बिहार के जनजातीय विद्रोह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र

यहाँ BPSC PT (Bihar Public Service Commission Prelims) के लिए जनजातीय विद्रोह (Tribal Revolts) पर विस्तृत नोट्स दिए जा रहे हैं। यह नोट्स बिहार विशेष (अब झारखंड) के सभी प्रमुख आंदोलनों को कवर करते हैं।

बिहार के जनजातीय विद्रोह (Tribal Revolts of Bihar)

प्रस्तावना (Introduction)

19वीं शताब्दी के प्रारंभ में बिहार (विशेषकर छोटानागपुर और संथाल परगना क्षेत्र, जो अब झारखंड है) में जनजातीय विद्रोहों की शुरुआत हुई । ये विद्रोह अधिकतर स्थानीय, छिटपुट और असंगठित थे। इनका मुख्य कारण भूमि का बाहरी लोगों को हस्तांतरण और ब्रिटिश उपनिवेशवादियों द्वारा जनजातीय भूमि का शोषण था ।

जनजातीय विद्रोहों के मुख्य कारण (Causes of Tribal Revolts)

1. भूमि संबंधी कारण (Land Related Causes)

· स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement 1793) : जमींदारी प्रथा की शुरुआत से आदिवासियों की सामुदायिक भूमि व्यवस्था नष्ट हो गई ।

· वन अधिनियम (Forest Acts 1865, 1878) : जंगलों को राज्य की संपत्ति घोषित कर दिया गया, जिससे आदिवासियों का वनों पर पारंपरिक अधिकार समाप्त हो गया ।

· बाहरी लोगों (दिकुओं) का प्रवेश : साहूकारों, व्यापारियों और जमींदारों ने आदिवासी भूमि पर कब्जा कर लिया ।

2. आर्थिक शोषण (Economic Exploitation)

· बेगार प्रथा (Begari) : जबरन मजदूरी करवाई जाती थी ।

· सूदखोरी : साहूकारों द्वारा अत्यधिक ब्याज दरों पर ऋण देकर आदिवासियों को कर्ज के बंधन में फंसाया गया ।

· कर्ज की वजह से भूमि हरण : ऋण न चुकाने पर भूमि जब्त कर ली जाती थी ।

3. सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारण

· ईसाई मिशनरियों की गतिविधियाँ : धर्मांतरण का दबाव और पारंपरिक धार्मिक प्रथाओं का ह्रास ।

· पारंपरिक स्वशासन का पतन : परहा पंचायत (स्वशासन व्यवस्था) को कमजोर किया गया ।

बिहार के प्रमुख जनजातीय विद्रोहों की सूची

विद्रोह का नाम वर्ष नेता स्वरूप एवं उद्देश्य

नोनिया विद्रोह 1700-1800 – शोषण के खिलाफ

तामाड़ विद्रोह 1789-1832 भोलानाथ सहाय कृषि प्रतिबंधों के खिलाफ

चेरो विद्रोह 1800 सरदार भूषण सिंह जमींदारी कर के खिलाफ

हो-मुंडा विद्रोह 1820-1837 राजा परहत सिंहभूम पर ब्रिटिश कब्जे के खिलाफ

कोल विद्रोह 1831-32 बुधू भगत भूमि हस्तांतरण के खिलाफ

भूमिज विद्रोह 1832-33 गंगा नारायण राजस्व नीति के खिलाफ

संथाल विद्रोह 1855-56 सिद्धू-कान्हू मुर्मू जमींदारों व साहूकारों के खिलाफ

लोटा विद्रोह 1856 – जेलों में पीतल बर्तन बंद करने के विरोध में

सरदारी आंदोलन 1858 ईसाई आदिवासी किसान बेगार प्रथा के खिलाफ

सफा-होर विद्रोह 1868-70 भागीरथ मांझी, लाल हेम्ब्रम एकेश्वरवाद और सामाजिक सुधार

मुंडा विद्रोह (उलगुलान) 1899-1900 बिरसा मुंडा भूमि अधिकारों के लिए

ताना भगत आंदोलन 1914-1919 जात्रा भगत जमींदारों व करों के खिलाफ

प्रमुख विद्रोहों का विस्तृत विवरण

1. कोल विद्रोह (Kol Uprising) 1831-32

नेता: बुधू भगत (बुधो भगत)

क्षेत्र: रांची, सिंहभूम, हजारीबाग, पलामू

कारण:

· ब्रिटिश विस्तार का प्रतिरोध

· आदिवासी भूमि का सिख एवं मुस्लिम किसानों को हस्तांतरण

· साहूकारों और जमींदारों का शोषण

परिणाम:

· अंग्रेजों द्वारा क्रूरतापूर्वक दमन

· साउथ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी नामक नए प्रांत का निर्माण

2. भूमिज विद्रोह (Bhumij Revolt) 1832-33

नेता: गंगा नारायण

क्षेत्र: सिंहभूम और बीरभूम

कारण:

· बढ़ती भू-राजस्व मांग

· स्थानीय अधिकारियों (जमींदारों, मुंसिफों) द्वारा शोषण

महत्वपूर्ण घटनाएँ:

· 26 अप्रैल 1832 को वीरभूम के दीवान की हत्या के साथ शुरू

· 7 फरवरी 1833 को गंगा नारायण की मृत्यु के बाद विद्रोह कमजोर हुआ

3. संथाल विद्रोह (Santhal Rebellion – Hool) 1855-56

नेता: सिद्धू मुर्मू, कान्हू मुर्मू, चाँद, भैरव

क्षेत्र: राजमहल पहाड़ियाँ, भागलपुर, मुंगेर

🔴 BPSC के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण 🔴

कारण:

· स्थायी बंदोबस्त के तहत जमींदारी व्यवस्था का शोषण

· दिकुओं (बाहरी लोगों) का प्रवेश – जमींदार, साहूकार, व्यापारी

· बेगार प्रथा और सूदखोरी से कर्ज का बोझ

· 1832 के वादे तोड़ना (आदिवासी भूमि में हस्तक्षेप न करने का)

प्रमुख घटनाएँ:

· 30 जून 1855 – भोगनाडीह गाँव में 10,000 संथालों ने “हूल” (विद्रोह) की घोषणा की

· सिद्धू ने “ठाकुर” से दिव्य संदेश प्राप्त करने का दावा किया

· गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाई

· ब्रिटिश प्रशासन, पुलिस थानों, रेलवे संरचनाओं पर हमले

दमन:

· ब्रिटिश सेना ने मार्शल लॉ घोषित किया

· सैन्य अभियान – मेजर बैरो का नेतृत्व

· लगभग 15,000 संथाल मारे गए

· सिद्धू (1855) और कान्हू (1866) की मृत्यु/गिरफ्तारी

परिणाम:

· संथाल परगना का निर्माण (अशले ईडन प्रथम जिलाधिकारी)

· संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम 1876 – भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए

· हूल दिवस प्रतिवर्ष 30 जून को मनाया जाता है

4. मुंडा विद्रोह – उलगुलान (Munda Revolt – Ulgulan) 1899-1900

नेता: बिरसा मुंडा

क्षेत्र: छोटानागपुर क्षेत्र (रांची, खूंटी, चक्रधरपुर)

कारण:

· वन अधिनियम 1865 और 1878 – आदिवासियों के वन अधिकार समाप्त

· मुंडारी खूंटकट्टी (सामुदायिक भूमि व्यवस्था) का विनाश

· दिकुओं (बाहरी जमींदारों, साहूकारों) का शोषण

प्रमुख घटनाएँ:

· दिसंबर 1899 – सशस्त्र संघर्ष शुरू

· “उलगुलान” (विनाशकारी विद्रोह) का नारा

· थिकादारों, जागीरदारों, राजाओं और हकीमों को निशाना बनाया

परिणाम:

· 1900 में बिरसा मुंडा गिरफ्तार, रांची जेल में मृत्यु (हैजा/जहर विवाद)

· मुंडारी खूंटकट्टी व्यवस्था को काश्तकारी अधिनियम के तहत बहाल किया गया

· छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 का अधिनियमन – आदिवासी भूमि की रक्षा के लिए

5. सफा-होर आंदोलन / खेरवार आंदोलन (Sapha Hor / Kherwar Movement) 1868-70

नेता: भागीरथ मांझी, लाल हेम्ब्रम, पाइका मुर्मू

उद्देश्य:

· एकेश्वरवाद की अवधारणा को लोकप्रिय बनाना

· सामाजिक सुधार – बुरे बोंगा‘ (बुरी आत्माओं) को बलि देना बंद करना

· “सफा होर” (शुद्ध मनुष्य) के रूप में पुनर्जन्म पर जोर

· पृथक संथाल राज्य की मांग

परिणाम: अंग्रेजों द्वारा दमन

6. ताना भगत आंदोलन (Tana Bhagat Movement) 1914-1919

नेता: जात्रा भगत, बलराम भगत, भीखू भगत

क्षेत्र: छोटानागपुर (उराँव जनजाति)

विशेषताएँ:

· इसे बिरसा आंदोलन का विस्तार माना जाता है

· प्रारंभ में कुरुख धरम (उराँवों का मूल धर्म) के नाम से धार्मिक आंदोलन

· महात्मा गांधी से प्रभावित – अहिंसा के समर्थक

· हिंदू प्रथाओं (जनेऊ, तिलक) को अपनाया

उद्देश्य:

· जमींदारों, साहूकारों और ब्रिटिश सरकार का विरोध

· ब्रिटिश लगाए करों का विरोध

परिणाम: ब्रिटिश सरकार द्वारा क्रूरतापूर्वक समाप्त

7. सरदारी आंदोलन (Sardari Movement) 1858

नेता: ईसाई आदिवासी किसान

उद्देश्य:

· दमनकारी जमींदारों के खिलाफ कृषि विद्रोह

· बेगारी प्रथा (जबरन मजदूरी) का विरोध

· भूमि सुधारों की मांग

महत्व: बाद में बिरसा मुंडा के धार्मिक आंदोलन में विलय

8. लोटा विद्रोह (Lotah Uprising) 1856

नेता: आरा और मुजफ्फरपुर जेलों के कैदी

कारण:

· ब्रिटिश सरकार ने जेलों में पीतल के बर्तनों (लोटा) को मिट्टी के बर्तनों से बदलने का निर्णय लिया

· पीतल को पवित्र मानने वाले कैदियों की धार्मिक भावनाएँ आहत

परिणाम: सरकार ने अपना निर्णय वापस ले लिया

9. तामाड़ विद्रोह (Tamar Revolt) 1789-1832

नेता: भोलानाथ सहाय

क्षेत्र: तामाड़ क्षेत्र

भाग लेने वाली जनजातियाँ: उराँव, मुंडा, हो, कोल

कारण:

· ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाई गई अलाइनमेंट प्रणाली का विरोध

· कृषि प्रथाओं पर प्रतिबंध

परिणाम: 1832 में अंग्रेजों द्वारा विद्रोह का दमन और तामाड़ क्षेत्र का अधिग्रहण

10. वाहाबी आंदोलन (Wahabi Movement)

संस्थापक: सैय्यद अहमद (रायबरेली) – 1829

प्रेरणा स्रोत: अब्दुल वहाब (सऊदी अरब) और शाह वलीउल्लाह (दिल्ली)

बिहार में केंद्र: पटना (1828-1868)

उद्देश्य:

· इस्लाम का शुद्धिकरण

· दार-उल-इस्लाम (इस्लाम राज्य) की स्थापना

दमन: 1863 में ब्रिटिशों द्वारा नेताओं को कैद, 1870 तक दमन

11. हो और मुंडा विद्रोह (Ho and Munda Uprising)

नेता: राजा परहत

समय: 1820-22, 1827, 1831, 1899-1900, 1860-1920

उद्देश्य:

· सिंहभूम पर ब्रिटिश कब्जे का विरोध

· जमींदारों और साहूकारों के खिलाफ संघर्ष

जनजातीय विद्रोहों के परिणाम एवं महत्व

सकारात्मक परिणाम

1. छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 – आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों को बेचने पर रोक

2. संथाल परगना का निर्माण – संथालों के लिए पृथक प्रशासनिक व्यवस्था

3. मुंडारी खूंटकट्टी व्यवस्था का संरक्षण

4. आदिवासी चेतना का जागरण – स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी योगदान का मार्ग प्रशस्त

नकारात्मक पक्ष

· अत्यधिक क्रूर दमन – हजारों आदिवासियों की मौत

· भूमि हरण जारी रहा

· आर्थिक शोषण पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ

ऐतिहासिक महत्व

· ये विद्रोह 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत थे

· आदिवासी अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक

· ब्रिटिश नीतियों में बदलाव लाने में सफल

· राष्ट्रीय आंदोलन में आदिवासियों की भागीदारी को प्रेरित किया

BPSC PT के लिए त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)

विद्रोह वर्ष नेता मुख्य बिंदु

कोल 1831-32 बुधू भगत भूमि हस्तांतरण के विरुद्ध

भूमिज 1832-33 गंगा नारायण राजस्व नीति के विरुद्ध

संथाल 1855-56 सिद्धू-कान्हू हूल, 15,000 मारे, संथाल परगना

मुंडा 1899-1900 बिरसा मुंडा उलगुलान, चोटा नागपुर अधिनियम 1908

ताना भगत 1914-19 जात्रा भगत अहिंसा, गांधी से प्रभावित

सफा-होर 1868-70 भागीरथ मांझी एकेश्वरवाद, पृथक राज्य की मांग

लोटा 1856 जेल कैदी पीतल बर्तन विवाद

वाहाबी 1829-70 सैय्यद अहमद इस्लाम सुधार, केंद्र पटना

संभावित BPSC PT प्रश्न

प्रश्न 1: ‘हूल‘ (Hool) शब्द किस विद्रोह से संबंधित है?

उत्तर: संथाल विद्रोह (1855-56)

प्रश्न 2: ‘उलगुलानकिस आदिवासी नेता से जुड़ा है?

उत्तर: बिरसा मुंडा (मुंडा विद्रोह)

प्रश्न 3: किस विद्रोह के बाद संथाल परगनाका गठन हुआ?

उत्तर: संथाल विद्रोह (1855-56)

प्रश्न 4: कोल विद्रोह का नेतृत्व किसने किया?

उत्तर: बुधू भगत

प्रश्न 5: ताना भगत आंदोलन किस जनजाति से संबंधित है?

उत्तर: उराँव जनजाति

प्रश्न 6: वाहाबी आंदोलन का बिहार में मुख्य केंद्र कहाँ था?

उत्तर: पटना

प्रश्न 7: ‘लोटा विद्रोहकिस वर्ष हुआ?

उत्तर: 1856

प्रश्न 8: छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम किस वर्ष लागू हुआ?

उत्तर: 1908

प्रश्न 9: सफा-होर आंदोलन के प्रमुख नेता कौन थे?

उत्तर: भागीरथ मांझी

प्रश्न 10: ‘सरदारी आंदोलनकिस प्रथा के विरोध में था?

उत्तर: बेगार प्रथा (जबरन मजदूरी)

यह नोट्स BPSC PT के इतिहास खंड विशेषकर बिहार में आदिवासी विद्रोह विषय के लिए पर्याप्त है

1. बिहार के प्रमुख जनजातीय विद्रोह

[राज्य विशेष]

प्रश्न 1: ‘संथाल हूल‘ (Santhal Hul) किस वर्ष हुआ था?

· (a) 1831-32

· (b) 1855-56

· (c) 1899-1900

· (d) 1914-15

उत्तर: (b) 1855-56

व्याख्या: हूलका अर्थ विद्रोहहोता है। यह विद्रोह 30 जून, 1855 को प्रारम्भ हुआ और लगभग दो वर्षों तक चला। ब्रिटिश सरकार ने 10 नवंबर, 1855 को मार्शल लॉ लागू कर दिया था, जो 3 जनवरी, 1856 तक जारी रहा था। इस विद्रोह के बाद ही 1857 में ब्रिटिश सरकार ने संथाल परगनानामक एक अलग प्रशासनिक इकाई का गठन किया था।

प्रश्न 2: किस विद्रोह का नेता बुधू भगत (Budhu Bhagat) था?

· (a) मुंडा विद्रोह

· (b) कोल विद्रोह

· (c) भूमिज विद्रोह

· (d) चेरो विद्रोह

उत्तर: (b) कोल विद्रोह

व्याख्या: बुधू भगत ने 1831-32 में छोटा नागपुर क्षेत्र में कोल विद्रोह (Kol Rebellion) का नेतृत्व किया था। उनके साथ मदारा महतो, जोआ भगत जैसे अन्य नेता भी थे।

प्रश्न 3: ‘ताना भगत आंदोलन‘ (Tana Bhagat Movement) का नेतृत्व किसने किया?

· (a) बिरसा मुंडा

· (b) सिद्धू-कान्हू

· (c) जात्रा उराँव (Jatra Oraon)

· (d) गंगा नारायण

उत्तर: (c) जात्रा उराँव

व्याख्या: यह आंदोलन उराँव आदिवासियों द्वारा चलाया गया था। यह बिरसा मुंडा के धार्मिक आंदोलन से प्रेरित था और करों के विरोध में सविनय अवज्ञा पर जोर देता था।

प्रश्न 4: गंगा नारायण किस विद्रोह से जुड़े हैं?

· (a) कोल विद्रोह

· (b) भूमिज विद्रोह

· (c) हो विद्रोह

· (d) चेरो विद्रोह

उत्तर: (b) भूमिज विद्रोह

व्याख्या: गंगा नारायण ने 1832-33 में भूमिज विद्रोह (Bhumij Revolt) का नेतृत्व किया था। यह विद्रोह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की नई भू-राजस्व नीतियों के विरुद्ध था।

प्रश्न 5: ‘उलगुलान‘ (Ulgulan) शब्द किस विद्रोह से संबंधित है?

· (a) संथाल विद्रोह

· (b) कोल विद्रोह

· (c) मुंडा विद्रोह

· (d) ताना भगत आंदोलन

उत्तर: (c) मुंडा विद्रोह

व्याख्या: उलगुलानका अर्थ भीषण हलचलया महाविद्रोहहोता है। इस शब्द का प्रयोग मुंडा आदिवासियों के बिरसा मुंडाके नेतृत्व में हुए विद्रोह (1899-1900) के लिए किया जाता है, जिसका उद्देश्य मुंडा राज‘ (Munda Raj) की स्थापना करना था।

प्रश्न 6: ‘चेरो विद्रोह‘ (Chero Revolt) किस वर्ष हुआ था?

· (a) 1800 ई.

· (b) 1832 ई.

· (c) 1855 ई.

· (d) 1899 ई.

उत्तर: (a) 1800 ई.

व्याख्या: चेरो विद्रोह पलामू (वर्तमान झारखंड) के चेरो जनजाति द्वारा ब्रिटिश विरोधी करों और नीतियों के खिलाफ सन् 1800 में किया गया था।

प्रश्न 7: किस अधिनियम के कारण आदिवासियों के वन संसाधनों पर अधिकार समाप्त हो गए, जिससे मुंडा विद्रोह हुआ?

· (a) रेग्यूलेटिंग एक्ट, 1773

· (b) चार्टर एक्ट, 1813

· (c) इंडियन फॉरेस्ट एक्ट, 1865

· (d) गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1858

उत्तर: (c) इंडियन फॉरेस्ट एक्ट, 1865

व्याख्या: भारतीय वन अधिनियम (Indian Forest Act), 1865 ने आदिवासियों के वनों पर पारंपरिक अधिकारों को समाप्त कर दिया, जिससे उनकी आजीविका छिन गई और मुंडा विद्रोह जैसे आंदोलनों को बल मिला।

प्रश्न 8: ‘सपना हर आंदोलन‘ (Sapha Har Movement) किस समुदाय से जुड़ा था?

· (a) उराँव

· (b) खड़िया

· (c) हो

· (d) संथाल

उत्तर: (d) संथाल

व्याख्या: 1868 का सपना हर आंदोलन मुख्य रूप से संथाल समुदाय द्वारा समर्थित था, जो बाबा भगीरथ मांझी, लाल हेम्ब्रम एवं पाइका मुर्मू के नेतृत्व में धार्मिक भावनाओं पर प्रतिबंध के विरुद्ध हुआ था।

प्रश्न 9: ‘लोटा विद्रोह‘ (Lota Revolt) किसके विरुद्ध प्रतिक्रिया थी?

· (a) नमक कर

· (b) बेगार प्रथा

· (c) बंधुआ मजदूरी

· (d) आबकारी कर

उत्तर: (b) बेगार प्रथा

व्याख्या: लोटा विद्रोह ब्रिटिशों द्वारा किसानों पर लागू किए गए बेगार प्रथा (Begari system) के विरुद्ध एक प्रतिक्रिया थी।

प्रश्न 10: ‘सरदारी आंदोलन‘ (Sardari Movement) किस वर्ष आरंभ हुआ था?

· (a) 1855

· (b) 1858

· (c) 1865

· (d) 1872

उत्तर: (b) 1858

व्याख्या: सरदारी आंदोलन (1858) एक कृषि आंदोलन था, जिसका नेतृत्व ईसाई आदिवासी किसानों द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य दमनकारी जमींदारों और बेगार प्रथा का विरोध करना था।

प्रश्न 11: ‘नोनिया विद्रोह‘ (Nonia Revolt) किस समुदाय द्वारा किया गया था?

· (a) संथाल

· (b) मुंडा

· (c) नोनिया

· (d) उराँव

उत्तर: (c) नोनिया

व्याख्या: नोनिया समुदाय शोरा (Saltpetre) बनाने का काम करता था, जिसका उपयोग ब्रिटिश सेना बारूद बनाने में करती थी। इस समुदाय के ऊपर ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अत्याचार के विरुद्ध नोनिया विद्रोह हुआ था।

प्रश्न 12: ‘कोल विद्रोहमुख्य रूप से किस क्षेत्र में हुआ था?

· (a) पाटलिपुत्र

· (b) मगध

· (c) छोटा नागपुर

· (d) मिथिला

उत्तर: (c) छोटा नागपुर

व्याख्या: यह विद्रोह छोटा नागपुर क्षेत्र (वर्तमान झारखंड) में 1831-32 में हुआ था।

प्रश्न 13: ‘तामाड़ विद्रोह‘ (Tamar Revolt) किन जनजातियों का एक संयुक्त विद्रोह था?

· (a) उराँव, मुंडा, हो, कोल

· (b) संथाल, मुंडा, उराँव

· (c) खरवार, चेरो, कोल

· (d) भूमिज, हो, खड़िया

उत्तर: (a) उराँव, मुंडा, हो, कोल

व्याख्या: यह विद्रोह अंग्रेजों की गलत संरेखण प्रणाली (faulty alignment system) और आदिवासियों की कृषि पद्धतियों पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में 1789 से 1832 के बीच हुआ था।

प्रश्न 14: ‘हो और मुंडा विद्रोह‘ (Ho and Munda Uprising) का नेतृत्व किसने किया था?

· (a) बुधू भगत

· (b) गंगा नारायण

· (c) राजा परहत

· (d) सिद्धू-कान्हू

उत्तर: (c) राजा परहत

व्याख्या: राजा परहत (Raja Parahat) ने छोटा नागपुर क्षेत्र में हो और मुंडा जनजातियों को ब्रिटिश नीतियों, साहूकारों और जमींदारों के खिलाफ संगठित किया था।

प्रश्न 15: ‘बिरसा मुंडाको किस उपाधि से जाना जाता था?

· (a) धरती अब्बा

· (b) लोकनायक

· (c) वनवासी रत्न

· (d) आदिवासी गौरव

उत्तर: (a) धरती अब्बा

व्याख्या: बिरसा मुंडा को धरती अब्बा‘ (Earth Father) के नाम से जाना जाता है। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी और लोक नायक थे।

2. भारत के अन्य प्रमुख जनजातीय विद्रोह

प्रश्न 16: ‘भील विद्रोह‘ (Bhil Revolt) किस वर्ष प्रारंभ हुआ था?

· (a) 1805

· (b) 1818

· (c) 1825

· (d) 1840

उत्तर: (b) 1818

व्याख्या: भील विद्रोह 1818 में उनके क्षेत्रों पर ब्रिटिश कब्जे के कारण हुआ था। उन्होंने 50 वर्षों तक ब्रिटिश अधिकार को चुनौती दी थी।

प्रश्न 17: ‘गोंड विद्रोह‘ (Gond Revolt) किस नेता से संबंधित है?

· (a) राम सिंह

· (b) तांत्या भील

· (c) माधो भगत

· (d) रणजीत सिंह

उत्तर: (b) तांत्या भील

व्याख्या: गोंड जनजाति के विद्रोह का नेतृत्व तांत्या भील ने किया था।

प्रश्न 18: ‘खोंड विद्रोह‘ (Khond Revolt) किस क्षेत्र में हुआ था?

· (a) राजमहल पहाड़ियाँ

· (b) गोदावरी घाटी

· (c) सतपुड़ा पर्वतमाला

· (d) अरावली पर्वतमाला

उत्तर: (b) गोदावरी घाटी

व्याख्या: खोंड विद्रोह गोदावरी घाटी क्षेत्र में 1836-1856 के दौरान हुआ था।

प्रश्न 19: ‘रामपा विद्रोह‘ (Rampa Rebellion) 1879-80 किसके नेतृत्व में हुआ था?

· (a) अल्लूरी सीताराम राजू

· (b) तम्मन्ना दोरा

· (c) राधाकृष्णा

· (d) शंकर शाह

उत्तर: (b) तम्मन्ना दोरा

व्याख्या: रामपा विद्रोह (1879-80) का नेतृत्व तम्मन्ना दोरा (Tammanna Dora) ने किया था। बाद में 1922-24 का रामपा विद्रोह अल्लूरी सीताराम राजू के नेतृत्व में हुआ था।

प्रश्न 20: ‘बस्तर विद्रोह‘ (Bastar Rebellion) किस वर्ष हुआ था?

· (a) 1905

· (b) 1910

· (c) 1916

· (d) 1921

उत्तर: (b) 1910

व्याख्या: यह विद्रोह वर्तमान छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में हुआ था और इसे भूमकाल विद्रोह‘ (Bhumkal Rebellion) के नाम से भी जाना जाता है।

प्रश्न 21: ‘नायकदा विद्रोह‘ (Naikada Revolt) किस वर्ष हुआ था?

· (a) 1858

· (b) 1862

· (c) 1876

· (d) 1895

उत्तर: (a) 1858

व्याख्या: नायकदा विद्रोह (1858) गुजरात के पंचमहल क्षेत्र की नायकदा जनजाति द्वारा ब्रिटिश विस्तारवादी नीतियों के खिलाफ लड़ा गया था।

प्रश्न 22: ‘खरवार विद्रोह‘ (Kherwar Rebellion) का नेतृत्व किसने किया?

· (a) भगीरथ मांझी

· (b) सिद्धू-कान्हू

· (c) भागीरथ मांझी

· (d) भूइया भगत

उत्तर: (c) भागीरथ मांझी

व्याख्या: भागीरथ मांझी ने संथाल क्षेत्र में 1870 के दशक में खरवार विद्रोह का नेतृत्व किया था।

प्रश्न 23: ‘कोया विद्रोह‘ (Koya Revolt) किस क्षेत्र में हुआ था?

· (a) बंगाल

· (b) मद्रास प्रेसीडेंसी

· (c) बॉम्बे प्रेसीडेंसी

· (d) संयुक्त प्रांत

उत्तर: (b) मद्रास प्रेसीडेंसी

व्याख्या: कोया विद्रोह 1803-04 में गोदावरी जिले के एजेंसी क्षेत्रों में हुआ था।

प्रश्न 24: ‘पहाड़िया विद्रोह‘ (Pahariya Rebellion) किस वर्ष हुआ था?

· (a) 1778

· (b) 1784

· (c) 1795

· (d) 1806

उत्तर: (a) 1778

व्याख्या: पहाड़िया विद्रोह सन् 1778 में राजमहल पहाड़ियों में ब्रिटिश विस्तार के खिलाफ हुआ था।

प्रश्न 25: ‘राजमहल विद्रोह‘ (Rajmahal Rebellion) का नेतृत्व किसने किया था?

· (a) सिद्धू-कान्हू

· (b) बुधू भगत

· (c) तिलका मांझी

· (d) गंगा नारायण

उत्तर: (c) तिलका मांझी

व्याख्या: तिलका मांझी एक पहाड़िया सरदार थे, जिन्होंने 1789-90 में राजमहल पहाड़ियों में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया था।

प्रश्न 26: ‘बोड़ो विद्रोह‘ (Bodo Revolt) किस क्षेत्र में हुआ था?

· (a) असम

· (b) पश्चिम बंगाल

· (c) उड़ीसा

· (d) बिहार

उत्तर: (a) असम

व्याख्या: बोड़ो विद्रोह (1828-33) ब्रिटिश शासन के तहत असम में बोड़ो जनजाति द्वारा किया गया था।

प्रश्न 27: ‘मैसमाल विद्रोह‘ (Messamal Revolt) किस जनजाति का विद्रोह था?

· (a) नागा

· (b) मिजो

· (c) खासी

· (d) गारो

उत्तर: (c) खासी

व्याख्या: यह विद्रोह (1830-33) सड़क निर्माण के विरोध में खासी जनजाति का एक प्रसिद्ध संघर्ष था।

प्रश्न 28: ‘सिंगफो विद्रोह‘ (Singpho Rebellion) किस वर्ष हुआ था?

· (a) 1839

· (b) 1845

· (c) 1855

· (d) 1869

उत्तर: (a) 1839

व्याख्या: सिंगफो विद्रोह 1839 में असम के सादिया क्षेत्र में ब्रिटिश विस्तार के खिलाफ हुआ था।

प्रश्न 29: ‘मोपला विद्रोह‘ (Moplah Rebellion) किस क्षेत्र में हुआ था?

· (a) तेलंगाना

· (b) मालाबार

· (c) तमिलनाडु

· (d) कर्नाटक

उत्तर: (b) मालाबार

व्याख्या: यह विद्रोह 1921 में मालाबार क्षेत्र (वर्तमान केरल) के माप्पिला (मोपला) मुसलमानों द्वारा किया गया था।

प्रश्न 30: ‘पाइका विद्रोह‘ (Paika Rebellion) किस वर्ष हुआ था?

· (a) 1817

· (b) 1821

· (c) 1835

· (d) 1857

उत्तर: (a) 1817

व्याख्या: पाइका विद्रोह बख्शी जगबंधु विद्याधर के नेतृत्व में उड़ीसा में 1817 में हुआ था। इसे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का पूर्वगामी माना जाता है।

3. विद्रोह, नेता और स्थान (युग्म/मिलान)

प्रश्न 31: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म (विद्रोह-नेता) सुमेलित नहीं है?

· (a) कोल विद्रोह – बुधू भगत

· (b) संथाल विद्रोह – सिद्धू-कान्हू

· (c) मुंडा विद्रोह – बिरसा मुंडा

· (d) चेरो विद्रोह – भूखन सिंह

उत्तर: (e) उपरोक्त में से कोई नहीं / एक से अधिक

व्याख्या: सभी युग्म सही हैं। कोल विद्रोह (बुधू भगत), संथाल विद्रोह (सिद्धू-कान्हू), मुंडा विद्रोह (बिरसा मुंडा) एवं चेरो विद्रोह (भूखन सिंह) सभी सुमेलित हैं। अतः दिया गया विकल्प (e) सही है।

प्रश्न 32: ‘बिरसा मुंडाविद्रोह किस जनजाति से संबंधित था?

· (a) संथाल

· (b) उराँव

· (c) मुंडा

· (d) हो

उत्तर: (c) मुंडा

व्याख्या: बिरसा मुंडा का जन्म और संघर्ष मुंडा जनजाति के लिए था। उन्होंने मुंडा जनजाति के लोगों को ब्रिटिशों और दीकुओं के खिलाफ संगठित किया।

प्रश्न 33: ‘गंगा नारायणकिस जनजाति के नेता थे?

· (a) मुंडा

· (b) भूमिज

· (c) संथाल

· (d) खरवार

उत्तर: (b) भूमिज

व्याख्या: गंगा नारायण ने ब्रिटिश भू-राजस्व नीति के विरुद्ध भूमिज जनजाति का नेतृत्व किया था।

प्रश्न 34: ‘राजा परहतकिस विद्रोह से संबंधित थे?

· (a) भूमिज विद्रोह

· (b) हो और मुंडा विद्रोह

· (c) संथाल विद्रोह

· (d) कोल विद्रोह

उत्तर: (b) हो और मुंडा विद्रोह

व्याख्या: राजा परहत ने 1820, 1827, और 1831 में हो और मुंडा जनजातियों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ उकसाया था।

प्रश्न 35: ‘सिद्धू-कान्हूकिस विद्रोह के प्रमुख नेता थे?

· (a) मुंडा विद्रोह

· (b) कोल विद्रोह

· (c) संथाल विद्रोह

· (d) उराँव विद्रोह

उत्तर: (c) संथाल विद्रोह

व्याख्या: सिद्धू और कान्हू ने 1855 में संथाल विद्रोह (संथाल हूल) का नेतृत्व किया था। इनके अलावा चाँद और भैरव भी इस विद्रोह के प्रमुख नेता थे।

प्रश्न 36: ‘बुधू भगतकोल विद्रोह के नेता थे, वे किस क्षेत्र के मूल निवासी थे?

· (a) संथाल परगना

· (b) छोटा नागपुर

· (c) पलामू

· (d) हजारीबाग

उत्तर: (b) छोटा नागपुर

व्याख्या: कोल विद्रोह छोटा नागपुर क्षेत्र (वर्तमान झारखंड) में हुआ था और बुधू भगत इसी क्षेत्र के नेता थे।

प्रश्न 37: ‘तिलका मांझीकिस आदिवासी समुदाय से थे?

· (a) संथाल

· (b) पहाड़िया

· (c) मुंडा

· (d) उराँव

उत्तर: (b) पहाड़िया

व्याख्या: तिलका मांझी राजमहल पहाड़ियों के पहाड़िया (माल पहाड़िया) जनजाति के नेता थे।

प्रश्न 38: ‘ताना भगत आंदोलनकिस जनजाति का धार्मिक-राजनीतिक आंदोलन था?

· (a) खरवार

· (b) उराँव

· (c) हो

· (d) कोल

उत्तर: (b) उराँव

व्याख्या: ताना भगत आंदोलन का नेतृत्व जात्रा उराँव ने किया था और यह उराँव जनजाति के बीच फैला था।

प्रश्न 39: ‘चाँद और भैरवकिस विद्रोह के नेता थे?

· (a) कोल विद्रोह

· (b) भूमिज विद्रोह

· (c) संथाल विद्रोह

· (d) मुंडा विद्रोह

उत्तर: (c) संथाल विद्रोह

व्याख्या: सिद्धू और कान्हू के अलावा, उनके भाई चाँद और भैरव मुर्मू भी इस विद्रोह के प्रमुख नेता थे।

प्रश्न 40: ‘तम्मन्ना दोराकिस विद्रोह से जुड़े हैं?

· (a) मुंडा विद्रोह

· (b) रामपा विद्रोह

· (c) बस्तर विद्रोह

· (d) संथाल विद्रोह

उत्तर: (b) रामपा विद्रोह

व्याख्या: 1879-80 के पहले रामपा विद्रोह का नेतृत्व तम्मन्ना दोरा ने किया था।

प्रश्न 41: ‘कानू संन्यासीका संबंध किस आंदोलन से था?

· (a) सरदारी आंदोलन

· (b) संन्यासी विद्रोह

· (c) वहाबी आंदोलन

· (d) फकीर विद्रोह

उत्तर: (b) संन्यासी विद्रोह

व्याख्या: संन्यासी विद्रोह (1763-1800) के दौरान कानू संन्यासी एक प्रमुख नेता थे।

प्रश्न 42: ‘दिर्जी नारायणकिस विद्रोह के नेता थे?

· (a) रंगपुर विद्रोह

· (b) बिशनपुर विद्रोह

· (c) बांकुड़ा विद्रोह

· (d) मिदनापुर विद्रोह

उत्तर: (a) रंगपुर विद्रोह

व्याख्या: 1783 के रंगपुर विद्रोह (बांग्लादेश) का नेतृत्व दिर्जी नारायण ने किया था।

प्रश्न 43: ‘भीमा भगतकिस विद्रोह के नेता थे?

· (a) कोल विद्रोह

· (b) भूमिज विद्रोह

· (c) मुंडा विद्रोह

· (d) उलगुलान

उत्तर: (d) उलगुलान

व्याख्या: भीमा भगत (Bheema Bhagat) बिरसा मुंडा के सहयोगियों में से एक थे और उन्होंने 1899-1900 के मुंडा विद्रोह (उलगुलान‘) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

प्रश्न 44: ‘रूपा नायककिस विद्रोह से संबंधित थे?

· (a) नायकदा विद्रोह

· (b) भील विद्रोह

· (c) कोल विद्रोह

· (d) गोंड विद्रोह

उत्तर: (a) नायकदा विद्रोह

व्याख्या: रूपा नायक (Rupa Naik) ने 1858 में गुजरात के नायकदा विद्रोह का नेतृत्व किया था।

प्रश्न 45: ‘गुंडा धुर‘ (Gunda Dhur) किस विद्रोह का नेता था?

· (a) रामपा विद्रोह

· (b) बस्तर विद्रोह

· (c) भील विद्रोह

· (d) गोंड विद्रोह

उत्तर: (b) बस्तर विद्रोह

व्याख्या: गुंडा धुर ने 1910 में बस्तर विद्रोह (भूमकाल विद्रोह) का नेतृत्व किया था।

4. विद्रोहों के कारण, प्रभाव और परिणाम

प्रश्न 46: संथाल विद्रोह का प्राथमिक कारण क्या था?

· (a) ब्रिटिश वन नीति

· (b) जमींदारी व्यवस्था और साहूकारों का शोषण

· (c) धार्मिक उत्पीड़न

· (d) सती प्रथा का उन्मूलन

उत्तर: (b) जमींदारी व्यवस्था और साहूकारों का शोषण

व्याख्या: स्थायी बंदोबस्त के तहत, संथालों ने अपनी ज़मीनें खो दीं और साहूकारों (दीकुओं) ने उन्हें बेगार और अत्यधिक ब्याज दरों (500% तक) के जाल में फंसा रखा था।

प्रश्न 47: किस विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने 1857 में संथाल परगनानामक एक अलग प्रशासनिक इकाई का निर्माण किया?

· (a) कोल विद्रोह

· (b) भूमिज विद्रोह

· (c) संथाल विद्रोह

· (d) मुंडा विद्रोह

उत्तर: (c) संथाल विद्रोह

व्याख्या: संथाल विद्रोह को क्रूरता से कुचलने के बाद, ब्रिटिश सरकार ने संथालों की अलग पहचान को स्वीकार करते हुए 1857 में संथाल परगनाका गठन किया।

प्रश्न 48: किस अधिनियम ने जमींदारों के पक्ष में आदिवासियों के खूंकट्टीअधिकारों को समाप्त कर दिया?

· (a) रेग्यूलेशन एक्ट, 1793

· (b) चार्टर एक्ट, 1813

· (c) बंगाल स्थायी बंदोबस्त

· (d) पेंच नियम, 1830

उत्तर: (c) बंगाल स्थायी बंदोबस्त

व्याख्या: 1793 के स्थायी बंदोबस्त ने जमींदारों को ज़मीन का मालिक बना दिया, जिससे मुंडा और अन्य आदिवासियों की सामुदायिक भूमि (खूंकट्टी‘) छिन गई और वे बंधुआ मजदूर बन गए।

प्रश्न 49: ‘दीकूशब्द का क्या अर्थ है?

· (a) देवता

· (b) बाहरी / शोषक

· (c) राजा

· (d) मित्र

उत्तर: (b) बाहरी / शोषक

व्याख्या: आदिवासी समाज में दीकू‘ (Diku) शब्द का प्रयोग बाहरी लोगों (जैसे- जमींदार, साहूकार, व्यापारी) के लिए किया जाता था, जो उनका शोषण करते थे।

प्रश्न 50: मुंडा विद्रोह (उलगुलान‘) का अंतिम परिणाम क्या था?

· (a) मुंडा राज की स्थापना

· (b) छोटानागपुर किरायेदारी अधिनियम, 1908

· (c) आदिवासियों का दमन और बिरसा मुंडा की गिरफ्तारी

· (d) ब्रिटिश शासन का अंत

उत्तर: (c) आदिवासियों का दमन और बिरसा मुंडा की गिरफ्तारी

व्याख्या: यद्यपि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों को हतप्रभ कर दिया था, अंततः 3 मार्च, 1900 को उन्हें नींद में गिरफ्तार कर लिया गया और विद्रोह को कुचल दिया गया।

प्रश्न 51: कोल विद्रोह (1831-32) का मुख्य कारण क्या था?

· (a) अंग्रेजों की जंगल नीति

· (b) धार्मिक उत्पीड़न

· (c) ब्रिटिश कुप्रशासन, कठोर राजस्व और स्थानीय प्रशासन का दुर्व्यवहार

· (d) असहाय नीति

उत्तर: (d) उपरोक्त सभी

व्याख्या: कोल विद्रोह ब्रिटिश कुप्रशासन, कठोर भू-राजस्व प्रणाली और स्थानीय प्रशासन के दुर्व्यवहार के कारण भड़का था।

प्रश्न 52: ‘सरदारी आंदोलन‘ (1858) मुख्य रूप से किसके खिलाफ था?

· (a) ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी

· (b) स्थानीय जमींदार और बेगार प्रथा

· (c) ब्रिटिश वन अधिनियम

· (d) सती प्रथा

उत्तर: (b) स्थानीय जमींदार और बेगार प्रथा

व्याख्या: यह आंदोलन ईसाई आदिवासी किसानों द्वारा दमनकारी जमींदारों और बेगार प्रथा (ज़बरदस्ती) के खिलाफ शुरू किया गया था।

प्रश्न 53: ‘तामाड़ विद्रोह‘ (Tamar Revolt) किसके विरुद्ध था?

· (a) ब्रिटिश संरेखण प्रणाली एवं आदिवासी कृषि पद्धतियों पर प्रतिबंध

· (b) अंग्रेजों की जंगल नीति

· (c) साहूकारों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाना

· (d) ब्रिटिश सेना में भर्ती

उत्तर: (a) ब्रिटिश संरेखण प्रणाली एवं आदिवासी कृषि पद्धतियों पर प्रतिबंध

व्याख्या: यह विद्रोह 1789 में उराँव जनजाति द्वारा ब्रिटिश संरेखण प्रणाली और उनकी पारंपरिक कृषि पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ था।

प्रश्न 54: ब्रिटिश काल में बेगार प्रथाक्या थी?

· (a) उच्च ब्याज दर

· (b) ज़बरदस्ती बिना मजदूरी के काम करवाना

· (c) भूमि हड़पना

· (d) करों में वृद्धि

उत्तर: (b) ज़बरदस्ती बिना मजदूरी के काम करवाना

व्याख्या: बेगार प्रथा‘ (Begari system) एक प्रकार की ज़बरदस्ती और अवैतनिक श्रम प्रणाली थी, जो अक्सर आदिवासियों और निम्न वर्ग के किसानों पर लागू की जाती थी।

प्रश्न 55: बिरसा मुंडा ने अपने आंदोलन के दौरान क्या नारा दिया था?

· (a) अंग्रेजों भारत छोड़ो

· (b) दीकुओं का सफाया

· (c) मुंडा राज स्थापित करो

· (d) वन हमारे हैं

उत्तर: (b) दीकुओं का सफाया और (c) मुंडा राज स्थापित करो (इसमें से कोई भी सही है)

व्याख्या: बिरसा मुंडा ने दीकुओं‘ (जमींदारों, साहूकारों) का सफाया करने और एक स्वतंत्र मुंडा राजस्थापित करने का नारा दिया था।

प्रश्न 56: ‘पहाड़िया विद्रोह‘ (1778) किसके खिलाफ था?

· (a) साहूकार

· (b) ब्रिटिश विस्तार नीति

· (c) जमींदार

· (d) स्थानीय राजा

उत्तर: (b) ब्रिटिश विस्तार नीति

व्याख्या: यह विद्रोह राजमहल पहाड़ियों के पहाड़िया जनजाति द्वारा ब्रिटिश विस्तार और अपनी ज़मीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ किया गया था।

प्रश्न 57: ‘वहाबी आंदोलन‘ (Wahabi Movement) किस वर्ष पटना में अपने केंद्र के रूप में फैला था?

· (a) 1818

· (b) 1828-1868

· (c) 1855

· (d) 1870

उत्तर: (b) 1828-1868

व्याख्या: वहाबी आंदोलन, जिसकी स्थापना सैयद अहमद ने 1829 में की थी, का एक प्रमुख केंद्र पटना था, जहाँ यह 1828 से 1868 के बीच सक्रिय रहा।

प्रश्न 58: ‘नोनिया विद्रोहका मुख्य कारण क्या था?

· (a) ब्रिटिश सेना में भर्ती

· (b) नोनिया समुदाय का शोरा निर्माण में शोषण

· (c) भूमि राजस्व में वृद्धि

· (d) जातिगत भेदभाव

उत्तर: (b) नोनिया समुदाय का शोरा निर्माण में शोषण

व्याख्या: नोनिया समुदाय, जो शोरा (बारूद बनाने का कच्चा माल) बनाता था, ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अत्यधिक शोषण का शिकार था। इसी शोषण के खिलाफ उन्होंने विद्रोह किया।

प्रश्न 59: ‘बस्तर विद्रोह‘ (1910) का नेतृत्व किस वर्ग ने किया था?

· (a) जमींदार

· (b) आदिवासी

· (c) व्यापारी

· (d) किसान

उत्तर: (b) आदिवासी

व्याख्या: यह विद्रोह बस्तर (वर्तमान छत्तीसगढ़) के आदिवासियों द्वारा ब्रिटिश सरकार के दमनकारी नीतियों के विरुद्ध किया गया था।

प्रश्न 60: ‘कोल विद्रोहके बाद ब्रिटिश सरकार ने क्या कदम उठाया था?

· (a) स्थायी बंदोबस्त लागू किया

· (b) दक्षिण पूर्व सीमांत एजेंसी का निर्माण किया

· (c) वन अधिनियम पारित किया

· (d) सती प्रथा समाप्त की

उत्तर: (b) दक्षिण पूर्व सीमांत एजेंसी का निर्माण किया

व्याख्या: कोल विद्रोह को कुचलने के बाद, ब्रिटिश सरकार ने इस क्षेत्र में बेहतर नियंत्रण के लिए दक्षिण पूर्व सीमांत एजेंसी‘ (South East Frontier Agency) का गठन किया था।

5. प्रशासनिक अधिनियम और नीतियां

प्रश्न 61: ‘स्थायी बंदोबस्त‘ (Permanent Settlement) किस वर्ष लागू किया गया था?

· (a) 1773

· (b) 1793

· (c) 1813

· (d) 1833

उत्तर: (b) 1793

व्याख्या: लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 1793 में बंगाल, बिहार और उड़ीसा में स्थायी बंदोबस्त लागू किया था। इसी ने जमींदारों को ज़मीन का मालिक बना कर आदिवासी विद्रोहों की नींव रखी।

प्रश्न 62: ‘इंडियन फॉरेस्ट एक्ट, 1865′ ने आदिवासियों पर क्या प्रभाव डाला?

· (a) उन्हें वनों में अधिकार दिए

· (b) उनके वनों तक पहुंच के अधिकार छीन लिए

· (c) उन्हें वनों से बाहर निकाल दिया

· (d) उन्हें वनों की रखवाली का काम सौंपा

उत्तर: (b) उनके वनों तक पहुंच के अधिकार छीन लिए

व्याख्या: इस अधिनियम ने आदिवासियों के वनों पर पारंपरिक अधिकारों को लगभग समाप्त कर दिया, जिससे उनकी आजीविका छिन गई और मुंडा विद्रोह जैसे आंदोलन हुए।

प्रश्न 63: ‘रेग्यूलेशन VII, 1822′ ने आदिवासी भूमि पर क्या प्रभाव डाला?

· (a) उन्हें भूमि के पट्टे दिए

· (b) बाहरी लोगों को भूमि हस्तांतरण को बढ़ावा दिया

· (c) आदिवासी कृषि को बढ़ावा दिया

· (d) आदिवासियों को करों से मुक्त किया

उत्तर: (b) बाहरी लोगों को भूमि हस्तांतरण को बढ़ावा दिया

व्याख्या: इस विनियमन ने बाहरी लोगों (जैसे- सिख और मुस्लिम किसानों) को आदिवासी क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण की अनुमति दी, जिससे कोल विद्रोह जैसे विद्रोहों को बल मिला।

प्रश्न 64: ‘छोटानागपुर किरायेदारी अधिनियम, 1908′ का मुख्य उद्देश्य क्या था?

· (a) जमींदारों को अधिकार देना

· (b) आदिवासियों के भूमि अधिकारों की रक्षा करना

· (c) ब्रिटिश वन नीति को लागू करना

· (d) बेगार प्रथा को समाप्त करना

उत्तर: (b) आदिवासियों के भूमि अधिकारों की रक्षा करना

व्याख्या: बिरसा मुंडा और अन्य आदिवासी नेताओं के संघर्ष के परिणामस्वरूप, ब्रिटिश सरकार ने यह अधिनियम पारित किया, जिसने छोटानागपुर के आदिवासियों को भूमि-अलगाव से सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया।

प्रश्न 65: ‘बंगाल रेग्यूलेशन XIII, 1833′ ने क्या किया?

· (a) आदिवासियों को वन अधिकार दिए

· (b) आदिवासी क्षेत्रों में बाहरी लोगों को भूमि हस्तांतरण को प्रतिबंधित किया

· (c) स्थायी बंदोबस्त को समाप्त किया

· (d) बेगार प्रथा को कानूनी मान्यता दी

उत्तर: (b) आदिवासी क्षेत्रों में बाहरी लोगों को भूमि हस्तांतरण को प्रतिबंधित किया

व्याख्या: इस विनियमन ने कुछ हद तक आदिवासी क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण पर रोक लगाने का प्रयास किया था।

प्रश्न 66: ‘सन् 1857 के विद्रोहके बाद ब्रिटिश सरकार ने आदिवासी नीतियों में क्या बदलाव किए?

· (a) अधिक दमनकारी नीतियां बनाईं

· (b) ‘संथाल परगनाका निर्माण कर अलग प्रशासनिक व्यवस्था दी

· (c) आदिवासियों को पूर्ण स्वायत्तता दी

· (d) कोई बदलाव नहीं किया

उत्तर: (b) ‘संथाल परगनाका निर्माण कर अलग प्रशासनिक व्यवस्था दी

व्याख्या: संथाल विद्रोह ने ब्रिटिशों को इतना झकझोर दिया कि उन्होंने संथालों के लिए एक अलग प्रशासनिक इकाई (संथाल परगना) बनाने पर सहमति व्यक्त की।

प्रश्न 67: ‘वन अधिनियम, 1878′ (Forest Act, 1878) ने क्या किया?

· (a) वनों को तीन श्रेणियों में बांटा – आरक्षित, संरक्षित और गाँव के वन

· (b) आदिवासियों को वनों में सभी अधिकार दिए

· (c) वनों का निजीकरण किया

· (d) आदिवासियों को वन्य जीवन का संरक्षक बनाया

उत्तर: (a) वनों को तीन श्रेणियों में बांटा – आरक्षित, संरक्षित और गाँव के वन

व्याख्या: इस अधिनियम ने आदिवासियों को आरक्षित वनोंमें प्रवेश तक वर्जित कर दिया, जिससे उनके पारंपरिक अधिकार गंभीर रूप से प्रभावित हुए।

प्रश्न 68: ‘मुंडा विद्रोहके बाद ब्रिटिश सरकार ने कौन-सा प्रशासनिक सुधार किया?

· (a) छोटानागपुर किरायेदारी अधिनियम, 1908

· (b) बंगाल स्थायी बंदोबस्त, 1793

· (c) वन अधिनियम, 1865

· (d) रेग्यूलेशन XIII, 1833

उत्तर: (a) छोटानागपुर किरायेदारी अधिनियम, 1908

व्याख्या: इस विद्रोह के बाद ही ब्रिटिश सरकार ने आदिवासियों के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए 1908 में यह अधिनियम बनाया था।

प्रश्न 69: ‘बेगार प्रथाको समाप्त करने के लिए कौन-सा कानून बनाया गया था?

· (a) ब्रिटिश बेगार अधिनियम, 1895

· (b) ब्रिटिश भारत बेगार अधिनियम, 1898

· (c) कलकत्ता बेगार अधिनियम, 1899

· (d) कोई विशिष्ट कानून नहीं बनाया गया था

उत्तर: (d) कोई विशिष्ट कानून नहीं बनाया गया था

व्याख्या: बेगार प्रथा पर ब्रिटिश काल में कोई प्रभावी रोक नहीं लगाई गई थी; यह प्रथा कई क्षेत्रों में जारी रही।

प्रश्न 70: ‘संथाल विद्रोहके दौरान ब्रिटिश सरकार ने कब मार्शल लॉ लागू किया था?

· (a) 1 जुलाई, 1855

· (b) 10 नवंबर, 1855

· (c) 1 जनवरी, 1856

· (d) 3 मार्च, 1856

उत्तर: (b) 10 नवंबर, 1855

व्याख्या: ब्रिटिश सरकार ने विद्रोह को कुचलने के लिए 10 नवंबर, 1855 को मार्शल लॉ लागू कर दिया था, जो 3 जनवरी, 1856 तक जारी रहा था।

6. विभिन्न प्रश्न (विविध)

प्रश्न 71: ‘हूलशब्द का क्या अर्थ है?

· (a) आंदोलन

· (b) विद्रोह या क्रांति

· (c) युद्ध

· (d) संघर्ष

उत्तर: (b) विद्रोह या क्रांति

व्याख्या: हूल‘ (Hul) संथाली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ विद्रोह करनाया क्रांतिहोता है। संथाल विद्रोह को संथाल हूलके नाम से भी जाना जाता है।

प्रश्न 72: किस विद्रोह को आदिवासी जलियांवाला बाग‘ (Adivasi Jallianwala) के रूप में जाना जाता है?

· (a) संथाल हूल

· (b) मुंडा उलगुलान

· (c) मांगढ़ हत्याकांड (Mangarh Massacre)

· (d) भील विद्रोह

उत्तर: (c) मांगढ़ हत्याकांड

व्याख्या: 1913 में राजस्थान के मांगढ़ पहाड़ी पर ब्रिटिश सेना ने भील और अन्य आदिवासियों पर गोलियां चलाईं, जिसे आदिवासी जलियांवाला बागकहा जाता है।

प्रश्न 73: निम्नलिखित में से किस विद्रोह ने बिरसा मुंडा को सबसे अधिक प्रभावित किया था?

· (a) संथाल विद्रोह

· (b) कोल विद्रोह

· (c) वहाबी आंदोलन

· (d) ताना भगत आंदोलन

उत्तर: (a) संथाल विद्रोह

व्याख्या: इतिहासकारों के अनुसार, बिरसा मुंडा संथाल विद्रोह (1855-56) से काफी प्रभावित थे, जो उनके बचपन में हुआ था।

प्रश्न 74: ‘उराँवजनजाति का मुख्य क्षेत्र कौन-सा है?

· (a) संथाल परगना

· (b) छोटा नागपुर

· (c) पलामू

· (d) हजारीबाग

उत्तर: (b) छोटा नागपुर

व्याख्या: उराँव (Oraon) जनजाति मुख्य रूप से छोटा नागपुर क्षेत्र (वर्तमान झारखंड) में निवास करती थी।

प्रश्न 75: ‘खूंकट्टी प्रथा‘ (Khuntkatti System) किस जनजाति की सामुदायिक भूमि व्यवस्था थी?

· (a) संथाल

· (b) उराँव

· (c) मुंडा

· (d) हो

उत्तर: (c) मुंडा

व्याख्या: खूंकट्टी प्रथा‘ (Khuntkatti system) मुंडा जनजाति की सामुदायिक भूमि संयुक्त स्वामित्व की एक पारंपरिक प्रणाली थी।

प्रश्न 76: बिरसा मुंडा को अंग्रेजों ने किस स्थान पर गिरफ्तार किया था?

· (a) रांची

· (b) जमकोपाई वन (चक्रधरपुर)

· (c) खूंटी

· (d) सिंहभूम

उत्तर: (b) जमकोपाई वन (चक्रधरपुर)

व्याख्या: 3 मार्च, 1900 को बिरसा मुंडा को जमकोपाई वन (चक्रधरपुर) में सोते समय गिरफ्तार किया गया था।

प्रश्न 77: ‘ताना भगत आंदोलन‘ (1914-1919) किस आंदोलन से प्रेरित था?

· (a) मुंडा उलगुलान

· (b) कोल विद्रोह

· (c) गांधीजी का असहयोग आंदोलन

· (d) संथाल विद्रोह

उत्तर: (a) मुंडा उलगुलान

व्याख्या: ताना भगत आंदोलन काफी हद तक बिरसा मुंडा के धार्मिक और राजनीतिक आंदोलन से प्रेरित था।

प्रश्न 78: ‘चेरो विद्रोहको किस ब्रिटिश अधिकारी ने दबाया था?

· (a) कर्नल जोन्स

· (b) जनरल वुडबर्न

· (c) लॉर्ड कैनिंग

· (d) लॉर्ड डलहौजी

उत्तर: (a) कर्नल जोन्स

व्याख्या: चेरो विद्रोह (1800) को कर्नल जोन्स (Colonel Jones) के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने कुचल दिया था।

प्रश्न 79: ‘बंधुआ मजदूर‘ (Bonded Labor) का क्या अर्थ है?

· (a) स्वैच्छिक श्रमिक

· (b) कर्ज के बदले जबरन काम करवाना

· (c) कुशल श्रमिक

· (d) दैनिक मजदूर

उत्तर: (b) कर्ज के बदले जबरन काम करवाना

व्याख्या: बंधुआ मजदूर (Bonded Labor) उसे कहते हैं, जो कर्ज चुकाने के लिए जबरन काम करने को मजबूर हो। आदिवासी अक्सर साहूकारों के कर्ज के चलते बंधुआ मजदूर बन जाते थे।

प्रश्न 80: ‘मांगढ़ हत्याकांड‘ (Mangarh Massacre) किस वर्ष हुआ था?

· (a) 1911

· (b) 1913

· (c) 1919

· (d) 1921

उत्तर: (b) 1913

व्याख्या: 17 नवंबर, 1913 को मांगढ़ पहाड़ी (राजस्थान) पर ब्रिटिश सेना ने गोली चलाई, जिसमें सैकड़ों आदिवासी (मुख्यतः भील) मारे गए थे

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