बिहार का पर्यावरण एवं प्राणी उद्यान (Zoo) पर नोट्स

📝 भाग 1:

यह जानकारी BPSC प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा दोनों के लिए उपयोगी है।

1. बिहार का वन एवं वनस्पति क्षेत्र

बिहार का भौगोलिक क्षेत्रफल लगभग 94,163 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें वनों का क्षेत्रफल राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 7.76% है। यह राष्ट्रीय औसत (लगभग 21.7%) से काफी कम है।

वनों का वर्गीकरण:

· आरक्षित वन (Reserved Forest): लगभग 693 वर्ग किमी (10.08%)

· संरक्षित वन (Protected Forest): लगभग 6,183 वर्ग किमी (89.91%)

· अवर्गीकृत वन (Unclassed Forest): लगभग 1 वर्ग किमी (0.01%)

प्रमुख वन प्रकार:

1. उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन (Moist Deciduous Forest): किशनगंज, पश्चिम चम्पारण (तराई क्षेत्र) तथा सोमेश्वर पहाड़ियों में पाए जाते हैं। मुख्य वृक्ष: साल, शीशम, खैर, सेमल, आम, जामुन।

2. उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन (Dry Deciduous Forest): बिहार में सबसे अधिक पाया जाने वाला वन प्रकार। कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई, मुंगेर जिलों में विस्तृत। मुख्य वृक्ष: महुआ, खैर, पलाश, आंवला, हर्रा, बहेड़ा, अमलतास।

2. बिहार की जैव विविधता (जीव-जंतु)

बिहार में वन्यजीवों की विविधता पाई जाती है, विशेष रूप से वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और विभिन्न अभयारण्यों में।

प्रमु्य वन्यजीव अभयारण्य एवं राष्ट्रीय उद्यान:

नाम स्थान (जिला) विशेषता

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पश्चिम चम्पारण बिहार का एकमात्र टाइगर रिजर्व। यहाँ बाघ, तेंदुआ, हाथी, स्लॉथ बियर पाए जाते हैं।

कैमूर वन्यजीव अभयारण्य कैमूर, रोहतास बिहार का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य। चीतल, सांभर, नीलगाय, तेंदुआ पाए जाते हैं।

भीमबंध वन्यजीव अभयारण्य मुंगेर यहाँ जंगली सूअर, नीलगाय, तथा कई पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

गौतम बुद्ध वन्यजीव अभयारण्य गया

उदयपुर वन्यजीव अभयारण्य पश्चिम चम्पारण

3. बिहार में चिड़ियाघर (Zoo Safari)

प्राणी उद्यान (Zoo) वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

· राजगीर ज़ू सफारी (Rajgir Zoo Safari) :

  · उद्घाटन: 16 फरवरी, 2022 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा।

  · क्षेत्रफल: 480 एकड़ में फैला।

  · लागत: 176 करोड़ रुपये।

  · विशेषताएँ: इसमें बाघ, शेर, तेंदुआ, भालू और हिरण के लिए पाँच अलग-अलग बाड़े बनाए गए हैं। एक इंटरप्रिटेशन सेंटर और 180 डिग्री 3D थिएटर भी बनाया गया है।

· पटना ज़ू (Sanjay Gandhi Biological Park):

  · यह पटना में स्थित एक प्रमुख चिड़ियाघर है, जिसे जैविक उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ विभिन्न प्रजातियों के जानवर और पेड़-पौधे संरक्षित हैं।

4. बिहार की प्रमुख पर्यावरणीय चुनौतियाँ

· वायु प्रदूषण: पटना, गया, मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के बाद सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। वाहन उत्सर्जन, ईंट भट्टे (लगभग 4,500-5,000) और पराली जलाना मुख्य कारण हैं।

· जल प्रदूषण: गंगा नदी बिहार में अत्यधिक प्रदूषित है। BOD (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) का स्तर अक्सर 4-8 mg/L तक पहुँच जाता है, जबकि स्नान के लिए अनुमेय सीमा 3 mg/L है। आर्सेनिक का दूषण भोजपुर, बक्सर, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, लखीसराय और कटिहार जिलों में गंभीर समस्या है।

· भूजल दूषण: फ्लोराइड दूषण नवादा, गया, औरंगाबाद, रोहतास जिलों में प्रमुख समस्या है।

· जलवायु परिवर्तन: बिहार भारत के सबसे संवेदनशील राज्यों में से एक है। बाढ़ (22 जिले प्रभावित – 2023 के आंकड़े) और सूखा (गया, औरंगाबाद, रोहतास) यहाँ की प्रमुख समस्याएँ हैं।

· रामसर साइट्स (Ramsar Sites): हाल ही में बिहार के दो आर्द्रभूमियों (Wetlands) को रामसर साइट का दर्जा मिला है:

  1. गोकुल जलाशय (Gokul Jalashay): बक्सर जिला (गंगा नदी के किनारे बना ऑक्सबो झील)

  2. उदयपुर झील (Udaipur Jheel): पश्चिम चम्पारण जिला (प्रवासी पक्षियों का ठिकाना)

📄 भाग 2: BPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) के लिए मॉडल प्रश्नपत्र (व्याख्या सहित)

निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न के बाद व्याख्या दी गई है।

प्रश्न 1: बिहार के निम्नलिखित में से कौन सा वन्यजीव अभयारण्य प्रसिद्ध ‘वाल्मीकि टाइगर रिजर्व’ के रूप में जाना जाता है?

(A) कैमूर वन्यजीव अभयारण्य

(B) भीमबंध वन्यजीव अभयारण्य

(C) उदयपुर वन्यजीव अभयारण्य

(D) गौतम बुद्ध वन्यजीव अभयारण्य

सही उत्तर: (C) उदयपुर वन्यजीव अभयारण्य

व्याख्या: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पश्चिम चम्पारण जिले में स्थित है और यह बिहार का एकमात्र टाइगर रिजर्व है। उदयपुर वन्यजीव अभयारण्य इसी क्षेत्र का एक हिस्सा है। कैमूर बिहार का सबसे बड़ा अभयारण्य है लेकिन वह टाइगर रिजर्व नहीं है।

प्रश्न 2: ‘राजगीर ज़ू सफारी’ (Rajgir Zoo Safari) का उद्घाटन किस वर्ष किया गया था?

(A) 2016

(B) 2020

(C) 2022

(D) 2024

सही उत्तर: (C) 2022

व्याख्या: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 फरवरी, 2022 को राजगीर ज़ू सफारी का उद्घाटन किया था। इसका निर्माण 176 करोड़ रुपये की लागत से 480 एकड़ क्षेत्र में किया गया है।

प्रश्न 3: बिहार में स्थित ‘गोकुल जलाशय’ (Gokul Jalashay) को हाल ही में किस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के तहत वैश्विक महत्व की आर्द्रभूमि (Wetland) का दर्जा दिया गया है?

(A) मोंट्रो रिकॉर्ड (Montreux Record)

(B) रामसर सम्मेलन (Ramsar Convention)

(C) बॉन सम्मेलन (Bonn Convention)

(D) CITES

सही उत्तर: (B) रामसर सम्मेलन (Ramsar Convention)

व्याख्या: बिहार के बक्सर जिले में गंगा नदी के किनारे बने गोकुल जलाशय (ऑक्सबो झील) और पश्चिम चम्पारण की उदयपुर झील को रामसर साइट का दर्जा मिला है। रामसर सम्मेलन आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए 1971 में हुआ एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है।

प्रश्न 4: बिहार के निम्नलिखित जिलों में से कौन सा जिला भूजल में ‘आर्सेनिक’ प्रदूषण (Arsenic Contamination) से सबसे अधिक प्रभावित है?

(A) गया

(B) पूर्णिया

(C) भोजपुर

(D) कैमूर

सही उत्तर: (C) भोजपुर

व्याख्या: भोजपुर, बक्सर, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, लखीसराय और कटिहार जिले आर्सेनिक प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हैं। गया और कैमूर क्षेत्र फ्लोराइड प्रदूषण से अधिक प्रभावित हैं।

प्रश्न 5: बिहार के किस भौगोलिक क्षेत्र में ‘शुष्क पर्णपाती वन’ (Dry Deciduous Forest) सबसे अधिक पाए जाते हैं?

(A) उत्तरी (तराई) क्षेत्र

(B) दक्षिणी (पठारी) क्षेत्र

(C) पूर्वी (कोशी) क्षेत्र

(D) पश्चिमी (गंडक) क्षेत्र

सही उत्तर: (B) दक्षिणी (पठारी) क्षेत्र

व्याख्या: बिहार के दक्षिणी भाग में कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई आदि जिलों में शुष्क पर्णपाती वन पाए जाते हैं। यहाँ साल, महुआ, खैर, पलाश जैसे वृक्ष प्रमुखता से पाए जाते हैं और यह बिहार में सबसे व्यापक वन प्रकार है।

💡 अभ्यर्थियों के लिए सुझाव

1. आंकड़ों पर ध्यान दें: BPSC में अक्सर वन क्षेत्रफल (लगभग 7.76%), राष्ट्रीय औसत (21.7%), आर्सेनिक या फ्लोराइड प्रभावित जिलों के नाम जैसे तथ्य पूछे जाते हैं।

2. समसामयिक घटनाओं पर नजर रखें: हाल ही में बिहार को मिली रामसर साइटें (गोकुल जलाशय, उदयपुर झील) , राजगीर ज़ू सफारी , और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से जुड़ी खबरें परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

3. स्थानीय संदर्भ: केवल सामान्य ज्ञान ही नहीं, बल्कि बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व को ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ में कब शामिल किया गया, या बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (BSPCB) जैसे स्थानीय संस्थानों की भूमिका को भी पढ़ें।

नोट: यह मॉडल पेपर केवल आपकी तैयारी के लिए एक दिशा-निर्देश है। BPSC में प्रश्नों का स्तर कठिन हो सकता है, इसलिए मानक पुस्तकों के साथ-साथ ‘द हिंदू’ या स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित बिहार से जुड़ी पर्यावरणीय खबरों पर भी नजर रखें।

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