बिहार के वन

बिहार के वन मुख्यतः दो प्रकार के हैं — आर्द्र पर्णपाती वन और शुष्क पर्णपाती वन। राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का मात्र 7.76% वन क्षेत्र है, जो राष्ट्रीय औसत 23.3% से बहुत कम है। 38 जिलों में से केवल 11 जिलों में ही प्राकृतिक वन पाए जाते हैं

🗺️ बिहार की वनस्पति का वर्गीकरण

🌳 आर्द्र पर्णपाती वन (Moist Deciduous Forests)

ये वन 120 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं

  • स्थान: मुख्य रूप से पश्चिमी चंपारण (सोमेश्वर एवं दून श्रेणियाँ) तथा पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और सहरसा के तराई क्षेत्रों में
  • प्रमुख वृक्ष: साल, शीशम, सेमल, खैर, तून आदि। निचली दलदली भूमि में सवाई घास, नरकट और बाँस की झाड़ियाँ मिलती हैं

🍂 शुष्क पर्णपाती वन (Dry Deciduous Forests)

ये वन 120 सेमी से कम वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं

  • स्थान: कैमूर और रोहतास जिलों में सर्वाधिक विस्तार; इसके अलावा गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा, नालंदा, मुंगेर और बांका के पहाड़ी इलाकों में
  • प्रमुख वृक्ष: खैर, महुआ, पलाश, अमलतास, शीशम, नीम, हरें, बहेड़ा, आंवला आदि

📊 प्रशासनिक वर्गीकरण

वनों को प्रशासनिक रूप से तीन भागों में बाँटा गया है:

  • आरक्षित वन (Reserved Forest): कुल वन क्षेत्र का 10.08%
  • रक्षित वन (Protected Forest): कुल वन क्षेत्र का 89.91%
  • अवर्गीकृत वन (Unclassed Forest): कुल वन क्षेत्र का 0.01%

📝 BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न

  1. बिहार में सर्वाधिक पाई जाने वाली वनस्पति कौन-सी है?
    • उत्तर: पर्णपाती वन।
  2. बिहार में आर्द्र पर्णपाती वन मुख्य रूप से कहाँ पाए जाते हैं?
    • उत्तर: पश्चिमी चंपारण (सोमेश्वर एवं दून श्रेणी) तथा तराई क्षेत्र।
  3. शुष्क पर्णपाती वनों में पाए जाने वाले प्रमुख वृक्ष कौन-से हैं?
    • उत्तर: खैर, महुआ, पलाश, अमलतास, शीशम।

💡 BPSC PT के लिए रणनीति

  • वर्षा रेखा याद रखें: 120 सेमी की वर्षा रेखा आर्द्र और शुष्क पर्णपाती वनों को अलग करती है
  • वृक्षों का मिलान: महुआ शुष्क पर्णपाती वन का प्रतीक है, जबकि साल और शीशम आर्द्र पर्णपाती वनों में प्रमुख हैं
  • क्षेत्रीय पहचान: पश्चिमी चंपारण = आर्द्र वन; कैमूर और रोहतास = शुष्क वन।

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