प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की कार्यप्रणाली — BPSC PT नोट्स
September 20, 2026
भारत में संसदीय शासन प्रणाली अपनाई गई है, जिसमें राष्ट्रपति नाममात्र के प्रमुख होते हैं और वास्तविक शक्ति प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद के पास होती है। BPSC PT के लिए संवैधानिक अनुच्छेदों और व्यावहारिक कार्यप्रणाली दोनों को समझना आवश्यक है।
🏛️ संवैधानिक प्रावधान
- अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद होगी। राष्ट्रपति इस सलाह को मानने के लिए बाध्य हैं, हालांकि एक बार पुनर्विचार के लिए भेज सकते हैं ।
- अनुच्छेद 75: प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होगी, और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर। मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहते हैं ।
- सामूहिक उत्तरदायित्व: अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है ।
- मंत्रियों की सीमा: 91वें संविधान संशोधन के बाद, प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती ।
👑 प्रधानमंत्री की नियुक्ति
- संविधान प्रधानमंत्री की नियुक्ति की प्रक्रिया के बारे में मौन है। राष्ट्रपति को ऐसे व्यक्ति को आमंत्रित करना होता है जिसे लोकसभा का विश्वास प्राप्त हो ।
- स्पष्ट बहुमत की स्थिति में राष्ट्रपति के पास विवेकाधिकार नहीं होता। त्रिशंकु स्थिति में राष्ट्रपति को विवेकाधिकार होता है कि वह किसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करे ।
- प्रधानमंत्री को नियुक्ति के 6 माह के भीतर संसद के किसी भी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है ।
⚙️ प्रधानमंत्री की शक्तियाँ व कार्य
- मंत्रिपरिषद का नेतृत्व: प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का अध्यक्ष होता है और बैठकों की अध्यक्षता करता है। उसका मत अंतिम व निर्णायक होता है ।
- विभागों का आवंटन: वह मंत्रियों को विभाग आवंटित करता है, बदल सकता है, या किसी मंत्री से इस्तीफा मांग सकता है ।
- राष्ट्रपति का मुख्य सलाहकार: वह राष्ट्रपति को सरकार की नीतियों और निर्णयों की जानकारी देता है (अनुच्छेद 78)।
- प्रधानमंत्री का त्यागपत्र: प्रधानमंत्री का त्यागपत्र संपूर्ण मंत्रिपरिषद का त्यागपत्र माना जाता है ।
📊 मंत्रिपरिषद vs मंत्रिमंडल
- मंत्रिपरिषद: इसमें सभी श्रेणी के मंत्री शामिल होते हैं — कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, उपमंत्री ।
- मंत्रिमंडल: यह मंत्रिपरिषद का एक छोटा और शक्तिशाली हिस्सा है, जिसमें केवल कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं। यह सरकार का वास्तविक निर्णय लेने वाला निकाय है ।
💡 BPSC PT के लिए रणनीति
- अनुच्छेद याद रखें: 74 (मंत्रिपरिषद), 75 (नियुक्ति व उत्तरदायित्व), 78 (प्रधानमंत्री की राष्ट्रपति को जानकारी)।
- महत्वपूर्ण तथ्य: 15% मंत्रियों की सीमा (91वाँ संशोधन), 6 माह के भीतर संसद सदस्य बनना।
- व्यावहारिक पक्ष: प्रधानमंत्री “समानों में प्रथम” है, लेकिन लोकसभा में बहुमत के आधार पर उसकी स्थिति तानाशाह जैसी हो सकती है ।