बिहार के प्रमुख लोक नृत्य, मेले और त्योहार (छठ पूजा) — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स

प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में बिहार की संस्कृति, लोक कला और पर्व से प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। छठ पूजा बिहार की सांस्कृतिक पहचान है और इसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने के लिए नामांकित किया गया है । नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।


1. बिहार के प्रमुख लोक नृत्य

प्रमुख लोक नृत्यों की सूची

लोक नृत्यक्षेत्र/अवसरविशेषताएँ
झिझियामिथिलांचल; नवरात्रिमहिलाएँ सिर पर छेद वाले मिट्टी के घड़े (जलते दीपक सहित) रखकर नृत्य करती हैं; एकता और परिवार की रक्षा का प्रतीक
जट-जटिनमिथिला; वर्षा ऋतुपति-पत्नी के प्रेम और सामाजिक समस्याओं को दर्शाता है; इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है
डोमकचमिथिला, भोजपुरी क्षेत्रशादी के अवसर पर महिलाओं द्वारा किया जाने वाला नृत्य-नाटिका; महिलाएँ पुरुषों का वेश बनाकर प्रस्तुत करती हैं
समा-चकेवामिथिला; कार्तिक पूर्णिमाभाई-बहन के प्रेम का प्रतीक; लड़कियाँ पक्षियों की मूर्तियाँ बनाकर नृत्य करती हैं, अंत में विसर्जित करती हैं
कजरीसावन माहवर्षा ऋतु में गाया और खेला जाने वाला नृत्य-नाटिका; अच्छी फसल के लिए इंद्र और अग्नि से आशीर्वाद की प्रार्थना
बिदेसियाभोजपुर क्षेत्रभिखारी ठाकुर द्वारा रचित; प्रवासी मजदूरों के संघर्ष और पत्नी की विरह वेदना पर आधारित
होरी/जोगीराहोलीबसंत के आगमन पर; पुरुष महिलाओं का स्वांग रचकर नृत्य करते हैं
झमटापश्चिम चंपारणथारू जनजाति का लोक नृत्य; सांस्कृतिक विरासत
लौडा नाचबिहार (प्राचीन परंपरा)पुरुष महिला का स्वांग करके नृत्य करते हैं
नटुआ नाचमिथिलापुरुषों द्वारा महिलाओं का नृत्य

अन्य महत्वपूर्ण लोक नृत्य

  • शिक्षिया: मिथिला का लोकप्रिय नृत्य; दुर्गापूजा के अवसर पर महिलाओं द्वारा किया जाता है; तंत्र-मंत्र से संबंध
  • इरनी-बिरनी: अंगिका का प्रमुख नृत्य; पति-पत्नी के मनमुटाव की विषयवस्तु
  • देवहर: देवी-देवताओं का प्रतिनिधित्व करने वाला प्राचीन गीत एवं नृत्य; बिहार और झारखंड में प्रचलित
  • बगुलो: उत्तर बिहार का लोकप्रिय नृत्य; ससुराल से रूठकर जाने वाली स्त्री का चित्रण
  • पावडिया नृत्य: शिशु के जन्म पर किन्नरों द्वारा किया जाने वाला बधाई नृत्य
  • विद्यापत: मिथिला में विद्यापति के गीतों का नृत्य रूप

2. बिहार के प्रमुख मेले

प्रमुख मेलों की सूची

मेलास्थानसमयविशेषताएँ
सोनपुर मेला (हरिहर क्षेत्र मेला)सोनपुर (गंडक-गंगा संगम)कार्तिक पूर्णिमा (अक्टूबर-नवंबर)एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला; 1850 से आयोजित; हाथी, घोड़े, मवेशी की खरीद-बिक्री; 15-20 लाख दर्शक
श्रावणी मेलासुल्तानगंज से देवघरसावन (जुलाई-अगस्त)कांवड़ यात्रा; 108 किमी लंबा मार्ग; गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ को अर्पित
पितृपक्ष मेलागयाअश्विन (सितंबर-अक्टूबर)पूर्वजों का श्राद्ध और पिंडदान; विष्णुपद मंदिर में श्रद्धांजलि
सौराठ मेलामधुबनीज्येष्ठ-आषाढ़ (मई-जून)विवाह मेला; मैथिल ब्राह्मणों का विवाह-निर्णय; 15 दिन; पंजीकारों द्वारा वंश-गोत्र का विवरण
मकर संक्रांति मेलाराजगीर, मंदार पर्वतजनवरीपवित्र स्नान; मंदिरों में पूजा; तिलकुट और दही-चूड़ा का महत्व
बौंसी मेलाबांका (मंदार पर्वत तलहटी)मकर संक्रांतिपापहरणी सरोवर में स्नान; भगवान मधुसूदन की शोभा-यात्रा
वैशाली मेलावैशालीअप्रैल (शिवरात्रि)जैन विद्वानों का सम्मेलन; महावीर जन्मस्थान से संबंध
राजगीर महोत्सवराजगीरअक्टूबर अंतबिहार पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित; नृत्य, संगीत, लोककला

अन्य प्रमुख मेले

  • पटना पुस्तक मेला: 10-15 दिन चलता है; पुस्तक-प्रेमियों और शिक्षण संस्थानों का प्रमुख आकर्षण
  • बिहुला (भागलपुर): अगस्त में; देवी मनसा की पूजा; मंजूषा आर्ट
  • मालमास मेला (राजगीर): एक महीने तक; गर्म जलस्रोतों में स्नान

3. छठ पूजा: बिहार का महापर्व

मूल तथ्य

पहलूविवरण
अन्य नामसूर्यषष्ठी व्रत, छठी मैया का पर्व, डाला छठ
अवधिचार दिन
तिथिकार्तिक शुक्ल षष्ठी (दिवाली के 6 दिन बाद); चैत्र माह में चैती छठ
देवतासूर्य देव एवं छठी मैया (उषा)
क्षेत्रबिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नेपाल तराई
यूनेस्को नामांकनभारत सरकार द्वारा यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची के लिए नामांकित

छठ पूजा की चार दिवसीय विधि

1. नहाय-खाय (कदुआभात):

  • चैत्र/कार्तिक शुक्ल चतुर्थी
  • स्नान-ध्यान करके कद्दू और अरवा चावल का भोजन

2. खरना:

  • पंचमी तिथि
  • घर में सूर्य की पूजा; रोटी, गुड़, दूध से बनी रसिया, चावल के आटे का लड़बू नैवेद्य
  • विशेष ढोल बजाया जाता है; स्वजन-परिजन प्रसाद ग्रहण करते हैं

3. संध्या अर्घ्य (षष्ठी):

  • सूर्यास्त के समय नदी/तालाब में खड़े होकर अर्घ्य
  • सूप/डाला में ठेकुआ, कसार, चना, ईख, मूली, नारियल, मौसमी फल

4. उषा अर्घ्य (सप्तमी):

  • सूर्योदय के समय अर्घ्य
  • पर्व समापन

छठ पूजा की विशेषताएँ

  • 36 घंटे का कठोर व्रत: व्रती निर्जला उपवास रखते हैं
  • प्रकृति पूजा: प्लास्टिक, प्रसंस्कृत खाद्य और सिंथेटिक सजावट का त्याग; प्रकृति से सामग्री लेकर प्रकृति को लौटाना
  • जन-नेतृत्व: मंदिर या पुजारी की आवश्यकता नहीं; महिलाओं द्वारा परंपरा का पालन
  • मैथिली, भोजपुरी, अवधी में लोकगीत: पीढ़ी-दर-पीढ़ी मौखिक परंपरा
  • पौराणिक संदर्भ: रामायण (सीता), महाभारत (कुंती, द्रौपदी), कर्ण द्वारा सूर्य उपासना

4. BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न

प्रश्न 1: छठ पूजा किस देवता को समर्पित है?
(a) चंद्र देव
(b) सूर्य देव
(c) इंद्र देव
(d) अग्नि देव

उत्तर: (b) सूर्य देव
व्याख्या: छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया (उषा) को समर्पित है; यह सूर्यषष्ठी व्रत है


प्रश्न 2: सोनपुर मेला किस नदी के संगम पर आयोजित होता है?
(a) गंगा-सोन
(b) गंगा-गंडक
(c) गंडक-सोन
(d) गंगा-कोसी

उत्तर: (b) गंगा-गंडक
व्याख्या: सोनपुर मेला गंडक और गंगा के संगम पर आयोजित होता है; यह एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है


प्रश्न 3: झिझिया नृत्य में महिलाएँ क्या रखकर नृत्य करती हैं?
(a) फूलों की टोकरी
(b) छेद वाले मिट्टी के घड़े (जलते दीपक सहित)
(c) पानी के कलश
(d) अनाज के बोरे

उत्तर: (b) छेद वाले मिट्टी के घड़े (जलते दीपक सहित)
व्याख्या: झिझिया नृत्य मिथिलांचल में किया जाता है; महिलाएँ सिर पर छेद वाले मिट्टी के घड़े रखती हैं जिनमें जलते दीपक होते हैं


प्रश्न 4: बिदेसिया नाट्य के रचनाकार कौन हैं?
(a) विद्यापति
(b) भिखारी ठाकुर
(c) विष्णु प्रभाकर
(d) रामवृक्ष बेनीपुरी

उत्तर: (b) भिखारी ठाकुर
व्याख्या: बिदेसिया भिखारी ठाकुर द्वारा 1917 में रचित लोकनाट्य है; यह प्रवासी मजदूरों की समस्या पर आधारित है


प्रश्न 5: सौराठ मेला किस लिए प्रसिद्ध है?
(a) पशु व्यापार
(b) विवाह संबंधों का निर्णय
(c) धार्मिक स्नान
(d) कृषि उपकरण

उत्तर: (b) विवाह संबंधों का निर्णय
व्याख्या: सौराठ मेला (मधुबनी) मैथिल ब्राह्मणों का विवाह-निर्णय स्थल है; पंजीकारों द्वारा वंश-गोत्र का विवरण लिखा जाता है


प्रश्न 6: छठ पूजा का यूनेस्को से क्या संबंध है?
(a) यह पहले से मान्यता प्राप्त है
(b) भारत सरकार ने इसे यूनेस्को सूची के लिए नामांकित किया है
(c) यूनेस्को ने इसे अस्वीकार कर दिया है
(d) कोई संबंध नहीं

उत्तर: (b) भारत सरकार ने इसे यूनेस्को सूची के लिए नामांकित किया है
व्याख्या: भारत सरकार ने छठ पूजा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने के लिए नामांकित किया है


प्रश्न 7: श्रावणी मेला किन दो स्थानों को जोड़ता है?
(a) पटना-गया
(b) सुल्तानगंज-देवघर
(c) राजगीर-नालंदा
(d) मुजफ्फरपुर-दरभंगा

उत्तर: (b) सुल्तानगंज-देवघर
व्याख्या: श्रावणी मेला सुल्तानगंज से देवघर तक 108 किमी के मार्ग पर कांवड़ यात्रा है


प्रश्न 8: जट-जटिन नृत्य किस ऋतु में किया जाता है?
(a) शीत ऋतु
(b) वर्षा ऋतु
(c) ग्रीष्म ऋतु
(d) बसंत ऋतु

उत्तर: (b) वर्षा ऋतु
व्याख्या: जट-जटिन नृत्य मानसून की चांदनी रातों में किया जाता है; इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए


5. BPSC PT के लिए रणनीति

  1. छठ पूजा: सूर्य देव, चार दिवसीय विधि (नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य, उषा अर्घ्य), यूनेस्को नामांकन
  2. लोक नृत्य: झिझिया (घड़ा), जट-जटिन (वर्षा), डोमकच (शादी), बिदेसिया (भिखारी ठाकुर)
  3. मेले: सोनपुर (पशु मेला, गंगा-गंडक), सौराठ (विवाह मेला), श्रावणी (कांवड़), पितृपक्ष (गया)
  4. क्षेत्रीय पहचान: झिझिया/समा-चकेवा (मिथिला), बिदेसिया (भोजपुर), झमटा (थारू)
  5. पिछले प्रश्न पत्र: BPSC के बिहार संस्कृति एवं पर्व से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें

इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!

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