बिहार के वन
September 20, 2026
बिहार के वन मुख्यतः दो प्रकार के हैं — आर्द्र पर्णपाती वन और शुष्क पर्णपाती वन। राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का मात्र 7.76% वन क्षेत्र है, जो राष्ट्रीय औसत 23.3% से बहुत कम है। 38 जिलों में से केवल 11 जिलों में ही प्राकृतिक वन पाए जाते हैं।
🗺️ बिहार की वनस्पति का वर्गीकरण
🌳 आर्द्र पर्णपाती वन (Moist Deciduous Forests)
ये वन 120 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
- स्थान: मुख्य रूप से पश्चिमी चंपारण (सोमेश्वर एवं दून श्रेणियाँ) तथा पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और सहरसा के तराई क्षेत्रों में।
- प्रमुख वृक्ष: साल, शीशम, सेमल, खैर, तून आदि। निचली दलदली भूमि में सवाई घास, नरकट और बाँस की झाड़ियाँ मिलती हैं।
🍂 शुष्क पर्णपाती वन (Dry Deciduous Forests)
ये वन 120 सेमी से कम वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
- स्थान: कैमूर और रोहतास जिलों में सर्वाधिक विस्तार; इसके अलावा गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा, नालंदा, मुंगेर और बांका के पहाड़ी इलाकों में।
- प्रमुख वृक्ष: खैर, महुआ, पलाश, अमलतास, शीशम, नीम, हरें, बहेड़ा, आंवला आदि।
📊 प्रशासनिक वर्गीकरण
वनों को प्रशासनिक रूप से तीन भागों में बाँटा गया है:
- आरक्षित वन (Reserved Forest): कुल वन क्षेत्र का 10.08%।
- रक्षित वन (Protected Forest): कुल वन क्षेत्र का 89.91%।
- अवर्गीकृत वन (Unclassed Forest): कुल वन क्षेत्र का 0.01%।
📝 BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न
- बिहार में सर्वाधिक पाई जाने वाली वनस्पति कौन-सी है?
- उत्तर: पर्णपाती वन।
- बिहार में आर्द्र पर्णपाती वन मुख्य रूप से कहाँ पाए जाते हैं?
- उत्तर: पश्चिमी चंपारण (सोमेश्वर एवं दून श्रेणी) तथा तराई क्षेत्र।
- शुष्क पर्णपाती वनों में पाए जाने वाले प्रमुख वृक्ष कौन-से हैं?
- उत्तर: खैर, महुआ, पलाश, अमलतास, शीशम।