शेरशाह सूरी और बिहार का मध्यकालीन इतिहास — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स
प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में बिहार के मध्यकालीन इतिहास से प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। शेरशाह सूरी बिहार की धरती से उठकर दिल्ली के सिंहासन तक पहुँचने वाला महान शासक था, जिसने अपनी प्रशासनिक व्यवस्था से मुगलों को भी प्रभावित किया। नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।
1. शेरशाह सूरी: जीवन परिचय
मूल तथ्य
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| जन्म | 1472 ई. (कुछ स्रोतों में 1486 ई.) |
| जन्म स्थान | सासाराम (रोहतास जिला, बिहार) |
| मूल नाम | फरीद खाँ |
| पिता | हसन खाँ |
| वंश | सूर वंश (अफगान/पठान) |
| उपाधि | शेर खाँ, शेरशाह |
| मृत्यु | 22 मई 1545 ई., कालिंजर |
महत्वपूर्ण तथ्य:
- शेरशाह का जन्म सासाराम (बिहार) में हुआ था
- वह सूर वंश से संबंधित अफगान (पठान) था
- उसने अपनी राजनीतिक शिक्षा जौनपुर में प्राप्त की
- 1527 ई.: बाबर की सेवा में प्रवेश किया और सैन्य संगठन सीखा
- बिहार का राज्यपाल: बाबर ने जलाल खाँ नुहानी को बिहार का गवर्नर नियुक्त किया, जिसने शेर खाँ को अपना डिप्टी बनाया
- चार वर्ष के भीतर: शेर खाँ ने स्वयं को बिहार का वास्तविक शासक बना लिया
सत्ता की प्राप्ति
- 1539 ई. — चौसा का युद्ध: हुमायूँ को पराजित किया
- 1540 ई. — कन्नौज का युद्ध: हुमायूँ को पुनः पराजित कर दिल्ली पर अधिकार
- सूर साम्राज्य: 1540 से 1545 तक उत्तर भारत पर शासन
2. बिहार से शेरशाह का संबंध
पटना को राजधानी बनाना
- 1541 ई.: शेरशाह ने पुरानी राजधानी बिहारशरीफ को unsuitable पाकर पटना को प्रांत की राजधानी बनाया
- उसने पटना में एक किला बनवाया, जिस पर 5 लाख रुपये का खर्च आया
- पटना को किलेबंद शहर के रूप में विकसित किया
रोहतासगढ़ किला
- शेरशाह ने रोहतासगढ़ (बिहार) में एक भव्य किला बनवाया
- यह उत्तर-पश्चिमी सीमा की सुरक्षा के लिए बनाया गया था
सासाराम का मकबरा
- सासाराम (बिहार) में शेरशाह का अपना मकबरा स्थित है, जो भारत की सर्वश्रेष्ठ इमारतों में से एक माना जाता है
- यह एक कृत्रिम झील के बीच में बना हुआ है, जो अष्टकोणीय तीन मंजिला संरचना है
- पर्सी ब्राउन ने इसकी सुंदरता और भव्यता की प्रशंसा की है
3. शेरशाह का प्रशासन
संचार व्यवस्था (सड़कें और सराय)
- ग्रैंड ट्रंक रोड: अटक से सोनारगाँव (पूर्वी बंगाल) तक 1500 मील लंबी सड़क बनवाई
- अन्य सड़कें: आगरा से बुरहानपुर, आगरा से जोधपुर-चित्तौड़, लाहौर से मुल्तान तक
- सराय: हर दो कोस पर सराय बनवाईं; प्रत्येक सराय पर दो घोड़े रखे गए, जिनका उपयोग हरकारे संदेश भेजने के लिए करते थे
- सड़कों की सुरक्षा: चोरों और लुटेरों से सड़कों की सुरक्षा के लिए स्थानीय जिम्मेदारी का सिद्धांत अपनाया
- पेड़ लगाना: सड़कों के दोनों तरफ़ पेड़ लगवाए ताकि यात्रियों को छाया मिल सके
डाक व्यवस्था
सैन्य प्रशासन
- सैनिकों की विवरणी (Descriptive Rolls) तैयार की जाती थी
- निश्चित वेतन और समान अवसर की नीति अपनाई
- जनजातीय वफादारी के स्थान पर अनुशासन को महत्व दिया
न्याय और कानून व्यवस्था
- सामूहिक सुरक्षा प्रणाली: यदि किसी क्षेत्र में यात्री को लूटा जाता था, तो मुकद्दम को उस राशि का भुगतान करना पड़ता था
- हत्या के मामले में: मुकद्दम तब तक गिरफ्तार रहता था जब तक अपराधी न मिल जाए
प्रशासनिक सुधार
- केंद्रीकरण: साम्राज्य को केंद्रीकृत करने का प्रयास
- राज्यपालों को सशक्त बनाना: प्रशासनिक व्यवस्था को विकेंद्रीकृत करने का प्रयास
- हर सरकार में किला: प्रत्येक सरकार में एक किला बनाने की योजना (पूरी नहीं हो सकी)
4. बिहार का मध्यकालीन इतिहास (शेरशाह से पहले)
दिल्ली सल्तनत काल में बिहार
- 13वीं-14वीं शताब्दी: बिहार का मुख्यालय बिहारशरीफ में था
- इल्तुतमिश: बिहार को बंगाल से अलग करके स्वतंत्र प्रांत बनाना चाहता था
- 1242 ई.: बिहार पुनः दिल्ली से अलग होकर बंगाल में मिला दिया गया
- 1324 ई.: गयासुद्दीन तुगलक ने बिहार से होकर पूर्वी अभियान किया; तिरहुत पर विजय प्राप्त की
- 1397-1480 ई.: बिहार जौनपुर के शर्की राज्य का हिस्सा रहा
लोदी काल में बिहार
- 1494 ई.: सिकंदर लोदी ने बिहार में शर्की शासन को समाप्त किया
- बिहारशरीफ पर अधिकार किया
- बहार खाँ: सुल्तान महमूद की उपाधि धारण करके बिहार और जौनपुर का शासक बना
बाबर और बिहार
- 1528 ई.: बाबर ने पूर्वी प्रांतों के विद्रोह को दबाने के लिए अभियान चलाया
- मनेर की संधि: बाबर ने बहार खाँ (सुल्तान महमूद) के साथ संधि की
- जलाल खाँ नुहानी: बिहार का मुगल गवर्नर नियुक्त
5. BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न
प्रश्न 1: शेरशाह सूरी का जन्म कहाँ हुआ था?
(a) पटना
(b) सासाराम
(c) बिहारशरीफ
(d) गया
उत्तर: (b) सासाराम
व्याख्या: शेरशाह सूरी का जन्म 1472 ई. में सासाराम (रोहतास जिला, बिहार) में हुआ था ।
प्रश्न 2: शेरशाह का मूल नाम क्या था?
(a) फरीद खाँ
(b) हसन खाँ
(c) जलाल खाँ
(d) बहार खाँ
उत्तर: (a) फरीद खाँ
व्याख्या: शेरशाह का जन्म नाम फरीद खाँ था; बाद में उसे शेर खाँ की उपाधि मिली ।
प्रश्न 3: शेरशाह ने पटना को कब बिहार प्रांत की राजधानी बनाया?
(a) 1528 ई.
(b) 1539 ई.
(c) 1541 ई.
(d) 1545 ई.
उत्तर: (c) 1541 ई.
व्याख्या: 1541 ई. में शेरशाह ने बिहारशरीफ के स्थान पर पटना को प्रांत की राजधानी बनाया ।
प्रश्न 4: ग्रैंड ट्रंक रोड कहाँ से कहाँ तक बनाई गई?
(a) अटक से सोनारगाँव
(b) आगरा से बुरहानपुर
(c) लाहौर से मुल्तान
(d) दिल्ली से कलकत्ता
उत्तर: (a) अटक से सोनारगाँव
व्याख्या: शेरशाह ने अटक से सोनारगाँव (पूर्वी बंगाल) तक ग्रैंड ट्रंक रोड बनवाई, जो लगभग 1500 मील लंबी थी ।
प्रश्न 5: शेरशाह के मकबरे का स्थान कहाँ है?
(a) दिल्ली
(b) आगरा
(c) सासाराम
(d) पटना
उत्तर: (c) सासाराम
व्याख्या: शेरशाह का मकबरा सासाराम (बिहार) में एक कृत्रिम झील के बीच में स्थित है ।
प्रश्न 6: शेरशाह ने हुमायूँ को किस युद्ध में पराजित किया?
(a) पानीपत का प्रथम युद्ध
(b) चौसा का युद्ध
(c) कन्नौज का युद्ध
(d) घाघरा का युद्ध
उत्तर: (b) चौसा का युद्ध
व्याख्या: 1539 ई. में चौसा के युद्ध में शेरशाह ने हुमायूँ को पराजित किया ।
प्रश्न 7: शेरशाह की सड़कों की सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य सिद्धांत क्या था?
(a) केंद्रीय पुलिस बल
(b) स्थानीय जिम्मेदारी
(c) सैन्य गश्त
(d) गुप्तचर तंत्र
उत्तर: (b) स्थानीय जिम्मेदारी
व्याख्या: शेरशाह ने सड़कों की सुरक्षा के लिए स्थानीय जिम्मेदारी का सिद्धांत अपनाया ।
प्रश्न 8: शेरशाह ने हर सराय पर कितने घोड़े रखने की व्यवस्था की?
(a) एक
(b) दो
(c) तीन
(d) चार
उत्तर: (b) दो
व्याख्या: शेरशाह ने हर सराय पर दो घोड़े रखवाए, जिनका उपयोग हरकारे संदेश भेजने के लिए करते थे ।
प्रश्न 9: शेरशाह की मृत्यु कब हुई?
(a) 1539 ई.
(b) 1540 ई.
(c) 1545 ई.
(d) 1550 ई.
उत्तर: (c) 1545 ई.
व्याख्या: 22 मई 1545 ई. को कालिंजर में शेरशाह की मृत्यु हो गई ।
प्रश्न 10: मध्यकाल में बिहार का मुख्यालय कहाँ था?
(a) पटना
(b) गया
(c) बिहारशरीफ
(d) मुंगेर
उत्तर: (c) बिहारशरीफ
व्याख्या: 13वीं-14वीं शताब्दी में बिहार का मुख्यालय बिहारशरीफ में था ।
6. BPSC PT के लिए रणनीति
- शेरशाह का जीवन: जन्म (1472, सासाराम), मूल नाम (फरीद खाँ), सूर वंश
- बिहार संबंध: पटना को राजधानी (1541), रोहतासगढ़ किला, सासाराम का मकबरा
- प्रशासन: ग्रैंड ट्रंक रोड (अटक से सोनारगाँव), सराय (हर दो कोस), डाक व्यवस्था
- युद्ध: चौसा (1539), कन्नौज (1540)
- मध्यकालीन बिहार: बिहारशरीफ मुख्यालय, तुगलक काल, शर्की शासन, लोदी काल
- पिछले प्रश्न पत्र: BPSC के बिहार मध्यकालीन इतिहास से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें
इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!