भारत की नदियों और अपवाह तंत्र को समझने के लिए, इसे हिमालयी (उत्तर भारत) और प्रायद्वीपीय (दक्षिण भारत) नदियों के रूप में बांटना सबसे आसान तरीका है। बिहार की नदियाँ इसी हिमालयी तंत्र का हिस्सा हैं, जो अपनी विशिष्टताओं के लिए जानी जाती हैं।

🏔️ हिमालयी नदियाँ (उत्तर भारत का अपवाह तंत्र)

ये नदियाँ हिमालय से निकलती हैं और बारहमासी होती हैं, क्योंकि इन्हें वर्षा के साथ-साथ बर्फ पिघलने से भी जल मिलता है

  • सिंधु तंत्र: सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, सतलुज इसमें शामिल हैं।
  • गंगा तंत्र: भारत की सबसे बड़ी नदी प्रणाली। इसमें गंगा, यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी, सोन आदि प्रमुख हैं। बिहार इसी तंत्र का हिस्सा है
  • ब्रह्मपुत्र तंत्र: ब्रह्मपुत्र नदी अपने मार्ग परिवर्तन और बाढ़ के लिए प्रसिद्ध है

⛰️ प्रायद्वीपीय नदियाँ (दक्षिण भारत का अपवाह तंत्र)

ये नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार से निकलती हैं और मुख्यतः मौसमी होती हैं, क्योंकि इनका जल स्रोत केवल वर्षा है

  • पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ: ये बंगाल की खाड़ी में मिलती हैं और डेल्टा बनाती हैं। इनमें गोदावरी (सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी, ‘दक्षिण गंगा’ कहलाती है), कृष्णा, कावेरी, महानदी, और दामोदर शामिल हैं
  • पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ: ये अरब सागर में मिलती हैं और डेल्टा नहीं बनातीं, बल्कि ज्वारनदमुख (Estuary) बनाती हैं। नर्मदा और तापी इसके प्रमुख उदाहरण हैं

🌊 बिहार के अपवाह तंत्र की विशेषताएँ (BPSC के लिए महत्वपूर्ण)

बिहार का अपवाह तंत्र गंगा नदी के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जो राज्य को उत्तर और दक्षिण में विभाजित करती है

  • उत्तर बिहार की नदियाँ: ये हिमालय से निकलती हैं और बारहमासी हैं। इनमें गंडक (नारायणी), कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, और महानंदा प्रमुख हैं। ये नदियाँ समतल मैदान में बहने के कारण अपना मार्ग बदलती रहती हैं और बाढ़ लाती हैं
  • कोसी नदी – ‘बिहार का शोक’: यह अपने मार्ग परिवर्तन और विनाशकारी बाढ़ के लिए कुख्यात है। पिछले 200 वर्षों में इसने अपना मार्ग लगभग 150 किमी बदला है
  • दक्षिण बिहार की नदियाँ: ये छोटानागपुर पठार से निकलती हैं और मौसमी हैं। इनमें सोन (सबसे बड़ी), पुनपुन (फतुहा में गंगा में मिलती है), फल्गु, और किऊल प्रमुख हैं
  • टाल क्षेत्र: गंगा के दक्षिणी मैदान में बाढ़ के दौरान पानी जमा होने से जो दलदली क्षेत्र बनते हैं, उन्हें ‘टाल’ कहा जाता है

📝 BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न

प्रश्न 1: भारत की सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी कौन सी है?
(a) कृष्णा
(b) गोदावरी
(c) नर्मदा
(d) कावेरी

उत्तर: (b) गोदावरी
व्याख्या: गोदावरी को ‘दक्षिण गंगा’ भी कहा जाता है और यह प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी है

प्रश्न 2: ‘बिहार का शोक’ किस नदी को कहा जाता है?
(a) गंडक
(b) सोन
(c) कोसी
(d) बागमती

उत्तर: (c) कोसी
व्याख्या: कोसी नदी अपने बार-बार मार्ग बदलने और विनाशकारी बाढ़ के कारण ‘बिहार का शोक’ कहलाती है

प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन सी नदी गंगा में दक्षिण दिशा से मिलती है?
(a) गंडक
(b) कोसी
(c) सोन
(d) घाघरा

उत्तर: (c) सोन
व्याख्या: सोन नदी गंगा में दक्षिण (दाहिनी ओर) से मिलती है, जबकि गंडक, कोसी और घाघरा उत्तर (बायीं ओर) से मिलती हैं

💡 BPSC PT के लिए रणनीति

  • नदी और विशेषण: कोसी = ‘बिहार का शोक’, गोदावरी = ‘दक्षिण गंगा’, ब्रह्मपुत्र = ‘मार्ग परिवर्तन के लिए प्रसिद्ध’
  • बिहार की नदियाँ: उत्तर बिहार = बारहमासी (गंडक, कोसी, बागमती); दक्षिण बिहार = मौसमी (सोन, पुनपुन, फल्गु)
  • गंगा में मिलने वाली नदियाँ: उत्तर से – घाघरा, गंडक, कोसी, महानंदा; दक्षिण से – सोन, पुनपुन, किऊल।
  • पिछले प्रश्न पत्र: BPSC में पूछे गए प्रश्न जैसे “पुनपुन नदी फतुहा में गंगा में मिलती है” और “मानस नदी ब्रह्मपुत्र की सहायक है” को याद रखें।

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