दांडी मार्च (1930) – BPSC PT के लिए संपूर्ण नोट्स
1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (दांडी मार्च क्यों हुआ?)
BPSC में अक्सर पूछा जाता है कि दांडी मार्च क्यों शुरू किया गया। इसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
कारण विवरण
लाहौर कांग्रेस (1929) कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज (पूर्ण स्वतंत्रता) का लक्ष्य घोषित किया और सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने का अधिकार कार्यकारिणी को दिया
स्वतंत्रता दिवस (26 जनवरी 1930) इस दिन पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और स्वतंत्रता का संकल्प लिया गया
गांधीजी का अल्टीमेटम उन्होंने वायसराय लॉर्ड इरविन को 11 मांगों वाला पत्र भेजा; जब इसे अनदेखा किया गया तो सविनय अवज्ञा का रास्ता चुना गया
नमक कर का अत्याचार ब्रिटिश सरकार ने 1882 के नमक अधिनियम द्वारा नमक उत्पादन पर एकाधिकार कर लिया था, जिससे गरीब से गरीब व्यक्ति भी प्रभावित था
💡 परीक्षा ट्रिक: याद रखने के लिए – “लासवि” (LAASVI)
· L – लाहौर कांग्रेस (1929)
· A – अल्टीमेटम (गांधी-इरविन को)
· A – अधिनियम (नमक अधिनियम 1882)
· S – स्वतंत्रता दिवस (26 जनवरी)
· V – विदेशी वस्त्र बहिष्कार
· I – इनकार (करों का भुगतान न करना)
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2. दांडी मार्च का परिचय
विवरण जानकारी
अन्य नाम नमक सत्याग्रह, दांडी सत्याग्रह, नमक मार्च
प्रारंभ तिथि 12 मार्च 1930
समाप्ति तिथि 6 अप्रैल 1930
कुल अवधि 24 दिन
प्रारंभ स्थल साबरमती आश्रम, अहमदाबाद (गुजरात)
समाप्ति स्थल दांडी (गुजरात का नवसारी जिला)
कुल दूरी 240 मील (लगभग 386 किमी)
सहयोगियों की संख्या प्रारंभ में 78 अनुयायी
नमक कानून तोड़ने की तिथि 6 अप्रैल 1930 (सुबह समुद्र तट पर नमक बनाकर)
गांधीजी की गिरफ्तारी 4/5 मई 1930
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3. मार्च की मुख्य घटनाएँ (कालक्रम)
तिथि घटना
12 मार्च 1930 साबरमती आश्रम से 78 सत्याग्रहियों के साथ पदयात्रा प्रारंभ
12 मार्च – 5 अप्रैल 1930 24 दिनों तक 240 मील की यात्रा
5 अप्रैल 1930 दांडी गाँव पहुँचना
6 अप्रैल 1930 समुद्र के पानी से नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा
4/5 मई 1930 गांधीजी को गिरफ्तार किया गया
21 मई 1930 धरासना सत्याग्रह – सरोजिनी नायडू के नेतृत्व में 2500 सत्याग्रहियों ने नमक कारखाने पर मार्च किया
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4. BPSC के लिए विशिष्ट तथ्य (परीक्षा हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण)
🔑 अति महत्वपूर्ण तथ्य
तथ्य विवरण
किस आंदोलन की शुरुआत? सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement)
नारा किसने दिया? गांधीजी ने स्वयं नारा दिया – “करो या मरो” (Do or Die)
दूरी कितनी थी? 240 मील (386 किमी)
सबसे अधिक सत्याग्रही किस प्रांत से? बिहार (गांधीजी के दांडी मार्च में सबसे अधिक संख्या बिहार के सत्याग्रहियों की थी)
बिहार में प्रभाव चौकीदारी कर का भुगतान बंद – नो-टैक्स अभियान बिहार में अत्यधिक लोकप्रिय हुआ
✅ सही कथन (True Statements)
1. दांडी मार्च पूरी तरह से पैदल यात्रा थी
2. यह साबरमती आश्रम से शुरू होकर दांडी में समाप्त हुआ
3. मार्च 24 दिनों में पूरा हुआ
4. गांधीजी ने समुद्र तट पर नमक बनाया
5. इस मार्च का मुख्य उद्देश्य नमक कर का विरोध था
❌ असत्य कथन (False Statement)
· “मार्च 15 मार्च 1930 को शुरू हुआ” – गलत, यह 12 मार्च 1930 को शुरू हुआ
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5. दांडी मार्च के प्रभाव और परिणाम
राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव
प्रभाव विवरण
देशव्यापी आंदोलन पूरे भारत में सविनय अवज्ञा फैल गई; 60,000 से अधिक लोग गिरफ्तार हुए
विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार ब्रिटेन से कपड़े का आयात आधा हो गया
वन कानूनों की अवहेलना महाराष्ट्र में सामूहिक रूप से वन कानून तोड़े गए
प्रतिबंधित पुस्तकों का पठन बंगाल में जे.एन. सेनगुप्ता ने प्रतिबंधित पुस्तकें खुलेआम पढ़ीं
बिहार विशेष (BPSC के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण)
⭐ सबसे महत्वपूर्ण तथ्य: दांडी मार्च में बिहार के सत्याग्रहियों की संख्या सर्वाधिक थी
· चौकीदारी कर बंद – पूर्वी भारत (विशेषकर बिहार) में चौकीदारी कर का भुगतान करने से इनकार कर दिया गया
· नो-टैक्स अभियान – बिहार में यह अभियान बेहद लोकप्रिय हुआ
महिलाओं का योगदान
· सरोजिनी नायडू ने 21 मई 1930 को धरासना नमक कारखाने पर 2500 सत्याग्रहियों का नेतृत्व किया
· दांडी मार्च भारतीय महिलाओं के लिए सबसे मुक्तिदायक अनुभव था, जिसने उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र में प्रवेश दिलाया
अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव
· अमेरिकी पत्रकार वेब मिलर ने धरासना की घटना को रिकॉर्ड किया, जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटिश नीति के खिलाफ आक्रोश फैला
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6. महत्त्वपूर्ण परिणाम (गांधी-इरविन समझौता तक)
घटना तिथि
दांडी मार्च 12 मार्च – 6 अप्रैल 1930
गांधीजी की गिरफ्तारी 4/5 मई 1930
धरासना सत्याग्रह 21 मई 1930
गांधीजी की रिहाई जनवरी 1931
गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931
प्रथम गोलमेज सम्मेलन (कांग्रेस अनुपस्थित) नवम्बर 1930 – जनवरी 1931
द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (गांधीजी उपस्थित) सितम्बर-दिसम्बर 1931
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7. संक्षिप्त तुलना (पिछले आंदोलनों से)
तत्व असहयोग आंदोलन (1920-22) सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34)
शुरुआत खिलाफत के मुद्दे पर दांडी मार्च (नमक कर) से
मुख्य विधि स्कूल-कॉलेज बहिष्कार, विदेशी वस्त्र त्याग कानून तोड़ना (नमक, वन, कर)
हिंसा चौरी-चौरा (1922) के बाद वापसी शुरू से ही व्यापक, फिर भी अहिंसक
महिलाओं की भागीदारी सीमित बड़े पैमाने पर
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📝 BPSC PT मॉडल प्रश्न पत्र (दांडी मार्च पर आधारित)
निम्नलिखित प्रश्न BPSC की पैटर्न के अनुसार बनाए गए हैं। यहाँ दांडी मार्च संबंधी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न प्रस्तुत हैं:
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प्रश्न 1
दांडी मार्च किस आंदोलन की शुरुआत थी?
(A) असहयोग आंदोलन
(B) सविनय अवज्ञा आंदोलन
(C) भारत छोड़ो आंदोलन
(D) खिलाफत आंदोलन
उत्तर: (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन
व्याख्या: गांधीजी का दांडी मार्च 12 मार्च 1930 को शुरू हुआ और 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़कर इसने पूरे देश में सविनय अवज्ञा आंदोलन का सूत्रपात किया
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प्रश्न 2
दांडी मार्च कितने दिनों तक चला था?
(A) 10 दिन
(B) 20 दिन
(C) 24 दिन
(D) 30 दिन
उत्तर: (C) 24 दिन
व्याख्या: यह मार्च 12 मार्च 1930 से 6 अप्रैल 1930 तक चला, जो कुल 24 दिनों का था यह प्रश्न 66वीं BPSC प्रीलिम्स (2020) में पूछा गया था
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प्रश्न 3
गांधीजी ने नमक कानून कब तोड़ा था?
(A) 12 मार्च 1930
(B) 5 अप्रैल 1930
(C) 6 अप्रैल 1930
(D) 4 मई 1930
उत्तर: (C) 6 अप्रैल 1930
व्याख्या: 5 अप्रैल 1930 को गांधीजी दांडी पहुंचे और अगले दिन 6 अप्रैल 1930 को सुबह समुद्र के पानी से नमक बनाकर ब्रिटिश नमक कानून का उल्लंघन किया
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प्रश्न 4
गांधीजी के दांडी मार्च के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
(A) यह पूर्णतः एक पैदल यात्रा थी
(B) यह साबरमती आश्रम से आरम्भ होकर दांडी में समाप्त हुई
(C) पूरी यात्रा 24 दिनों में पूरी हुई
(D) इस मार्च की शुरुआत 15 मार्च 1930 को की गई थी
उत्तर: (D) इस मार्च की शुरुआत 15 मार्च 1930 को की गई थी
व्याख्या: दांडी मार्च 12 मार्च 1930 को शुरू हुआ था, 15 मार्च को नहीं। शेष सभी कथन सत्य हैं
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प्रश्न 5
गांधीजी के दांडी मार्च के समय वायसराय कौन थे?
(A) लॉर्ड मिंटो
(B) लॉर्ड चेम्सफोर्ड
(C) लॉर्ड इरविन
(D) लॉर्ड विलिंगडन
उत्तर: (C) लॉर्ड इरविन
व्याख्या: लॉर्ड इरविन (1926-1931) दांडी मार्च के समय भारत के वायसराय थे। गांधीजी ने उन्हें अल्टीमेटम दिया था और बाद में मार्च 1931 में गांधी-इरविन समझौते पर हस्ताक्षर हुए
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प्रश्न 6
गांधीजी की प्रसिद्ध ‘दांडी यात्रा‘ को क्या कहा जाता है?
(A) नमक सत्याग्रह
(B) चंपारण सत्याग्रह
(C) खेड़ा सत्याग्रह
(D) अहमदाबाद सत्याग्रह
उत्तर: (A) नमक सत्याग्रह
व्याख्या: दांडी मार्च को ‘नमक सत्याग्रह‘ और ‘दांडी सत्याग्रह‘ के नाम से भी जाना जाता है। यह ब्रिटिश नमक एकाधिकार के खिलाफ एक कर प्रतिरोध अभियान था
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प्रश्न 7
दांडी, जो गांधीजी के मार्च से संबंधित है, किस जिले में स्थित है?
(A) मेहसाणा
(B) भुज
(C) नवसारी
(D) द्वारका
उत्तर: (C) नवसारी
व्याख्या: दांडी गाँव गुजरात के नवसारी जिले में स्थित है। यह अरब सागर के तट पर बसा एक छोटा सा गाँव है
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प्रश्न 8
गांधीजी के दांडी मार्च के दौरान किस प्रांत से सबसे अधिक सत्याग्रहियों ने भाग लिया था?
(A) गुजरात
(B) महाराष्ट्र
(C) बंगाल
(D) बिहार
उत्तर: (D) बिहार
व्याख्या: यह BPSC के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य है। गांधीजी के दांडी मार्च में बिहार के सत्याग्रहियों की संख्या सर्वाधिक थी
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प्रश्न 9
निम्नलिखित में से किसने 21 मई 1930 को धरासना नमक कारखाने पर मार्च का नेतृत्व किया था?
(A) कमला नेहरू
(B) सरोजिनी नायडू
(C) अरुणा आसफ अली
(D) विजयलक्ष्मी पंडित
उत्तर: (B) सरोजिनी नायडू
व्याख्या: गांधीजी की गिरफ्तारी के बाद, कवियत्री सरोजिनी नायडू ने 21 मई 1930 को धरासना (मुंबई के पास) में लगभग 2500 सत्याग्रहियों का नेतृत्व किया
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प्रश्न 10
दांडी मार्च के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
1. यह 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू हुआ
2. गांधीजी के साथ 78 अनुयायी थे
3. यह मार्च 30 दिनों में पूरा हुआ
4. 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा गया
सही कूट का चयन करें:
(A) केवल 1, 2 और 3
(B) केवल 1, 2 और 4
(C) केवल 1, 3 और 4
(D) सभी 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (B) केवल 1, 2 और 4
व्याख्या: कथन 3 गलत है क्योंकि दांडी मार्च 24 दिनों में पूरा हुआ, 30 दिनों में नहीं। शेष सभी कथन सत्य हैं: 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से 78 अनुयायियों के साथ प्रारंभ, 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा गया
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✅ निष्कर्ष (परीक्षा हेतु सारांश)
तत्व एक पंक्ति में याद रखें
कब 12 मार्च – 6 अप्रैल 1930 (24 दिन)
कहाँ साबरमती आश्रम से दांडी (नवसारी, गुजरात) तक
दूरी 240 मील (386 किमी)
सहयोगी 78 अनुयायी
नमक कानून तोड़ा 6 अप्रैल 1930
किस आंदोलन की शुरुआत सविनय अवज्ञा आंदोलन
गांधी की गिरफ्तारी 4/5 मई 1930
धरासना का नेतृत्व सरोजिनी नायडू (21 मई 1930)
बिहार का योगदान सबसे अधिक सत्याग्रही + चौकीदारी कर बंद
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सुझाव: BPSC PT में दांडी मार्च से संबंधित प्रश्न लगभग हर वर्ष पूछे जाते हैं। विशेष ध्यान दें:
1. प्रारंभ और समाप्ति तिथि (12 मार्च – 6 अप्रैल 1930)
2. कुल दिन (24 दिन)
3. बिहार का योगदान – सबसे अधिक सत्याग्रही + चौकीदारी कर बंद
4. धरासना सत्याग्रह – सरोजिनी नायडू का नेतृत्व
5. गांधी-इरविन समझौते (5 मार्च 1931) से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है
इन नोट्स का बार-बार अवलोकन करें