भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और बिहार: विस्तृत नोट्स

1. आंदोलन का शुभारंभ और तत्काल प्रतिक्रिया

  • प्रस्ताव: 8 अगस्त 1942 को बंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के अधिवेशन में ‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव पारित किया गया। गांधीजी ने ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा दिया-1-6
  • बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियाँ: 9 अगस्त 1942 को ब्रिटिश सरकार ने पूर्वव्यापी कार्रवाई करते हुए गांधी, नेहरू, पटेल सहित सभी बड़े कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। बिहार में डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा और अन्य शीर्ष नेताओं को भी जेल में डाल दिया गया-1
  • सहज विद्रोह: केंद्रीय नेतृत्व के अभाव में आंदोलन ने सहज और व्यापक रूप ले लिया। बिहार इस आंदोलन के सबसे सक्रिय केंद्रों में से एक बनकर उभरा-1-7

2. बिहार में भूमिगत गतिविधियाँ और समानांतर सरकार

  • समानांतर सरकार का प्रयास: पटना, सारण, भागलपुर और पूर्णिया जैसे कई जिलों में भूमिगत राष्ट्रीय सरकार बनाने और समानांतर प्रशासन चलाने के प्रयास किए गए-1
  • जयप्रकाश नारायण का पलायन: 8-9 नवंबर 1942 को जयप्रकाश नारायण (JP) ने हजारीबाग केंद्रीय कारागार से साहसिक भाग निकले-1-4-9। यह घटना बिहार के लिए विशेष महत्व रखती है और अक्सर BPSC में पूछी जाती है।
  • ‘आज़ाद दस्ता’ का गठन: जयप्रकाश नारायण ने जेल से भागने के बाद नेपाल-बिहार सीमा क्षेत्र में ‘आज़ाद दस्ता’ (स्वतंत्रता ब्रिगेड) का गठन किया, जिसने तोड़फोड़ और गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाई-2-5-8
  • भूमिगत नेटवर्क: गुप्त संचार व्यवस्था, ठिकाने और समन्वय तंत्र स्थापित किए गए। भूमिगत कांग्रेस रेडियो से राष्ट्रवादी संदेश प्रसारित किए जाते थे-1

3. प्रमुख घटनाएँ और स्थान

  • पटना: 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने के लिए निकले छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया गया, जिसमें 7 छात्र शहीद हो गए। यह घटना बिहार में आंदोलन को और भड़का गई-6
  • सारण जिला: बिहार में सबसे तीव्र आंदोलन वाला क्षेत्र। सीवान और छपरा प्रमुख केंद्र बने, जहाँ रेलवे लाइनें तोड़ी गईं, तार काटे गए और सरकारी कार्यालयों पर हमले हुए-1
  • दरभंगा: छात्रों और किसानों ने सरकारी कार्यालयों और पुलिस थानों पर हमला किया-1
  • भागलपुर: पुलिस की गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारी मारे गए। मिल श्रमिकों और छात्रों ने मिलकर विरोध किया-1
  • मुंगेर: रेलवे स्टेशनों और संचार लाइनों को निशाना बनाया गया-1

4. प्रतिरोध के तरीके

  • रेलवे तोड़फोड़: ईस्ट इंडियन रेलवे की पटरियों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचाया गया, जिससे ब्रिटिश युद्ध आपूर्ति और प्रशासनिक संचार बाधित हुआ-1
  • तार संचार में व्यवधान: पूरे बिहार में तार की लाइनें काट दी गईं, जिससे अंग्रेज़ प्रशासन अलग-थलग पड़ गया-1
  • सरकारी प्रतीकों पर हमले: पोस्ट ऑफिस, पुलिस थाने, राजस्व कार्यालयों और अन्य औपनिवेशिक इमारतों पर हमले किए गए-1
  • हड़तालें और बंद: कस्बों और शहरों में पूर्ण बंद का आयोजन किया गया। कारखानों और रेलवे के मजदूरों ने हड़तालों में भाग लिया-1

5. दमन और दमनकारी उपाय

  • सैन्य बलों की तैनाती: अंग्रेज़ों ने बड़े पैमाने पर सेना तैनात की। कई जिलों में लगभग मार्शल लॉ (सैन्य कानून) जैसी स्थिति बन गई-1
  • पुलिस फायरिंग और सामूहिक सज़ा: अनेक फायरिंग की घटनाओं में लोग मारे गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अकेले बिहार में 100 से अधिक मौतें हुईं, वास्तविक संख्या अधिक होने की संभावना है-1। भूमिगत कार्यकर्ताओं को शरण देने वाले गाँवों पर सामूहिक जुर्माना लगाया गया-1

6. प्रमुख नेता और शहीद

  • नेता:
    • जयप्रकाश नारायण: भूमिगत आंदोलन के प्रमुख समन्वयक, ‘आज़ाद दस्ता’ के संस्थापक-2-4-10
    • डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा: आंदोलन की शुरुआत में ही गिरफ्तार कर लिए गए थे-1
    • श्री कृष्ण सिंह: ‘बिहार केसरी’ के नाम से प्रसिद्ध, 1942 के आंदोलन में सक्रिय भागीदार और बाद में बिहार के पहले मुख्यमंत्री बने-3
    • राम मनोहर लोहिया और अरुणा आसफ अली: बिहार से सटे क्षेत्रों में भूमिगत प्रतिरोध में शामिल थे-1-4
  • अन्य: ललित नारायण मिश्रा, योगेंद्र शुक्ला, सूरज नारायण सिंह (छात्र नेता), तारकेश्वरी सिन्हा और रमा देवी (महिला नेतृत्व) आदि-1

पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) – BPSC

  1. प्रश्न (67वीं BPSC प्रारंभिक, 2022): भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान, निम्नलिखित में से कौन हजारीबाग जेल से भाग निकला था?
    • (a) सच्चिदानंद सिन्हा
    • (b) जयप्रकाश नारायण
    • (c) जगजीवन राम
    • (d) रफी अहमद किदवई
    सही उत्तर: (b) जयप्रकाश नारायण-4-9
  2. प्रश्न (67वीं BPSC प्रारंभिक, 2022): बिहार में ‘आज़ाद दस्ता‘ किस आंदोलन के दौरान सक्रिय था?
    • (a) असहयोग आंदोलन
    • (b) सविनय अवज्ञा आंदोलन
    • (c) भारत छोड़ो आंदोलन
    • (d) व्यक्तिगत सत्याग्रह
    सही उत्तर: (c) भारत छोड़ो आंदोलन-2
  3. प्रश्न (71वीं BPSC प्रारंभिक, 2025): सूची-I (घटना/संगठन) को सूची-II (संबंधित व्यक्ति) से सुमेलित करें:
    • (a) चंपारण सत्याग्रह
    • (b) आज़ाद दस्ता
    • (c) बिहार में व्यक्तिगत सत्याग्रह (1940)
    • (d) बिहार किसान सभा
    • (1) जयप्रकाश नारायण
    • (2) श्याम नारायण सिंह
    • (3) सहजानंद सरस्वती
    • (4) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
    सही उत्तर: (d) a-4, b-1, c-2, d-3-8-10
  4. प्रश्न (BPSC प्रारंभिक): भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा कौन सा समाचार पत्र प्रकाशित किया गया था?
    • (a) बिहार न्यूज़
    • (b) पटना न्यूज़
    • (c) इंडिया न्यूज़
    • (d) इंडिया नेशन
    सही उत्तर: (b) पटना न्यूज़-6

मॉडल प्रश्न (Model Questions)

  1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बिहार के किस जिले को सबसे अधिक सक्रिय केंद्र माना जाता है?
    • (a) पटना
    • (b) सारण
    • (c) दरभंगा
    • (d) मुंगेर
  2. निम्नलिखित में से कौन सा कथन भारत छोड़ो आंदोलन में बिहार की भूमिका के संबंध में सही नहीं है?
    • (a) आंदोलन की शुरुआत में ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया था।
    • (b) जयप्रकाश नारायण ने हजारीबाग जेल से भागकर भूमिगत आंदोलन का नेतृत्व किया।
    • (c) बिहार में समानांतर सरकार स्थापित करने का प्रयास सफल रहा और दीर्घकालिक रहा।
    • (d) अंग्रेजों ने बिहार में आंदोलन को दबाने के लिए सेना और कठोर दमन का सहारा लिया।
  3. ‘करो या मरो’ का नारा किस आंदोलन के दौरान दिया गया, जिसमें बिहार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
    • (a) असहयोग आंदोलन
    • (b) सविनय अवज्ञा आंदोलन
    • (c) भारत छोड़ो आंदोलन
    • (d) खिलाफत आंदोलन
  4. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान ‘आज़ाद दस्ता’ का गठन कहाँ किया गया था?
    • (a) पटना
    • (b) नेपाल-बिहार सीमा क्षेत्र
    • (c) हजारीबाग
    • (d) छपरा

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