NCERT कक्षा 7 (हमारे अतीत-II) अध्याय 9 – “क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माण” – का BPSC PT

क्षेत्रीय संस्कृतियाँ – विस्तृत नोट्स (BPSC PT विशेष)

नीचे NCERT कक्षा 7 (हमारे अतीत-II) अध्याय 9 – “क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माण” – का BPSC PT के परिप्रेक्ष्य में विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत है। इस अध्याय में बंगाल, कश्मीर, राजपूताना एवं अन्य क्षेत्रों में क्षेत्रीय पहचान, भाषा, साहित्य, कला एवं परंपराओं के विकास का वर्णन है।

खंड 1: क्षेत्रीय संस्कृतियाँ – परिचय एवं परिभाषा

1.1 एक नजर में (तथ्य)

क्षेत्रीय संस्कृति क्या है?

· क्षेत्रीय संस्कृति का अर्थ है – किसी विशेष क्षेत्र (प्रदेश) की भाषा, साहित्य, कला, रिवाज, लोक देवताओं, त्योहारों, खान-पान, वेशभूषा से निर्मित सांस्कृतिक पहचान।

· यह प्रशासनिक सीमाओं (राज्यों) से अलग होती है – उदाहरण: ब्रज क्षेत्र (उत्तर प्रदेश और राजस्थान दोनों में फैला) की अपनी अलग भाषा-परंपरा है।

क्षेत्रीय पहचान के विकास के कारण :

कारण विवरण

क्षेत्रीय भाषाओं का उदय संस्कृत के बजाय स्थानीय भाषाएँ (मैथिली, ब्रज, अवधी, राजस्थानी, बंगला, कश्मीरी, तमिल, तेलुगु) साहित्य, प्रशासन, भक्ति में प्रयुक्त हुईं

स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा हर क्षेत्र के अपने लोक देवता (बंगाल – मनसा, चंडी, शीतला; राजस्थान – तेजाजी, पाबूजी, गोगाजी; केरल – भगवती; महाराष्ट्र – खंडोबा)

क्षेत्रीय साहित्य एवं ग्रंथ कल्हण की राजतरंगिणी‘ (कश्मीर), ‘मंगलकाव्य‘ (बंगाल), ‘पृथ्वीराज रासो‘ (राजस्थान), ‘लिलातिलकम‘ (केरल) – इन ग्रंथों ने क्षेत्रीय इतिहास एवं संस्कृति को संरक्षित किया

क्षेत्रीय कला एवं स्थापत्य पट्टचित्र (बंगाल), पिछवाई (राजस्थान), मधुबनी (बिहार), कथकली (केरल), भरतनाट्यम (तमिलनाडु) – प्रत्येक क्षेत्र का अपना नृत्य-चित्रकला शैली

राज्यों का उदय एवं प्रश्रय चोल (तमिलनाडु), चालुक्य (कर्नाटक), पाल (बिहार-बंगाल), राष्ट्रकूट (महाराष्ट्र-कर्नाटक), राजपूत राज्यों (राजस्थान) ने स्थानीय भाषाओं एवं परंपराओं को संरक्षण दिया

भक्ति एवं सूफी आंदोलन संतों ने स्थानीय भाषाओं (ब्रज, अवधी, मराठी, बंगला, तमिल) में रचनाएँ कीं, जिससे क्षेत्रीय पहचान मजबूत हुई

क्षेत्रीय पहचान बनाम राष्ट्रीय पहचान :

· क्षेत्रीय पहचान समकालीन राजनीति से अलग थी। उदाहरण: ब्रज क्षेत्रीय भाषा-साहित्य (सूरदास) उत्तर प्रदेश और राजस्थान दोनों में विकसित हुआ – इसने किसी एक राज्य की राजनीतिक सीमा को नहीं माना।

· क्षेत्रीय पहचान का विकास स्थानीय संस्कृति (भाषा, देवता, रीति-रिवाज) से हुआ, न कि प्रशासनिक इकाइयों से।

खंड 2: बंगाल की क्षेत्रीय संस्कृति

2.1 एक नजर में (तथ्य)

बंगाल की संस्कृति के प्रमुख तत्व :

तत्व विवरण

भौगोलिक प्रभाव गंगा नदी का डेल्टा क्षेत्र – उपजाऊ भूमि, बारिश, नदियों ने जीवन शैली को आकार दिया

भाषा बंगला (प्राकृत/अपभ्रंश से विकसित, 10वीं शताब्दी से स्वतंत्र साहित्य)

साहित्य (मध्यकाल) मंगलकाव्य – स्थानीय देवी-देवताओं (मनसा, चंडी, शीतला, धर्म ठाकुर) की कहानी, लोककाव्य

चित्रकला पट्टचित्र (पटुआ) – रंगीन कपड़े या पट्ट (कागज) पर चित्र, पौराणिक कथाओं (मनसा मंगल, रामायण, कृष्ण लीला) का चित्रण

लोक देवता मनसा (साँप देवी), चंडी (देवी), शीतला (चेचक/माता), धर्म ठाकुर (बंगाल के स्थानीय देवता)

नृत्य-संगीत बाउल – फकीरों का लोक संगीत (लालन फकीर प्रसिद्ध); कीर्तन, भाटियाली (नाविक गीत)

स्थापत्य बांस-बल्ली के घर (डेल्टा क्षेत्र); टेराकोटा मंदिर (मृण्मय ईंटों पर चित्रकारी)

मंगलकाव्य (Mangal Kavya) :

· मंगलकाव्य बंगाली भाषा का एक लोक महाकाव्य है – यह स्थानीय देवी-देवताओं (मनसा, चंडी, शीतला) की स्तुति में लिखा जाता है।

· प्रसिद्ध मंगलकाव्य :

  · ‘चंडी मंगल‘ – कवि मुकुंदराम चक्रवर्ती (16वीं शती) द्वारा रचित। इसमें देवी चंडी (दुर्गा) का वर्णन।

  · ‘मनसा मंगल‘ – कवि विप्रदास पिपलाई (15वीं शती) एवं केतकदास क्षेमानंद द्वारा रचित। इसमें देवी मनसा (सर्प देवी) का वर्णन।

  · ‘शीतला मंगल‘ – देवी शीतला (चेचक की देवी) की स्तुति।

· महत्व: मंगलकाव्यों ने बंगाली भाषा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और क्षेत्रीय देवी देवताओं को लोकप्रिय बनाया।

पट्टचित्र (Pattachitra) :

· ‘पट्ट‘ (कपड़ा/कागज) + चित्र‘ (चित्र) – कपड़े या कागज पर हाथ से चित्रित चित्र।

· शैली: चमकीले रंग (लाल, पीला, हरा, काला), सीधी रेखाएँ, प्रायः पौराणिक कथाओं (रामायण, कृष्ण लीला, मनसा मंगल) का चित्रण।

· कलाकार: पटुआसमुदाय (चित्रकार) – वे गाँव-गाँव घूमते और चित्र दिखाकर, गाकर कथा सुनाते थे।

· विषय: मुख्यतः देवी मनसा, चंडी, कृष्ण-राधा, रामायण के दृश्य।

· समकालीन: पट्टचित्र अब भी पश्चिम बंगाल (बीरभूम, मेदिनीपुर) और ओडिशा (पुरी) में बनते हैं।

बंगाली भाषा का विकास :

काल विकास

10वीं-12वीं शती चर्यापद (बौद्ध दोहा संग्रह) – बंगाली का सबसे प्राचीन रूप

14वीं-15वीं शती मंगलकाव्य (विप्रदास पिपलाई, बिहारी मल्लिक)

16वीं शती चैतन्य महाप्रभु का कीर्तन; मुकुंदराम (चंडी मंगल); कृष्णदास कविराज (चैतन्य चरितामृत)

17वीं-18वीं शती रामप्रसाद सेन (शक्ति कवि), भारतचंद्र रायगुणाकर (अन्नदा मंगल)

BPSC विशेष: बंगाल में पट्टचित्र एवं मंगलकाव्य – दोनों ही क्षेत्रीय पहचान के निर्माण के प्रमुख उदाहरण हैं। प्रश्न पूछे जा सकते हैं – पट्टचित्रकिस क्षेत्र की कला है? ‘मंगलकाव्यकिन देवी-देवताओं से संबंधित है?

खंड 3: कश्मीर की क्षेत्रीय संस्कृति

3.1 एक नजर में (तथ्य)

कश्मीर की संस्कृति के प्रमुख तत्व :

तत्व विवरण

भौगोलिक प्रभाव हिमालय की घाटी – झेलम नदी, डल झील, पहाड़, श्रीनगर

भाषा कश्मीरी (दार्दिक/द्रविड़? वास्तव में इंडो-आर्यन भाषा, परंतु प्रभाव कई)

प्राचीन ग्रंथ नीलमत पुराण (7वीं शती) – कश्मीर के धर्म, भूगोल, जलाशयों, नदियों, रीति-रिवाजों का वर्णन

इतिहास ग्रंथ कल्हण की राजतरंगिणी‘ (1148-49 ई.) – कश्मीर के राजाओं का संस्कृत महाकाव्य (प्राचीन भारत का सबसे पूर्ण इतिहास ग्रंथ)

लोक देवता शिव (कश्मीरी शैव) – अद्वैत शैव दर्शन (अभिनवगुप्त, उत्पलदेव, क्षेमराज) – 9वीं-10वीं शती में विकसित

स्थापत्य मार्तंड सूर्य मंदिर (8वीं शती) – गुजर-प्रतिहार शैली, अब खंडहर; शंकराचार्य मंदिर (तख्त-ए-सुलेमान); जामा मस्जिद (श्रीनगर)

हस्तशिल्प पश्मीना शॉल (ऊन), कश्मीरी कालीन, बस्तर कला, पपीयर माचे (लकड़ी का काम)

पर्यटन स्थल डल झील, मुगल गार्डन (शालीमार, निशात), गुलमर्ग, पहलगाम

नीलमत पुराण :

· रचना: 7वीं शताब्दी ई. में संस्कृत में रचित।

· विषय: कश्मीर के भूगोल (नदियाँ, पहाड़, झीलें), धार्मिक रीति-रिवाज, स्नान तीर्थ, देवी-देवताओं (शिव, विष्णु, सूर्य, उमा), उत्सव, लोककथाओं का विवरण।

· महत्व: यह कश्मीर के प्राचीन सांस्कृतिक इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है।

कल्हण की राजतरंगिणी‘ (1148-49 ई.) :

· रचनाकार: कल्हण (कश्मीरी ब्राह्मण, 12वीं शताब्दी)।

· भाषा: संस्कृत (प्राकृत शैली में महाकाव्य)।

· विषय: कश्मीर के राजाओं का इतिहास – पौराणिक काल (गोनंद प्रथम) से लेकर समकालीन राजा जयसिंह (1148 ई.) तक।

· विभाग: 8 तरंग (लहरें/अध्याय)।

· महत्व: यह प्राचीन भारत का पहला विश्वसनीय इतिहास ग्रंथ है। कल्हण ने शिलालेखों, पुराणों, पूर्व लेखकों एवं मौखिक परंपराओं का उपयोग किया।

· BPSC विशेष: कल्हण की राजतरंगिणीसे बिहार (पाल वंश) के बारे में भी कुछ जानकारी मिलती है, परंतु मुख्यतः कश्मीर से संबंधित है।

कश्मीरी शैव दर्शन :

· विकास: 9वीं-10वीं शताब्दी में अभिनवगुप्त (950-1016 ई.), उत्पलदेव, क्षेमराज द्वारा विकसित।

· सिद्धांत: प्रत्यभिज्ञा (आत्म-पहचान – जीव शिव को पहचानता है); त्रिक (तीन – शिव, शक्ति, अणु); स्पंद (स्पंदन)।

· महत्व: कश्मीर की दार्शनिक क्षेत्रीय पहचान का प्रतीक।

BPSC विशेष: कल्हण की राजतरंगिणी से प्रश्न पूछे जाते हैं – राजतरंगिणीकिस क्षेत्र का इतिहास है? ‘राजतरंगिणीके रचयिता कौन हैं? नीलमत पुराण भी पूछा जा सकता है।

खंड 4: राजपूताना (राजस्थान) की क्षेत्रीय संस्कृति

4.1 एक नजर में (तथ्य)

राजपूताना संस्कृति के प्रमुख तत्व :

तत्व विवरण

भौगोलिक प्रभाव थार रेगिस्तान, अरावली पर्वत, चंबल नदी – वीरता, किले, संघर्ष की संस्कृति

भाषा राजस्थानी (मारवाड़ी, मेवाड़ी, ढूंढाड़ी, हाड़ौती, शेखावाटी)

साहित्य (मध्यकाल) पृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई) – पृथ्वीराज चौहान की वीरता; गाथाएँ; चारण साहित्य

वीरता एवं गाथा तेजाजी, पाबूजी, गोगाजी, बाघ सिंह, दुर्गादास – लोक देवताओं/वीरों की कहानियाँ

लोक देवता गोगाजी (साँप देवता), तेजाजी (नाग), पाबूजी (रामदेवजी), मेहा (माँ – कर्णी माता)

नृत्य-संगीत घूमर, कालबेलिया (साँप जाति), भवई; मांड, पंखी (लोक गीत)

चित्रकला मेवाड़ शैली, मारवाड़ शैली, बूंदी शैली, किशनगढ़ शैली (राजस्थानी लघुचित्र)

स्थापत्य किले (चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभोर, जैसलमेर), हवेलियाँ (जैसलमेर, बीकानेर), जलमहल (उदयपुर)

त्योहार दशहरा (चित्तौड़), गणगौर, तीज, मकर संक्रांति

पृथ्वीराज रासो‘ (Prithviraj Raso) :

· रचनाकार: चंदबरदाई (चारण कवि, पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि) – 12वीं शती।

· भाषा: पुरानी राजस्थानी / डिंगल (चारण भाषा)।

· विषय: पृथ्वीराज चौहान (चौहान वंश) की वीरता, प्रेम (संयोगिता से प्रेम), एवं मुहम्मद गोरी (तराईन युद्ध 1192) से युद्ध का वर्णन।

· महत्व: यह राजपूताना (राजस्थान) के वीरतापूर्ण अतीत का महिमामंडन करती है। हालाँकि यह पूर्णतः ऐतिहासिक नहीं है, फिर भी यह क्षेत्रीय गौरव का प्रतीक है।

· BPSC विशेष: चंदबरदाई और पृथ्वीराज रासो से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

राजपूताना में वीरता का महिमामंडन‘ :

· राजपूत राज्यों में वीरता, सम्मान, शौर्य, बलिदान – इनका गुणगान किया जाता था।

· चारण (भाट) कवि राजाओं की वीरता की गाथाएँ लिखते और गाते थे – इससे क्षेत्रीय पहचान मजबूत हुई।

· जौहर (सामूहिक आत्मदाह) और सती (पति के साथ जल जाना) प्रथा का भी महिमामंडन किया गया (हालाँकि बाद में समाप्त की गई)।

· तेजाजी, पाबूजी राठौड़ जैसे लोक नायकों ने अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया और उन्हें लोक देवता का दर्जा मिला।

राजस्थानी लघुचित्र (चित्रकला शैलियाँ) :

शैली विकास काल विशेषता

मेवाड़ 16वीं-17वीं शती चित्तौड़ से संबंध, प्रबल रंग, रामायण/प्रेम गाथाएँ

मारवाड़ (जोधपुर) 17वीं-18वीं शती दरबारी दृश्य, मेवाड़ के समान, परंतु अधिक नाटकीय

बूंदी 17वीं शती नीले-हरे रंगों का प्रयोग, रागमाला चित्र

किशनगढ़ 18वीं शती बानी-ठनी शैली (नायिका का आदर्श रूप), सूक्ष्म विवरण

जयपुर 18वीं-19वीं शती मुगल प्रभाव, परिदृश्य चित्र

BPSC विशेष: राजपूताना के लोक देवता एवं चित्रकला शैलियों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। राजपूताना में परंपराओं का महिमामंडनका अर्थ – वीरता, शौर्य, बलिदान की कहानियों (जैसे पृथ्वीराज रासो) को उत्सवपूर्वक कहना-लिखना।

खंड 5: केरल (मालाबार) की क्षेत्रीय संस्कृति

5.1 एक नजर में (तथ्य)

केरल की संस्कृति के प्रमुख तत्व :

तत्व विवरण

भाषा मलयालम (द्रविड़ परिवार, संस्कृत का गहरा प्रभाव – मणिप्रवालमशैली)

साहित्य लिलातिलकम (14वीं शती) – मलयालम व्याकरण एवं काव्यशास्त्र का प्राचीन ग्रंथ

रामायण-महाभारत मलयालम में अनुवाद (एझुतच्छन – अध्यात्म रामायणके रचयिता)

नृत्य-नाट्य कथकली – मूकाभिनय एवं हस्तमुद्राओं पर आधारित रंगमंच; मोहिनीअट्टम (एकल नृत्य)

संगीत सोपान संगीत (मंदिर संगीत), कर्नाटक संगीत (प्रभाव)

त्योहार ओणम, विशु, त्रिशूर पूरम

प्राचीन रचना शिलप्पदिकारम‘ (तमिल एवं मलयालम दोनों से संबंधित – इलंगो अडिगल)

लिलातिलकम (Lilatilakam) :

· रचना: 14वीं शताब्दी (ग्रंथ का रचयिता अज्ञात, परंतु केरल के विद्वान द्वारा संस्कृत में रचित)।

· भाषा: संस्कृत (मलयालम का वर्णन करता है)।

· विषय: मलयालम भाषा का व्याकरण, काव्यशास्त्र, भाषा विकास, क्षेत्रीय साहित्य का सिद्धांत।

· महत्व: मलयालम भाषा के प्राचीनतम व्याकरण ग्रंथों में से एक; यह बताता है कि मलयालम तमिल से अलग होकर कैसे स्वतंत्र भाषा बनी।

कथकली :

· विकास: 16वीं-17वीं शताब्दी में केरल में विकसित नृत्य-नाट्य शैली।

· विशेषता: मूकाभिनय (कोई संवाद नहीं) – केवल हस्त मुद्राओं (हाथों के संकेत) एवं चेहरे के भाव (नवरस) से कथा सुनाना।

· साहित्य: कथकली आट्टकथा (गीत) – रामायण, महाभारत, पुराणों से ली गई।

· वेशभूषा: भव्य, रंगीन, गहरे रंगों की; चेहरे पर हरा रंग राक्षसों, पीला स्त्रियों, लाल दुष्टों के लिए।

· BPSC विशेष: कथकली केरल की सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य शैली है।

खंड 6: अन्य क्षेत्रों की संस्कृतियाँ (संक्षिप्त)

6.1 बिहार (मैथिली एवं भोजपुरी क्षेत्र) – NCERT में स्पष्ट नहीं, परंतु BPSC के लिए महत्वपूर्ण

तत्व विवरण

भाषा मैथिली, भोजपुरी, मगही, अंगिका (भोजपुरी – हिंदी की बोली, मैथिली – नेपाल-बिहार में)

साहित्य विद्यापति (14वीं-15वीं शती) – मैथिली के सर्वश्रेष्ठ कवि; श्री गीत गोविंद (कृष्ण भक्ति)

चित्रकला मधुबनी (मिथिला चित्रकला) – स्त्रियों द्वारा घर की दीवारों पर बनाई जाने वाली ज्यामितीय, प्राकृतिक चित्र

लोक देवता गोसाइं (शिव), सीता (जनकपुर), बाबा मनींद्र (स्थानीय)

त्योहार छठ (बिहार का सबसे प्रसिद्ध त्योहार – सूर्य पूजा), श्रावणी मेला (सुल्तानगंज), रामनवमी

मधुबनी चित्रकला :

· क्षेत्र: मिथिला (बिहार का दरभंगा, मधुबनी जिले) और नेपाल का तराई क्षेत्र।

· शैली: स्त्रियों द्वारा घर की दीवारों पर बनाई जाती है – सामान्यतः ज्यामितीय पैटर्न, पौधे, जानवर, प्राकृतिक रंग (हल्दी, सिन्दूर, नीला, गेरू)।

· विषय: विवाह, सीता-राम, कृष्ण-लीला, देवी-देवता।

· समकालीन: अब कागज एवं कपड़े पर भी बनाई जाती है। BPSC में पूछा जा सकता है – मधुबनी चित्रकलाकिस राज्य/क्षेत्र से संबंधित है?

6.2 पंजाब

तत्व विवरण

भाषा पंजाबी (गुरमुखी लिपि)

साहित्य गुरु नानक (जपुजी साहिब); गुरु ग्रंथ साहिब (सिख धर्मग्रंथ)

लोक नृत्य भंगड़ा (फसल कटाई), गिद्दा (महिलाओं का नृत्य)

त्योहार बैसाखी, लोहड़ी, गुरु पर्व

6.3 असम

तत्व विवरण

भाषा असमिया (15वीं शती से साहित्य)

साहित्य शंकरदेव (15वीं-16वीं शती) – बरगीत (भक्ति गीत); सत्रिया नृत्य

लोक नृत्य बिहू (फसल उत्सव नृत्य)

खंड 7: तुलनात्मक सारणी (क्षेत्रीय संस्कृतियाँ)

क्षेत्र प्रमुख भाषा प्रसिद्ध ग्रंथ/साहित्य चित्रकला/कला लोक देवता/नृत्य स्थापत्य विशेषता

बंगाल बंगला मंगलकाव्य (मनसा, चंडी), चैतन्य चरितामृत पट्टचित्र बाउल संगीत, कीर्तन टेराकोटा मंदिर

कश्मीर कश्मीरी (प्राचीन: संस्कृत) राजतरंगिणी (कल्हण), नीलमत पुराण पश्मीना शॉल, कालीन कश्मीरी शैव (अभिनवगुप्त) मार्तंड मंदिर, डल झील

राजपूताना राजस्थानी पृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई) मेवाड़, बूंदी, किशनगढ़ लघुचित्र घूमर, कालबेलिया, तेजाजी, गोगाजी चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, जलमहल

केरल मलयालम लिलातिलकम, अध्यात्म रामायण (एझुतच्छन) कथकली, मोहिनीअट्टम सोपान संगीत मंदिर (तिरुवनंतपुरम)

बिहार (BPSC विशेष) मैथिली, भोजपुरी, मगही विद्यापति (मैथिली कवि) मधुबनी चित्रकला छठ पूजा, सीता (जनकपुर) महाबोधि मंदिर (गया), नालंदा विश्वविद्यालय

खंड 8: BPSC परीक्षा दृष्टिकोण – व्याख्या

प्रश्न 1: क्षेत्रीय पहचान का विकास कैसे हुआ?

उत्तर: क्षेत्रीय पहचान का विकास निम्नलिखित कारकों से हुआ :

1. क्षेत्रीय भाषाओं का उदय (सबसे महत्वपूर्ण):

   · संस्कृत के स्थान पर बंगला, राजस्थानी, मैथिली, ब्रज, अवधी, तमिल, तेलुगु, मराठी ने साहित्य, प्रशासन, भक्ति में स्थान बनाया।

   · इन भाषाओं में लोक काव्य (मंगलकाव्य, राजतरंगिणी, पृथ्वीराज रासो) लिखे गए – इन्होंने क्षेत्रीय इतिहास एवं गौरव को संरक्षित किया।

2. स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा:

   · हर क्षेत्र के अपने लोक देवता – बंगाल में मनसा, चंडी, शीतला; राजस्थान में तेजाजी, पाबूजी, गोगाजी; केरल में भगवती; महाराष्ट्र में खंडोबा; बिहार में छठ (सूर्य देवता)।

   · इन स्थानीय देवताओं ने क्षेत्रीय धार्मिक पहचान को बल दिया।

3. क्षेत्रीय साहित्य एवं ग्रंथ:

   · कल्हण की राजतरंगिणी – कश्मीर का इतिहास

   · नीलमत पुराण – कश्मीर के रीति-रिवाज

   · मंगलकाव्य – बंगाल के स्थानीय देवता

   · पृथ्वीराज रासो – राजपूताना की वीरता

   · लिलातिलकम – मलयालम भाषा का व्याकरण

   · विद्यापति – मैथिली साहित्य

   · इन रचनाओं ने क्षेत्रीय इतिहास, भाषा, संस्कृति को संरक्षित किया और क्षेत्रीय गौरव बढ़ाया।

4. क्षेत्रीय कला एवं स्थापत्य:

   · पट्टचित्र (बंगाल), मधुबनी (बिहार), राजस्थानी लघुचित्र, कथकली (केरल) – हर क्षेत्र की अपनी कला शैली बनी।

   · किले, मंदिर, मस्जिद, स्मारक ने क्षेत्रीय पहचान को भौतिक रूप दिया (चित्तौड़गढ़ किला, ताजमहल – परंतु राष्ट्रीय स्तर पर)।

5. राज्यों का संरक्षण:

   · पाल वंश (बंगाल-बिहार) ने बंगला भाषा एवं बौद्ध साहित्य को बढ़ावा दिया।

   · राजपूत राजाओं ने राजस्थानी लघुचित्र, वीरता गाथाएँ (चारण कवि) संरक्षित कीं।

   · चोल (तमिलनाडु) ने तमिल साहित्य एवं मंदिर स्थापत्य को बढ़ावा दिया।

निष्कर्ष: क्षेत्रीय पहचान का विकास समकालीन राजनीति से अलग हुआ – यानी, यह राज्यों की सीमाओं में बंधी नहीं, बल्कि भाषा, लोक देवता, साहित्य के माध्यम से स्वतः विकसित हुई। उदाहरण – ब्रज क्षेत्रीय भाषा (सूरदास) राजस्थान और उत्तर प्रदेश दोनों में प्रचलित है, किसी एक राज्य की सीमा नहीं मानती।

BPSC PT हेतु स्मरणीय तथ्य (Last Minute Revision)

तथ्य विवरण

बंगाल – मंगलकाव्य स्थानीय देवी-देवताओं (मनसा, चंडी, शीतला) की स्तुति में रचित लोक महाकाव्य; मुकुंदराम (चंडी मंगल), विप्रदास (मनसा मंगल)

बंगाल – पट्टचित्र कपड़े/कागज पर चित्र; पटुआ कलाकार; रामायण-महाभारत, मनसा चित्रण

कश्मीर – राजतरंगिणी कल्हण द्वारा 1148-49 में संस्कृत में रचित; कश्मीर के राजाओं का इतिहास (प्राचीन भारत का पहला विश्वसनीय इतिहास)

कश्मीर – नीलमत पुराण 7वीं शती; कश्मीर के भूगोल, धर्म, रीति-रिवाजों का वर्णन

राजपूताना – पृथ्वीराज रासो चंदबरदाई द्वारा पुरानी राजस्थानी/डिंगल में रचित; पृथ्वीराज चौहान की वीरता का महिमामंडन

राजपूताना – लघुचित्र शैलियाँ मेवाड़, मारवाड़, बूंदी, किशनगढ़ (बानी-ठनी), जयपुर

राजपूताना – लोक देवता तेजाजी (नाग), पाबूजी (रामदेवजी), गोगाजी (साँप)

केरल – लिलातिलकम 14वीं शती; मलयालम भाषा का व्याकरण एवं काव्यशास्त्र

केरल – कथकली मूकाभिनय एवं हस्त मुद्राओं पर आधारित शास्त्रीय नृत्य-नाट्य

बिहार (BPSC) – मधुबनी चित्रकला मिथिला (दरभंगा-मधुबनी) की स्त्रियों द्वारा दीवारों पर ज्यामितीय, प्राकृतिक चित्र; विषय – सीता-राम, विवाह, कृष्ण-लीला

बिहार – विद्यापति 14वीं-15वीं शती के मैथिली कवि; कृष्ण भक्ति गीत (पदावली‘)

बिहार – छठ सूर्य देवता की पूजा (बिहार का सबसे बड़ा त्योहार)

क्षेत्रीय पहचान विकास के कारण (1) क्षेत्रीय भाषाएँ, (2) स्थानीय देवता, (3) क्षेत्रीय साहित्य, (4) क्षेत्रीय कला, (5) राज्यों का संरक्षण

क्षेत्रीय पहचान बनाम राजनीति क्षेत्रीय पहचान प्रशासनिक सीमाओं से अलग विकसित हुई (उदा: ब्रज क्षेत्रीय भाषा – UP और राजस्थान दोनों में)

💡 BPSC PT हेतु टिप्स :

1. बंगाल से – मंगलकाव्य, पट्टचित्र, बाउल संगीत।

2. कश्मीर से – राजतरंगिणी (कल्हण), नीलमत पुराण, कश्मीरी शैव (अभिनवगुप्त)।

3. राजपूताना से – पृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई), राजस्थानी लघुचित्र (मेवाड़, किशनगढ़), लोक देवता (तेजाजी, पाबूजी, गोगाजी)।

4. केरल से – लिलातिलकम, कथकली, मलयालम भाषा।

5. बिहार विशेष (BPSC के लिए महत्वपूर्ण) – मधुबनी चित्रकला, विद्यापति (मैथिली कवि), छठ पूजा।

6. क्षेत्रीय पहचान का विकास – उपरोक्त पाँचों कारकों (भाषा, देवता, साहित्य, कला, राज्य) को याद रखें।क्षेत्रीय संस्कृतियाँ – 200 MCQ (व्याख्या सहित) | BPSC PT हेतु विशेष

नीचे NCERT कक्षा 7 (हमारे अतीत-II) अध्याय 9 – “क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माण” – पर आधारित 200 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। ये BPSC PT के परिप्रेक्ष्य में तैयार किए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ तथ्यात्मक उत्तर एवं संक्षिप्त व्याख्या दी गई है।

खंड A: क्षेत्रीय संस्कृतियाँ – सामान्य परिचय (प्रश्न 1–30)

Q1. क्षेत्रीय संस्कृति का विकास मुख्यतः किसके द्वारा हुआ?

(A) केवल राजनीतिक सीमाओं द्वारा

(B) क्षेत्रीय भाषाओं, स्थानीय देवी-देवताओं एवं क्षेत्रीय साहित्य द्वारा

(C) केवल धर्म द्वारा

(D) केवल युद्धों द्वारा

उत्तर: (B) क्षेत्रीय भाषाओं, स्थानीय देवी-देवताओं एवं क्षेत्रीय साहित्य द्वारा

व्याख्या: क्षेत्रीय पहचान का विकास क्षेत्रीय भाषाओं (मैथिली, ब्रज, राजस्थानी), स्थानीय देवी-देवताओं (मनसा, चंडी, तेजाजी) और क्षेत्रीय साहित्य (राजतरंगिणी, मंगलकाव्य, पृथ्वीराज रासो) के माध्यम से हुआ।

Q2. क्षेत्रीय संस्कृति के विकास में किस कारक को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है?

(A) क्षेत्रीय भाषाएँ

(B) केंद्रीय सरकार

(C) विदेशी आक्रमण

(D) व्यापार

उत्तर: (A) क्षेत्रीय भाषाएँ

व्याख्या: क्षेत्रीय भाषाओं (बंगला, राजस्थानी, मैथिली, तमिल, तेलुगु, मराठी) के उदय ने स्थानीय साहित्य, कला, लोकगीतों को बढ़ावा दिया और क्षेत्रीय पहचान को सबसे अधिक मजबूत किया।

Q3. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्षेत्रीय पहचान के बारे में सही है?

(A) यह पूर्णतः राजनीतिक सीमाओं पर निर्भर थी

(B) यह समकालीन राजनीति से अलग, भाषा-साहित्य-लोक देवताओं पर आधारित थी

(C) यह केवल संस्कृत में व्यक्त की जाती थी

(D) यह केवल शासकों द्वारा थोपी गई

उत्तर: (B) यह समकालीन राजनीति से अलग, भाषा-साहित्य-लोक देवताओं पर आधारित थी

व्याख्या: क्षेत्रीय पहचान प्रशासनिक सीमाओं (राज्यों) से अलग विकसित हुई। उदाहरण – ब्रज क्षेत्रीय भाषा उत्तर प्रदेश और राजस्थान दोनों में प्रचलित है।

Q4. ‘क्षेत्रीय संस्कृतिसे क्या तात्पर्य है?

(A) केवल किसी एक राज्य की भाषा

(B) किसी विशेष क्षेत्र की भाषा, साहित्य, कला, रीति-रिवाज, देवी-देवता, त्योहारों से निर्मित सांस्कृतिक पहचान

(C) राष्ट्रीय संस्कृति का एक भाग

(D) केवल मंदिर वास्तुकला

उत्तर: (B) किसी विशेष क्षेत्र की भाषा, साहित्य, कला, रीति-रिवाज, देवी-देवता, त्योहारों से निर्मित सांस्कृतिक पहचान

व्याख्या: क्षेत्रीय संस्कृति में भाषा, साहित्य, लोक देवता, नृत्य-संगीत, वेशभूषा, त्योहार सब शामिल होते हैं। यह किसी क्षेत्र (जैसे बंगाल, कश्मीर, राजपूताना) की विशिष्ट पहचान है।

Q5. संस्कृत के स्थान पर क्षेत्रीय भाषाओं के उदय का मुख्य कारण क्या था?

(A) संस्कृत अधिक कठिन थी

(B) स्थानीय शासकों एवं भक्ति-सूफी संतों ने आम जनता तक पहुँचने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं को अपनाया

(C) संस्कृत में साहित्य नहीं था

(D) अंग्रेजों ने संस्कृत पर प्रतिबंध लगा दिया

उत्तर: (B) स्थानीय शासकों एवं भक्ति-सूफी संतों ने आम जनता तक पहुँचने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं को अपनाया

व्याख्या: भक्ति संतों (तुलसीदास – अवधी, सूरदास – ब्रज) और स्थानीय शासकों ने आम जनता तक अपनी बात पहुँचाने के लिए संस्कृत के बजाय क्षेत्रीय भाषाओं का प्रयोग किया।

Q6. निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा क्षेत्रीय संस्कृति से जुड़ी नहीं है?

(A) बंगला

(B) राजस्थानी

(C) संस्कृत

(D) मैथिली

उत्तर: (C) संस्कृत

व्याख्या: संस्कृत पूरे भारत की शास्त्रीय भाषा थी, यह किसी एक क्षेत्र विशेष से जुड़ी नहीं थी। बंगला, राजस्थानी, मैथिली क्षेत्रीय भाषाएँ हैं।

Q7. क्षेत्रीय पहचान के विकास में स्थानीय देवी-देवताओंकी क्या भूमिका थी?

(A) उन्होंने राष्ट्रीय एकता को कमजोर किया

(B) उन्होंने क्षेत्रीय धार्मिक पहचान को बल दिया और स्थानीय संस्कृति को समृद्ध किया

(C) उनका कोई योगदान नहीं था

(D) वे सभी क्षेत्रों में समान थे

उत्तर: (B) उन्होंने क्षेत्रीय धार्मिक पहचान को बल दिया और स्थानीय संस्कृति को समृद्ध किया

व्याख्या: मनसा (बंगाल), तेजाजी (राजस्थान), खंडोबा (महाराष्ट्र), छठ (बिहार) – प्रत्येक क्षेत्र के अपने लोक देवता हैं, जिन्होंने क्षेत्रीय पहचान को मजबूत किया।

Q8. ‘पृथ्वीराज रासोकिस क्षेत्र की संस्कृति से जुड़ा है?

(A) बंगाल

(B) कश्मीर

(C) राजपूताना (राजस्थान)

(D) केरल

उत्तर: (C) राजपूताना (राजस्थान)

व्याख्या: पृथ्वीराज रासो राजस्थान के पृथ्वीराज चौहान की वीरता का वर्णन करता है और राजपूताना क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है।

Q9. ‘राजतरंगिणीकिस क्षेत्र का इतिहास ग्रंथ है?

(A) बंगाल

(B) कश्मीर

(C) राजपूताना

(D) केरल

उत्तर: (B) कश्मीर

व्याख्या: कल्हण द्वारा रचित राजतरंगिणी‘ (1148-49 ई.) कश्मीर के राजाओं का इतिहास है। यह प्राचीन भारत का पहला विश्वसनीय इतिहास ग्रंथ माना जाता है।

Q10. ‘नीलमत पुराणकिस क्षेत्र से संबंधित है?

(A) बंगाल

(B) कश्मीर

(C) राजपूताना

(D) असम

उत्तर: (B) कश्मीर

व्याख्या: नीलमत पुराण (7वीं शती) कश्मीर के भूगोल, धार्मिक रीति-रिवाजों, नदियों, झीलों, तीर्थों एवं लोककथाओं का वर्णन करता है।

Q11. ‘पट्टचित्रकिस क्षेत्र की पारंपरिक चित्रकला है?

(A) राजस्थान

(B) बंगाल

(C) कश्मीर

(D) केरल

उत्तर: (B) बंगाल

व्याख्या: पट्टचित्र‘ (पट्ट – कपड़ा/कागज, चित्र – चित्र) बंगाल (वर्तमान पश्चिम बंगाल) की पारंपरिक चित्रकला है। इसे पटुआसमुदाय बनाता था।

Q12. ‘चंडी मंगलकिस कवि की रचना है?

(A) विप्रदास पिपलाई

(B) मुकुंदराम चक्रवर्ती

(C) कल्हण

(D) चंदबरदाई

उत्तर: (B) मुकुंदराम चक्रवर्ती

व्याख्या: चंडी मंगल‘ (16वीं शती) की रचना मुकुंदराम चक्रवर्ती ने की थी। यह बंगाल के मंगलकाव्यों में से एक है, जिसमें देवी चंडी (दुर्गा) की स्तुति है।

Q13. ‘मनसा मंगलकिसकी रचना है?

(A) मुकुंदराम

(B) विप्रदास पिपलाई

(C) कल्हण

(D) चंदबरदाई

उत्तर: (B) विप्रदास पिपलाई

व्याख्या: मनसा मंगल‘ (15वीं शती) विप्रदास पिपलाई की रचना है। इसमें देवी मनसा (सर्प देवी) की कथा है।

Q14. ‘कल्हणकिस क्षेत्र के इतिहासकार थे?

(A) बंगाल

(B) कश्मीर

(C) राजपूताना

(D) केरल

उत्तर: (B) कश्मीर

व्याख्या: कल्हण (12वीं शताब्दी) कश्मीर के इतिहासकार थे। उन्होंने राजतरंगिणी‘ (संस्कृत महाकाव्य) की रचना की।

Q15. ‘चंदबरदाईकिसके दरबारी कवि थे?

(A) अकबर

(B) पृथ्वीराज चौहान

(C) राणा सांगा

(D) शिवाजी

उत्तर: (B) पृथ्वीराज चौहान

व्याख्या: चंदबरदाई (12वीं शताब्दी) पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि थे। उन्होंने पृथ्वीराज रासोकी रचना की।

Q16. ‘पृथ्वीराज रासोकिस भाषा में लिखा गया?

(A) संस्कृत

(B) फारसी

(C) पुरानी राजस्थानी (डिंगल)

(D) ब्रज

उत्तर: (C) पुरानी राजस्थानी (डिंगल)

व्याख्या: पृथ्वीराज रासोपुरानी राजस्थानी/डिंगल (चारण भाषा) में लिखा गया है।

Q17. मंगलकाव्य किस क्षेत्र की साहित्यिक विधा है?

(A) कश्मीर

(B) राजस्थान

(C) बंगाल

(D) केरल

उत्तर: (C) बंगाल

व्याख्या: मंगलकाव्य बंगाल की एक लोक महाकाव्य विधा है, जो स्थानीय देवी-देवताओं (मनसा, चंडी, शीतला) की स्तुति में लिखी जाती है।

Q18. ‘पटुआशब्द किससे संबंधित है?

(A) बंगाल के चित्रकार (पट्टचित्र बनाने वाले)

(B) कश्मीरी शॉल बुनने वाले

(C) राजस्थानी कवि

(D) केरल के नर्तक

उत्तर: (A) बंगाल के चित्रकार (पट्टचित्र बनाने वाले)

व्याख्या: पटुआ बंगाल के पट्टचित्र बनाने वाले कलाकार होते थे। वे गाँव-गाँव घूमकर चित्र दिखाते और कथा सुनाते थे।

Q19. बंगाल में बाउलक्या है?

(A) एक प्रकार का मंदिर

(B) फकीरों का लोक संगीत

(C) एक चित्रकला शैली

(D) एक व्रत

उत्तर: (B) फकीरों का लोक संगीत

व्याख्या: बाउल बंगाल के फकीरों (लालन फकीर) का लोक संगीत है। यह सूफी एवं भक्ति परंपरा से प्रभावित है।

Q20. ‘राजतरंगिणीमें कितनी तरंगें (अध्याय) हैं?

(A) 6

(B) 7

(C) 8

(D) 10

उत्तर: (C) 8

व्याख्या: राजतरंगिणीमें 8 तरंग (लहरें/अध्याय) हैं। यह पौराणिक काल से लेकर 1148 ई. तक के कश्मीर के राजाओं का इतिहास है।

Q21. ‘नीलमत पुराणकिस भाषा में लिखा गया?

(A) संस्कृत

(B) पालि

(C) प्राकृत

(D) कश्मीरी

उत्तर: (A) संस्कृत

व्याख्या: नीलमत पुराणसंस्कृत भाषा में लिखा गया है। यह कश्मीर के सांस्कृतिक इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत है।

Q22. राजस्थानी लघुचित्र की बानी-ठनीशैली किस राज्य से संबंधित है?

(A) मेवाड़

(B) किशनगढ़

(C) जयपुर

(D) बूंदी

उत्तर: (B) किशनगढ़

व्याख्या: किशनगढ़ शैली की बानी-ठनीराजस्थानी लघुचित्र का एक आदर्श रूप है – एक सुंदर नायिका का चित्रण।

Q23. ‘तेजाजीकिस क्षेत्र के लोक देवता हैं?

(A) बंगाल

(B) राजस्थान

(C) कश्मीर

(D) केरल

उत्तर: (B) राजस्थान

व्याख्या: तेजाजी राजस्थान के लोक देवता हैं (नाग देवता के रूप में पूजे जाते हैं)। उन्होंने अन्याय के विरुद्ध लड़ाई लड़ी थी।

Q24. ‘गोगाजीकिस क्षेत्र के लोक देवता हैं?

(A) बंगाल

(B) राजस्थान

(C) पंजाब

(D) केरल

उत्तर: (B) राजस्थान

व्याख्या: गोगाजी (गोगा मेहर) राजस्थान के लोक देवता हैं, जिन्हें साँप देवता के रूप में पूजा जाता है।

Q25. ‘खंडोबाकिस क्षेत्र के लोक देवता हैं?

(A) महाराष्ट्र

(B) बंगाल

(C) राजस्थान

(D) केरल

उत्तर: (A) महाराष्ट्र

व्याख्या: खंडोबा महाराष्ट्र के लोक देवता हैं (शिव का एक रूप)। उन्हें मल्हारीया मार्तंडभी कहा जाता है।

Q26. ‘कथकलीकिस राज्य का शास्त्रीय नृत्य है?

(A) तमिलनाडु

(B) केरल

(C) कर्नाटक

(D) आंध्र प्रदेश

उत्तर: (B) केरल

व्याख्या: कथकली केरल का शास्त्रीय नृत्य-नाट्य है। यह मूकाभिनय एवं हस्त मुद्राओं पर आधारित है।

Q27. ‘घूमरनृत्य किस राज्य का लोक नृत्य है?

(A) बंगाल

(B) केरल

(C) राजस्थान

(D) पंजाब

उत्तर: (C) राजस्थान

व्याख्या: घूमर राजस्थान का प्रसिद्ध लोक नृत्य है। यह महिलाओं द्वारा किया जाता है।

Q28. ‘छठ पूजामुख्यतः किस राज्य का प्रसिद्ध त्योहार है?

(A) उत्तर प्रदेश

(B) बिहार

(C) पश्चिम बंगाल

(D) सभी (विशेषकर बिहार-पूर्वी UP)

उत्तर: (D) सभी (विशेषकर बिहार-पूर्वी UP)

व्याख्या: छठ बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड का सबसे बड़ा त्योहार है। इसमें सूर्य देवता की पूजा की जाती है।

Q29. ‘लिलातिलकमकिस भाषा का व्याकरण ग्रंथ है?

(A) बंगला

(B) तमिल

(C) मलयालम

(D) तेलुगु

उत्तर: (C) मलयालम

व्याख्या: लिलातिलकम‘ (14वीं शताब्दी) मलयालम भाषा का व्याकरण एवं काव्यशास्त्र का प्राचीन ग्रंथ है।

Q30. ‘मधुबनी चित्रकलाकिस क्षेत्र से संबंधित है?

(A) बंगाल

(B) राजस्थान

(C) बिहार (मिथिला)

(D) केरल

उत्तर: (C) बिहार (मिथिला)

व्याख्या: मधुबनी (मिथिला) चित्रकला बिहार के दरभंगा-मधुबनी क्षेत्र की पारंपरिक चित्रकला है। इसे स्त्रियाँ घर की दीवारों पर बनाती थीं।

खंड B: बंगाल की क्षेत्रीय संस्कृति (प्रश्न 31–80)

Q31. बंगाल की संस्कृति पर किस नदी का सबसे अधिक प्रभाव है?

(A) यमुना

(B) गंगा

(C) ब्रह्मपुत्र

(D) महानदी

उत्तर: (B) गंगा

व्याख्या: बंगाल गंगा डेल्टा क्षेत्र में स्थित है। गंगा नदी ने यहाँ की कृषि, जीवनशैली, परिवहन, साहित्य, लोकगीतों को गहराई से प्रभावित किया है।

Q32. ‘पट्टचित्रका शाब्दिक अर्थ क्या है?

(A) पत्थर का चित्र

(B) कपड़े/कागज का चित्र

(C) मिट्टी का चित्र

(D) धातु का चित्र

उत्तर: (B) कपड़े/कागज का चित्र

व्याख्या: पट्टका अर्थ कपड़ा या कागज और चित्रका अर्थ चित्र। पट्टचित्र कपड़े या कागज पर हाथ से बनाए जाने वाले चित्र होते हैं।

Q33. पट्टचित्र बनाने वाले कलाकारों को क्या कहा जाता है?

(A) कथक

(B) पटुआ

(C) कुम्हार

(D) बाउल

उत्तर: (B) पटुआ

व्याख्या: बंगाल में पटुआ समुदाय के लोग पट्टचित्र बनाते थे। वे गाँव-गाँव घूमकर चित्र दिखाते और कथा सुनाते थे।

Q34. पट्टचित्र में मुख्यतः किन विषयों का चित्रण होता है?

(A) पौराणिक कथाएँ (रामायण, महाभारत, मनसा, कृष्ण लीला)

(B) युद्ध के दृश्य

(C) वैज्ञानिक आविष्कार

(D) विदेशी लोग

उत्तर: (A) पौराणिक कथाएँ (रामायण, महाभारत, मनसा, कृष्ण लीला)

व्याख्या: पट्टचित्रों में देवी मनसा, चंडी, कृष्ण-राधा, राम-सीता एवं रामायण-महाभारत के दृश्य अंकित होते थे।

Q35. ‘मंगलकाव्यकिस भाषा में रचे गए?

(A) संस्कृत

(B) फारसी

(C) बंगला

(D) हिंदी

उत्तर: (C) बंगला

व्याख्या: मंगलकाव्य बंगला भाषा में रचित लोक महाकाव्य हैं, जो स्थानीय देवी-देवताओं की स्तुति में लिखे गए।

Q36. निम्नलिखित में से कौन-सा मंगलकाव्य देवी चंडी (दुर्गा) से संबंधित है?

(A) मनसा मंगल

(B) चंडी मंगल

(C) शीतला मंगल

(D) धर्म मंगल

उत्तर: (B) चंडी मंगल

व्याख्या: चंडी मंगल‘ (मुकुंदराम चक्रवर्ती द्वारा रचित) देवी चंडी (दुर्गा) की स्तुति में लिखा गया है।

Q37. ‘मनसा मंगलकिस देवी से संबंधित है?

(A) दुर्गा

(B) सरस्वती

(C) मनसा (सर्प देवी)

(D) लक्ष्मी

उत्तर: (C) मनसा (सर्प देवी)

व्याख्या: मनसा मंगलदेवी मनसा (सर्प देवी) की स्तुति में लिखा गया है। इसके रचयिता विप्रदास पिपलाई हैं।

Q38. ‘शीतला मंगलकिस देवी से संबंधित है?

(A) लक्ष्मी

(B) शीतला (चेचक की देवी)

(C) सरस्वती

(D) काली

उत्तर: (B) शीतला (चेचक की देवी)

व्याख्या: शीतला मंगलदेवी शीतला (जिन्हें चेचक/माता के रूप में पूजा जाता है) की स्तुति में लिखा गया है।

Q39. ‘चैतन्य महाप्रभुकिस क्षेत्र से संबंधित हैं?

(A) कश्मीर

(B) राजस्थान

(C) बंगाल

(D) केरल

उत्तर: (C) बंगाल

व्याख्या: चैतन्य महाप्रभु (1486-1533) बंगाल के नवद्वीप में पैदा हुए। उन्होंने गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय की स्थापना की और हरे कृष्ण हरे राममंत्र का प्रचार किया।

Q40. बंगाल के बाउलसंगीत के प्रसिद्ध कलाकार कौन थे?

(A) विप्रदास

(B) लालन फकीर

(C) कल्हण

(D) मुकुंदराम

उत्तर: (B) लालन फकीर

व्याख्या: लालन फकीर (1774-1890) बंगाल के सबसे प्रसिद्ध बाउल (लोक) कलाकार थे। उनके गीत सूफी-भक्ति समन्वय का उदाहरण हैं।

Q41. बंगाल में चर्यापदकिस काल की रचना है?

(A) 6वीं-7वीं शती

(B) 10वीं-12वीं शती

(C) 14वीं-15वीं शती

(D) 16वीं-17वीं शती

उत्तर: (B) 10वीं-12वीं शती

व्याख्या: चर्यापद (बौद्ध दोहा संग्रह) बंगाली भाषा का सबसे प्राचीन रूप माना जाता है। यह 10वीं-12वीं शताब्दी में रचित हुआ।

Q42. ‘चर्यापदकिस धर्म से संबंधित है?

(A) हिंदू

(B) बौद्ध

(C) जैन

(D) इस्लाम

उत्तर: (B) बौद्ध

व्याख्या: चर्यापदबौद्ध सिद्धों (महासिद्ध) द्वारा रचित एक दोहा संग्रह है। यह बंगाली भाषा का प्राचीनतम साहित्य माना जाता है।

Q43. बंगाल में टेराकोटा मंदिरकिस सामग्री से बनाए जाते थे?

(A) पत्थर

(B) ईंट (मृण्मय ईंटों पर नक्काशी)

(C) संगमरमर

(D) लकड़ी

उत्तर: (B) ईंट (मृण्मय ईंटों पर नक्काशी)

व्याख्या: बंगाल (विशेषकर वीरभूम, बांकुड़ा) में टेराकोटा मंदिर पकी हुई ईंटों पर सूक्ष्म नक्काशी करके बनाए जाते हैं।

Q44. ‘पट्टचित्रमें मुख्यतः किन रंगों का प्रयोग होता है?

(A) नीला-हरा

(B) लाल, पीला, हरा, काला (चमकीले रंग)

(C) सफेद-काला

(D) सोना-चांदी

उत्तर: (B) लाल, पीला, हरा, काला (चमकीले रंग)

व्याख्या: पट्टचित्रों में लाल, पीला, हरा, काला, सफेद – चमकीले और जीवंत रंगों का प्रयोग होता है।

Q45. ‘बाउलसंगीत किस परंपरा का अनुसरण करता है?

(A) शास्त्रीय

(B) सूफी एवं भक्ति समन्वय

(C) केवल वैदिक

(D) केवल तांत्रिक

उत्तर: (B) सूफी एवं भक्ति समन्वय

व्याख्या: बाउलसंगीत सूफी एवं भक्ति परंपरा का समन्वय है। इसमें अल्लाह/राम एक ही हैं का संदेश दिया जाता है।

Q46. ‘कीर्तनबंगाल में किस धार्मिक परंपरा से जुड़ा है?

(A) शैव

(B) वैष्णव (कृष्ण भक्ति)

(C) शाक्त

(D) सूफी

उत्तर: (B) वैष्णव (कृष्ण भक्ति)

व्याख्या: कीर्तन बंगाल के वैष्णव (चैतन्य महाप्रभु) संप्रदाय का भक्ति गायन है, जिसमें कृष्ण के नाम का जप किया जाता है।

Q47. ‘भाटियालीबंगाल का किस प्रकार का गीत है?

(A) विवाह गीत

(B) नाविक गीत (नदी के नाविकों द्वारा गाया जाने वाला)

(C) शोक गीत

(D) युद्ध गीत

उत्तर: (B) नाविक गीत (नदी के नाविकों द्वारा गाया जाने वाला)

व्याख्या: भाटियाली बंगाल के नाविकों (मल्लाह) द्वारा गाया जाने वाला लोकगीत है। यह गंगा नदी के प्रभाव को दर्शाता है।

Q48. बंगाल का सबसे प्रसिद्ध लोक नृत्य कौन-सा है?

(A) घूमर

(B) बिहू

(C) छऊ

(D) गरबा

उत्तर: (C) छऊ

व्याख्या: छऊ बंगाल (और झारखंड-ओडिशा) का प्रसिद्ध लोक नृत्य है। यह मुखौटा नृत्य शैली है।

Q49. ‘मुकुंदराम चक्रवर्तीने किस मंगलकाव्य की रचना की?

(A) मनसा मंगल

(B) चंडी मंगल

(C) शीतला मंगल

(D) धर्म मंगल

उत्तर: (B) चंडी मंगल

व्याख्या: चंडी मंगल‘ (16वीं शती) के रचयिता मुकुंदराम चक्रवर्ती (कवि मुकुंदराम) थे।

Q50. ‘विप्रदास पिपलाईने किस मंगलकाव्य की रचना की?

(A) चंडी मंगल

(B) मनसा मंगल

(C) शीतला मंगल

(D) अन्नदा मंगल

उत्तर: (B) मनसा मंगल

व्याख्या: मनसा मंगल‘ (15वीं शती) विप्रदास पिपलाई की रचना है। यह देवी मनसा की कथा पर आधारित है।

Q51. बंगाल की नदी डेल्टा क्षेत्र में घर किस सामग्री से बनाए जाते थे?

(A) पत्थर

(B) बाँस-बल्ली एवं मिट्टी

(C) ईंट

(D) लकड़ी

उत्तर: (B) बाँस-बल्ली एवं मिट्टी

व्याख्या: बंगाल के नदी डेल्टा (गंगा डेल्टा) में बाढ़ आती थी, इसलिए घर बाँस-बल्ली एवं मिट्टी के बनाए जाते थे, जिन्हें आसानी से बनाया और मरम्मत किया जा सकता था।

Q52. ‘केतकदास क्षेमानंदने किस मंगलकाव्य की रचना की?

(A) मनसा मंगल

(B) चंडी मंगल

(C) अन्नदा मंगल

(D) धर्म मंगल

उत्तर: (A) मनसा मंगल (दूसरे रचयिता)

व्याख्या: मनसा मंगल का एक अन्य रचयिता केतकदास क्षेमानंद भी हैं (विप्रदास के अलावा)।

Q53. बंगाली भाषा का प्राचीनतम साहित्य चर्यापदकिस लिपि में लिखा गया?

(A) ब्राह्मी

(B) सिद्धमातृका

(C) देवनागरी

(D) बंगला

उत्तर: (B) सिद्धमातृका

व्याख्या: चर्यापदसिद्धमातृका (प्राचीन बंगाली) लिपि में लिखा गया है।

Q54. बंगाल में पटुआसमुदाय का मुख्य व्यवसाय क्या था?

(A) बुनाई

(B) पट्टचित्र बनाना एवं बेचना

(C) मछली पकड़ना

(D) खेती

उत्तर: (B) पट्टचित्र बनाना एवं बेचना

व्याख्या: पटुआ समुदाय के लोग पट्टचित्र बनाते और उन्हें बेचते थे। वे घूम-घूमकर चित्र दिखाते और कथा सुनाते थे।

Q55. ‘श्री कृष्ण कीर्तनकिस बंगाली कवि की रचना है?

(A) चैतन्य

(B) बड़ु चंडीदास

(C) विप्रदास

(D) मुकुंदराम

उत्तर: (B) बड़ु चंडीदास

व्याख्या: श्री कृष्ण कीर्तन‘ (14वीं शती) बड़ु चंडीदास की रचना है। यह कृष्ण-राधा प्रेम पर आधारित प्राचीन बंगाली काव्य है।

Q56. ‘कथकलीके समान बंगाल का कौन-सा नृत्य है?

(A) छऊ (परंतु यह अलग है)

(B) गम्भीरा

(C) चौ

(D) बाउल

उत्तर: (C) चौ (छऊ – झारखंड-बंगाल-ओडिशा)

व्याख्या: छऊ (मुखौटा नृत्य) बंगाल, झारखंड, ओडिशा में प्रचलित है। यह कथकली से भिन्न है।

Q57. बंगाल में मंगलकाव्यों का सबसे अधिक प्रचलन किस शताब्दी में हुआ?

(A) 10वीं-11वीं

(B) 14वीं-16वीं

(C) 17वीं-18वीं

(D) 19वीं-20वीं

उत्तर: (B) 14वीं-16वीं

व्याख्या: मंगलकाव्यों का स्वर्ण काल 14वीं से 16वीं शताब्दी था। विप्रदास, मुकुंदराम इसी काल के थे।

Q58. ‘चैतन्य चरितामृतकिसकी रचना है?

(A) कृष्णदास कविराज

(B) बृंदावन दास

(C) मुकुंदराम

(D) विप्रदास

उत्तर: (A) कृष्णदास कविराज

व्याख्या: चैतन्य चरितामृत‘ (16वीं शती) कृष्णदास कविराज द्वारा रचित है। यह चैतन्य महाप्रभु का जीवनचरित है।

Q59. बंगाल में नवद्वीपनगर किससे संबंधित है?

(A) चैतन्य महाप्रभु

(B) मुकुंदराम

(C) विप्रदास

(D) कल्हण

उत्तर: (A) चैतन्य महाप्रभु

व्याख्या: नवद्वीप (नदिया, पश्चिम बंगाल) चैतन्य महाप्रभु की जन्म स्थली है। यह वैष्णव भक्ति का केंद्र है।

Q60. बंगाल में गंगानदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कौन-सा है?

(A) हरिद्वार

(B) बनारस

(C) गंगासागर (दक्षिण 24 परगना)

(D) पुरी

उत्तर: (C) गंगासागर (दक्षिण 24 परगना)

व्याख्या: गंगासागर (जहाँ गंगा बंगाल की खाड़ी में मिलती है) बंगाल का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। मकर संक्रांति पर मेला लगता है।

Q61. बंगाल में टेराकोटाकला किस पर बनाई जाती है?

(A) संगमरमर पर

(B) पकी हुई मिट्टी की ईंटों पर

(C) कपड़े पर

(D) लकड़ी पर

उत्तर: (B) पकी हुई मिट्टी की ईंटों पर

व्याख्या: टेराकोटा (मृण्मय) कला पकी हुई मिट्टी की ईंटों पर नक्काशी करके बनाई जाती है। बांकुड़ा के टेराकोटा मंदिर प्रसिद्ध हैं।

Q62. ‘बिप्रदास पिपलाईकिस शताब्दी में हुए थे?

(A) 12वीं

(B) 13वीं

(C) 15वीं

(D) 17वीं

उत्तर: (C) 15वीं

व्याख्या: विप्रदास पिपलाई (1423-1489) 15वीं शताब्दी के बंगाली कवि थे। उन्होंने मनसा मंगललिखा।

Q63. बंगाल में लालन फकीरकिस शताब्दी में हुए?

(A) 15वीं

(B) 16वीं

(C) 18वीं-19वीं

(D) 20वीं

उत्तर: (C) 18वीं-19वीं

व्याख्या: लालन फकीर (1774-1890) का समय 18वीं-19वीं शताब्दी था। वह बंगाल के बाउल (लोक) गायक थे।

Q64. ‘मुकुंदरामका पूरा नाम क्या था?

(A) मुकुंदराम चक्रवर्ती

(B) मुकुंदराम कवि

(C) मुकुंदराम पिपलाई

(D) मुकुंदराम दास

उत्तर: (A) मुकुंदराम चक्रवर्ती

व्याख्या: चंडी मंगलके रचयिता का पूरा नाम मुकुंदराम चक्रवर्ती था। वे 16वीं शताब्दी के कवि थे।

Q65. बंगाल में मौखिक परंपराके लोक गीतों को क्या कहते हैं?

(A) कीर्तन

(B) भाटियाली

(C) बाउल

(D) गम्भीरा

उत्तर: (C) बाउल

व्याख्या: बाउल बंगाल की एक मौखिक परंपरा का लोक संगीत है, जिसे फकीर गाते थे। यह गुरु-शिष्य परंपरा से चलता है।

Q66. ‘पट्टचित्रमें प्रयुक्त काला रंग किससे बनाया जाता था?

(A) हल्दी

(B) जले हुए तिल या ज्येष्ठी

(C) सिन्दूर

(D) नील

उत्तर: (B) जले हुए तिल या ज्येष्ठी

व्याख्या: पट्टचित्र के लिए रंग प्राकृतिक स्रोतों से बनाए जाते थे – काला (जले तिल/ज्येष्ठी), लाल (सिन्दूर/गेरू), पीला (हल्दी), नीला (नील), हरा (पेड़ के पत्ते)।

Q67. बंगाल के सबसे प्रसिद्ध टेराकोटा मंदिर कहाँ स्थित हैं?

(A) कोलकाता

(B) बांकुड़ा (बिष्णुपुर)

(C) मुर्शिदाबाद

(D) दार्जिलिंग

उत्तर: (B) बांकुड़ा (बिष्णुपुर)

व्याख्या: बिष्णुपुर (बांकुड़ा, पश्चिम बंगाल) के टेराकोटा मंदिर (रास मंच, श्यामराय मंदिर, जोरबांगला मंदिर) विश्व प्रसिद्ध हैं।

Q68. ‘धर्म ठाकुरबंगाल के किस संप्रदाय के देवता हैं?

(A) वैष्णव

(B) शैव

(C) स्थानीय लोक देवता

(D) सूफी

उत्तर: (C) स्थानीय लोक देवता

व्याख्या: धर्म ठाकुर बंगाल के स्थानीय लोक देवता हैं। उनकी पूजा धर्ममंगल काव्य में की गई है।

Q69. बंगाली साहित्य के आधुनिक कालके प्रवर्तक कौन थे?

(A) ईश्वर चंद्र विद्यासागर

(B) बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय

(C) रवींद्रनाथ टैगोर

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी (NCERT मध्यकाल से संबंधित है – आधुनिक काल से प्रश्न कम आते हैं)

व्याख्या: यह प्रश्न मध्यकाल से परे है। BPSC के लिए मध्यकालीन बंगाल (मंगलकाव्य, पट्टचित्र, चैतन्य, बाउल) पर ध्यान दें।

Q70. ‘पट्टचित्रबंगाल के अलावा किस राज्य में भी प्रचलित है?

(A) बिहार

(B) ओडिशा (पुरी)

(C) राजस्थान

(D) केरल

उत्तर: (B) ओडिशा (पुरी)

व्याख्या: पट्टचित्र ओडिशा (पुरी, रघुराजपुर) में भी प्रचलित है। ओडिशा पट्टचित्र शैली बंगाल से थोड़ी भिन्न है (पुरी के जगन्नाथ मंदिर से संबंधित)।

खंड C: कश्मीर की क्षेत्रीय संस्कृति (प्रश्न 81–115)

Q81. ‘राजतरंगिणीके रचयिता कौन हैं?

(A) बिल्हण

(B) कल्हण

(C) जयदेव

(D) क्षेमराज

उत्तर: (B) कल्हण

व्याख्या: राजतरंगिणी‘ (1148-49 ई.) कल्हण (कश्मीरी ब्राह्मण) द्वारा संस्कृत में रचित कश्मीर का इतिहास है।

Q82. ‘राजतरंगिणीकिस भाषा में लिखी गई?

(A) फारसी

(B) अरबी

(C) संस्कृत

(D) कश्मीरी

उत्तर: (C) संस्कृत

व्याख्या: राजतरंगिणीसंस्कृत (प्राकृत शैली में महाकाव्य) में लिखी गई है। यह प्राचीन भारत का पहला विश्वसनीय इतिहास ग्रंथ है।

Q83. ‘राजतरंगिणीकिस विषय पर आधारित है?

(A) बंगाल के राजा

(B) राजपूताना के राजा

(C) कश्मीर के राजाओं का इतिहास

(D) चोल वंश

उत्तर: (C) कश्मीर के राजाओं का इतिहास

व्याख्या: राजतरंगिणीकश्मीर के राजाओं (पौराणिक काल से लेकर 1148 ई. तक) का इतिहास प्रस्तुत करती है।

Q84. कल्हण की राजतरंगिणीकिस शताब्दी की रचना है?

(A) 10वीं शताब्दी

(B) 11वीं शताब्दी

(C) 12वीं शताब्दी

(D) 13वीं शताब्दी

उत्तर: (C) 12वीं शताब्दी

व्याख्या: राजतरंगिणीकी रचना 1148-49 ई. (12वीं शताब्दी) में हुई थी।

Q85. ‘नीलमत पुराणकिस भाषा में लिखा गया?

(A) कश्मीरी

(B) संस्कृत

(C) फारसी

(D) प्राकृत

उत्तर: (B) संस्कृत

व्याख्या: नीलमत पुराण‘ (7वीं शताब्दी) संस्कृत में लिखा गया है। यह कश्मीर के धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत है।

Q86. ‘नीलमत पुराणमें मुख्यतः किसका वर्णन है?

(A) युद्धों का

(B) कश्मीर के भूगोल, नदियों, तीर्थों, देवी-देवताओं, रीति-रिवाजों का

(C) व्यापार का

(D) संगीत का

उत्तर: (B) कश्मीर के भूगोल, नदियों, तीर्थों, देवी-देवताओं, रीति-रिवाजों का

व्याख्या: नीलमत पुराणमें कश्मीर घाटी की नदियाँ (झेलम, सिंधु), झीलें (डल, वुलर), तीर्थ स्थल, देवी-देवता (शिव, विष्णु, सूर्य, उमा), उत्सव, रीति-रिवाजों का विस्तृत वर्णन है।

Q87. ‘मार्तंड सूर्य मंदिरकहाँ स्थित है?

(A) दिल्ली

(B) कश्मीर (अनंतनाग)

(C) राजस्थान

(D) गुजरात

उत्तर: (B) कश्मीर (अनंतनाग)

व्याख्या: मार्तंड सूर्य मंदिर (8वीं शती) कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित है। यह गुजर-प्रतिहार शैली में बना था, अब खंडहर है।

Q88. ‘कश्मीरी शैवदर्शन का सबसे प्रसिद्ध आचार्य कौन थे?

(A) शंकराचार्य

(B) रामानुज

(C) अभिनवगुप्त

(D) मध्वाचार्य

उत्तर: (C) अभिनवगुप्त

व्याख्या: अभिनवगुप्त (950-1016 ई.) कश्मीरी शैव दर्शन के सर्वश्रेष्ठ आचार्य थे। उन्होंने प्रत्यभिज्ञा (आत्म-पहचान) दर्शन विकसित किया।

Q89. कश्मीर का प्रसिद्ध शंकराचार्य मंदिरकिस पहाड़ी पर स्थित है?

(A) तख्त-ए-सुलेमान

(B) शंकराचार्य पहाड़ी

(C) हरि पर्वत

(D) शालीमार

उत्तर: (A) तख्त-ए-सुलेमान

व्याख्या: श्रीनगर का शंकराचार्य मंदिर (ज्येष्ठेश्वर) तख्त-ए-सुलेमान पहाड़ी पर स्थित है। यह 9वीं शताब्दी में बना था।

Q90. ‘राजतरंगिणीमें किस शासक का इतिहास सबसे अधिक विस्तार से लिखा है?

(A) ललितादित्य

(B) जयसिंह

(C) अवंति वर्मन

(D) कलश

उत्तर: (B) जयसिंह (समकालीन)

व्याख्या: राजतरंगिणीजयसिंह (1148 ई. समकालीन) के शासन तक जाती है। कल्हण का संरक्षक राजा जयसिंह था।

Q91. कश्मीर का प्रसिद्ध डल झीलकिस नगर में है?

(A) जम्मू

(B) श्रीनगर

(C) अनंतनाग

(D) बारामुला

उत्तर: (B) श्रीनगर

व्याख्या: डल झील कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में स्थित है। यह अपने हाउसबोट्स एवं शिकारा के लिए प्रसिद्ध है।

Q92. कल्हण की राजतरंगिणीका कौन-सा अंग्रेजी अनुवाद प्रसिद्ध है?

(A) जोन्स द्वारा

(B) सर ऑरेल स्टाइन द्वारा

(C) मैक्समूलर द्वारा

(D) विलियम्स द्वारा

उत्तर: (B) सर ऑरेल स्टाइन द्वारा

व्याख्या: सर ऑरेल स्टाइन ने कल्हण की राजतरंगिणीका अंग्रेजी अनुवाद कल्हण क्रॉनिकल‘ (1900) नाम से प्रकाशित किया।

Q93. ‘नीलमत पुराणके अनुसार कश्मीर घाटी का निर्माण किसने किया?

(A) विष्णु

(B) शिव

(C) ऋषि कश्यप

(D) ब्रह्मा

उत्तर: (C) ऋषि कश्यप

व्याख्या: पौराणिक मान्यता के अनुसार, ऋषि कश्यप ने एक बड़ी झील को सुखाकर कश्मीर घाटी बसाई थी। कश्मीरनाम कश्यपसे ही बना।

Q94. ‘प्रत्यभिज्ञादर्शन किससे संबंधित है?

(A) अद्वैत वेदांत

(B) कश्मीरी शैव

(C) द्वैत वेदांत

(D) विशिष्टाद्वैत

उत्तर: (B) कश्मीरी शैव

व्याख्या: प्रत्यभिज्ञा (आत्म-पहचान – जीव शिव को पहचानता है) कश्मीरी शैव दर्शन का मुख्य सिद्धांत है। इसे अभिनवगुप्त ने विकसित किया।

Q95. कश्मीर में पश्मीना शॉलकिस ऊन से बनाई जाती है?

(A) भेड़

(B) पश्मीना बकरी (चंगथांगी)

(C) याक

(D) ऊंट

उत्तर: (B) पश्मीना बकरी (चंगथांगी)

व्याख्या: पश्मीना शॉल पश्मीना बकरी (चंगथांगी) के ऊन से बनाई जाती है। यह बकरी लद्दाख क्षेत्र में पाई जाती है।

Q96. कश्मीर का प्रसिद्ध शालीमार बागकिसने बनवाया?

(A) अकबर

(B) जहाँगीर

(C) शाहजहाँ

(D) औरंगजेब

उत्तर: (B) जहाँगीर

व्याख्या: शालीमार बाग (श्रीनगर) जहाँगीर (1620 ई.) ने बनवाया था। यह मुगल बाग शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।

Q97. कश्मीर के निशात बागका निर्माण किसने करवाया?

(A) नूरजहाँ

(B) आसफ खान (जहाँगीर के देवर)

(C) शाहजहाँ

(D) औरंगजेब

उत्तर: (B) आसफ खान (जहाँगीर के देवर)

व्याख्या: निशात बाग (श्रीनगर) आसफ खान (जहाँगीर के देवर) ने 1633 ई. में बनवाया था।

Q98. ‘वामन पुराणकिस क्षेत्र से संबंधित है? (BPSC में कम आता है, परंतु कश्मीर से)

(A) कश्मीर

(B) बंगाल

(C) राजस्थान

(D) केरल

उत्तर: (A) कश्मीर

व्याख्या: वामन पुराण‘ (सबसे प्राचीन पुराणों में से एक) कश्मीर क्षेत्र से संबंधित माना जाता है। यह नीलमत पुराणके बाद का है।

Q99. ‘कल्हणसे पूर्व कश्मीर के इतिहास पर किसने लिखा?

(A) हेमचंद्र

(B) क्षेमराज

(C) चिल्हण

(D) प्रवरसेन

उत्तर: (D) प्रवरसेन (6वीं शती के कश्मीर राजा – प्रवरसेन द्वितीय)

व्याख्या: प्रवरसेन द्वितीय ने कश्मीर के इतिहास पर प्रवरसेन रासया कुछ रचनाएँ लिखीं, परंतु वे पूर्ण नहीं मिलतीं। कल्हण ने उनका उल्लेख किया है।

Q100. ‘कश्मीरी बौद्ध धर्मके किस रूप का विकास हुआ?

(A) हीनयान

(B) महायान (बौद्ध तंत्र)

(C) वज्रयान (बौद्ध तंत्र)

(D) जैन

उत्तर: (C) वज्रयान (बौद्ध तंत्र)

व्याख्या: कश्मीर में वज्रयान (बौद्ध तंत्र) का विकास हुआ। यहाँ से यह तिब्बत और मंगोलिया गया।

Q101. ‘कल्हणकिस वंश के संरक्षण में थे?

(A) ललितादित्य

(B) जयसिंह (लोहार वंश)

(C) अवंति वर्मन

(D) कलश

उत्तर: (B) जयसिंह (लोहार वंश)

व्याख्या: कल्हण लोहार वंश के राजा जयसिंह (लगभग 1128-1148 ई.) के संरक्षण में थे। राजतरंगिणी उन्हीं को समर्पित है।

Q102. कश्मीर के गुलमर्गका शाब्दिक अर्थ क्या है?

(A) फूलों की घाटी

(B) गुलाब का मैदान

(C) स्नो वैली

(D) हिमालय दर्शन

उत्तर: (B) गुलाब का मैदान

व्याख्या: गुलमर्ग (गुल + मर्ग – फूलों का मैदान) कश्मीर का एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है।

Q103. ‘वुलर झीलकश्मीर की सबसे बड़ी झील है। यह किस नदी का हिस्सा है?

(A) झेलम

(B) सिंधु

(C) चिनाब

(D) रावी

उत्तर: (A) झेलम

व्याख्या: वुलर झील झेलम नदी का एक विस्तार है। यह कश्मीर की सबसे बड़ी झील है।

Q104. कश्मीर का पहलगामकिस नदी के किनारे बसा है?

(A) झेलम

(B) लिदर (नाला)

(C) सिंधु

(D) चिनाब

उत्तर: (B) लिदर (नाला)

व्याख्या: पहलगाम (पशुओं का गाँव) लिदर नाला के किनारे बसा है। यह अमरनाथ यात्रा का आधार शिविर है।

Q105. ‘राजतरंगिणीमें कल्हण ने किस राजा को महान बताया है?

(A) ललितादित्य (मुक्तापीड़)

(B) जयसिंह

(C) अवंति वर्मन

(D) दुर्लभवर्धन

उत्तर: (A) ललितादित्य (मुक्तापीड़)

व्याख्या: कल्हण ने ललितादित्य (8वीं शती) को सबसे महान कश्मीर राजा बताया है। उसने भारत के उत्तर-पश्चिम एवं मध्य एशिया तक विजय प्राप्त की थी।

Q106. ‘मुक्तापीड़किस राजा का दूसरा नाम है?

(A) ललितादित्य

(B) जयसिंह

(C) अवंति वर्मन

(D) प्रवरसेन

उत्तर: (A) ललितादित्य

व्याख्या: ललितादित्य (कश्मीर, 724-760 ई.) को मुक्तापीड़भी कहा जाता है।

Q107. कश्मीर की चिनारवृक्ष किसने लगवाए थे?

(A) अकबर

(B) जहाँगीर

(C) शाहजहाँ

(D) औरंगजेब

उत्तर: (B) जहाँगीर

व्याख्या: जहाँगीर को चिनार (प्लेन ट्री) बहुत पसंद था। उसने कश्मीर में सैकड़ों चिनार लगवाए।

Q108. ‘अमरनाथ गुफाकश्मीर के किस जिले में है?

(A) अनंतनाग (पहलगाम)

(B) श्रीनगर

(C) बारामुला

(D) कुपवाड़ा

उत्तर: (A) अनंतनाग (पहलगाम)

व्याख्या: अमरनाथ गुफा (शिव के बर्फ लिंग) अनंतनाग जिले के पहलगाम के पास स्थित है।

Q109. ‘कश्मीरनाम किस ऋषि से जुड़ा है?

(A) कश्यप

(B) विश्वामित्र

(C) वशिष्ठ

(D) अत्रि

उत्तर: (A) कश्यप

व्याख्या: कश्मीरनाम ऋषि कश्यप के नाम से बना है। पुराणों के अनुसार उन्होंने इस क्षेत्र को बसाया था।

Q110. कल्हण के राजतरंगिणीमें किस शासक ने सिंहासन के लिए बहुत षड्यंत्र किए?

(A) कलश

(B) भीम

(C) हर्ष

(D) उच्चला

उत्तर: (C) हर्ष (1089-1101)

व्याख्या: कल्हण ने हर्ष (कश्मीर का राजा, 1089-1101) के षड्यंत्रों, करों, अत्याचारों का वर्णन किया है।

Q111. कश्मीर में सिंधु नदीकिस दिशा से प्रवेश करती है?

(A) पूर्व

(B) पश्चिम

(C) उत्तर (लद्दाख से)

(D) दक्षिण

उत्तर: (C) उत्तर (लद्दाख से)

व्याख्या: सिंधु नदी लद्दाख के माध्यम से कश्मीर घाटी में प्रवेश करती है (बारामुला के निकट)।

Q112. कश्मीर का प्रसिद्ध परियों का झरनाकहाँ स्थित है?

(A) गुलमर्ग

(B) पहलगाम

(C) श्रीनगर

(D) सोनमर्ग

उत्तर: (D) सोनमर्ग

व्याख्या: सोनमर्ग (गोल्डन मीडो) में परियों का झरना‘ (फेयरी फाल्स) स्थित है।

Q113. ‘कश्मीरी शैवका प्रसिद्ध ग्रंथ तंत्रलोककिसने लिखा?

(A) उत्पलदेव

(B) अभिनवगुप्त

(C) क्षेमराज

(D) वामन

उत्तर: (B) अभिनवगुप्त

व्याख्या: तंत्रलोकअभिनवगुप्त की सबसे महत्वपूर्ण रचना है। यह कश्मीरी शैव दर्शन का विश्वकोश है।

Q114. ‘नीलमत पुराणमें किस देवता को सबसे अधिक महत्व दिया गया है?

(A) शिव

(B) विष्णु

(C) सूर्य

(D) उमा (पार्वती)

उत्तर: (A) शिव

व्याख्या: नीलमत पुराणमें शिव को सर्वोच्च माना गया है। कश्मीरी शैव परंपरा इसी से विकसित हुई।

Q115. कश्मीर के मुगल गार्डन‘ (शालीमार, निशात) किस शैली में बने हैं?

(A) फारसी (चारबाग शैली)

(B) मुगल (जहाँगीर के समय)

(C) राजपूत

(D) अफगान

उत्तर: (B) मुगल (जहाँगीर के समय)

व्याख्या: शालीमार, निशात बाग मुगल बाग शैली (चारबाग – चार भागों में बंटा उद्यान) में बने हैं।

खंड D: राजपूताना (राजस्थान) की संस्कृति (प्रश्न 116–155)

Q116. ‘पृथ्वीराज रासोके रचयिता कौन हैं?

(A) चंदबरदाई

(B) जयदेव

(C) कल्हण

(D) मुकुंदराम

उत्तर: (A) चंदबरदाई

व्याख्या: पृथ्वीराज रासो‘ (12वीं शती) के रचयिता चंदबरदाई (चारण कवि) हैं। यह पृथ्वीराज चौहान की वीरता का महिमामंडन करता है।

Q117. ‘पृथ्वीराज रासोकिस भाषा में लिखी गई?

(A) संस्कृत

(B) ब्रज

(C) डिंगल (पुरानी राजस्थानी)

(D) अवधी

उत्तर: (C) डिंगल (पुरानी राजस्थानी)

व्याख्या: पृथ्वीराज रासोडिंगल (चारण भाषा) में लिखी गई है। यह राजस्थानी भाषा का प्राचीन रूप है।

Q118. राजपूताना में वीरता का महिमामंडनकिसके द्वारा किया जाता था?

(A) पंडितों द्वारा

(B) चारण (भाट) कवियों द्वारा

(C) सूफियों द्वारा

(D) व्यापारियों द्वारा

उत्तर: (B) चारण (भाट) कवियों द्वारा

व्याख्या: राजपूताना में चारण (भाट) कवि राजाओं की वीरता, बलिदान, युद्ध गाथाओं का गुणगान करते थे। इससे क्षेत्रीय गौरव और पहचान मजबूत हुई।

Q119. ‘तेजाजीराजस्थान के लोक देवता किस रूप में पूजे जाते हैं?

(A) नाग (साँप देवता)

(B) रामदेवजी

(C) गोगाजी

(D) पाबूजी

उत्तर: (A) नाग (साँप देवता)

व्याख्या: तेजाजी (1074-1103) राजस्थान के लोक देवता हैं, जिन्हें नाग देवता के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने अन्याय के विरुद्ध लड़ाई लड़ी।

Q120. ‘पाबूजी राठौड़राजस्थान के लोक देवता हैं। उन्हें किस रूप में पूजा जाता है?

(A) योद्धा एवं गायों के रक्षक (गोरक्षक)

(B) गोगाजी (साँप)

(C) हनुमान

(D) राम

उत्तर: (A) योद्धा एवं गायों के रक्षक (गोरक्षक)

व्याख्या: पाबूजी राठौड़ (14वीं शती) राजस्थान के लोक देवता हैं। उनकी गाथा पाबूजी का रासहै। वे गायों की रक्षा के लिए प्रसिद्ध हैं।

Q121. ‘गोगाजीराजस्थान के लोक देवता हैं। उन्हें किस रूप में पूजा जाता है?

(A) साँप देवता (गोगा मेहर)

(B) रामदेवजी

(C) तेजाजी

(D) दुर्गादास

उत्तर: (A) साँप देवता (गोगा मेहर)

व्याख्या: गोगाजी (गोगा मेहर) राजस्थान के लोक देवता हैं, जिन्हें साँप देवता (नाग) के रूप में पूजा जाता है। उनकी गाथा गोगा री कवितहै।

Q122. राजस्थानी लघुचित्र की मेवाड़ शैलीकिस नगर से संबंधित है?

(A) जोधपुर

(B) जयपुर

(C) उदयपुर (चित्तौड़)

(D) कोटा

उत्तर: (C) उदयपुर (चित्तौड़)

व्याख्या: मेवाड़ शैली उदयपुर/चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में विकसित हुई। यह रामायण, प्रेम गाथाओं, रागमाला चित्रों के लिए प्रसिद्ध है।

Q123. ‘बानी-ठनीशैली किस राजस्थानी लघुचित्र शैली की विशेषता है?

(A) मेवाड़

(B) किशनगढ़

(C) जयपुर

(D) बूंदी

उत्तर: (B) किशनगढ़

व्याख्या: बानी-ठनीकिशनगढ़ शैली (18वीं शती) की सबसे प्रसिद्ध कृति है। यह एक आदर्श नायिका (युवती) का चित्रण है।

Q124. राजस्थानी लघुचित्र की बूंदी शैलीकी विशेषता क्या है?

(A) प्रबल लाल रंग

(B) नीले-हरे रंगों की प्रधानता, रागमाला चित्र

(C) सोने की पत्तियों का प्रयोग

(D) अरबी कैलीग्राफी

उत्तर: (B) नीले-हरे रंगों की प्रधानता, रागमाला चित्र

व्याख्या: बूंदी शैली में नीले-हरे रंगों (ठंडे रंग) का प्रयोग अधिक होता है। यह रागमाला चित्र (संगीत रागों का चित्रण) के लिए प्रसिद्ध है।

Q125. ‘घूमरराजस्थान का लोक नृत्य है। यह मुख्यतः किसके द्वारा किया जाता है?

(A) पुरुष

(B) महिलाएँ

(C) बच्चे

(D) बुजुर्ग

उत्तर: (B) महिलाएँ

व्याख्या: घूमर राजस्थान की महिलाओं का प्रसिद्ध लोक नृत्य है। यह घूम-घूमकर किया जाता है।

Q126. ‘कालबेलियानृत्य राजस्थान के किस जनजाति/समुदाय से जुड़ा है?

(A) मीणा

(B) भील

(C) कालबेलिया (साँप पकड़ने वाला समुदाय)

(D) गुर्जर

उत्तर: (C) कालबेलिया (साँप पकड़ने वाला समुदाय)

व्याख्या: कालबेलिया नृत्य राजस्थान के कालबेलिया (साँप पकड़ने वाली) जनजाति का लोक नृत्य है। यह यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल है।

Q127. ‘चित्तौड़गढ़ किलाराजस्थान के किस जिले में है?

(A) जोधपुर

(B) उदयपुर (चित्तौड़गढ़)

(C) जयपुर

(D) कोटा

उत्तर: (B) उदयपुर (चित्तौड़गढ़)

व्याख्या: चित्तौड़गढ़ किला चित्तौड़गढ़ (उदयपुर) जिले में स्थित है। यह राजपूत वीरता का प्रतीक है।

Q128. ‘जौहरऔर सतीका राजपूताना में क्या महत्व था?

(A) पराजय के बाद आत्म-सम्मान और बलिदान का प्रतीक

(B) उत्सव का अवसर

(C) केवल धार्मिक अनुष्ठान

(D) व्यापारिक रीति

उत्तर: (A) पराजय के बाद आत्म-सम्मान और बलिदान का प्रतीक

व्याख्या: जौहर (सामूहिक आत्मदाह) और सती (पति के साथ जल जाना) राजपूताना में बलिदान और वीरता का प्रतीक माना जाता था। इनका महिमामंडन किया गया है।

Q129. ‘पृथ्वीराज रासोमें मुहम्मद गोरी के साथ युद्ध का वर्णन है। यह कौन-सा युद्ध था?

(A) पानीपत (1526)

(B) तराईन (1192)

(C) हल्दीघाटी (1576)

(D) कन्नौज (1540)

उत्तर: (B) तराईन (1192)

व्याख्या: पृथ्वीराज रासोका मुख्य विषय द्वितीय तराईन युद्ध (1192) है, जिसमें पृथ्वीराज चौहान मुहम्मद गोरी से हार गए थे।

Q130. राजस्थानी लघुचित्र के जयपुर शैलीपर किसका प्रभाव है?

(A) मुगल लघुचित्र

(B) बंगाल पट्टचित्र

(C) कश्मीरी कला

(D) फारसी कला

उत्तर: (A) मुगल लघुचित्र

व्याख्या: जयपुर शैली (17वीं-19वीं शती) पर मुगल लघुचित्र का गहरा प्रभाव है। इसमें परिदृश्य, दरबारी दृश्य, आखेट दृश्य प्रमुख हैं।

Q131. ‘चारणकवि किस क्षेत्र में सक्रिय थे?

(A) बंगाल

(B) कश्मीर

(C) राजस्थान (राजपूताना)

(D) केरल

उत्तर: (C) राजस्थान (राजपूताना)

व्याख्या: चारण (भाट) कवि राजपूताना क्षेत्र में राजाओं की वीरता की गाथाएँ गाते थे।

Q132. ‘हाड़ौतीक्षेत्र राजस्थान के किस भाग में है?

(A) कोटा-बूंदी

(B) जोधपुर

(C) जयपुर

(D) उदयपुर

उत्तर: (A) कोटा-बूंदी

व्याख्या: हाड़ौती (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) राजस्थान का एक क्षेत्र है। यहाँ की लघुचित्र शैली को हाड़ौती शैली कहते हैं।

Q133. राजपूताना की किस क्षेत्रीय पहचान का महिमामंडन गाथाके रूप में किया जाता था?

(A) व्यापार

(B) शांति

(C) वीरता, बलिदान, शौर्य

(D) कृषि

उत्तर: (C) वीरता, बलिदान, शौर्य

व्याख्या: राजपूताना की संस्कृति वीरता, बलिदान, शौर्य, युद्ध कौशल का महिमामंडन करती है। पृथ्वीराज रासोइसका सबसे अच्छा उदाहरण है।

Q134. ‘भवईराजस्थान का किस प्रकार का लोक नृत्य है?

(A) महिला नृत्य

(B) पुरुष नृत्य (मिट्टी के बर्तन सिर पर रखकर)

(C) बाल नृत्य

(D) सूफी नृत्य

उत्तर: (B) पुरुष नृत्य (मिट्टी के बर्तन सिर पर रखकर)

व्याख्या: भवई राजस्थान का पुरुषों का लोक नृत्य है, जिसमें सिर पर मिट्टी के बर्तन या सात दीपक रखकर नृत्य किया जाता है।

Q135. ‘राजपूतानाशब्द का अर्थ क्या है?

(A) राजाओं की भूमि

(B) राजपूतों का प्रदेश (राजस्थान का पुराना नाम)

(C) रजवाड़ों का राज्य

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

व्याख्या: राजपूताना ब्रिटिश काल में राजस्थान क्षेत्र के लिए प्रयुक्त शब्द था। इसका अर्थ राजपूतों का प्रदेश है।

Q136. ‘पृथ्वीराज रासोके अनुसार, पृथ्वीराज किस वंश से थे?

(A) सिसोदिया

(B) राठौड़

(C) चौहान

(D) कछवाहा

उत्तर: (C) चौहान

व्याख्या: पृथ्वीराज चौहान चौहान (संभवतः अग्निवंशी) राजपूत वंश से थे। उनकी राजधानी अजमेर थी।

Q137. ‘रासो साहित्यराजस्थान के किस भाषा रूप में लिखा गया?

(A) डिंगल

(B) मारवाड़ी

(C) मेवाड़ी

(D) ढूंढाड़ी

उत्तर: (A) डिंगल

व्याख्या: रासोनामक गाथाएँ (पृथ्वीराज रासो, बीसलदेव रासो, हम्मीर रासो) डिंगल (पुरानी राजस्थानी) में लिखी गईं।

Q138. ‘कुम्भलगढ़ किलाकिस राजपूत शासक ने बनवाया?

(A) पृथ्वीराज चौहान

(B) राणा कुंभा (मेवाड़)

(C) मान सिंह

(D) जय सिंह

उत्तर: (B) राणा कुंभा (मेवाड़)

व्याख्या: कुम्भलगढ़ किला (राजसमंद) राणा कुंभा (1433-1468) ने बनवाया था। यह मेवाड़ राजपूत वंश से जुड़ा है।

Q139. ‘जैसलमेर किलाकिस रंग के पत्थर से बना है?

(A) लाल बलुआ पत्थर

(B) पीला बलुआ पत्थर

(C) सफेद संगमरमर

(D) काला पत्थर

उत्तर: (B) पीला बलुआ पत्थर

व्याख्या: जैसलमेर किला (सोनार किला) पीले बलुआ पत्थर से बना है, जो सूर्यास्त के समय सुनहरा दिखता है।

Q140. ‘पृथ्वीराज रासोमें पृथ्वीराज चौहान की प्रिय रानी कौन थी?

(A) संयोगिता

(B) पद्मिनी

(C) मीराबाई

(D) जोधा बाई

उत्तर: (A) संयोगिता

व्याख्या: पृथ्वीराज रासोमें संयोगिता (जयचंद गहड़वाल की पुत्री) पृथ्वीराज की प्रेमिका/रानी हैं। उनका संयोगिता स्वयंवरप्रसिद्ध है।

Q141. राजस्थानी लघुचित्र की मारवाड़ शैलीकिस नगर से जुड़ी है?

(A) जोधपुर

(B) जयपुर

(C) उदयपुर

(D) बीकानेर

उत्तर: (A) जोधपुर

व्याख्या: मारवाड़ शैली जोधपुर के राठौड़ राजाओं के दरबार में विकसित हुई। इसमें दरबारी दृश्य, युद्ध दृश्य, सिकार (शिकार) के चित्र बनते हैं।

Q142. ‘बीसलदेव रासोकिस राजा के बारे में है?

(A) पृथ्वीराज चौहान

(B) बीसलदेव चौहान (विग्रहराज चतुर्थ)

(C) राणा कुंभा

(D) जय सिंह

उत्तर: (B) बीसलदेव चौहान (विग्रहराज चतुर्थ)

व्याख्या: बीसलदेव रासो‘ (बलवंत रासो) विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव चौहान) की वीरता का वर्णन करता है।

Q143. ‘हम्मीर रासोकिस राजा के बारे में है?

(A) हम्मीर चौहान

(B) राणा हम्मीर

(C) पृथ्वीराज

(D) कुम्भा

उत्तर: (A) हम्मीर चौहान

व्याख्या: हम्मीर रासो‘ (जोधपुर के राठौड़ – हम्मीर? वास्तव में हम्मीरदेव चौहान (रणथंभोर) की वीरता का वर्णन) – यह अल्लाउद्दीन खिलजी से संघर्ष से जुड़ा है।

Q144. ‘ढोला मारूराजस्थान की किस प्रकार की रचना है?

(A) वीर गाथा

(B) श्रृंगारिक प्रेम कथा

(C) युद्ध कथा

(D) धार्मिक स्तोत्र

उत्तर: (B) श्रृंगारिक प्रेम कथा

व्याख्या: ढोला मारूराजस्थान की एक प्रेम कथा (गीत) है। यह राजस्थानी लोक साहित्य की अमर रचना है।

Q145. राजस्थान में मांडक्या है?

(A) लोक नृत्य

(B) लोक गीत

(C) चित्रकला

(D) वाद्य यंत्र

उत्तर: (B) लोक गीत

व्याख्या: मांड राजस्थान का एक शास्त्रीय-अर्धशास्त्रीय लोक गीत (प्रायः शृंगार रस) है।

Q146. ‘कव्वालीके जनक अमीर खुसरो ने राजस्थान के किस लोक गीत में योगदान दिया?

(A) मांड

(B) पंखी

(C) कालबेलिया

(D) भवई

उत्तर: (A) मांड (कुछ स्रोतों में) – परंतु अमीर खुसरो का मुख्य कार्य दिल्ली-उत्तर भारत में था। BPSC के लिए अमीर खुसरोका राजस्थान से सीधा संबंध नहीं है।

Q147. ‘राजपूतानाका स्वर्ण नगरकिस शहर को कहा जाता है?

(A) जयपुर (गुलाबी नगर)

(B) जैसलमेर

(C) उदयपुर (झीलों का नगर)

(D) जोधपुर (नीला नगर)

उत्तर: (B) जैसलमेर

व्याख्या: जैसलमेर को स्वर्ण नगर‘ (Golden City) कहा जाता है, क्योंकि यहाँ पीले बलुआ पत्थर से बने घर/किला सुनहरे दिखते हैं।

Q148. ‘पाबूजी की फड़राजस्थान की किस परंपरा का हिस्सा है?

(A) चित्रकला (फड़ – कपड़े पर बना चित्र)

(B) नृत्य

(C) संगीत

(D) मूर्तिकला

उत्तर: (A) चित्रकला (फड़ – कपड़े पर बना चित्र)

व्याख्या: फड़राजस्थान की एक चित्रकला शैली है – कपड़े (लंबी पट्टी) पर लोक देवता (पाबूजी, देवनारायण) की गाथा चित्रित की जाती है। इसे भोपा (गायक) गीत के साथ प्रस्तुत करता है।

Q149. ‘देवनारायण जीराजस्थान के लोक देवता हैं। वे किस वंश से हैं?

(A) गुर्जर

(B) राजपूत

(C) जाट

(D) मीणा

उत्तर: (C) जाट (दादू जाट)

व्याख्या: देवनारायण जी (गुर्जर – विवादित) – सामान्यतः राजस्थान में इन्हें लोक देवता माना जाता है। BPSC के लिए इतना जानना पर्याप्त है कि ये राजस्थान के लोक देवता हैं।

Q150. ‘बूंदी शैलीके लघुचित्रों में किस नायक/नायिका का चित्रण अधिक है?

(A) राधा-कृष्ण

(B) राम-सीता

(C) नायिकाओं के भेद (अष्टनायिका)

(D) शिव-पार्वती

उत्तर: (C) नायिकाओं के भेद (अष्टनायिका)

व्याख्या: बूंदी शैली नायिकाओं के भेद (अष्टनायिका – संयुक्ता, वियोगिनी, स्वाधीन भर्तृका आदि) के चित्रण के लिए प्रसिद्ध है।

Q151. ‘किशनगढ़ शैलीका सबसे प्रसिद्ध चित्रकार कौन था?

(A) निहालचंद

(B) मानकु

(C) साहिबदीन

(D) दलचंद

उत्तर: (A) निहालचंद (बानी-ठनी के चित्रकार)

व्याख्या: निहालचंद (18वीं शती) किशनगढ़ शैली के सर्वश्रेष्ठ चित्रकार थे। उन्होंने बानी-ठनीका चित्र बनाया।

Q152. ‘राजपूतानामें बलिदानऔर शौर्यके उदाहरण के रूप में किस किले को जाना जाता है?

(A) चित्तौड़गढ़ (जौहर और शौर्य)

(B) कुंभलगढ़

(C) मेहरानगढ़

(D) आमेर

उत्तर: (A) चित्तौड़गढ़ (जौहर और शौर्य)

व्याख्या: चित्तौड़गढ़ किला तीन बार जौहर (सामूहिक आत्मदाह) का साक्षी रहा है – यह राजपूताना के बलिदान और शौर्य का प्रतीक है।

Q153. ‘जोधपुर के राठौड़राजवंश ने किस शैली को प्रोत्साहित किया?

(A) मेवाड़

(B) मारवाड़

(C) जयपुर

(D) बूंदी

उत्तर: (B) मारवाड़

व्याख्या: जोधपुर (राठौड़) के राजाओं ने मारवाड़ शैली (लघुचित्र) को प्रोत्साहित किया।

Q154. ‘पृथ्वीराज रासोके अलावा राजपूताना का एक अन्य प्रसिद्ध रासो ग्रंथ कौन-सा है?

(A) बीसलदेव रासो

(B) हम्मीर रासो

(C) दोनों

(D) रामचरितमानस

उत्तर: (C) दोनों

व्याख्या: बीसलदेव रासो और हम्मीर रासो भी राजपूताना के प्रसिद्ध रासो ग्रंथ हैं।

Q155. ‘राजपूताना की परंपराओं का महिमामंडनसे क्या तात्पर्य है?

(A) केवल युद्धों का वर्णन

(B) वीरता, बलिदान, सती, जौहर, राजाओं के गुणों का अतिरंजित एवं गौरवपूर्ण वर्णन

(C) केवल प्रेम कथाएँ

(D) केवल धार्मिक अनुष्ठान

उत्तर: (B) वीरता, बलिदान, सती, जौहर, राजाओं के गुणों का अतिरंजित एवं गौरवपूर्ण वर्णन

व्याख्या: राजपूताना में परंपराओं का महिमामंडन का अर्थ – योद्धाओं की वीरता, शौर्य, बलिदान, सती, जौहर, राजाओं के आदर्श चरित्र का गुणगान करना। पृथ्वीराज रासोइसका उदाहरण है।

खंड E: केरल एवं अन्य क्षेत्रों की संस्कृति (प्रश्न 156–180)

Q156. ‘लिलातिलकमग्रंथ किस विषय पर है?

(A) केरल का इतिहास

(B) मलयालम व्याकरण एवं काव्यशास्त्र

(C) कथकली कला

(D) तमिल साहित्य

उत्तर: (B) मलयालम व्याकरण एवं काव्यशास्त्र

व्याख्या: लिलातिलकम‘ (14वीं शती) मलयालम भाषा के व्याकरण और काव्यशास्त्र का प्राचीन ग्रंथ है।

Q157. ‘लिलातिलकमकिस भाषा में लिखा गया है?

(A) मलयालम

(B) तमिल

(C) संस्कृत (मलयालम का वर्णन)

(D) फारसी

उत्तर: (C) संस्कृत (मलयालम का वर्णन)

व्याख्या: लिलातिलकमसंस्कृत में लिखा गया है, परंतु इसमें मलयालम भाषा के व्याकरण, काव्य शैली, क्षेत्रीय भाषा के विकास का विवरण है।

Q158. ‘कथकलीनृत्य की उत्पत्ति किस राज्य में हुई?

(A) तमिलनाडु

(B) केरल

(C) कर्नाटक

(D) आंध्र प्रदेश

उत्तर: (B) केरल

व्याख्या: कथकली (कथा + कली) केरल का शास्त्रीय नृत्य-नाट्य है। इसका विकास 16वीं-17वीं शताब्दी में हुआ।

Q159. कथकली नृत्य की मुख्य विशेषता क्या है?

(A) बोल/संवाद

(B) मूकाभिनय एवं हस्त मुद्राएँ

(C) वाद्य संगत नहीं

(D) पुरुष नहीं कर सकते

उत्तर: (B) मूकाभिनय एवं हस्त मुद्राएँ

व्याख्या: कथकली में कोई संवाद नहीं होता। कहानी हस्त मुद्राओं (मुद्रा) और चेहरे के भाव (नवरस) के माध्यम से सुनाई जाती है।

Q160. ‘मोहिनीअट्टमकेरल का किस प्रकार का नृत्य है?

(A) पुरुषों का

(B) महिलाओं का एकल नृत्य

(C) युगल नृत्य

(D) समूह नृत्य

उत्तर: (B) महिलाओं का एकल नृत्य

व्याख्या: मोहिनीअट्टम केरल का एक महिलाओं का एकल नृत्य है। मोहिनी‘ (विष्णु का स्त्री रूप) से संबंधित।

Q161. ‘अध्यात्म रामायणके रचयिता कौन थे?

(A) एझुतच्छन

(B) तुलसीदास

(C) कालिदास

(D) विद्यापति

उत्तर: (A) एझुतच्छन

व्याख्या: एझुतच्छन (16वीं शती) ने मलयालम में अध्यात्म रामायणलिखी। उन्हें मलयालम साहित्य का पिता कहा जाता है।

Q162. केरल का प्रसिद्ध नाव त्योहार नेहरू ट्रॉफीकिस झील पर होता है?

(A) वेम्बनाड

(B) अष्टमुडी

(C) शास्तमकोट्टा

(D) पुक्कोड

उत्तर: (A) वेम्बनाड

व्याख्या: नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़ (अलप्पुझा) वेम्बनाड झील पर आयोजित होती है।

Q163. केरल का ओणमत्योहार किस देवता से जुड़ा है?

(A) विष्णु

(B) महाबलि (राजा बलि)

(C) शिव

(D) कृष्ण

उत्तर: (B) महाबलि (राजा बलि)

व्याख्या: ओणम केरल का सबसे बड़ा त्योहार है, जो राजा महाबलि (बलि) के स्वागत में मनाया जाता है। यह फसल उत्सव भी है।

Q164. ‘पूरमत्योहार केरल के किस नगर में प्रसिद्ध है?

(A) कोच्चि

(B) त्रिशूर

(C) तिरुवनंतपुरम

(D) कोझिकोड

उत्तर: (B) त्रिशूर

व्याख्या: त्रिशूर पूरम केरल का प्रसिद्ध हाथी, ढोल और आतिशबाजी का त्योहार है।

Q165. ‘सोपान संगीतकिस राज्य की देन है?

(A) तमिलनाडु

(B) कर्नाटक

(C) केरल

(D) आंध्र प्रदेश

उत्तर: (C) केरल

व्याख्या: सोपान संगीतकेरल के मंदिरों (विशेषकर पद्मनाभस्वामी मंदिर) में गाया जाने वाला देवालय संगीत है।

Q166. केरल के कुडियाट्टमको किस मान्यता से सम्मानित किया गया?

(A) यूनेस्को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर

(B) राष्ट्रीय पुरस्कार

(C) कला अकादमी पुरस्कार

(D) कोई नहीं

उत्तर: (A) यूनेस्को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर

व्याख्या: कुडियाट्टम (केरल का प्राचीन संस्कृत रंगमंच) यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल है।

Q167. केरल में पद्मनाभस्वामी मंदिरकहाँ स्थित है?

(A) कोच्चि

(B) तिरुवनंतपुरम

(C) त्रिशूर

(D) कन्नूर

उत्तर: (B) तिरुवनंतपुरम

व्याख्या: पद्मनाभस्वामी मंदिर (तिरुवनंतपुरम) भगवान विष्णु को समर्पित है। यह विश्व का सबसे अमीर मंदिर है।

Q168. केरल की सर्प कावुपरंपरा किससे संबंधित है?

(A) साँप देवता

(B) कृष्ण

(C) शिव

(D) दुर्गा

उत्तर: (A) साँप देवता (नाग देवता)

व्याख्या: सर्प कावु (सर्प वन) केरल की परंपरा है – घर के पिछवाड़े में साँपों (नाग देवता) के लिए एक छोटा सा जंगल छोड़ दिया जाता है। इसे पवित्र माना जाता है।

Q169. ‘कलरीपयट्टूकिस राज्य का प्राचीन मार्शल आर्ट है?

(A) तमिलनाडु

(B) केरल

(C) कर्नाटक

(D) आंध्र

उत्तर: (B) केरल

व्याख्या: कलरीपयट्टू केरल का प्राचीन मार्शल आर्ट है। इसे दुनिया की सबसे पुरानी मार्शल आर्ट में से एक माना जाता है।

Q170. ‘विशुकेरल का नववर्ष दिवस है। यह किस महीने में मनाया जाता है?

(A) जनवरी

(B) मार्च/अप्रैल

(C) जून

(D) अगस्त

उत्तर: (B) मार्च/अप्रैल

व्याख्या: विशु केरल का नववर्ष त्योहार है, जो सिंह राशि में सूर्य के प्रवेश के समय (मार्च/अप्रैल) मनाया जाता है।

Q171. ‘लिलातिलकमके रचनाकाल के बारे में निम्नलिखित में कौन-सा सही है?

(A) 12वीं शती

(B) 13वीं शती

(C) 14वीं शती

(D) 15वीं शती

उत्तर: (C) 14वीं शती

व्याख्या: लिलातिलकमकी रचना 14वीं शताब्दी में हुई थी।

Q172. मलयालम भाषा का प्राचीनतम ग्रंथ कौन-सा माना जाता है?

(A) लिलातिलकम

(B) रामचरितमानस

(C) बीजक

(D) सूरसागर

उत्तर: (A) लिलातिलकम (यह व्याकरण है) – वास्तविक प्राचीन मलयालम साहित्य रामचरितमानस‘ (तमिल/मलयालम मिश्रण) भी है। प्रश्न में लिलातिलकम प्रसिद्ध है।

Q173. केरल की प्राचीन द्रविड़ भाषा कौन-सी है?

(A) तमिल

(B) तुलु

(C) कन्नड़

(D) मलयालम (अपभ्रंश से विकसित)

उत्तर: (D) मलयालम

व्याख्या: मलयालम द्रविड़ भाषा परिवार से है। यह तमिल, संस्कृत, प्राकृत के मिश्रण से विकसित हुई।

Q174. केरल में बैकवाटरकिस नाम से प्रसिद्ध है?

(A) नहरें

(B) झीलें

(C) नदी डेल्टा

(D) समुद्री लगून (अलप्पुझा, कोल्लम)

उत्तर: (D) समुद्री लगून (अलप्पुझा, कोल्लम)

व्याख्या: केरल का बैकवाटर (पश्चिमी तटीय लैगून) एक अद्वितीय पर्यटन स्थल है। अलप्पुझा का बैकवाटर प्रसिद्ध है।

Q175. ‘रामनाट्टमकिस नृत्य का पूर्ववर्ती था?

(A) कथकली

(B) भरतनाट्यम

(C) मोहिनीअट्टम

(D) छऊ

उत्तर: (A) कथकली

व्याख्या: रामनाट्टम‘ (राम कथा नृत्य) को कथकली का पूर्ववर्ती माना जाता है। इसे कोट्टारक्करा तम्पुरान ने विकसित किया।

Q176. केरल के सर्प दोषनिवारण अनुष्ठान का क्या नाम है?

(A) सर्प कावु

(B) सर्प पूजा

(C) नाग मंडलम

(D) कलरी

उत्तर: (C) नाग मंडलम

व्याख्या: नाग मंडलम केरल का नाग देवता से संबंधित एक प्रसिद्ध अनुष्ठान है।

Q177. ‘कलारीशब्द किससे संबंधित है?

(A) कथकली

(B) कलरीपयट्टू (प्रशिक्षण केंद्र)

(C) कृषि

(D) व्यापार

उत्तर: (B) कलरीपयट्टू (प्रशिक्षण केंद्र)

व्याख्या: कलारी केरल में मार्शल आर्ट कलरीपयट्टूके प्रशिक्षण केंद्र को कहते हैं।

Q178. केरल का सबसे लोकप्रिय नारियल व्यंजन क्या है?

(A) डोसा

(B) इडली

(C) नारियल चटनी

(D) सांभर

उत्तर: (C) नारियल चटनी (हास्य – परन्तु वास्तव में केरल में नारियल का प्रचुर उपयोग)

व्याख्या: केरल के व्यंजनों में नारियल (तेल, दूध, चटनी) का प्रयोग सबसे अधिक होता है।

Q179. केरल के अरनमूला नौका दौड़किस नदी पर होती है?

(A) पम्बा

(B) पेरियार

(C) भारतपुझा

(D) चालक्कुड़ी

उत्तर: (A) पम्बा

व्याख्या: अरनमूला नौका दौड़ (पम्बा नदी) केरल की प्रसिद्ध सर्प नौका दौड़ है।

Q180. ‘शबरीमालामंदिर केरल में किस पहाड़ी पर स्थित है?

(A) नीलगिरी

(B) पश्चिमी घाट

(C) शबरीमाला (पेरियार टाइगर रिजर्व के निकट)

(D) अन्नामलाई

उत्तर: (C) शबरीमाला (पेरियार टाइगर रिजर्व के निकट)

व्याख्या: शबरीमाला (अय्यप्पा मंदिर) केरल के पथानामथिट्टा जिले में शबरीमाला पहाड़ी पर स्थित है।

खंड F: BPSC विशेष – बिहार एवं अन्य क्षेत्रों की संस्कृति (प्रश्न 181–200)

Q181. ‘मैथिलीभाषा का सबसे प्रसिद्ध कवि कौन था?

(A) तुलसीदास

(B) विद्यापति

(C) सूरदास

(D) कबीर

उत्तर: (B) विद्यापति

व्याख्या: विद्यापति (1360-1450) मैथिली के सर्वश्रेष्ठ कवि थे। उनके कृष्ण भक्ति गीत (पदावली) मैथिली साहित्य की अमूल्य निधि हैं।

Q182. ‘मधुबनी चित्रकला‘ (मिथिला चित्रकला) बिहार के किन जिलों में प्रचलित है?

(A) दरभंगा, मधुबनी

(B) पटना, गया

(C) भागलपुर, मुंगेर

(D) सारण, चंपारण

उत्तर: (A) दरभंगा, मधुबनी

व्याख्या: मधुबनी चित्रकला (जिसे मिथिला चित्रकला भी कहते हैं) बिहार के दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी जिलों में प्रचलित है।

Q183. मधुबनी चित्रकला में मुख्यतः किन रंगों का प्रयोग होता है?

(A) सिंदूर, हल्दी, नील, काजल (प्राकृतिक रंग)

(B) तेल रंग

(C) वाटर कलर

(D) स्प्रे पेंट

उत्तर: (A) सिंदूर, हल्दी, नील, काजल (प्राकृतिक रंग)

व्याख्या: मधुबनी चित्रकला में प्राकृतिक रंगों का उपयोग होता है – सिंदूर (लाल), हल्दी (पीला), नील (नीला), काजल (काला), सफेद (चावल का पाउडर)।

Q184. मधुबनी चित्रकला में मुख्य रूप से क्या चित्रित किया जाता है?

(A) युद्ध दृश्य

(B) विवाह, पूजा, कृष्ण-लीला, सीता-राम, प्रकृति

(C) राजा के दरबार

(D) शिकार दृश्य

उत्तर: (B) विवाह, पूजा, कृष्ण-लीला, सीता-राम, प्रकृति

व्याख्या: मधुबनी चित्रकला में शुभ घटनाओं (विवाह, पूजा), धार्मिक आख्यान (रामायण, कृष्ण लीला), प्रकृति (फूल, पौधे, जानवर) का चित्रण किया जाता है।

Q185. ‘छठ पूजामुख्य रूप से किस राज्य का प्रसिद्ध त्योहार है?

(A) बिहार

(B) उत्तर प्रदेश

(C) झारखंड

(D) उपरोक्त सभी (विशेषकर बिहार)

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी (विशेषकर बिहार)

व्याख्या: छठ बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड का प्रमुख लोक त्योहार है। इसमें सूर्य देवता (अस्ताचलगामी सूर्य एवं उदीयमान सूर्य) की पूजा की जाती है।

Q186. ‘बिहारका नाम किस शब्द से बना है?

(A) विहार (बौद्ध विहार)

(B) बीज हार

(C) विजय

(D) बिग हार

उत्तर: (A) विहार (बौद्ध विहार)

व्याख्या: बिहारनाम विहार‘ (बौद्ध भिक्षुओं के निवास स्थान) से बना है। यहाँ बहुत से बौद्ध विहार थे।

Q187. ‘मैथिलीभाषा किस लिपि में लिखी जाती है?

(A) देवनागरी

(B) बांग्ला

(C) तिरहुता (मैथिली लिपि) – अब प्रचलन में नहीं

(D) कैथी

उत्तर: (C) तिरहुता (मैथिली लिपि) – अब देवनागरी में लिखी जाती है।

व्याख्या: मैथिली अपनी प्राचीन लिपि तिरहुता (मैथिली) में लिखी जाती थी, परंतु अब देवनागरी में लिखी जाती है।

Q188. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना विद्यापति की है?

(A) पदावली (कृष्ण गीत)

(B) कीर्तिलता

(C) भू-परिक्रमा

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

व्याख्या: विद्यापति की रचनाएँ – पदावली‘ (मैथिली कृष्ण गीत), ‘कीर्तिलता‘, ‘कीर्तिपताका‘, ‘भू-परिक्रमा‘ (ब्रजभाषा) आदि।

Q189. ‘भोजपुरीभाषा बिहार के किस क्षेत्र में बोली जाती है?

(A) पश्चिमी बिहार (भोजपुर, सारन, चंपारण)

(B) उत्तर बिहार

(C) मिथिला

(D) अंग क्षेत्र

उत्तर: (A) पश्चिमी बिहार (भोजपुर, सारन, चंपारण)

व्याख्या: भोजपुरी भाषा पश्चिमी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बोली जाती है। भोजपुर, सारन, सिवान, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण इसके केंद्र हैं।

Q190. ‘मगहीभाषा बिहार के किस क्षेत्र में बोली जाती है?

(A) मगध क्षेत्र (पटना, गया, नालंदा, जहानाबाद)

(B) मिथिला

(C) अंग

(D) भोजपुर

उत्तर: (A) मगध क्षेत्र (पटना, गया, नालंदा, जहानाबाद)

व्याख्या: मगही भाषा मगध (दक्षिण-मध्य बिहार) में बोली जाती है। पटना, गया, नालंदा, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद के भाग।

Q191. ‘अंगिकाभाषा बिहार के किस जिले में बोली जाती है?

(A) मुंगेर, भागलपुर, बाँका

(B) पटना

(C) सारन

(D) दरभंगा

उत्तर: (A) मुंगेर, भागलपुर, बाँका

व्याख्या: अंगिका (अंग क्षेत्र) मुंगेर, भागलपुर, बाँका, जमुई, लखीसराय जिलों में बोली जाती है।

Q192. ‘बिहार के लोक नृत्यके बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

(A) झिझिया

(B) फाग

(C) नट-नटनी

(D) उपरोक्त सभी

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

व्याख्या: बिहार के लोक नृत्य हैं – झिझिया (बारिश में), फाग (होली में), नट-नटनी (जात्रा), जात्रा (नाटक), कर्मा, संथाली नृत्य आदि।

Q193. ‘झिझियानृत्य बिहार में किस ऋतु में किया जाता है?

(A) ग्रीष्म (श्रावणी मेला)

(B) शरद

(C) वर्षा (सावन-भादो)

(D) हेमंत

उत्तर: (C) वर्षा (सावन-भादो)

व्याख्या: झिझिया नृत्य बिहार में वर्षा ऋतु (सावन-भादो) में, मेंढक के साथ फसलों की समृद्धि की कामना के लिए किया जाता है।

Q194. ‘पटना कलम‘ (पटना चित्रकला शैली) किस काल में प्रचलित हुई?

(A) गुप्त काल

(B) पाल काल

(C) ब्रिटिश काल (18वीं-19वीं शती)

(D) मुगल काल

उत्तर: (C) ब्रिटिश काल (18वीं-19वीं शती)

व्याख्या: पटना कलम‘ (पटना शैली) 18वीं-19वीं शताब्दी में पटना में विकसित हुई। यह कंपनी शैली (Company style) का एक प्रकार थी, जिसमें मुगल, राजपूत और यूरोपीय शैली का मिश्रण था।

Q195. ‘प्रशस्तिक्या है? (NCERT अध्याय 2 में आया था – यहाँ पुनरावृत्ति)

(A) युद्ध

(B) राजाओं द्वारा अपनी प्रशंसा में लिखवाए गए काव्यात्मक लेख

(C) कर

(D) प्रशासनिक विभाग

उत्तर: (B) राजाओं द्वारा अपनी प्रशंसा में लिखवाए गए काव्यात्मक लेख

व्याख्या: यह प्रश्न नए राज्य एवं राजाअध्याय से है। प्रशस्तियाँ (जैसे समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति) क्षेत्रीय संस्कृति का हिस्सा हैं।

Q196. क्षेत्रीय पहचान का विकास समकालीन राजनीति से अलग कैसे हुआ?

(A) राजनीतिक सीमाएँ बदलती रहीं, परंतु भाषा-देवता-साहित्य क्षेत्र की पहचान बने रहे

(B) राजनीति ने पहचान बनाई

(C) दोनों एक जैसे थे

(D) कोई संबंध नहीं

उत्तर: (A) राजनीतिक सीमाएँ बदलती रहीं, परंतु भाषा-देवता-साहित्य क्षेत्र की पहचान बने रहे

व्याख्या: भाषा (ब्रज- मथुरा, अवधी-अयोध्या), देवता (मनसा-बंगाल), साहित्य (राजतरंगिणी-कश्मीर) राजनीतिक सीमाओं से नहीं बंधे थे। वे सांस्कृतिक क्षेत्रों के रूप में विकसित हुए।

Q197. क्षेत्रीय भाषाओं के विकास का एक प्रमुख कारण क्या था?

(A) भक्ति एवं सूफी संतों ने जनता से संवाद के लिए स्थानीय भाषा अपनाई

(B) संस्कृत पर प्रतिबंध लगा दिया गया

(C) अंग्रेजों ने स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहित किया

(D) व्यापारिक कारण

उत्तर: (A) भक्ति एवं सूफी संतों ने जनता से संवाद के लिए स्थानीय भाषा अपनाई

व्याख्या: भक्ति संत (तुलसी, सूर, कबीर, मीरा, चैतन्य) और सूफी (अमीर खुसरो) ने आम जनता तक पहुँचने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं (अवधी, ब्रज, राजस्थानी, बंगला, मराठी) में रचनाएँ कीं।

Q198. BPSC के अनुसार, ‘क्षेत्रीय पहचानक्षेत्रीय राज्यों (जैसे बंगाल, कश्मीर, राजपूताना) से आगे कैसे विकसित हुई?

(A) केवल राजनीति से

(B) भाषा, लोक देवता, साहित्य, कला से

(C) केवल युद्धों से

(D) केवल धर्म से

उत्तर: (B) भाषा, लोक देवता, साहित्य, कला से

व्याख्या: क्षेत्रीय पहचान का विकास भाषा (बंगला, राजस्थानी, मैथिली), लोक देवता (मनसा, तेजाजी), साहित्य (राजतरंगिणी, मंगलकाव्य, पृथ्वीराज रासो), कला (पट्टचित्र, राजस्थानी लघुचित्र, मधुबनी) के माध्यम से हुआ।

Q199. क्षेत्रीय संस्कृति के विकास में किसका योगदान नहीं था?

(A) भक्ति संत

(B) सूफी संत

(C) स्थानीय शासक (राजपूत, पाल, चोल)

(D) विदेशी व्यापारी

उत्तर: (D) विदेशी व्यापारी

व्याख्या: विदेशी व्यापारियों का क्षेत्रीय संस्कृति के निर्माण में कोई सीधा योगदान नहीं था। भक्ति संत, सूफी, स्थानीय शासकों ने ही क्षेत्रीय पहचान को बढ़ावा दिया।

Q200. ‘क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माणअध्याय के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(A) क्षेत्रीय पहचान केवल राजनीतिक सीमाओं के अधीन थी

(B) भाषा, लोक देवता, साहित्य ने क्षेत्रीय पहचान बनाई, जो राज्य सीमाओं से परे थी

(C) केवल केंद्रीय सत्ता ने क्षेत्रीय पहचान तय की

(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर: (B) भाषा, लोक देवता, साहित्य ने क्षेत्रीय पहचान बनाई, जो राज्य सीमाओं से परे थी

व्याख्या: यही इस अध्याय का मुख्य निष्कर्ष है। क्षेत्रीय पहचान प्रशासनिक सीमाओं से अलग, भाषा, साहित्य, लोक देवताओं, कला के माध्यम से विकसित हुई।

💡 BPSC PT हेतु टिप्स :

1. बंगाल – पट्टचित्र, मंगलकाव्य (मनसा, चंडी), बाउल, चैतन्य महाप्रभु, चर्यापद

2. कश्मीर – राजतरंगिणी (कल्हण), नीलमत पुराण, मार्तंड मंदिर, अभिनवगुप्त (कश्मीरी शैव)

3. राजपूताना – पृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई), लघुचित्र (मेवाड़, किशनगढ़, बूंदी), लोक देवता (तेजाजी, पाबूजी, गोगाजी)

4. केरल – लिलातिलकम, कथकली, एझुतच्छन (अध्यात्म रामायण)

5. बिहार (BPSC विशेष) – मधुबनी चित्रकला, विद्यापति (मैथिली), छठ पूजा, भोजपुरी, मगही, अंगिका, झिझिया नृत्य

6. क्षेत्रीय पहचान का विकास – भाषा + लोक देवता + साहित्य + कला (राजनीति से अलग) – इसी तथ्य को याद रखें।

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