पटना में असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलन के केंद्र — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स
प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में बिहार के स्वतंत्रता आंदोलन से प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। 71वीं BPSC मुख्य परीक्षा में “असहयोग आंदोलन में बिहार की भूमिका” पर प्रश्न पूछा गया था । पटना दोनों आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा। नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।
1. पटना: असहयोग आंदोलन का केंद्र (1920-1922)
प्रारंभिक जनसभाएँ एवं छात्र आंदोलन
11 नवंबर 1920 — अंजुमन इस्लामिया हॉल, पटना:
पटना के छात्रों द्वारा एक विशाल सभा का आयोजन किया गया, जिसमें निर्णय लिया गया कि यदि असहयोग आंदोलन की पुकार पर छात्र स्कूल-कॉलेज छोड़ने को तैयार हैं, तो राष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों की शुरुआत की जाए ।
14 नवंबर 1920 — मजहरुल हक के नेतृत्व में सभा:
पटना में मजहरुल हक के नेतृत्व में एक हजार हिंदू और मुस्लिम छात्रों की सभा हुई। गांधीजी की पुकार पर सभी छात्रों को सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों को छोड़ने की सलाह दी गई ।
15 नवंबर 1920 — मौलाना अबुल कलाम आजाद का आगमन:
मौलाना आजाद पटना पहुँचे और छात्रों के उत्साह को और बढ़ाया । बिहार नेशनल कॉलेज के सभी छात्रों ने 15 नवंबर 1920 को विद्यालय छोड़ दिया ।
10 नवंबर 1920 — मजहरुल हक के परिसर में सभा:
इसमें अधिकांशतः छात्रों ने भाग लिया, जिनकी संख्या दो से आठ हजार के आसपास थी। इस सभा को मौलाना अबुल कलाम आजाद और पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संबोधित किया ।
17 नवंबर 1920 — मौलाना आजाद का प्रभावशाली भाषण:
इस भाषण ने छात्रों को अत्यधिक प्रभावित किया। जयप्रकाश नारायण ने स्वयं लिखा है कि इस भाषण को सुनकर वे मुग्ध रह गए और इसी से प्रेरित होकर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में पदार्पण किया ।
पटना में शैक्षिक बहिष्कार के केंद्र
राष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों की स्थापना:
- बिहार विद्यापीठ — 1920 में स्थापित
- राष्ट्रीय कॉलेज, पटना — 1920 में स्थापित
बहिष्कार में सम्मिलित प्रमुख संस्थान:
पटना कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय पुस्तकालय परिसर, पटना मेडिकल कॉलेज, दयानंद एंग्लो वैदिक स्कूल, बिहार नेशनल कॉलेज, पटना लॉ कॉलेज, नुरूल हुदा मदरसा आदि ।
1922 तक की स्थिति:
41 उच्च विद्यालयों में 4,500 विद्यार्थी, 600 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में 1,700 विद्यार्थी सम्मिलित हुए ।
प्रमुख व्यक्तियों का अध्यापन कार्य:
राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, जाकिर हुसैन, बद्रीनाथ वर्मा, मजहरुल हक, मोहम्मद शफी दाउदी आदि ।
वकालत त्यागने वाले प्रमुख वकील (पटना से)
मो. खुर्शेद हसनैन (पटना), सैयद महमूद, और अन्य ।
2. पटना: सविनय अवज्ञा आंदोलन का केंद्र (1930-1934)
नमक सत्याग्रह और पटना
16 अप्रैल 1930 — नरवासपिण्ड (पटना):
राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में पटना में नरवासपिण्ड नामक स्थान पर नमक कानून तोड़ा गया ।
पटना में नमक कानून भंग:
बिहार में समुद्र तट नहीं होने के कारण नमकीन मिट्टी से नमक बनाकर कानून तोड़ा गया। पटना में नरवासपिण्ड इसका प्रमुख केंद्र बना ।
राजेंद्र प्रसाद की भूमिका:
पुलिस आक्रमण के बावजूद नमक कानून के उल्लंघन के लिए पटना में स्थान चुना गया। स्वयंसेवकों के दल उत्साहपूर्वक एक के बाद एक आते और नमक बनाने के लिए गिरफ्तार कर लिए जाते। राजेंद्र प्रसाद ने अहिंसक रहने की अपील की ।
चौकीदारी कर विरोध (पटना क्षेत्र)
सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान चौकीदारी कर का भुगतान बंद करना आंदोलन का प्रमुख अंग बना ।
पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र:
कई गाँवों ने कर न देने की शपथ ली ।
पटना में हड़ताल:
30 जून 1930 को पंडित मोतीलाल नेहरू और डॉ. सैयद महमूद की गिरफ्तारी पर पटना में हड़ताल हुई। पटना की हड़ताल की एक विशिष्ट विशेषता यह थी कि कई मुहम्मदन दुकानें भी बंद हुईं, जिनके मालिक पहले ऐसी हड़तालों में शामिल नहीं हुए थे ।
विदेशी वस्त्र बहिष्कार में महिलाओं की भागीदारी (पटना)
विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार में पटना जिले की स्त्रियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसका नेतृत्व श्रीमती हसन इमाम ने किया, जिसे विध्यवासिनी देवी ने आगे बढ़ाया ।
3. BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न
प्रश्न 1: असहयोग आंदोलन के दौरान पटना में 11 नवंबर 1920 को छात्रों की सभा कहाँ हुई?
(a) बिहार नेशनल कॉलेज
(b) अंजुमन इस्लामिया हॉल
(c) पटना कॉलेज
(d) मजहरुल हक का परिसर
उत्तर: (b) अंजुमन इस्लामिया हॉल
व्याख्या: 11 नवंबर 1920 को पटना के छात्रों द्वारा अंजुमन इस्लामिया हॉल में सभा का आयोजन किया गया ।
प्रश्न 2: पटना में असहयोग आंदोलन के दौरान 14 नवंबर 1920 को छात्रों की सभा का नेतृत्व किसने किया?
(a) राजेंद्र प्रसाद
(b) मजहरुल हक
(c) मौलाना आजाद
(d) जवाहरलाल नेहरू
उत्तर: (b) मजहरुल हक
व्याख्या: 14 नवंबर 1920 को मजहरुल हक के नेतृत्व में एक हजार हिंदू और मुस्लिम छात्रों की सभा हुई ।
प्रश्न 3: सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान पटना में नमक कानून किस स्थान पर तोड़ा गया?
(a) गांधी मैदान
(b) नरवासपिण्ड
(c) बिहार विद्यापीठ
(d) सदाकत आश्रम
उत्तर: (b) नरवासपिण्ड
व्याख्या: 16 अप्रैल 1930 को पटना में नरवासपिण्ड नामक स्थान पर नमक कानून तोड़ा गया ।
प्रश्न 4: सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान पटना में विदेशी वस्त्र बहिष्कार का नेतृत्व किसने किया?
(a) विध्यवासिनी देवी
(b) श्रीमती हसन इमाम
(c) चंद्रवती देवी
(d) उमा देवी
उत्तर: (b) श्रीमती हसन इमाम
व्याख्या: पटना जिले की स्त्रियों ने विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसका नेतृत्व श्रीमती हसन इमाम ने किया ।
प्रश्न 5: असहयोग आंदोलन के दौरान पटना में किस राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान की स्थापना हुई?
(a) पटना विश्वविद्यालय
(b) बिहार विद्यापीठ
(c) पटना कॉलेज
(d) मगध विश्वविद्यालय
उत्तर: (b) बिहार विद्यापीठ
व्याख्या: असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार विद्यापीठ और राष्ट्रीय कॉलेज, पटना की स्थापना हुई ।
प्रश्न 6: किस BPSC परीक्षा में “असहयोग आंदोलन में बिहार की भूमिका” पर प्रश्न पूछा गया?
(a) 70वीं BPSC
(b) 71वीं BPSC
(c) 69वीं BPSC
(d) 68वीं BPSC
उत्तर: (b) 71वीं BPSC
व्याख्या: 71वीं BPSC मुख्य परीक्षा में “असहयोग आंदोलन में बिहार की भूमिका” पर प्रश्न पूछा गया ।
प्रश्न 7: सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान पटना की हड़ताल की विशिष्ट विशेषता क्या थी?
(a) केवल हिंदू दुकानें बंद हुईं
(b) मुहम्मदन दुकानें भी बंद हुईं
(c) केवल सरकारी दफ्तर बंद हुए
(d) केवल स्कूल बंद हुए
उत्तर: (b) मुहम्मदन दुकानें भी बंद हुईं
व्याख्या: 30 जून 1930 की पटना हड़ताल की विशिष्ट विशेषता यह थी कि कई मुहम्मदन दुकानें भी बंद हुईं, जिनके मालिक पहले ऐसी हड़तालों में शामिल नहीं हुए थे ।
प्रश्न 8: असहयोग आंदोलन के दौरान पटना में जयप्रकाश नारायण को किस भाषण से प्रेरणा मिली?
(a) राजेंद्र प्रसाद का भाषण
(b) मौलाना अबुल कलाम आजाद का भाषण
(c) जवाहरलाल नेहरू का भाषण
(d) मजहरुल हक का भाषण
उत्तर: (b) मौलाना अबुल कलाम आजाद का भाषण
व्याख्या: जयप्रकाश नारायण ने लिखा है कि 1921 की जनवरी में पटना की विशाल आमसभा में मौलाना अबुल कलाम आजाद का भाषण सुनकर वे मुग्ध रह गए और उसी से प्रेरित होकर स्वतंत्रता संग्राम में पदार्पण किया ।
4. BPSC PT के लिए रणनीति
- असहयोग आंदोलन (पटना): अंजुमन इस्लामिया हॉल (11 नवंबर 1920), मजहरुल हक की सभा (14 नवंबर), मौलाना आजाद का भाषण (15-17 नवंबर)
- शैक्षिक बहिष्कार: बिहार विद्यापीठ, राष्ट्रीय कॉलेज की स्थापना; पटना कॉलेज, पटना लॉ कॉलेज, नुरूल हुदा मदरसा में बहिष्कार
- सविनय अवज्ञा (पटना): नरवासपिण्ड (नमक सत्याग्रह), चौकीदारी कर विरोध, हड़ताल (30 जून 1930)
- महिलाओं की भूमिका: श्रीमती हसन इमाम (विदेशी वस्त्र बहिष्कार), विध्यवासिनी देवी
- 71वीं BPSC: “असहयोग आंदोलन में बिहार की भूमिका” — मुख्य परीक्षा में पूछा गया
- पिछले प्रश्न पत्र: BPSC के बिहार स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें
इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!