दिल्ली सल्तनत (1206–1526 ई.) विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र

यहाँ BPSC परीक्षा के लिए दिल्ली सल्तनत के विस्तृत नोट्स हिंदी में दिए गए हैं। यह नोट्स मुख्य रूप से 69वीं, 67वीं, 66वीं BPSC जैसी प्रीलिम्स परीक्षाओं के पिछले वर्षों के प्रश्नों के विश्लेषण पर आधारित हैं ।


दिल्ली सल्तनत (1206–1526 ई.)

परिचय: यह काल मध्यकालीन भारत के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थापत्य कला, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक-सांस्कृतिक मिश्रण की दृष्टि से इसका विशेष महत्व है। सल्तनत काल में पाँच प्रमुख वंशों ने शासन किया ।


  1. प्रमुख वंश एवं शासक (क्रमबद्ध)

(क) गुलाम वंश (1206–1290)

· कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210):
· दिल्ली सल्तनत का संस्थापक (मोहम्मद गौरी का गुलाम)।
· उपाधि: लाख बख्श (दानशीलता के कारण)।
· निर्माण: कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद (दिल्ली), अढ़ाई दिन का झोंपड़ा (अजमेर)।
· घुड़साल (पोलो) खेलते समय मृत्यु।
· इल्तुतमिश (1211-1236):
· दिल्ली सल्तनत का वास्तविक संस्थापक एवं प्रथम संप्रभु शासक (खलीफा से मान्यता प्राप्त) ।
· मंगोल आक्रमणकारी चंगेज खान से भारत को बचाया।
· चालीसा दल (तुर्की कुलीन वर्ग) का गठन, दक्खन में सिक्के (तांबे का टंका व चांदी का जीतल) चलाए ।
· कुतुब मीनार का निर्माण पूरा कराया।
· रजिया सुल्तान (1236-1240):
· भारत की प्रथम और अंतिम मुस्लिम महिला शासक।
· चालीसा दल (तुर्की सरदारों) के विरोध के कारण अपदस्थ एवं पराजित।
· गियासुद्दीन बलबन (1266-1287):
· ‘लोहू और इस्पात’ (ब्लड एंड आयरन) की नीति ।
· राजत्व का सिद्धांत: ‘नायब-ए-खुदाई’ (ईश्वर का प्रतिनिधि)।
· सिजदा (पैर छूना) एवं पैबोस (चरण चुम्बन) की प्रथा लागू की।
· सैन्य विभाग: ‘दीवान-ए-अर्ज’ की स्थापना ।
· ईरानी त्योहार ‘नौरोज’ की शुरुआत ।

(ख) खिलजी वंश (1290–1320)

· जलालुद्दीन खिलजी (1290-1296):
· ‘खिलजी क्रांति’ (तुर्की वर्चस्व का अंत, अफगानों का उदय) ।
· अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316):
· सैन्य सुधार: दाग (घोड़ों की दागना) एवं चेहरा (सैनिकों का ब्यौरा) ।
· बाजार नियंत्रण: वस्तुओं के दाम तय किए (मूल्य नियंत्रण प्रणाली)।
· निर्माण: अलाई दरवाजा (कुतुब मीनार परिसर), सिरी शहर (नई राजधानी) ।
· दक्षिण भारत में विस्तार (मलिक काफूर के नेतृत्व में)।

(ग) तुगलक वंश (1320–1414)

· गियासुद्दीन तुगलक (1320-1325):
· तुगलकाबाद शहर की स्थापना (दिल्ली का तीसरा शहर) ।
· मुहम्मद बिन तुगलक (1325-1351):
· ‘विक्षिप्त विचारों वाला बुद्धिमान व्यक्ति’ (इब्न बतूता)।
· चार विवादास्पद प्रयोग:
1. राजधानी स्थानांतरण: दिल्ली → दौलताबाद।
2. संकेत मुद्रा (तांबे के सिक्के चांदी के समान मूल्य के) – असफल ।
3. खुरासान अभियान – असफल।
4. कराचिल अभियान (कुमाऊँ गढ़वाल) – असफल।
· फिरोजशाह तुगलक (1351-1388):
· जजिया (ब्राह्मणों पर भी लगाया), गारी (मकान कर), चराई (चरागाह कर)।
· नहरों का निर्माण (हांसी, हिसार, फिरोजाबाद)।
· कुतुब मीनार की पांचवीं मंजिल का निर्माण ।
· तैमूर का आक्रमण (1398) – दिल्ली लूट, सल्तनत कमजोर हुई।

(घ) सैय्यद वंश (1414–1451) एवं लोदी वंश (1451–1526)

· सैय्यद वंश: तैमूर के प्रतिनिधि खिज्र खान द्वारा स्थापित ।
· लोदी वंश (अफगान वंश):
· सिकंदर लोदी (1489-1517): आगरा शहर की स्थापना, जजिया कर लगाया।
· इब्राहिम लोदी (1517-1526): पानीपत का प्रथम युद्ध (1526) में बाबर से हार, सल्तनत का अंत।


  1. प्रशासनिक ढांचा (परीक्षा विशेष)

· इकता प्रणाली: प्रांतों का गवर्नर (मुकती)। राजस्व वसूली एवं सेना रखरखाव का अधिकार ।
· ग्राम प्रशासन:
· मुकद्दम या चौधरी: गाँव का सरपंच (मुखिया) ।
· पटवारी: गाँव का लेखाकार ।
· केंद्रीय विभाग:
· दीवान-ए-अर्ज: सैन्य विभाग (बलबन) ।
· दीवान-ए-रसालत: विदेश विभाग।
· दीवान-ए-इंशा: राजकीय पत्राचार विभाग।


  1. कला एवं स्थापत्य (पिछले वर्षों के प्रश्न)

· भारत में पहली वास्तविक मेहराब: बलबन के मकबरे में ।
· भारत में पूर्णतः इस्लामी शैली का पहला मकबरा: बलबन का मकबरा ।
· घोड़े की नाल के आकार की मेहराब (ट्यूडर आर्च): अलाई दरवाजा (अलाउद्दीन खिलजी) ।
· कागज का प्रयोग: भारत में 12वीं शताब्दी से प्रारंभ ।

✍️ नोट्स तैयार करने का सुझाव:

BPSC में अक्सर बलबन की नीतियों, मुहम्मद बिन तुगलक के प्रयोगों, अलाउद्दीन के बाजार सुधारों और प्रशासनिक पदों (जैसे मुकद्दम) से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। इन बिंदुओं को विशेष रूप से रट लें।

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