मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) — BPSC PT नोट्स
September 20, 2026
मौलिक कर्तव्य भारतीय संविधान के भाग IV-A (अनुच्छेद 51A) में दिए गए हैं। इन्हें 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, जो स्वर्ण सिंह समिति (1976) की सिफारिशों पर आधारित था ।
🔑 मूल तथ्य
- स्रोत: यह अवधारणा सोवियत संघ (USSR) के संविधान से प्रेरित मानी जाती है।
- संख्या: वर्तमान में 11 मौलिक कर्तव्य हैं। मूल रूप से 10 कर्तव्य थे; 11वाँ कर्तव्य 86वें संविधान संशोधन (2002) द्वारा जोड़ा गया ।
- प्रवर्तनीयता: मौलिक अधिकारों की तरह ये न्यायालय द्वारा सीधे प्रवर्तनीय नहीं हैं, लेकिन संसद कानून बनाकर इन्हें लागू कर सकती है ।
📋 11 मौलिक कर्तव्यों की सूची
📝 BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न
- मौलिक कर्तव्य किस संविधान संशोधन द्वारा जोड़े गए थे?
- उत्तर: 42वाँ संविधान संशोधन (1976)।
- मौलिक कर्तव्य किस भाग और अनुच्छेद में हैं?
- उत्तर: भाग IV-A, अनुच्छेद 51A।
- 11वाँ मौलिक कर्तव्य किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
- उत्तर: 86वाँ संविधान संशोधन (2002)।
- क्या मौलिक कर्तव्य न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय हैं?
- उत्तर: नहीं, ये सीधे प्रवर्तनीय नहीं हैं।
💡 BPSC PT के लिए रणनीति
- तिथियाँ और संशोधन: 42वाँ संशोधन (1976), 86वाँ संशोधन (2002) — इन्हें याद रखें।
- स्रोत: मौलिक कर्तव्यों का स्रोत USSR है, जबकि DPSP का स्रोत आयरलैंड है।
- कर्तव्यों की सूची: विशेष रूप से 11वें कर्तव्य (शिक्षा) पर ध्यान दें, जो सबसे बाद में जोड़ा गया।