भारत का भौतिक स्वरूप अत्यंत विविधतापूर्ण है,

भारत का भौतिक स्वरूप अत्यंत विविधतापूर्ण है, जिसे मुख्यतः चार प्रमुख भू-आकृतिक विभागों में बांटा जा सकता है: उत्तरी पर्वत श्रृंखलाएं (हिमालय), उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, और तटीय मैदान एवं द्वीप। BPSC PT के लिए इनकी विशेषताओं और उनके आर्थिक महत्व को समझना आवश्यक है।

🏔️ हिमालय पर्वत श्रृंखला

हिमालय विश्व की सबसे ऊँची और नवीनतम वलित पर्वत श्रृंखला है, जो भारत के उत्तर में लगभग 2,400 किमी की लंबाई में फैली है

  • तीन समानांतर श्रेणियाँ: हिमालय को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया जाता है :
    1. हिमाद्रि (महान हिमालय): सबसे उत्तरी और सबसे ऊँची श्रेणी, जिसकी औसत ऊँचाई 6,000 मीटर है। इसमें माउंट एवरेस्ट जैसे शिखर हैं।
    2. हिमाचल (निम्न हिमालय): हिमाद्रि के दक्षिण में स्थित, ऊँचाई 3,700 से 4,500 मीटर। कश्मीर, कांगड़ा और कुल्लू जैसी घाटियाँ यहीं स्थित हैं।
    3. शिवालिक: सबसे बाहरी और सबसे निचली श्रेणी, ऊँचाई 900 से 1,100 मीटर। इसे बाहरी हिमालय भी कहते हैं।
  • महत्वपूर्ण लक्षण: शिवालिक और निम्न हिमालय के बीच स्थित घाटियों को दून कहा जाता है, जैसे देहरादून और कोटलीदून । जलवायु पर इसका प्रभाव यह है कि यह मध्य एशिया की ठंडी हवाओं को रोकता है और मानसून को आकर्षित करने में मदद करता है

🌾 उत्तरी मैदान (सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान)

यह विश्व के सबसे विशाल समतल जलोढ़ मैदानों में से एक है, जो हिमालय से निकलने वाली नदियों द्वारा बना है

  • विस्तार और विशेषता: यह लगभग 2,400 किमी लंबा और 240 से 320 किमी चौड़ा है। यह अत्यधिक उपजाऊ है और विश्व के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है
  • नदी प्रणालियाँ: यह मैदान मुख्यतः तीन नदी प्रणालियों—सिंधु, गंगा, और ब्रह्मपुत्र—के बेसिनों से बना है बिहार पूरी तरह से इसी मैदानी क्षेत्र का हिस्सा है और गंगा के मैदान का एक महत्वपूर्ण भाग है।

⛰️ प्रायद्वीपीय पठार

यह भारत का सबसे प्राचीन और स्थिर भू-भाग है, जिसे गोंडवाना भूमि का हिस्सा माना जाता है

  • सीमा और विशेषता: यह उत्तर में अरावली, विंध्य, सतपुड़ा और मैकल श्रेणियों से घिरा है 。 इसमें भारत की कुछ सबसे पुरानी चट्टानें पाई जाती हैं, जो एक अरब वर्ष से भी अधिक पुरानी हैं
  • प्रमुख श्रेणियाँ: इसके किनारों पर पूर्वी घाट (औसत ऊँचाई ~610 मीटर) और पश्चिमी घाट (औसत ऊँचाई 915-1,220 मीटर) स्थित हैं 。 नीलगिरि पहाड़ियाँ, जहाँ दोनों घाट मिलते हैं, पठार का दक्षिणी सिरा बनाती हैं।

🏖️ तटीय मैदान और द्वीप

  • तटीय मैदान: पश्चिमी घाट और अरब सागर के बीच एक संकरा तटीय मैदान है, जबकि पूर्वी घाट और बंगाल की खाड़ी के बीच चौड़ा तटीय मैदान है
  • द्वीप समूह: भारत में दो प्रमुख द्वीप समूह हैं—लक्षद्वीप (प्रवाल द्वीप) और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह (ज्वालामुखीय द्वीप)

📝 BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न

प्रश्न 1: भारत के सबसे प्राचीन भू-भाग को किस नाम से जाना जाता है?
(a) हिमालय
(b) सिंधु-गंगा का मैदान
(c) प्रायद्वीपीय पठार
(d) तटीय मैदान

उत्तर: (c) प्रायद्वीपीय पठार
व्याख्या: प्रायद्वीपीय पठार भारत का सबसे प्राचीन और स्थिर भू-भाग है, जो गोंडवाना भूमि का हिस्सा है

प्रश्न 2: ‘दून’ घाटियाँ किन दो श्रेणियों के बीच पाई जाती हैं?
(a) हिमाद्रि और हिमाचल
(b) हिमाचल और शिवालिक
(c) शिवालिक और मैदान
(d) पूर्वी और पश्चिमी घाट

उत्तर: (b) हिमाचल और शिवालिक
व्याख्या: दून घाटियाँ निम्न हिमालय (हिमाचल) और शिवालिक के बीच स्थित होती हैं, जैसे देहरादून

💡 BPSC PT के लिए रणनीति

  • विभाजन याद रखें: भारत के चार प्रमुख भौतिक विभाग—हिमालय, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, तटीय मैदान
  • हिमालय की तीन श्रेणियाँ: हिमाद्रि, हिमाचल, शिवालिक और उनकी विशेषताएँ।
  • बिहार का संदर्भ: बिहार उत्तरी मैदान (गंगा का मैदान) का हिस्सा है, जो अपनी उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी के लिए जाना जाता है।
  • नदियों का महत्व: हिमालय से निकलने वाली नदियाँ (गंगा, ब्रह्मपुत्र) और प्रायद्वीपीय नदियाँ (गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा)

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!