बिहार प्रांतीय किसान सभा (सहजानंद सरस्वती) — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स

प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में बिहार के किसान आंदोलन से प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। 66वीं BPSC PT में बिहार के किसान आंदोलन और सहजानंद सरस्वती से जुड़े प्रश्न पूछे गए थे, तथा 70वीं BPSC PT में सहजानंद सरस्वती द्वारा प्रकाशित समाचार पत्र “लोक संग्रह” से प्रश्न पूछा गया। नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।


1. सहजानंद सरस्वती: जीवन परिचय

पहलूविवरण
जन्म1889 ई.
जन्म स्थानडेहरी (बिहार)
मूल नामनौरंग राय
मृत्यु1950 ई.
भूमिकाकिसान नेता, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • सहजानंद सरस्वती संन्यासी थे, जिन्होंने किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया
  • वे किसान सभा आंदोलन के प्रमुख नेता थे
  • उन्होंने “लोक संग्रह” नामक समाचार पत्र प्रकाशित किया, जिससे किसानों की समस्याओं को उठाया

2. बिहार प्रांतीय किसान सभा (BPKS) की स्थापना

पृष्ठभूमि

औपनिवेशिक बिहार में किसानों की स्थिति:

  • किसानों को बेगार (बलात श्रम) करना पड़ता था
  • जमींदारों के घरों में मुफ्त सेवा देनी पड़ती थी
  • फसल का उपयोग करने के लिए भी जमींदार की अनुमति आवश्यक थी
  • जमींदार द्वारा “गोबर” जैसी प्रतीकात्मक चेतावनी फसलों पर लगाई जाती थी
  • किसानों को जमींदारों द्वारा प्रताड़ित किया जाता था; मवेशियों को पीटा जाता था और जंगल की भूमि पर चरने नहीं दिया जाता था

स्थापना का क्रम

वर्षघटना
1927पश्चिमी पटना किसान सभा की स्थापना (स्थानीय ब्राह्मण जमींदारों के शोषण के विरुद्ध)
1928सहजानंद ने पश्चिमी पटना किसान सभा का गठन किया
1929बिहार प्रांतीय किसान सभा (BPKS) की स्थापना — सोनपुर मेला के दौरान

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • 1927 ई. में सहजानंद ने पश्चिमी पटना किसान सभा की स्थापना की, जो बिहार में संगठित किसान प्रतिरोध की शुरुआत थी
  • 1929 ई. में सोनपुर मेला के दौरान बिहार प्रांतीय किसान सभा का गठन हुआ, जिसने पूरे प्रांत के किसानों को एकजुट किया
  • BPKS की स्थापना के साथ ही बिहार में संगठित किसान आंदोलन का प्रारंभ हुआ

3. किसान सभा आंदोलन की प्रमुख गतिविधियाँ

1930 का असहयोग आंदोलन

  • 1930 ई.: किसान सभा ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध सविनय अवज्ञा आंदोलन का समर्थन करने के लिए अपनी गतिविधियाँ स्थगित कर दीं
  • साथ ही, किसानों के अधिकारों को खतरे में डालने वाले किरायेदारी विधेयक के संशोधन का विरोध किया

1933 का समझौता विरोध

  • 1933 ई. तक: सहजानंद ने जमींदारों के पक्ष में किए गए समझौता उपायों की कड़ी आलोचना की
  • यह उनकी किरायेदार किसानों के हितों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है

अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) का गठन

  • 1936 ई.: अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना हुई, जिसके अध्यक्ष सहजानंद बने
  • AIKS ने कृषि ऋण की माफी और जमींदारी प्रथा की समाप्ति की मांग की

बकाश्त आंदोलन (1937-38)

  • 1937-38 ई.: सहजानंद ने बिहार में बकाश्त आंदोलन का नेतृत्व किया
  • बकाश्त = किसानों द्वारा स्वयं जोती जाने वाली भूमि
  • आंदोलन का उद्देश्य: किसानों को उनकी स्व-जोती भूमि से बेदखल किए जाने का विरोध
  • परिणाम: बिहार किरायेदारी अधिनियम (Bihar Tenancy Act) का अधिनियमन और बकाश्त भूमि कर का कार्यान्वयन

4. किसान सभा का कांग्रेस से संबंध

सहयोग एवं तनाव

  • 1930 का असहयोग आंदोलन: किसान सभा ने कांग्रेस का समर्थन किया
  • 1937 के चुनाव: किसान सभा ने कांग्रेस के उम्मीदवारों के खिलाफ अपने उम्मीदवार नहीं खड़े किए
  • 1937 के बाद तनाव: कांग्रेस मंत्रिमंडल बनने के बाद किसान सभा और कांग्रेस के संबंध तनावपूर्ण हो गए
  • नवंबर 1937: सहजानंद ने बिहार प्रांतीय कांग्रेस समिति से इस्तीफा दे दिया

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • सहजानंद का मानना था कि किसान सभा कांग्रेस का अंग मात्र नहीं, बल्कि स्वतंत्र संगठन है
  • उनके अनुसार, किसान सभा अर्थशास्त्र के दृष्टिकोण से राजनीति को देखती है, जबकि अन्य राजनीति के दृष्टिकोण से अर्थशास्त्र को देखते हैं

5. BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न

प्रश्न 1: बिहार प्रांतीय किसान सभा (BPKS) की स्थापना कब हुई?
(a) 1927 ई.
(b) 1928 ई.
(c) 1929 ई.
(d) 1930 ई.

उत्तर: (c) 1929 ई.
व्याख्या: बिहार प्रांतीय किसान सभा की स्थापना 1929 ई. में सोनपुर मेला के दौरान हुई


प्रश्न 2: बिहार प्रांतीय किसान सभा के संस्थापक कौन थे?
(a) कार्यानंद शर्मा
(b) सहजानंद सरस्वती
(c) राजेंद्र प्रसाद
(d) श्रीकृष्ण सिंह

उत्तर: (b) सहजानंद सरस्वती
व्याख्या: सहजानंद सरस्वती ने 1929 ई. में BPKS की स्थापना की


प्रश्न 3: सहजानंद सरस्वती ने किस समाचार पत्र का प्रकाशन किया?
(a) हरिजन
(b) लोक संग्रह
(c) यंग इंडिया
(d) अमृत बाजार पत्रिका

उत्तर: (b) लोक संग्रह
व्याख्या: सहजानंद सरस्वती ने “लोक संग्रह” नामक समाचार पत्र प्रकाशित किया, जिससे किसानों की समस्याओं को उठाया।


प्रश्न 4: अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) की स्थापना कब हुई?
(a) 1929 ई.
(b) 1934 ई.
(c) 1936 ई.
(d) 1938 ई.

उत्तर: (c) 1936 ई.
व्याख्या: अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना 1936 ई. में हुई, जिसके अध्यक्ष सहजानंद बने


प्रश्न 5: बकाश्त आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
(a) जमींदारी प्रथा की समाप्ति
(b) किसानों को स्व-जोती भूमि से बेदखली का विरोध
(c) कृषि ऋण की माफी
(d) भूमि कर में कमी

उत्तर: (b) किसानों को स्व-जोती भूमि से बेदखली का विरोध
व्याख्या: बकाश्त आंदोलन (1937-38) का उद्देश्य किसानों को उनकी स्व-जोती भूमि से बेदखल किए जाने का विरोध करना था


प्रश्न 6: सहजानंद सरस्वती का जन्म कहाँ हुआ?
(a) पटना
(b) डेहरी
(c) गया
(d) भागलपुर

उत्तर: (b) डेहरी
व्याख्या: सहजानंद सरस्वती का जन्म 1889 ई. में डेहरी (बिहार) में हुआ।


प्रश्न 7: पश्चिमी पटना किसान सभा की स्थापना कब हुई?
(a) 1925 ई.
(b) 1927 ई.
(c) 1929 ई.
(d) 1930 ई.

उत्तर: (b) 1927 ई.
व्याख्या: सहजानंद ने 1927 ई. में पश्चिमी पटना किसान सभा की स्थापना की


प्रश्न 8: BPKS की स्थापना किस अवसर पर हुई?
(a) पटना कांग्रेस अधिवेशन
(b) सोनपुर मेला
(c) गया किसान सम्मेलन
(d) बकाश्त आंदोलन

उत्तर: (b) सोनपुर मेला
व्याख्या: BPKS की स्थापना 1929 ई. में सोनपुर मेला के दौरान हुई


प्रश्न 9: सहजानंद सरस्वती ने किस कांग्रेस समिति से इस्तीफा दिया?
(a) अखिल भारतीय कांग्रेस समिति
(b) बिहार प्रांतीय कांग्रेस समिति
(c) पटना जिला कांग्रेस समिति
(d) गया जिला कांग्रेस समिति

उत्तर: (b) बिहार प्रांतीय कांग्रेस समिति
व्याख्या: नवंबर 1937 ई. में सहजानंद ने बिहार प्रांतीय कांग्रेस समिति से इस्तीफा दे दिया


प्रश्न 10: बकाश्त आंदोलन का परिणाम क्या था?
(a) जमींदारी प्रथा की समाप्ति
(b) बिहार किरायेदारी अधिनियम का अधिनियमन
(c) कृषि ऋण की माफी
(d) भूमि कर में कमी

उत्तर: (b) बिहार किरायेदारी अधिनियम का अधिनियमन
व्याख्या: बकाश्त आंदोलन के परिणामस्वरूप बिहार किरायेदारी अधिनियम और बकाश्त भूमि कर का कार्यान्वयन हुआ


6. BPSC PT के लिए रणनीति

  1. सहजानंद सरस्वती: जन्म (1889, डेहरी), मृत्यु (1950), “लोक संग्रह” समाचार पत्र
  2. BPKS की स्थापना: 1929, सोनपुर मेला, पश्चिमी पटना किसान सभा (1927) से पहले
  3. AIKS: 1936 में स्थापना, सहजानंद अध्यक्ष
  4. बकाश्त आंदोलन: 1937-38, स्व-जोती भूमि से बेदखली का विरोध, बिहार किरायेदारी अधिनियम
  5. कांग्रेस से संबंध: 1930 का समर्थन, 1937 के बाद तनाव, नवंबर 1937 में इस्तीफा
  6. पिछले प्रश्न पत्र: BPSC 66वीं और 70वीं के प्रश्नों का अभ्यास करें

इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!

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