल करता था (परंतु भूमि का मालिक नहीं बनता था)।

Q10. ‘ख़ालिसाक्षेत्र क्या था?

(A) जागीर में दी गई भूमि

(B) सुल्तान के सीधे नियंत्रण वाली भूमि

(C) बंजर भूमि

(D) वन क्षेत्र

उत्तर: (B) सुल्तान के सीधे नियंत्रण वाली भूमि

व्याख्या: ख़ालिसावह भूमि थी जो सीधे सम्राट के नियंत्रण में थी। यहाँ से राजस्व सीधे शाही खजाने में जाता था।

Q11. ‘सुलह-ए-कुलनीति किससे संबंधित है?

(A) बाबर

(B) हुमायूँ

(C) अकबर

(D) औरंगजेब

उत्तर: (C) अकबर

व्याख्या: सुलह-ए-कुल‘ (सबके प्रति शांति) अकबर की सर्वधर्म समभाव की नीति थी, जिसमें सभी धर्मों के प्रति सम्मान रखा जाता था।

Q12. ‘दीन-ए-इलाहीकिसने शुरू किया?

(A) अकबर

(B) जहाँगीर

(C) शाहजहाँ

(D) औरंगजेब

उत्तर: (A) अकबर

व्याख्या: दीन-ए-इलाही‘ (1590 ई.) अकबर का धार्मिक समन्वय का प्रयास था। यह सभी धर्मों के अच्छे तत्वों का संग्रह था, परंतु यह लोकप्रिय नहीं हुआ।

Q13. ‘दीन-ए-इलाहीके कितने अनुयायी थे?

(A) 5

(B) 18

(C) 50

(D) 100

उत्तर: (B) 18

व्याख्या: दीन-ए-इलाहीके केवल 18 अनुयायी थे – बीरबल, अबुल फजल, फैजी, राजा मानसिंह आदि। यह कभी जनधारणा में नहीं उतरा।

Q14. ‘इबादतख़ाना‘ (आराधना गृह) कहाँ स्थित था?

(A) आगरा

(B) दिल्ली

(C) फतेहपुर सीकरी

(D) लाहौर

उत्तर: (C) फतेहपुर सीकरी

व्याख्या: अकबर ने 1575 ई. में फतेहपुर सीकरी में इबादतख़ाना की स्थापना की थी। यहाँ विभिन्न धर्मों (हिंदू, जैन, ईसाई, पारसी, इस्लाम) के विद्वान धार्मिक चर्चा करते थे।

Q15. अकबर ने जजिया कर कब समाप्त किया?

(A) 1564 ई.

(B) 1575 ई.

(C) 1590 ई.

(D) 1605 ई.

उत्तर: (A) 1564 ई.

व्याख्या: अकबर ने 1564 ई. में जजिया कर (गैर-मुस्लिमों पर लगने वाला कर) समाप्त कर दिया था, जिससे हिंदुओं में उसकी लोकप्रियता बढ़ी।

Q16. जजिया कर किस मुगल शासक ने पुनः लगाया?

(A) जहाँगीर

(B) शाहजहाँ

(C) औरंगजेब

(D) बाबर

उत्तर: (C) औरंगजेब

व्याख्या: औरंगजेब ने 1679 ई. में जजिया कर पुनः लगाया, जिससे हिंदुओं में असंतोष फैल गया और राजपूतों का समर्थन कम हुआ।

Q17. मुगल शासकों में अंतिम शक्तिशाली शासक कौन था?

(A) शाहजहाँ

(B) औरंगजेब

(C) बहादुर शाह ज़फर

(D) मुहम्मद शाह

उत्तर: (B) औरंगजेब

व्याख्या: औरंगजेब (1658-1707) मुगल साम्राज्य का अंतिम शक्तिशाली शासक था। 1707 के बाद सभी शासक दुर्बल थे।

Q18. प्रथम पानीपत का युद्ध किस वर्ष हुआ?

(A) 1526 ई.

(B) 1556 ई.

(C) 1576 ई.

(D) 1764 ई.

उत्तर: (A) 1526 ई.

व्याख्या: 1526 ई. में बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की।

Q19. हल्दीघाटी का युद्ध किस वर्ष हुआ?

(A) 1526 ई.

(B) 1556 ई.

(C) 1576 ई.

(D) 1605 ई.

उत्तर: (C) 1576 ई.

व्याख्या: 1576 ई. में अकबर और महाराणा प्रताप के बीच हल्दीघाटी का युद्ध हुआ। अकबर ने जीत हासिल की, परंतु प्रताप ने आत्मसमर्पण नहीं किया।

Q20. हल्दीघाटी युद्ध में अकबर की सेना का नेतृत्व किसने किया?

(A) राजा मानसिंह

(B) बीरबल

(C) अबुल फजल

(D) टोडर मल

उत्तर: (A) राजा मानसिंह

व्याख्या: अकबर के सेनापति राजा मानसिंह (आमेर के कछवाहा राजपूत) ने हल्दीघाटी युद्ध में मुगल सेना का नेतृत्व किया।

खंड B: मनसबदारी प्रणाली (प्रश्न 21–35)

Q21. मनसबदारी प्रणाली किस मुगल शासक द्वारा विकसित की गई?

(A) बाबर

(B) हुमायूँ

(C) अकबर

(D) औरंगजेब

उत्तर: (C) अकबर

व्याख्या: यह प्रणाली अकबर के समय (लगभग 1570 ई.) विकसित हुई। इससे राजपूतों, अफगानों, ईरानियों, तुरानियों को प्रशासन में शामिल किया गया।

Q22. मनसबदार के पास कितने अंक (रैंक) होते थे?

(A) 1 – जात

(B) 2 – जात और सवार

(C) 3 – जात, सवार, जागीर

(D) केवल सवार

उत्तर: (B) 2 – जात और सवार

व्याख्या: प्रत्येक मनसबदार के दो अंक – जात (व्यक्तिगत रैंक) और सवार (घुड़सवारों की संख्या) होते थे।

Q23. मनसबदारी प्रणाली का मुख्य उद्देश्य क्या था?

(A) केवल युद्ध करना

(B) विभिन्न समूहों को प्रशासन में शामिल करना एवं केंद्रीय नियंत्रण रखना

(C) कर वसूली बढ़ाना

(D) स्थानीय राजाओं को समाप्त करना

उत्तर: (B) विभिन्न समूहों को प्रशासन में शामिल करना एवं केंद्रीय नियंत्रण रखना

व्याख्या: इस प्रणाली से सभी समुदायों (राजपूत, अफगान, ईरानी, तुरानी) को प्रशासन में लिया गया, और साथ ही केंद्रीय नियंत्रण (जागीरें बदली जा सकती थीं) बना रहा।

Q24. किसी मनसबदार को दी गई जागीर को बदला जा सकता था?

(A) हाँ, सुल्तान की इच्छा से

(B) नहीं, जीवन भर के लिए थी

(C) केवल युद्ध के बाद

(D) केवल मृत्यु के बाद

उत्तर: (A) हाँ, सुल्तान की इच्छा से

व्याख्या: जागीर स्थायी नहीं थी। सुल्तान चाहे तो किसी भी मनसबदार की जागीर बदल सकता था, जिससे मनसबदार सुल्तान पर निर्भर रहता था।

Q25. अकबर के समय में मनसब की अधिकतम रैंक क्या थी?

(A) 1000

(B) 2000

(C) 5000

(D) 10000

उत्तर: (C) 5000

व्याख्या: अकबर के समय में मनसब (जात) 5000 तक थी। बाद में शाहजहाँ/औरंगजेब के समय में इसे 7000 तक बढ़ा दिया गया।

Q26. ‘जातऔर सवाररैंक के बीच क्या संबंध होता था?

(A) जात सवार से हमेशा कम होता था

(B) जात सवार से हमेशा अधिक या बराबर होता था

(C) कोई संबंध नहीं

(D) सवार जात से अधिक होता था

उत्तर: (B) जात सवार से हमेशा अधिक या बराबर होता था

व्याख्या: सामान्य नियम था – जात सवार। यदि किसी की जात 3000 थी और सवार 2000, तो वह 2000 घुड़सवार रखता था।

Q27. मनसबदारों का वेतन किस आधार पर निर्धारित होता था?

(A) केवल सवार

(B) केवल जात

(C) जात और सवार दोनों

(D) जागीर का आकार

उत्तर: (C) जात और सवार दोनों

व्याख्या: वेतन जात (व्यक्तिगत रैंक) और सवार (घुड़सवारों की संख्या) – दोनों पर निर्भर था।

Q28. मनसबदारी प्रणाली में दागप्रथा किससे ली गई थी?

(A) अलाउद्दीन खिलजी

(B) बाबर

(C) इल्तुतमिश

(D) शेरशाह सूरी

उत्तर: (A) अलाउद्दीन खिलजी

व्याख्या: दाग‘ (घोड़ों पर दाग लगाने) और चिह्ना‘ (सैनिकों का विवरण) की प्रथा अकबर ने अलाउद्दीन खिलजी से ली थी।

Q29. किस मनसबदार को ख़ालिसाभूमि मिलती थी?

(A) सभी मनसबदारों को

(B) उच्च पद वालों को

(C) किसी को नहीं – ख़ालिसा सुल्तान के सीधे नियंत्रण में थी

(D) केवल राजपूतों को

उत्तर: (C) किसी को नहीं – ख़ालिसा सुल्तान के सीधे नियंत्रण में थी

व्याख्या: ख़ालिसा भूमि किसी मनसबदार को नहीं दी जाती थी। यह सीधे सुल्तान के नियंत्रण में रहती थी।

Q30. जागीर से होने वाली आय का उपयोग किसके लिए होता था?

(A) केवल मनसबदार के परिवार के लिए

(B) मनसबदार के निजी खर्च एवं उसके घुड़सवारों के वेतन के लिए

(C) केवल सुल्तान को भेजने के लिए

(D) मंदिर/मस्जिद बनाने के लिए

उत्तर: (B) मनसबदार के निजी खर्च एवं उसके घुड़सवारों के वेतन के लिए

व्याख्या: जागीर से प्राप्त राजस्व से मनसबदार अपना एवं अपने निर्धारित घुड़सवारों का वेतन निकालता था।

Q31. मनसबदारी प्रणाली का कौन-सा दोष था?

(A) मनसबदार सुल्तान पर निर्भर थे

(B) जागीरों की संख्या बढ़ने पर राजस्व घट गया (देर से भुगतान)

(C) सभी वर्गों को समान मनसब मिलता था

(D) यह बहुत कठोर थी

उत्तर: (B) जागीरों की संख्या बढ़ने पर राजस्व घट गया (देर से भुगतान)

व्याख्या: बाद के मुगल काल में जागीरों की संख्या तो बढ़ गई, परंतु राजस्व घट गया। कई मनसबदारों को समय पर वेतन नहीं मिल पाता था।

Q32. अकबर की मनसबदारी प्रणाली में किस समुदाय को सबसे अधिक शामिल किया गया?

(A) राजपूत

(B) अफगान

(C) ईरानी

(D) तुरानी

उत्तर: (A) राजपूत

व्याख्या: अकबर ने राजपूतों को मनसबदारी प्रणाली में शामिल कर साम्राज्य को मजबूत किया। राजा मानसिंह, भगवान दास, जयसिंह आदि प्रसिद्ध राजपूत मनसबदार थे।

Q33. ‘आइन-ए-अकबरीकिसके द्वारा लिखी गई?

(A) अबुल फजल

(B) फैजी

(C) बीरबल

(D) अब्दुल कादिर बदायूँनी

उत्तर: (A) अबुल फजल

व्याख्या: आइन-ए-अकबरी‘ (अकबरनामा का तीसरा भाग) अबुल फजल द्वारा लिखा गया था। इसमें मुगल प्रशासन, मनसबदारी, भू-राजस्व, सेना, न्याय आदि का विवरण है।

Q34. मनसबदारी प्रणाली के अनुसार, यदि किसी का मनसब 2000/1000 था – इसका क्या अर्थ था?

(A) जात=2000, सवार=1000 (2000 घुड़सवार)

(B) जात=2000, सवार=1000 (1000 घुड़सवार)

(C) जात=1000, सवार=2000

(D) जात=2000, सवार=2000

उत्तर: (B) जात=2000, सवार=1000 (1000 घुड़सवार)

व्याख्या: 2000/1000 में पहला अंक जात है, दूसरा सवार। इसका अर्थ है – व्यक्तिगत रैंक 2000, उसे 1000 घुड़सवार रखने थे।

Q35. निम्नलिखित में से कौन अकबर के नवरत्नों में शामिल नहीं था?

(A) बीरबल

(B) अबुल फजल

(C) टोडर मल

(D) शेरशाह सूरी

उत्तर: (D) शेरशाह सूरी

व्याख्या: शेरशाह सूरी (सूर वंश) अकबर का समकालीन नहीं था; उसने हुमायूँ को हराया था। शेष तीन (बीरबल, अबुल फजल, टोडर मल) अकबर के नवरत्न थे।

खंड C: अकबर की धार्मिक नीति – सुलह-ए-कुल एवं दीन-ए-इलाही (प्रश्न 36–60)

Q36. ‘सुलह-ए-कुलका अर्थ क्या है?

(A) सभी धर्मों का अंत

(B) सबके प्रति शांति

(C) केवल इस्लाम

(D) युद्ध

उत्तर: (B) सबके प्रति शांति

व्याख्या: सुलह-ए-कुलफारसी शब्द है, जिसका अर्थ सबके प्रति शांतिया सार्वभौमिक सहिष्णुताहै। यह अकबर की धार्मिक उदारता की नीति थी।

Q37. ‘दीन-ए-इलाहीकब शुरू हुआ?

(A) 1564 ई.

(B) 1575 ई.

(C) 1580 ई.

(D) 1590 ई.

उत्तर: (D) 1590 ई.

व्याख्या: दीन-ए-इलाहीकी शुरुआत 1590 ई. (लगभग) में हुई। यह अकबर के शासनकाल के उत्तरार्ध में शुरू किया गया था।

Q38. ‘दीन-ए-इलाहीके प्रमुख अनुयायी कौन थे?

(A) बीरबल

(B) अबुल फजल

(C) राजा मानसिंह

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

व्याख्या: बीरबल, अबुल फजल, फैजी, राजा मानसिंह, टोडर मल, अब्दुल रहीम खान-ए-खाना आदि दीन-ए-इलाही के अनुयायी थे।

Q39. ‘इबादतख़ाना‘ (Ibadat Khana) का क्या उद्देश्य था?

(A) युद्ध की योजना बनाना

(B) विभिन्न धर्मों के विद्वानों के बीच धार्मिक चर्चा

(C) कर वसूली

(D) मनोरंजन

उत्तर: (B) विभिन्न धर्मों के विद्वानों के बीच धार्मिक चर्चा

व्याख्या: अकबर ने 1575 में फतेहपुर सीकरी में इबादतख़ाना की स्थापना की, जहाँ हिंदू, जैन, ईसाई, पारसी, इस्लाम विद्वान धार्मिक चर्चा करते थे।

Q40. अकबर ने इबादतख़ाना की स्थापना कहाँ की?

(A) आगरा

(B) दिल्ली

(C) फतेहपुर सीकरी

(D) लाहौर

उत्तर: (C) फतेहपुर सीकरी

व्याख्या: अकबर ने फतेहपुर सीकरी में स्थित एक भवन को इबादतख़ाना बनाया था।

Q41. अकबर ने फतवा-ए-जहाँदारीका विरोध क्यों किया?

(A) यह युद्ध को बढ़ावा देता था

(B) यह कट्टरपंथी इस्लामी उलमा (विद्वानों) की नीति थी

(C) यह कर बढ़ाता था

(D) यह व्यापार विरोधी था

उत्तर: (B) यह कट्टरपंथी इस्लामी उलमा (विद्वानों) की नीति थी

व्याख्या: फतवा-ए-जहाँदारीकट्टरपंथी इस्लामी विद्वानों (उलमा) की नीति थी, जो गैर-मुस्लिमों के साथ कठोरता चाहते थे। अकबर ने इसका विरोध किया।

Q42. अकबर द्वारा जजिया कर हटाने का मुख्य प्रभाव क्या था?

(A) हिंदुओं में लोकप्रियता बढ़ी

(B) राजस्व बढ़ा

(C) राजपूतों ने विद्रोह किया

(D) मुस्लिमों में असंतोष फैला

उत्तर: (A) हिंदुओं में लोकप्रियता बढ़ी

व्याख्या: जजिया (गैर-मुस्लिमों पर लगने वाला कर) समाप्त करने से हिंदुओं का समर्थन अकबर को मिला। राजपूत राजा भी अकबर के अधीन होने को तैयार हो गए।

Q43. ‘दीन-ए-इलाहीलोकप्रिय क्यों नहीं हो सका?

(A) यह बहुत कट्टर था

(B) यह सभी धर्मों का मिश्रण था, किसी को अपना धर्म छोड़ने को नहीं कहा गया, और यह केवल एक कुलीन संप्रदाय बना रहा

(C) इसने युद्ध को प्रोत्साहित किया

(D) अकबर ने इसे बंद कर दिया

उत्तर: (B) यह सभी धर्मों का मिश्रण था, किसी को अपना धर्म छोड़ने को नहीं कहा गया, और यह केवल एक कुलीन संप्रदाय बना रहा

व्याख्या: दीन-ए-इलाहीने किसी को धर्मांतरित नहीं किया। यह केवल 18 लोगों का एक समूह था, इसलिए यह जनता तक नहीं पहुँच पाया।

Q44. अकबर के दरबार में नवरत्नोंमें कौन शामिल था?

(A) तानसेन

(B) बीरबल

(C) अबुल फजल

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

व्याख्या: अकबर के 9 रत्नों में – अबुल फजल, फैजी, बीरबल (महेश दास), टोडर मल, राजा मानसिंह, मुल्ला दो प्याजा, अब्दुल रहीम खान-ए-खाना, फकीर अजियाओद्दीन, मुल्ला मोहम्मद हुसैन (तानसेन को भी कुछ स्रोतों में शामिल किया गया है – वह भी अकबर के दरबार में थे)।

Q45. ‘अकबरनामाकिसने लिखा?

(A) फैजी

(B) अबुल फजल

(C) बदायूँनी

(D) जहाँगीर

उत्तर: (B) अबुल फजल

व्याख्या: अकबरनामाअबुल फजल की रचना है। यह तीन भागों में है – (1) अकबर के पूर्वज, (2) अकबर के शासनकाल की घटनाएँ, (3) आइन-ए-अकबरी (प्रशासनिक विवरण)।

Q46. ‘सुलह-ए-कुलका सिद्धांत किस मुगल शासक ने सबसे अधिक अपनाया?

(A) औरंगजेब

(B) अकबर

(C) बाबर

(D) शाहजहाँ

उत्तर: (B) अकबर

व्याख्या: अकबर ने सुलह-ए-कुल‘ (सार्वभौमिक शांति) को अपनी नीति का केंद्र बनाया। औरंगजेब ने इसका विरोध किया।

Q47. अकबर ने किस राजपूत राजकुमारी से विवाह किया?

(A) जोधा बाई (मारवाड़ की)

(B) मीरा बाई

(C) रूपमती

(D) हरखा बाई (जोधा बाई – आमेर/जयपुर की)

उत्तर: (D) हरखा बाई (जोधा बाई – आमेर/जयपुर की)

व्याख्या: अकबर ने आमेर (जयपुर) के राजा भगवान दास की पुत्री हरखा बाई (जिन्हें जोधा बाई भी कहा जाता है) से विवाह किया था।

Q48. अकबर ने किसे बीरबलकी उपाधि दी?

(A) राजा मानसिंह

(B) टोडर मल

(C) महेश दास

(D) फैजी

उत्तर: (C) महेश दास

व्याख्या: अकबर के दरबार में एक ब्राह्मण विद्वान महेश दास (जो हास्य-व्यंग्य के लिए प्रसिद्ध थे) को अकबर ने बीरबलकी उपाधि दी थी।

Q49. ‘महाभारतका फारसी अनुवाद – रज़्मनामाकिसने करवाया?

(A) अकबर

(B) जहाँगीर

(C) शाहजहाँ

(D) औरंगजेब

उत्तर: (A) अकबर

व्याख्या: अकबर ने महाभारतका फारसी अनुवाद करवाया, जिसे रज़्मनामा‘ (युद्ध की पुस्तक) कहा गया।

Q50. अकबर के धार्मिक दृष्टिकोण पर किसका सबसे अधिक प्रभाव था?

(A) बीरबल

(B) अबुल फजल

(C) शेख मुबारक एवं उनके पुत्र फैजी-अबुल फजल

(D) तानसेन

उत्तर: (C) शेख मुबारक एवं उनके पुत्र फैजी-अबुल फजल

व्याख्या: शेख मुबारक और उनके पुत्र फैजी एवं अबुल फजल का अकबर के धार्मिक विचारों पर गहरा प्रभाव था। वे उदार इस्लामी विचारधारा के समर्थक थे।

Q51. अकबर ने इलाहीसंवत् (कैलेंडर) कब शुरू किया?

(A) 1563 ई.

(B) 1583 ई.

(C) 1592 ई.

(D) 1600 ई.

उत्तर: (B) 1583 ई.

व्याख्या: अकबर ने 1583 ई. में इलाही संवत्‘ (एक नया कैलेंडर) शुरू किया था, परंतु यह अधिक लोकप्रिय नहीं हुआ।

Q52. ‘अकबरनामाके रचयिता अबुल फजल को किसने मरवाया?

(A) अकबर

(B) जहाँगीर

(C) शाहजहाँ

(D) बीरबल

उत्तर: (B) जहाँगीर

व्याख्या: जहाँगीर (जब राजकुमार सलीम था) ने अपने पिता अकबर के खिलाफ विद्रोह किया था; बाद में उसने अबुल फजल (जो अकबर के पक्ष में था) को 1602 ई. में मरवा दिया था।

Q53. निम्नलिखित में से कौन अकबर के धार्मिक सलाहकार नहीं था?

(A) फैजी

(B) अबुल फजल

(C) शेख अहमद सरहिंदी

(D) शेख मुबारक

उत्तर: (C) शेख अहमद सरहिंदी

व्याख्या: शेख अहमद सरहिंदी (मुजद्दिद अल्फ़ सानी) औरंगजेब के समय के एक कट्टरपंथी इस्लामी विद्वान थे, अकबर के नहीं।

Q54. अकबर की राजपूत नीति का मुख्य उद्देश्य क्या था?

(A) राजपूतों को समाप्त करना

(B) राजपूतों का समर्थन प्राप्त कर साम्राज्य को स्थिर और विस्तारित करना

(C) राजपूतों से कर वसूलना

(D) राजपूतों को दक्षिण भेजना

उत्तर: (B) राजपूतों का समर्थन प्राप्त कर साम्राज्य को स्थिर और विस्तारित करना

व्याख्या: अकबर ने राजपूतों से विवाह किए, उन्हें उच्च पद (मनसब) दिए, जजिया कर हटाया – इससे राजपूतों का समर्थन मिला और साम्राज्य मजबूत हुआ।

Q55. औरंगजेब ने जजिया कर क्यों पुनः लगाया?

(A) राजस्व बढ़ाने के लिए

(B) इस्लामिक कट्टरता एवं गैर-मुस्लिमों को दबाने के उद्देश्य से

(C) व्यापार को बढ़ावा देने के लिए

(D) राजपूतों को खुश करने के लिए

उत्तर: (B) इस्लामिक कट्टरता एवं गैर-मुस्लिमों को दबाने के उद्देश्य से

व्याख्या: औरंगजेब का दृष्टिकोण कट्टरपंथी इस्लामी था। वह शरिया कानून लागू करना चाहता था, इसलिए उसने 1679 में जजिया पुनः लगाया।

Q56. अकबर की उदार धार्मिक नीति का औरंगजेब पर क्या प्रभाव पड़ा?

(A) औरंगजेब ने अकबर का अनुसरण किया

(B) औरंगजेब ने उलट कर कट्टर नीति अपनाई – जजिया लगाया, मंदिर तोड़े

(C) औरंगजेब अधिक उदार था

(D) कोई प्रभाव नहीं

उत्तर: (B) औरंगजेब ने उलट कर कट्टर नीति अपनाई – जजिया लगाया, मंदिर तोड़े

व्याख्या: औरंगजेब ने अकबर की उदार नीति को पूरी तरह उलट दिया। उसने जजिया लगाया, मंदिर तोड़े, राजपूतों से दूरी बनाई।

Q57. ‘दीन-ए-इलाहीके बाद अकबर की धार्मिक नीति क्या रही?

(A) इस्लामी कट्टरता

(B) सुलह-ए-कुल – सभी धर्मों के प्रति सम्मान

(C) केवल हिंदू धर्म को समर्थन

(D) केवल ईसाई धर्म

उत्तर: (B) सुलह-ए-कुल – सभी धर्मों के प्रति सम्मान

व्याख्या: दीन-ए-इलाहीके बाद भी अकबर ने सुलह-ए-कुल‘ (सबके प्रति शांति) का सिद्धांत जारी रखा। उसने सभी धर्मों के प्रति उदारता दिखाई।

Q58. अकबर के दरबार में कौन-सा ईसाई पादरी आया था?

(A) रॉबर्ट डी नोबिली

(B) अक्वाविवा (Father Aquaviva) एवं अन्य जेसुइट मिशनरी

(C) विलियम हॉकिंस

(D) थॉमस रो

उत्तर: (B) अकब्वाविवा (Father Aquaviva) एवं अन्य जेसुइट मिशनरी

व्याख्या: अकबर के दरबार में जेसुइट मिशनरी (पुर्तगाली) आए – रुडोल्फ एक्वाविवा, एंटोनी मोंटेसेरात आदि। उन्होंने अकबर को ईसाई धर्म से परिचित करवाया।

Q59. अकबर के समय में महानगरीय अभिलेखागार‘ (प्रशासनिक दस्तावेज) किस भाषा में होते थे?

(A) संस्कृत

(B) फारसी

(C) तुर्की

(D) अरबी

उत्तर: (B) फारसी

व्याख्या: मुगल प्रशासन की भाषा फारसी थी। सभी अभिलेख, फरमान, प्रशस्तियाँ, ऐतिहासिक ग्रंथ फारसी में लिखे जाते थे।

Q60. BPSC में अशोक (धम्म) और अकबर (सुलह-ए-कुल) की तुलना के संदर्भ में क्या विशेषता समान है?

(A) दोनों ने युद्ध किए

(B) दोनों ने धार्मिक सहिष्णुता और अहिंसा का प्रचार किया

(C) दोनों ने सिक्के चलाए

(D) दोनों ने स्थापत्य बनवाया

उत्तर: (B) दोनों ने धार्मिक सहिष्णुता और अहिंसा का प्रचार किया

व्याख्या: अशोक का धम्मऔर अकबर का सुलह-ए-कुल‘ – दोनों ने धार्मिक सहिष्णुता, अहिंसा, सभी धर्मों के प्रति सम्मान पर बल दिया। यह BPSC के लिए एक महत्वपूर्ण तुलना है।

खंड D: मुगल साम्राज्य का पतन – औरंगजेब की नीतियाँ (प्रश्न 61–80)

Q61. औरंगजेब ने जजिया कर पुनः कब लगाया?

(A) 1658 ई.

(B) 1669 ई.

(C) 1679 ई.

(D) 1689 ई.

उत्तर: (C) 1679 ई.

व्याख्या: औरंगजेब ने 1679 ई. में जजिया कर (गैर-मुस्लिमों पर) पुनः लागू किया। इसका हिंदुओं एवं राजपूतों ने विरोध किया।

Q62. मुगल साम्राज्य के पतन का सबसे बड़ा कारण किसकी नीतियाँ थीं?

(A) अकबर की

(B) जहाँगीर की

(C) शाहजहाँ की

(D) औरंगजेब की

उत्तर: (D) औरंगजेब की

व्याख्या: औरंगजेब की कट्टर धार्मिक नीतियाँ (जजिया, मंदिर तोड़ना), दक्कन नीति (25 वर्ष निरंतर युद्ध), राजपूतों से विरोध, मराठों, सिखों, जाटों से युद्ध – मुगल साम्राज्य के पतन का मुख्य कारण थीं।

Q63. औरंगजेब की दक्कन नीतिका उद्देश्य क्या था?

(A) दक्कन में व्यापार बढ़ाना

(B) दक्कन के सुल्तानों (बीजापुर, गोलकुंडा) पर विजय प्राप्त करना

(C) मराठों को संरक्षण देना

(D) दक्कन छोड़ना

उत्तर: (B) दक्कन के सुल्तानों (बीजापुर, गोलकुंडा) पर विजय प्राप्त करना

व्याख्या: औरंगजेब ने बीजापुर (1686) और गोलकुंडा (1687) पर आक्रमण किया और उन्हें मिला लिया, परंतु इसके लिए उसने 25 वर्ष लगा दिए और हजारों सैनिक मारे गए।

Q64. औरंगजेब के दक्कन अभियान से किस समुदाय को सबसे अधिक लाभ हुआ?

(A) राजपूत

(B) सिख

(C) मराठे

(D) अफगान

उत्तर: (C) मराठे

व्याख्या: दक्कन युद्धों में मुगल सेना कमजोर हुई। मराठों ने इस अवसर का लाभ उठाकर गुरिल्ला युद्ध किया और छत्रपति शिवाजी के नेतृत्व में एक स्वतंत्र साम्राज्य स्थापित किया।

Q65. औरंगजेब का मराठों के साथ कैसा व्यवहार था?

(A) मैत्रीपूर्ण

(B) शिवाजी एवं बाद में संभाजी को कैद/फाँसी दी; लगातार युद्ध

(C) कोई संबंध नहीं

(D) मराठों को उच्च पद दिए

उत्तर: (B) शिवाजी एवं बाद में संभाजी को कैद/फाँसी दी; लगातार युद्ध

व्याख्या: औरंगजेब ने शिवाजी को आगरा बुलाकर कैद किया (परंतु वह भाग गए); बाद में शिवाजी के पुत्र संभाजी को पकड़कर 1689 में फाँसी दे दी।

Q66. औरंगजेब के धार्मिक कट्टरता के कारण किस समुदाय ने विद्रोह किया?

(A) जाट

(B) सिख

(C) राजपूत

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

व्याख्या: जजिया और मंदिर तोड़ने से जाट (राजराम जाट – मथुरा), सिख (गुरु तेग बहादुर, गुरु गोबिंद सिंह), राजपूत (जोधपुर, मेवाड़) – सभी ने विद्रोह किया।

Q67. किस सिख गुरु को औरंगजेब ने 1675 में मृत्युदंड दिया?

(A) गुरु नानक

(B) गुरु अर्जुन देव

(C) गुरु तेग बहादुर

(D) गुरु गोबिंद सिंह

उत्तर: (C) गुरु तेग बहादुर

व्याख्या: गुरु तेग बहादुर (9वें सिख गुरु) ने कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए औरंगजेब के सामने आत्मसमर्पण किया; उन्हें 1675 में दिल्ली में मृत्युदंड दिया गया।

Q68. औरंगजेब के बाद मुगल शासक कैसे थे?

(A) शक्तिशाली

(B) दुर्बल एवं अल्पकालिक

(C) लंबे समय तक शासन करने वाले

(D) विजेता

उत्तर: (B) दुर्बल एवं अल्पकालिक

व्याख्या: 1707 के बाद – बहादुर शाह प्रथम, जहाँदार शाह, फर्रुखसियर, मुहम्मद शाह, अहमद शाह, आलमगीर द्वितीय, शाह आलम द्वितीय – सभी दुर्बल और अल्पकालिक शासक थे।

Q69. ‘मराठों का जनककिसे कहा जाता है?

(A) शिवाजी

(B) संभाजी

(C) शाहू

(D) बाजीराव प्रथम

उत्तर: (A) शिवाजी

व्याख्या: छत्रपति शिवाजी (1627-1680) ने मराठा साम्राज्य की नींव रखी। उन्होंने 1674 में स्वतंत्रता की घोषणा की और पश्चिमी घाट क्षेत्र में एक साम्राज्य स्थापित किया।

Q70. औरंगजेब के शासन में किस ब्रिटिश यात्री ने व्यापार अनुमति प्राप्त की?

(A) थॉमस रो

(B) हॉकिंस

(C) जॉब चार्नॉक

(D) रॉबर्ट क्लाइव

उत्तर: (A) थॉमस रो

व्याख्या: सर थॉमस रो जहाँगीर के समय (1615) आया था। औरंगजेब के समय में अंग्रेजों को सूरत, मद्रास, कलकत्ता में व्यापार की अनुमति मिल चुकी थी।

Q71. नादिर शाह ने दिल्ली पर आक्रमण कब किया?

(A) 1739

(B) 1748

(C) 1761

(D) 1764

उत्तर: (A) 1739

व्याख्या: फारस के शासक नादिर शाह ने 1739 में दिल्ली पर आक्रमण किया। उसने शहर लूटा और कोहिनूर हीरा, तख्ते ताऊस (मयूर सिंहासन) ले गया।

Q72. ‘प्लासी का युद्ध‘ (1757) किस मुगल शासक के समय हुआ?

(A) मुहम्मद शाह

(B) शाह आलम द्वितीय

(C) औरंगजेब

(D) अकबर द्वितीय

उत्तर: (B) शाह आलम द्वितीय

व्याख्या: प्लासी का युद्ध (1757) शाह आलम द्वितीय (मुगल सम्राट) के समय हुआ, परंतु उस समय तक मुगल साम्राज्य केवल नाममात्र का रह गया था।

Q73. अहमद शाह अब्दाली कौन था?

(A) अफगान आक्रमणकारी (दुर्रानी)

(B) फारसी आक्रमणकारी

(C) मराठा शासक

(D) सिख गुरु

उत्तर: (A) अफगान आक्रमणकारी (दुर्रानी)

व्याख्या: अहमद शाह अब्दाली (दुर्रानी साम्राज्य, अफगानिस्तान) ने 1748-1761 के बीच कई बार उत्तर भारत पर आक्रमण किया। तीसरा पानीपत युद्ध (1761) उसी ने मराठों के खिलाफ लड़ा था।

Q74. 1857 के विद्रोह के समय अंतिम मुगल सम्राट कौन था?

(A) बहादुर शाह ज़फर

(B) शाह आलम द्वितीय

(C) अकबर द्वितीय

(D) मुहम्मद शाह

उत्तर: (A) बहादुर शाह ज़फर

व्याख्या: बहादुर शाह ज़फर (1837-1857) अंतिम मुगल सम्राट थे। 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने उन्हें पदच्युत कर रंगून (बर्मा) निर्वासित कर दिया।

Q75. ‘बक्सर का युद्ध‘ (1764) किसके बीच हुआ?

(A) मुगल एवं अफगान

(B) मराठा एवं अफगान

(C) मुगल एवं अंग्रेज

(D) मुगल, अवध, बंगाल (संयुक्त) बनाम ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी

उत्तर: (D) मुगल, अवध, बंगाल (संयुक्त) बनाम ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी

व्याख्या: बक्सर (1764) युद्ध में मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय, अवध के शुजा-उद-दौला, बंगाल के मीर कासिम ने मिलकर अंग्रेजों से युद्ध किया और पराजित हुए।

Q76. औरंगजेब के बाद मुगल साम्राज्य किन कारणों से कमजोर हुआ?

(A) उत्तराधिकार संघर्ष

(B) आर्थिक संकट

(C) विदेशी आक्रमण

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

व्याख्या: 1707 के बाद उत्तराधिकार संघर्ष (प्रत्येक शासक के बाद भाई-भाई युद्ध), आर्थिक संकट (युद्धों से खाली खजाना), विदेशी आक्रमण (नादिर शाह 1739, अब्दाली 1748-61) – तीनों कारणों से मुगल साम्राज्य कमजोर हुआ।

Q77. औरंगजेब के शासनकाल में मराठा शासक शिवाजी को किस मुगल सेनापति ने पुरंदर की संधि (1665) करने पर मजबूर किया?

(A) राजा मानसिंह

(B) जय सिंह (आमेर के)

(C) मीर जुमला

(D) असद खान

उत्तर: (B) जय सिंह (आमेर के)

व्याख्या: औरंगजेब ने राजा जय सिंह (आमेर के कछवाहा राजपूत) को शिवाजी के खिलाफ भेजा। जय सिंह ने शिवाजी को पुरंदर की संधि (1665) करने पर मजबूर किया।

Q78. औरंगजेब किस शहर में मरा?

(A) दिल्ली

(B) आगरा

(C) औरंगाबाद (दक्कन)

(D) लाहौर

उत्तर: (C) औरंगाबाद (दक्कन)

व्याख्या: औरंगजेब ने अपना अधिकांश जीवन दक्कन (महाराष्ट्र) के युद्धों में बिताया। उसकी मृत्यु 1707 में औरंगाबाद में हुई।

Q79. ‘मुगल साम्राज्य का अंतिम शक्तिशाली शासककिसे कहा जाता है?

(A) औरंगजेब

(B) बहादुर शाह प्रथम

(C) शाह आलम द्वितीय

(D) अकबर

उत्तर: (A) औरंगजेब

व्याख्या: औरंगजेब (1658-1707) मुगल साम्राज्य का अंतिम शक्तिशाली शासक था। 1707 के बाद सभी शासक दुर्बल थे।

Q80. मुगल साम्राज्य के पतन के लिए BPSC परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण कारण क्या माना जाता है?

(A) अकबर की उदार नीति

(B) औरंगजेब की कट्टर नीतियाँ – जजिया, दक्कन नीति

(C) बाबर का प्रारंभिक आक्रमण

(D) शाहजहाँ का स्थापत्य प्रेम

उत्तर: (B) औरंगजेब की कट्टर नीतियाँ – जजिया, दक्कन नीति

व्याख्या: BPSC में औरंगजेब की नीतियाँ – जजिया पुनः लगाना, दक्कन में निरंतर युद्ध, राजपूतों/मराठों/सिखों/जाटों से संघर्ष – मुगल पतन का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

खंड E: मुगल शासन – प्रशासन, कर, सैन्य (प्रश्न 81–95)

Q81. मुगल प्रशासन में सूबाक्या था?

(A) गाँव

(B) प्रांत

(C) जिला

(D) नगर

उत्तर: (B) प्रांत

व्याख्या: मुगल साम्राज्य को सूबों (प्रांतों) में विभाजित किया गया था। अकबर के समय में 12 सूबे थे (बाद में 15)

Q82. मुगल प्रशासन में सूबेदारकिसे कहते थे?

(A) राजस्व अधिकारी

(B) सैन्य अधिकारी

(C) प्रांत का शासक

(D) न्यायाधीश

उत्तर: (C) प्रांत का शासक

व्याख्या: सूबेदार (गवर्नर) किसी सूबे (प्रांत) का प्रशासनिक मुखिया होता था।

Q83. अकबर के समय कितने सूबे थे?

(A) 10

(B) 12 (बाद में 15)

(C) 15 (प्रारंभ में)

(D) 20

उत्तर: (B) 12 (बाद में 15)

व्याख्या: अकबर ने प्रारंभ में 12 सूबे बनाए; बाद में 15 कर दिए। औरंगजेब के समय 21 सूबे हो गए थे।

Q84. मुगल प्रशासन में दीवानक्या था?

(A) सैन्य प्रमुख

(B) राजस्व प्रमुख

(C) न्यायाधीश

(D) धार्मिक प्रमुख

उत्तर: (B) राजस्व प्रमुख

व्याख्या: दीवान (या वज़ीर) राजस्व एवं वित्त का प्रमुख होता था। केंद्र में दीवान-ए-ख़ालिसा और प्रांत में सूबेदार के अधीन एक दीवान होता था।

Q85. मुगल भू-राजस्व प्रणाली दहसालाकिसने शुरू की?

(A) बाबर

(B) अकबर (टोडर मल)

(C) जहाँगीर

(D) शाहजहाँ

उत्तर: (B) अकबर (टोडर मल)

व्याख्या: अकबर के राजस्व मंत्री टोडर मल ने दहसाला प्रणाली (10 वर्षों का औसत उत्पादन – कर निर्धारण) विकसित की।

Q86. मुगल काल में भूमि कर की दर कितनी थी?

(A) 1/6

(B) 1/5

(C) 1/3 (उपज का एक-तिहाई)

(D) 1/2

उत्तर: (C) 1/3 (उपज का एक-तिहाई)

व्याख्या: मुगल काल में भू-राजस्व उपज का 1/3 होता था (अकबर के समय में दहसाला प्रणाली से औसत निकालकर)।

Q87. ‘ज़कातकिस पर लगता था?

(A) हिंदू

(B) मुस्लिम

(C) जैन

(D) ईसाई

उत्तर: (B) मुस्लिम

व्याख्या: ज़कात इस्लामी कर है, जो मुस्लिमों पर लगता था (सामान्यतः 2.5% वार्षिक बचत पर)।

Q88. मुगल सेना के प्रमुख को क्या कहा जाता था?

(A) मीर बख्शी

(B) दीवान

(C) सद्र

(D) काज़ी

उत्तर: (A) मीर बख्शी

व्याख्या: मीर बख्शी मुगल सेना का प्रमुख होता था। वह मनसबदारों की नियुक्ति, वेतन, सैन्य अभियानों का प्रबंधन करता था।

Q89. मुगल काल में न्याय का प्रमुख अधिकारी कौन था?

(A) काज़ी-उल-क़ज़ात (प्रमुख काज़ी)

(B) दीवान

(C) मीर बख्शी

(D) मुफ्ती

उत्तर: (A) काज़ी-उल-क़ज़ात (प्रमुख काज़ी)

व्याख्या: काज़ी-उल-क़ज़ात (प्रमुख न्यायाधीश) मुगल साम्राज्य में सर्वोच्च न्यायिक अधिकारी था।

Q90. मुगल प्रशासन के केंद्र में वज़ीर‘ (प्रधानमंत्री) का क्या कार्य था?

(A) केवल राजस्व

(B) संपूर्ण प्रशासन का देखरेख

(C) केवल न्याय

(D) केवल सेना

उत्तर: (B) संपूर्ण प्रशासन का देखरेख

व्याख्या: वज़ीर (प्रधानमंत्री) प्रशासन का सबसे बड़ा अधिकारी होता था, जो सभी विभागों के कामों की देखरेख करता था।

Q91. मुगल काल में सद्र-उस-सुदूरका क्या कार्य था?

(A) सैन्य प्रबंधन

(B) धार्मिक एवं धर्मादाय मामले (उलमा के प्रमुख)

(C) राजस्व संग्रह

(D) नगर प्रशासन

उत्तर: (B) धार्मिक एवं धर्मादाय मामले (उलमा के प्रमुख)

व्याख्या: सद्र-उस-सुदूर (या सद्र) धार्मिक मामलों, धर्मादाय, शिक्षा, मदरसों का प्रमुख होता था।

Q92. अकबर ने सैनिकों एवं घोड़ों पर नियंत्रण के लिए कौन-सी प्रथा अपनाई?

(A) दाग एवं चिह्ना

(B) जजिया

(C) सुलह-ए-कुल

(D) मनसब

उत्तर: (A) दाग एवं चिह्ना

व्याख्या: अकबर ने दाग (घोड़ों पर दाग) और चिह्ना (सैनिकों का विवरण) प्रथा अलाउद्दीन खिलजी से ली, ताकि सेना में धोखाधड़ी रोकी जा सके।

Q93. ‘मुगलशब्द का क्या अर्थ है?

(A) फारसी

(B) मंगोल

(C) अफगान

(D) तुर्क

उत्तर: (B) मंगोल

व्याख्या: मुगलशब्द फारसी/अरबी मुग़ुलसे बना है, जिसका अर्थ मंगोल होता है। बाबर मंगोल (चंगेज खान) एवं तैमूर (मंगोल) का वंशज था।

Q94. मुगल प्रशासनिक भाषा क्या थी?

(A) तुर्की

(B) अरबी

(C) फारसी

(D) उर्दू

उत्तर: (C) फारसी

व्याख्या: मुगलों की प्रशासनिक भाषा फारसी थी। बाबर ने तुर्की (बाबरनामा‘) लिखा, परंतु प्रशासनिक कार्य फारसी में होते थे।

Q95. मुगल साम्राज्य का दूसरा संस्थापककिसे कहा जाता है?

(A) बाबर

(B) हुमायूँ

(C) अकबर

(D) औरंगजेब

उत्तर: (C) अकबर

व्याख्या: अकबर ने मनसबदारी प्रणाली, सूबा व्यवस्था, सुलह-ए-कुल, भू-राजस्व सुधार आदि किए, जिससे मुगल साम्राज्य स्थायी बना। इसलिए उसे दूसरा संस्थापककहा जाता है।

खंड F: मुगल स्थापत्य (प्रश्न 96–100)

Q96. ताजमहल किसने बनवाया?

(A) अकबर

(B) जहाँगीर

(C) शाहजहाँ

(D) औरंगजेब

उत्तर: (C) शाहजहाँ

व्याख्या: ताजमहल (आगरा) शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में 1632-1653 के बीच बनवाया। यह यूनेस्को विश्व धरोहर है।

Q97. ‘बुलंद दरवाजाकिसने बनवाया?

(A) अकबर

(B) जहाँगीर

(C) शाहजहाँ

(D) औरंगजेब

उत्तर: (A) अकबर

व्याख्या: बुलंद दरवाजा (ऊँचा गेट) अकबर ने गुजरात विजय (1601) की याद में फतेहपुर सीकरी में बनवाया था। यह विश्व का सबसे ऊँचा दरवाजा है (53 मी.)।

Q98. लाल किला (दिल्ली) किसने बनवाया?

(A) अकबर

(B) जहाँगीर

(C) शाहजहाँ

(D) औरंगजेब

उत्तर: (C) शाहजहाँ

व्याख्या: लाल किला (दिल्ली) शाहजहाँ ने 1638-1648 के बीच बनवाया था। इसमें दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास हैं।

Q99. फतेहपुर सीकरी किसके द्वारा बसाई गई?

(A) बाबर

(B) हुमायूँ

(C) अकबर

(D) शाहजहाँ

उत्तर: (C) अकबर

व्याख्या: अकबर ने फतेहपुर सीकरी (आगरा) को अपनी राजधानी बनाया (1571-1585)। यहाँ इबादतख़ाना, पंचमहल, सलीम चिश्ती की दरगाह, बुलंद दरवाजा स्थित हैं।

Q100. निम्नलिखित में से कौन-सा मुगल स्मारक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है?

(A) ताजमहल

(B) लाल किला

(C) फतेहपुर सीकरी

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

व्याख्या: ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, लाल किला, हुमायूँ का मकबरा – सभी मुगल स्मारक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं।

💡 BPSC PT हेतु विशेष टिप्स :

1. अकबर – मनसबदारी, सुलह-ए-कुल, दीन-ए-इलाही, जजिया हटाना – ये 4 विषय बार-बार पूछे जाते हैं।

2. औरंगजेब – जजिया पुनः लगाना (1679), दक्कन नीति, मराठों/सिखों/जाटों से युद्ध – पतन के कारण।

3. BPSC में तुलना – अशोक (धम्म) और अकबर (सुलह-ए-कुल) की तुलना धर्मनिरपेक्षता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

4. स्थापत्य – निर्माणकर्ता याद रखें (ताजमहल – शाहजहाँ; बुलंद दरवाजा – अकबर; फतेहपुर सीकरी – अकबर)।

5. प्रशासनिक शब्द – मनसब, जात, सवार, जागीर, ख़ालिसा, सूबेदार, दीवान, मीर बख्शी, काज़ी-उल-क़ज़ात।

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