भूमिकाओं में अंतर समझें: माउंटबेटन (नीति-निर्माता), रैडक्लिफ (सीमा-निर्धारक), और कृपलानी (राजनीतिक नेता)
August 17, 2026
लॉर्ड माउंटबेटन: अंतिम वायसराय और पहले गवर्नर-जनरल
लॉर्ड माउंटबेटन भारत के अंतिम वायसराय थे, जिन्होंने 1947 में ब्रिटिश सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया-1-4।
- प्रमुख योगदान: उन्होंने ‘माउंटबेटन योजना’ (3 जून योजना) प्रस्तुत की, जिसके आधार पर भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ-1-4।
- महत्वपूर्ण तथ्य: 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिलने के बाद, उन्होंने ‘वायसराय’ का पद त्याग दिया और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने, जो एक अनोखा उदाहरण है-1।
- रियासतों का विलय: विभाजन के बाद, उन्होंने लगभग 565 देशी रियासतों को भारत या पाकिस्तान में शामिल होने के लिए राजी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केवल हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर जैसी कुछ रियासतों ने विलय में देरी की-1।
📜 सर सिरिल रैडक्लिफ: सीमा आयोग के अध्यक्ष
सर सिरिल रैडक्लिफ एक ब्रिटिश वकील थे, जिन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा तय करने के लिए बनाए गए दो सीमा आयोगों (पंजाब और बंगाल) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था-2-5-7।
- प्रमुख योगदान: उन्होंने ‘रेडक्लिफ पुरस्कार‘ (Radcliffe Award) की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसने पंजाब और बंगाल की सीमाओं को परिभाषित किया-2।
- महत्वपूर्ण तथ्य: रैडक्लिफ ने 17 अगस्त 1947 को, यानी भारत और पाकिस्तान के स्वतंत्र होने के दो दिन बाद, अपना फैसला सार्वजनिक किया-7।
- विवाद: इस सीमा निर्धारण को लेकर हमेशा विवाद रहे हैं। कुछ स्रोतों का दावा है कि माउंटबेटन ने पंजाब में फिरोजपुर और गुरदासपुर जैसे कुछ इलाकों को भारत को देने के लिए रैडक्लिफ पर दबाव डाला था, जिसके कारण बाद में कश्मीर विवाद भी उत्पन्न हुआ-5-6।
🗳️ जे.बी. कृपलानी: स्वतंत्रता प्राप्ति के समय कांग्रेस अध्यक्ष
आचार्य जे.बी. कृपलानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे, जब देश को आज़ादी मिली-3।
- प्रमुख योगदान: वे स्वतंत्र भारत के पहले कांग्रेस अध्यक्ष थे-3। हालाँकि, उनका कार्यकाल (1946-47) विभाजन और स्वतंत्रता के अत्यंत संकटपूर्ण दौर में आया, जिसमें पार्टी की नीति को अंतिम रूप देने में वे केंद्रीय भूमिका में थे।
- महत्वपूर्ण तथ्य: 1930 के दशक में वे कांग्रेस के महासचिव भी रहे थे और उन्होंने आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था।
📝 प्रमुख तथ्य (एक नज़र में)
| व्यक्तित्व | मुख्य भूमिका | सबसे महत्वपूर्ण कार्य / तथ्य |
|---|---|---|
| लॉर्ड माउंटबेटन | अंतिम वायसराय; प्रथम गवर्नर-जनरल | माउंटबेटन योजना (3 जून, 1947) प्रस्तुत की। |
| सर सिरिल रैडक्लिफ | सीमा आयोग के अध्यक्ष | रेडक्लिफ पुरस्कार (17 अगस्त, 1947) घोषित किया। |
| जे.बी. कृपलानी | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष | स्वतंत्र भारत के पहले कांग्रेस अध्यक्ष थे। |
🎯 BPSC के लिए मॉडल अभ्यास प्रश्न
- ‘रेडक्लिफ पुरस्कार’ (Radcliffe Award) किससे संबंधित था?
- (a) देशी रियासतों के विलय की शर्तें
- (b) भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारण
- (c) कैबिनेट मिशन योजना के प्रावधान
- (d) संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया
- स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष कौन थे?
- (a) जवाहरलाल नेहरू
- (b) वल्लभभाई पटेल
- (c) जे. बी. कृपलानी
- (d) राजेंद्र प्रसाद
- लॉर्ड माउंटबेटन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- (a) वे भारत के अंतिम वायसराय थे।
- (b) उन्होंने ‘माउंटबेटन योजना’ प्रस्तुत की।
- (c) विभाजन के बाद वे पाकिस्तान के पहले गवर्नर-जनरल बने।
- (d) उन्होंने देशी रियासतों के विलय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उत्तर: 1-(b), 2-(c), 3-(c)