भूकंप, ज्वालामुखी और प्रमुख चट्टानें — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स

प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में भूगोल के अंतर्गत भूकंप, ज्वालामुखी और चट्टानों से प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। बिहार की भूकंपीय संवेदनशीलता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य भूकंप जोन III, IV और V में विभाजित है। नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।


1. भूकंप (Earthquake)

भूकंप क्या है?

भूकंप पृथ्वी की सतह का अचानक हिलना है, जो पृथ्वी की भीतरी परतों में ऊर्जा के अचानक निकलने से होता है। यह ऊर्जा भ्रंश (Fault) या प्लेट सीमाओं पर चट्टानों के टूटने या खिसकने से निकलती है।

भूकंप के प्रकार

प्रकारविवरण
विवर्तनिक (Tectonic)प्लेटों की गति के कारण; सबसे विनाशकारी
ज्वालामुखीय (Volcanic)ज्वालामुखी विस्फोट के साथ
निपात (Collapse)खदानों या गुफाओं के धँसने से
मानवजनितबड़े बाँध, खनन, भूमिगत परमाणु परीक्षण

भूकंप की तीव्रता मापने के पैमाने

पैमानाआधारविशेषता
रिक्टर स्केलभूकंपीय तरंगों का आयामलघुगणकीय (Logarithmic); 1 इकाई = 10 गुना वृद्धि
मरकैली स्केलसतह पर विनाश की तीव्रताI से XII तक; गुणात्मक

भूकंपीय तरंगें

तरंगविशेषता
P तरंग (Primary)सबसे तेज़; ठोस, तरल, गैस — सभी में गमन; अनुदैर्ध्य
S तरंग (Secondary)P से धीमी; केवल ठोस में गमन; अनुप्रस्थ
L तरंग (Surface)सतह पर; सबसे विनाशकारी

बिहार का भूकंपीय क्षेत्रीकरण (BPSC के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण)

भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार, बिहार तीन भूकंपीय जोन में विभाजित है :

जोनजोखिम स्तरतीव्रता (MSK)बिहार के प्रमुख जिले
जोन Vबहुत उच्चIX या अधिकसुपौल (पूर्ण), अररिया, मधेपुरा, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, किशनगंज, शिवहर, सीतामढ़ी
जोन IVउच्चVIIIपटना, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय, समस्तीपुर, सारण, वैशाली, पूर्णिया
जोन IIIमध्यमVIIअरवल, औरंगाबाद, गया, कैमूर, रोहतास, बक्सर

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • बिहार MBT (Main Boundary Thrust) और HFT (Himalayan Frontal Thrust) भ्रंशों के निकट होने के कारण उत्तर बिहार Zone V में है
  • 1934 का महाभूकंप: बिहार-नेपाल सीमा पर; 10,000 से अधिक लोगों की मृत्यु
  • 1988 का भूकंप: बिहार-नेपाल सीमा पर
  • बिहार में 38 में से 8 जिले पूर्णतः या आंशिक रूप से Zone V में हैं

2. ज्वालामुखी (Volcano)

ज्वालामुखी क्या है?

ज्वालामुखी पृथ्वी की सतह पर वह दरार या छिद्र है जिससे पृथ्वी के भीतर से मैग्मा, गैस और राख बाहर निकलती है।

ज्वालामुखी के प्रकार

प्रकारविशेषताउदाहरण
सक्रिय (Active)नियमित विस्फोटएटना, वेसुवियस
सुप्त (Dormant)वर्तमान में शांत, परंतु भविष्य में सक्रिय हो सकते हैंफ़ूजी (जापान)
मृत (Extinct)भविष्य में सक्रिय होने की संभावना नहींडेक्कन ट्रैप

ज्वालामुखी से बनने वाली आकृतियाँ

आकृतिविवरण
शील्ड ज्वालामुखीचौड़ा, हल्का ढाल; तरल लावा
स्ट्रैटो ज्वालामुखीशंक्वाकार; गाढ़ा लावा और राख की परतें
काल्डेराविस्फोट के बाद शिखर धँसने से बना विशाल गड्ढा
क्रेटरज्वालामुखी के मुख पर बना गड्ढा

भारत में ज्वालामुखी

  • बैरन द्वीप (Barren Island): भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी; अंडमान सागर में
  • नारकोंडम द्वीप: सुप्त ज्वालामुखी (अंडमान)
  • डेक्कन ट्रैप: महाराष्ट्र का विशाल बेसाल्ट क्षेत्र; मृत ज्वालामुखी का उदाहरण

3. प्रमुख चट्टानें (Rocks)

चट्टानों के प्रकार

चट्टानों को उनके निर्माण की प्रक्रिया के आधार पर तीन मुख्य श्रेणियों में बाँटा जाता है:

प्रकारनिर्माण प्रक्रियाउदाहरण
आग्नेय (Igneous)मैग्मा/लावा के ठंडा होने सेग्रेनाइट, बेसाल्ट
अवसादी (Sedimentary)अवसादों के जमाव और दबाव सेबलुआ पत्थर, चूना पत्थर, शेल
रूपांतरित (Metamorphic)ताप और दबाव से आग्नेय/अवसादी का रूपांतरणसंगमरमर, स्लेट, शिस्ट

विस्तृत विवरण

1. आग्नेय चट्टानें (Primary Rocks):

  • अंतर्वेधी (Intrusive): पृथ्वी की सतह के नीचे धीमी ठंडक; मोटे दाने; जैसे — ग्रेनाइट
  • बहिर्वेधी (Extrusive): सतह पर तेज़ ठंडक; बारीक दाने; जैसे — बेसाल्ट

2. अवसादी चट्टानें (Secondary Rocks):

  • परतों में जमाव; जीवाश्म पाए जाते हैं
  • बलुआ पत्थर (Sandstone), चूना पत्थर (Limestone), शेल (Shale)
  • कोयला और पेट्रोलियम इन्हीं में पाए जाते हैं

3. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks):

मूल चट्टानरूपांतरित चट्टान
चूना पत्थरसंगमरमर (Marble)
बलुआ पत्थरक्वार्ट्जाइट (Quartzite)
शेलस्लेट (Slate)
ग्रेनाइटनाइस (Gneiss)
कोयलाग्रेफाइट या हीरा

बिहार की प्रमुख चट्टानें

  • कैमूर पठार: चूना पत्थर के लिए प्रसिद्ध
  • रोहतास: चूना पत्थर और पाइराइट भंडार
  • गया: ग्रेनाइट (पत्थरकट्टी कला का आधार)
  • दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्र: कठोर शैल (ग्रेनाइट, बेसाल्ट)

4. BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न

प्रश्न 1: बिहार का सुपौल जिला किस भूकंपीय जोन में आता है?
(a) जोन III
(b) जोन IV
(c) जोन V
(d) जोन II

उत्तर: (c) जोन V
व्याख्या: सुपौल जिला पूर्णतः भूकंपीय जोन V में आता है, जो बहुत उच्च जोखिम क्षेत्र है


प्रश्न 2: बिहार में 1934 का महाभूकंप किस सीमा पर केंद्रित था?
(a) बिहार-बंगाल सीमा
(b) बिहार-नेपाल सीमा
(c) बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा
(d) बिहार-झारखंड सीमा

उत्तर: (b) बिहार-नेपाल सीमा
व्याख्या: 1934 का महाभूकंप बिहार-नेपाल सीमा पर केंद्रित था, जिसमें 10,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई


प्रश्न 3: भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी कौन सा है?
(a) नारकोंडम
(b) बैरन द्वीप
(c) डेक्कन ट्रैप
(d) फ़ूजी

उत्तर: (b) बैरन द्वीप
व्याख्या: बैरन द्वीप (अंडमान सागर) भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है।


प्रश्न 4: चूना पत्थर के रूपांतरण से कौन सी चट्टान बनती है?
(a) क्वार्ट्जाइट
(b) संगमरमर
(c) स्लेट
(d) नाइस

उत्तर: (b) संगमरमर
व्याख्या: चूना पत्थर (Limestone) ताप और दबाव से संगमरमर (Marble) में बदल जाता है।


प्रश्न 5: P तरंगें किन माध्यमों में गमन कर सकती हैं?
(a) केवल ठोस
(b) केवल तरल
(c) ठोस, तरल और गैस
(d) केवल ठोस और तरल

उत्तर: (c) ठोस, तरल और गैस
व्याख्या: P तरंगें (Primary Waves) सभी माध्यमों — ठोस, तरल और गैस — में गमन कर सकती हैं, जबकि S तरंगें केवल ठोस में।


प्रश्न 6: बिहार का कौन सा जिला भूकंपीय जोन III में आता है?
(a) पटना
(b) गया
(c) मुजफ्फरपुर
(d) दरभंगा

उत्तर: (b) गया
व्याख्या: गया, अरवल, औरंगाबाद, कैमूर, रोहतास, बक्सर — ये जिले भूकंपीय जोन III में आते हैं


प्रश्न 7: बिहार की भूकंपीय संवेदनशीलता का मुख्य कारण क्या है?
(a) प्रायद्वीपीय पठार
(b) MBT और HFT भ्रंश
(c) गंगा का मैदान
(d) जलोढ़ मिट्टी

उत्तर: (b) MBT और HFT भ्रंश
व्याख्या: उत्तर बिहार MBT (Main Boundary Thrust) और HFT (Himalayan Frontal Thrust) भ्रंशों के निकट होने के कारण Zone V में है


प्रश्न 8: निम्नलिखित में से कौन सी आग्नेय चट्टान है?
(a) बलुआ पत्थर
(b) चूना पत्थर
(c) ग्रेनाइट
(d) संगमरमर

उत्तर: (c) ग्रेनाइट
व्याख्या: ग्रेनाइट एक अंतर्वेधी आग्नेय चट्टान है, जो मैग्मा के पृथ्वी की सतह के नीचे धीमी ठंडक से बनती है।


प्रश्न 9: कैमूर पठार किस चट्टान के लिए प्रसिद्ध है?
(a) ग्रेनाइट
(b) चूना पत्थर
(c) बेसाल्ट
(d) बलुआ पत्थर

उत्तर: (b) चूना पत्थर
व्याख्या: कैमूर पठार चूना पत्थर के लिए प्रसिद्ध है, जो सीमेंट उद्योग का प्रमुख कच्चा माल है


प्रश्न 10: S तरंगें किस माध्यम में गमन नहीं कर सकतीं?
(a) ठोस
(b) तरल
(c) गैस
(d) दोनों (b) और (c)

उत्तर: (d) दोनों (b) और (c)
व्याख्या: S तरंगें (Secondary Waves) केवल ठोस माध्यम में गमन कर सकती हैं; तरल और गैस में नहीं।


5. BPSC PT के लिए रणनीति

  1. बिहार का भूकंपीय ज़ोन: जोन V (सुपौल, अररिया, मधेपुरा, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा), जोन IV (पटना, भागलपुर, मुंगेर), जोन III (गया, रोहतास, कैमूर) — याद रखें
  2. भूकंपीय तरंगें: P (सभी माध्यम), S (केवल ठोस), L (सतह)
  3. पैमाने: रिक्टर (लघुगणकीय, परिमाण), मरकैली (गुणात्मक, तीव्रता)
  4. बिहार के भूकंप: 1934 (सबसे विनाशकारी), 1988, 2015
  5. ज्वालामुखी: बैरन द्वीप (एकमात्र सक्रिय), डेक्कन ट्रैप (मृत)
  6. चट्टानें: आग्नेय (ग्रेनाइट, बेसाल्ट), अवसादी (चूना पत्थर, बलुआ पत्थर), रूपांतरित (संगमरमर, स्लेट, क्वार्ट्जाइट)
  7. बिहार की चट्टानें: कैमूर (चूना पत्थर), गया (ग्रेनाइट), रोहतास (पाइराइट)
  8. पिछले प्रश्न पत्र: BPSC के भूगोल से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें

इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!

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