बिहार में खनिज संसाधन और उद्योग (चूना पत्थर, पाइराइट) — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स
प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में बिहार के खनिज संसाधनों से प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। चूना पत्थर बिहार का एकमात्र वृहत खनिज है और पाइराइट में बिहार का देश में एकाधिकार है। नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।
1. बिहार के खनिज संसाधनों का समग्र परिदृश्य
मूल तथ्य
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| प्रमुख वृहत खनिज | चूना पत्थर (Limestone) |
| प्रमुख लघु खनिज | बालू, पत्थर, मुर्म, मिट्टी, ईंट की मिट्टी, अभ्रक, सिलिका, क्वार्ट्ज |
| वृहत खनिज खनन | केवल रोहतास जिले में |
| पाइराइट भंडार | देश का 95% बिहार में |
महत्वपूर्ण तथ्य:
- बिहार में चूना पत्थर एकमात्र वृहत खनिज उपलब्ध है, जिसका खनन केवल रोहतास जिले में किया जाता है
- बिहार में पाए जाने वाले लघु खनिज: बालू, पत्थर, मुर्म, मिट्टी, ईंट की मिट्टी, अभ्रक, सिलिका, क्वार्ट्ज और क्वार्ट्जाइट
- राज्य के सभी 38 जिलों में खनन कार्यालय स्थित हैं
- 6 जिलों में पत्थर खनन और 32 जिलों में बालू खनन का कार्य किया जाता है
- बिहार में खनिज प्राप्तियाँ मुख्य रूप से लघु खनिजों (बालू, पत्थर, ईंट की मिट्टी) से प्राप्त होती हैं; वृहत खनिज (चूना पत्थर) का योगदान नगण्य है
2. चूना पत्थर (Limestone)
भंडारण एवं स्थान
प्रमुख जिले:
- रोहतास — प्रमुख खनन केंद्र
- कैमूर (भभुआ) — भंडार
- मुंगेर — भंडार
विशिष्ट भंडार (रोहतास):
- भोरा कटरा (रोहतास): लगभग 33.25 मीट्रिक टन चूना पत्थर का भंडार
- अनुमानित मूल्य: ₹1,761.42 करोड़
- यह भंडार G-2 ग्रेड का है
- खनन से लगभग 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से लाभ होगा
- 50 से अधिक गाँवों को लाभ
- बंद पड़े सीमेंट उद्योगों को पुनर्जीवित करने में सहायक
चूना पत्थर आधारित उद्योग
सीमेंट उद्योग:
- सीमेंट उद्योग के लिए सबसे प्रमुख कच्चा माल चूना पत्थर है
- 1 टन सीमेंट उत्पादन के लिए लगभग 2.02 टन कच्चे माल की आवश्यकता होती है
- बिहार में देश का लगभग 5% चूना पत्थर प्राप्त होता है
- डालमियानगर (रोहतास, देहरी ऑन सोन के पास) में सीमेंट उद्योग स्थित था, जो वर्तमान में बंद एवं रुग्णावस्था में है
- राज्य सरकार द्वारा छोटे कारखानों (मिनी प्लांट) को प्राथमिकता; रोहतास और कैमूर में छोटे कारखाने खोलने की योजना
खनन राजस्व:
चूना पत्थर से प्राप्त राजस्व (₹ करोड़ में):
| वर्ष | राजस्व |
|---|---|
| 2017-18 | 1.53 |
| 2018-19 | 5.89 |
| 2019-20 | 10.04 |
| 2020-21 | 10.80 |
स्रोत:
3. पाइराइट (Pyrite)
भंडारण एवं महत्व
प्रमुख तथ्य:
- बिहार देश का प्रमुख पाइराइट भंडारक है; देश के 95% पाइराइट भंडार बिहार में
- अमझोर पहाड़ी (रोहतास) — पाइराइट का प्रमुख केंद्र
- अमझोर पहाड़ी में पाइराइट का जमाव 125 किमी में है
- अमझोर पहाड़ी के पाइराइट से 40% गंधक (Sulphur) मिलता है
- कैमूर जिला — पाइराइट का दूसरा प्रमुख केंद्र
- बिहार में पाइराइट भंडार: 98.79 हजार मीट्रिक टन
उपयोग:
- सिंथेटिक उर्वरक उद्योग के लिए पाइराइट रोहतास एवं कैमूर की खदानों से जाता है
- सल्फ्यूरिक एसिड उत्पादन
- सिंदरी (झारखंड) में सल्फ्यूरिक एसिड संयंत्र की स्थापना अमझोर पाइराइट पर आधारित थी
पाइराइट आधारित उद्योग
रसायन उद्योग:
- पाइराइट से सल्फर एवं सल्फ्यूरिक एसिड का उत्पादन
- उर्वरक उद्योग का कच्चा माल
4. अन्य महत्वपूर्ण खनिज (संदर्भ हेतु)
| खनिज | प्रमुख जिले |
|---|---|
| अभ्रक (Mica) | नवादा |
| क्वार्ट्ज/सिलिका सैंड | भागलपुर, जमुई, मुंगेर, नालंदा |
| क्वार्ट्जाइट | लखीसराय, मुंगेर, नालंदा |
| टैल्क/सोपस्टोन | मुंगेर |
| बॉक्साइट | मुंगेर, रोहतास |
| चाइना क्ले | भागलपुर, मुंगेर |
| फेल्सपार | गया, जमुई, मुंगेर |
| ग्रेफाइट | — |
| लोह अयस्क | भागलपुर (हेमेटाइट), गया, जमुई (मैग्नेटाइट) |
| सीसा-जस्ता | बांका, रोहतास |
| डोलोमाइट | कैमूर, रोहतास (180 हजार टन भंडार) |
स्रोत:
5. बिहार में खनिज आधारित उद्योग
खनिज आधारित उद्योगों की स्थिति
- बिहार में खनिज का अभाव है; मात्र चूना पत्थर एवं पाइराइट पर्याप्त परिमाण में उपलब्ध हैं
- प्रमुख खनिज आधारित उद्योग: सीमेंट उद्योग, रसायन उद्योग, काँच उद्योग
काँच उद्योग:
- यह बिहार का प्राचीन उद्योग है
- पहले काँच की चिड़ियाँ बनाई जाती थीं; अब औषधि निर्माण के विकास के साथ काँच उद्योग का विकास हुआ
- कच्चा माल: बालू, सिलिका, सोडा ऐश, चूना पत्थर, सोडियम सल्फेट, पोटैशियम कार्बोनेट, शोरा, सुहागा, बोरिक एसिड, शीशा, सूखा संखिया, बेरियम ऑक्साइड आदि
- उत्पादन केंद्र: पटना, हाजीपुर, दरभंगा और भागलपुर
6. BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न
प्रश्न 1: बिहार में कौन सा एकमात्र वृहत खनिज उपलब्ध है?
(a) पाइराइट
(b) चूना पत्थर
(c) अभ्रक
(d) बॉक्साइट
उत्तर: (b) चूना पत्थर
व्याख्या: बिहार में चूना पत्थर एकमात्र वृहत खनिज उपलब्ध है, जिसका खनन केवल रोहतास जिले में किया जाता है ।
प्रश्न 2: बिहार में चूना पत्थर का खनन मुख्यतः किस जिले में होता है?
(a) कैमूर
(b) मुंगेर
(c) रोहतास
(d) गया
उत्तर: (c) रोहतास
व्याख्या: बिहार में वृहत खनिज (चूना पत्थर) का खनन कार्य केवल रोहतास जिले में किया जाता है ।
प्रश्न 3: बिहार में देश के कुल पाइराइट भंडार का कितना प्रतिशत है?
(a) 50%
(b) 75%
(c) 90%
(d) 95%
उत्तर: (d) 95%
व्याख्या: बिहार देश का प्रमुख पाइराइट भंडारक है और इसमें देश के 95% पाइराइट भंडार हैं ।
प्रश्न 4: अमझोर पहाड़ी किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?
(a) चूना पत्थर
(b) पाइराइट
(c) अभ्रक
(d) लोह अयस्क
उत्तर: (b) पाइराइट
व्याख्या: अमझोर पहाड़ी (रोहतास) पाइराइट का प्रमुख केंद्र है, जिसमें 40% गंधक मिलता है ।
प्रश्न 5: सीमेंट उद्योग के लिए सबसे प्रमुख कच्चा माल क्या है?
(a) पाइराइट
(b) चूना पत्थर
(c) अभ्रक
(d) बॉक्साइट
उत्तर: (b) चूना पत्थर
व्याख्या: सीमेंट उद्योग के लिए सबसे प्रमुख कच्चा माल चूना पत्थर है; 1 टन सीमेंट के लिए लगभग 2.02 टन कच्चे माल की आवश्यकता होती है ।
प्रश्न 6: बिहार में पाइराइट का दूसरा प्रमुख केंद्र कौन सा है?
(a) रोहतास
(b) कैमूर
(c) मुंगेर
(d) गया
उत्तर: (b) कैमूर
व्याख्या: अमझोर पहाड़ी (रोहतास) के बाद कैमूर जिला पाइराइट का दूसरा प्रमुख केंद्र है ।
प्रश्न 7: बिहार में डालमियानगर सीमेंट उद्योग किस जिले में स्थित है?
(a) कैमूर
(b) रोहतास
(c) मुंगेर
(d) भागलपुर
उत्तर: (b) रोहतास
व्याख्या: डालमियानगर (देहरी ऑन सोन के पास, रोहतास) में सीमेंट उद्योग स्थित था, जो वर्तमान में बंद एवं रुग्णावस्था में है ।
प्रश्न 8: बिहार में काँच उद्योग के प्रमुख उत्पादन केंद्र कौन से हैं?
(a) पटना, हाजीपुर, दरभंगा, भागलपुर
(b) गया, नवादा, जमुई, बांका
(c) मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा
(d) रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद
उत्तर: (a) पटना, हाजीपुर, दरभंगा, भागलपुर
व्याख्या: बिहार में काँच का उत्पादन पटना, हाजीपुर, दरभंगा और भागलपुर में होता है ।
प्रश्न 9: बिहार में पाइराइट से क्या प्राप्त होता है?
(a) चूना
(b) गंधक (सल्फर)
(c) अभ्रक
(d) बॉक्साइट
उत्तर: (b) गंधक (सल्फर)
व्याख्या: अमझोर पहाड़ी के पाइराइट से 40% गंधक (सल्फर) मिलता है, जिसका उपयोग सिंथेटिक उर्वरक उद्योग में होता है ।
प्रश्न 10: बिहार में खनिज प्राप्तियाँ मुख्य रूप से किससे प्राप्त होती हैं?
(a) चूना पत्थर
(b) लघु खनिज (बालू, पत्थर)
(c) पाइराइट
(d) अभ्रक
उत्तर: (b) लघु खनिज (बालू, पत्थर)
व्याख्या: बिहार में खनिज प्राप्तियाँ मुख्य रूप से लघु खनिजों (बालू, पत्थर, ईंट की मिट्टी) से प्राप्त होती हैं; वृहत खनिज का योगदान नगण्य है ।
7. BPSC PT के लिए रणनीति
- चूना पत्थर: एकमात्र वृहत खनिज; रोहतास में खनन; भोरा कटरा (33.25 मीट्रिक टन, ₹1761.42 करोड़)
- पाइराइट: देश का 95% भंडार बिहार में; अमझोर पहाड़ी (रोहतास); 40% गंधक; कैमूर दूसरा केंद्र
- अन्य खनिज: अभ्रक (नवादा), क्वार्ट्ज (भागलपुर, जमुई, मुंगेर), बॉक्साइट (मुंगेर, रोहतास), लोह अयस्क (गया, जमुई)
- खनिज आधारित उद्योग: सीमेंट (चूना पत्थर), रसायन (पाइराइट), काँच (सिलिका)
- राजस्व: लघु खनिज प्रमुख; चूना पत्थर का योगदान कम परंतु बढ़ता हुआ
- पिछले प्रश्न पत्र: BPSC के बिहार भूगोल एवं खनिज संसाधन से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें
इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!