गवर्नर-जनरल और वायसराय: मुख्य कार्य

यह समझना ज़रूरी है कि दोनों पद एक ही व्यक्ति के थे, लेकिन 1857 के बाद उनकी शक्तियों और दर्जे में बदलाव आया -8-11

  • प्रशासनिक प्रमुख: वे ब्रिटिश भारत के सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी थे। चार्टर एक्ट 1833 ने उन्हें पूरे भारत के सिविल और सैन्य प्रशासन का “पर्यवेक्षण, निर्देशन और नियंत्रण” का अधिकार दिया -4-6
  • विधायी शक्तियाँ: वे विधान परिषद के प्रमुख थे।
    • भारतीय परिषद अधिनियम 1861 के तहत, गवर्नर-जनरल को आपात स्थिति में अध्यादेश जारी करने की शक्ति मिली -1
    • वे किसी विधेयक को वीटो कर सकते थे या उस पर बहस रोक सकते थे। वित्त, रक्षा और विदेशी मामलों से संबंधित विधेयक उनकी सहमति के बिना पारित नहीं हो सकते थे -1-11
  • विदेश नीतिभारत अधिनियम 1784 ने स्पष्ट किया कि भारतीय रियासतों के साथ युद्ध या संधि करने का अधिकार केवल गवर्नर-जनरल को था -4
  • राजनीतिक एजेंट: वायसराय के रूप में, वे ब्रिटिश क्राउन के प्रत्यक्ष प्रतिनिधि थे और हैदराबाद, मैसूर, जम्मू-कश्मीर जैसी प्रमुख रियासतों पर नज़र रखते थे -6
  • परिषद के साथ संबंध:
    • प्रारंभ में, परिषद के निर्णय गवर्नर-जनरल पर बाध्यकारी थे (रेगुलेटिंग एक्ट 1773) -11
    • 1786 के बाद, परिषद के निर्णय उन पर बाध्यकारी नहीं रहे, जिससे उनकी शक्ति बढ़ गई -6-11

महत्वपूर्ण अंतर: गवर्नर-जनरल बनाम वायसराय

विशेषतागवर्नर-जनरल (1833-1858)वायसरय (1858-1947)
आधारचार्टर एक्ट 1833 (ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन) -8गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1858 (ब्रिटिश क्राउन के अधीन) -8
प्रथम/अंतिमप्रथम: लॉर्ड विलियम बेंटिक; अंतिम: लॉर्ड कैनिंग (पहले वायसराय भी बने) -8प्रथम: लॉर्ड कैनिंग; अंतिम: लॉर्ड माउंटबेटन -8-9
मुख्य भूमिकाकंपनी का प्रशासनिक प्रमुखब्रिटिश सम्राट का प्रतिनिधि -8

अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (BPSC अंदाज़ में)

यहाँ कुछ ऐसे प्रश्न दिए गए हैं, जो BPSC में पूछे जा सकते हैं:

  1. अध्यादेश जारी करने की शक्ति किस अधिनियम के तहत गवर्नर-जनरल को मिली?
    • (a) पिट्स इंडिया एक्ट 1784
    • (b) गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1858
    • (c) इंडियन काउंसिल एक्ट 1861
    • (d) इंडियन काउंसिल एक्ट 1892 -1
    सही उत्तर: (c)
  2. चार्टर एक्ट 1833 के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
    • (a) इसने गवर्नर-जनरल को विधायी शक्तियाँ प्रदान कीं।
    • (b) इसने गवर्नर-जनरल को भारत का प्रशासनिक प्रमुख बनाया।
    • (c) इसने बंगाल के गवर्नर-जनरल का नाम बदलकर ‘भारत का गवर्नर-जनरल’ किया।
    • (d) उपर्युक्त सभी -4-6
    सही उत्तर: (d)
  3. निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें: (यह UPSC/PCS शैली का प्रश्न है, जो BPSC में भी पूछा जाता है) -2
    1. लॉर्ड मेयो – अंडमान में हत्या
    2. लॉर्ड हार्डिंग – दिल्ली में बम हमला
    3. लॉर्ड कर्ज़न – बंगाल का विभाजन
    कौन सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
    • (a) केवल 1 और 2
    • (b) केवल 1 और 3
    • (c) केवल 2 और 3
    • (d) 1, 2 और 3 -2-5
    सही उत्तर: (d)
  4. 1857 के विद्रोह के बाद ‘वायसराय’ की उपाधि किस गवर्नर-जनरल को दी गई?
    • (a) लॉर्ड डलहौजी
    • (b) लॉर्ड कैनिंग
    • (c) लॉर्ड लिटन
    • (d) लॉर्ड रिपन -8
    सही उत्तर: (b)

पिछले वर्षों के प्रश्न (BPSC) और उनके स्रोत

BPSC में अक्सर किसी विशेष वायसराय के कार्यकाल की महत्वपूर्ण घटनाओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं। कुछ उदाहरण:

  • 41वीं BPSC (प्रारंभिक) 1996: “लॉर्ड वेलेजली की सहायक संधि स्वीकार करने वाले पहले मराठा सरदार कौन थे?” -2 -> उत्तर: पेशवा बाजीराव द्वितीय
  • 70वीं BPSC (प्रारंभिक) 2024: इस परीक्षा में “शाही उपाधियों अधिनियम, 1876” से संबंधित प्रश्न पूछा गया था, जिसमें महारानी विक्टोरिया को 1877 में ‘भारत की महारानी’ घोषित किया गया -12

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