बिहार के GI टैग
September 20, 2026
बिहार के GI टैग उत्पाद राज्य की सांस्कृतिक और कृषि विरासत की अनूठी पहचान हैं, जिन्हें भौगोलिक संकेतक (GI) प्रमाणन प्राप्त है। यह टैग सुनिश्चित करता है कि किसी उत्पाद का नाम केवल उसी भौगोलिक क्षेत्र के अधिकृत उपयोगकर्ता ही प्रयोग कर सकें, जिससे उत्पाद की प्रामाणिकता और गुणवत्ता सुरक्षित रहती है ।
📋 बिहार के प्रमुख GI टैग उत्पाद
बिहार के पास वर्तमान में 17 से अधिक GI टैग उत्पाद हैं । प्रमुख उत्पादों को निम्नलिखित श्रेणियों में समझा जा सकता है:
🍚 कृषि और खाद्य उत्पाद
- शाही लीची: मुजफ्फरपुर की विश्वप्रसिद्ध लीची, जो अपनी मिठास और स्वाद के लिए जानी जाती है ।
- भागलपुरी जर्दालू आम: भागलपुर क्षेत्र का प्रसिद्ध आम, जिसकी खेती केवल वहीं संभव है ।
- कतरनी चावल: भागलपुर का सुगंधित चावल, जिसे ‘बासमती’ जैसी खुशबू के लिए जाना जाता है ।
- मिथिला मखाना: मिथिलांचल (दरभंगा, मधुबनी आदि) का सुपरफूड, जिसे 2022 में GI टैग मिला ।
- मर्चा धान चिवड़ा: पश्चिम चंपारण का सुगंधित चिवड़ा ।
- मगही पान: नवादा क्षेत्र का पान, जो अपने स्वाद के लिए प्रसिद्ध है ।
- सिलाव खाजा: नालंदा के सिलाव का प्रसिद्ध मिठाई ।
🎨 पारंपरिक कला और हस्तशिल्प
- मधुबनी पेंटिंग: मिथिला क्षेत्र की विश्वप्रसिद्ध लोक चित्रकला, जिसे 2007 में GI टैग मिला ।
- मंजूषा कला: भागलपुर की लोक चित्रकला, जो बिहुला-विषहरी की कथा को दर्शाती है ।
- भागलपुरी सिल्क: भागलपुर का प्रसिद्ध रेशम ।
- सिक्की घास शिल्प: सिक्की घास से बनी पारंपरिक वस्तुएं ।
- खटवा अप्लीक: कपड़ों पर कटाई-सिलाई की पारंपरिक कला ।
- सुजनी कला: कढ़ाई की एक पारंपरिक विधा ।
- तिकुली कला: पारंपरिक चित्रकला ।
🆕 हाल ही में मिले GI टैग (2026)
जून 2026 में बिहार के तीन पारंपरिक उत्पादों को GI टैग प्रदान किया गया :
- बावन बूटी साड़ी एवं फैब्रिक (नालंदा): कपड़े पर 52 प्रकार के पारंपरिक रूपांकनों की हाथ से बुनाई ।
- पत्थरकट्टी पत्थर शिल्प (गया): लगभग 300 वर्ष पुरानी कला, जिसमें काले ग्रेनाइट पर बुद्ध और देवी-देवताओं की मूर्तियाँ बनाई जाती हैं ।
- पीड़िया पेंटिंग (भोजपुर): महिलाओं द्वारा त्योहारों पर बनाई जाने वाली लोक चित्रकला ।
📝 BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न
- बिहार के किस उत्पाद को ‘बासमती’ जैसी सुगंध के लिए जाना जाता है?
- मिथिला मखाना को GI टैग कब मिला?
- ‘बावन बूटी’ साड़ी बुनाई किस जिले से संबंधित है?
💡 BPSC PT के लिए रणनीति
- उत्पाद और क्षेत्र: प्रत्येक GI उत्पाद को उसके भौगोलिक क्षेत्र (जैसे मुजफ्फरपुर = लीची, भागलपुर = जर्दालू, नालंदा = बावन बूटी) से जोड़कर याद रखें।
- नवीनतम जोड़: 2026 में जुड़े तीन नए उत्पादों (बावन बूटी, पत्थरकट्टी, पीड़िया) पर विशेष ध्यान दें।
- महत्व: GI टैग का उद्देश्य कानूनी संरक्षण, ब्रांडिंग, और निर्यात को बढ़ावा देना है