सिंधु घाटी सभ्यता (प्रमुख स्थल, विशेषताएं और बिहार से संबंध) — BPSC PT हेतु विस्तृत नोट्स

प्रिय अभ्यर्थी, BPSC प्रारंभिक परीक्षा में सिंधु घाटी सभ्यता से प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। यह भारत की प्राचीनतम शहरी सभ्यता है, जिसे हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है। बिहार से इसका संबंध मुख्यतः सांस्कृतिक एवं भाषाई है — संथाल परगना के कहुआडीह गाँव की जनजातीय लिपि और सिंधु लिपि में समानता पाई गई है । नीचे दिए गए नोट्स आपकी तैयारी को दिशा देंगे।


1. सिंधु घाटी सभ्यता: एक परिचय

मूल तथ्य

पहलूविवरण
काल3300 ई.पू. – 1300 ई.पू.
परिपक्व काल2600 ई.पू. – 1900 ई.पू.
विस्तारपूर्वोत्तर अफगानिस्तान से पाकिस्तान एवं उत्तर-पश्चिम भारत तक
सभ्यता का प्रकारकांस्य युगीन सभ्यता
नामकरणसर जॉन मार्शल ने “सिंधु घाटी सभ्यता” शब्द गढ़ा
प्रथम खोज1829 ई. में हड़प्पा का पता चला
प्रथम उत्खनन1921 ई., हड़प्पा (दया राम साहनी के नेतृत्व में)

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • सिंधु सभ्यता कांस्य युग से संबंधित है, क्योंकि विभिन्न स्थलों पर तांबे और पत्थर की वस्तुएं पाई गईं
  • सर जॉन मार्शल (1902-1928 तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक) ने हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खुदाई का नेतृत्व किया

2. प्रमुख स्थल

भारत में प्रमुख स्थल

स्थलस्थानविशेषता
कालीबंगाराजस्थानघगर नदी के किनारे; हल वाले खेत के अवशेष प्राप्त
लोथलगुजरातकैम्बे की खाड़ी पर; गोदीबाड़ा (Dockyard)
धोलावीरागुजरातकच्छ जिला; जलाशय एवं विशिष्ट नगर योजना
सुरकोटदागुजरातकच्छ के रण के निकट
बनावलीहरियाणाविलुप्त सरस्वती नदी के तट पर
राखीगढ़ीहरियाणासबसे बड़ा हड़प्पा स्थल

पाकिस्तान में प्रमुख स्थल

स्थलस्थानविशेषता
हड़प्पापंजाब (पाकिस्तान)रावी नदी के तट पर; प्रथम खोजा गया स्थल
मोहनजोदड़ोसिंध (पाकिस्तान)सिंधु नदी के दाहिने किनारे पर; “मृतकों का टीला”
चन्हुदड़ोसिंध (पाकिस्तान)मोहनजोदड़ो से 130 किमी दक्षिण में; मनका बनाने का कारखाना

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • कालीबंगा में हल वाले खेत के अवशेष मिले हैं, जो कृषि पर निर्भरता दर्शाते हैं
  • हड़प्पा रावी नदी के पुराने तट पर स्थित है
  • मोहनजोदड़ो सिंधु नदी के दाहिने किनारे पर स्थित है

3. सिंधु सभ्यता की विशेषताएँ

नगर योजना (Town Planning)

  • ग्रिड पैटर्न: सड़कें सीधी और समकोण पर काटती थीं
  • नगर विभाजन: प्रत्येक नगर दुर्ग (Citadel) और निचला नगर (Lower Town) में विभाजित
  • भूमिगत जल निकासी व्यवस्था: सिंधु सभ्यता की सबसे विशिष्ट पहचान — यह अन्य समकालीन सभ्यताओं से अलग करती है
  • नालियों में settling pools: कीचड़ और मलबे को रोकने के लिए छोटे कुंड

कला एवं शिल्प

कलाकृतिसामग्रीविशेषता
पशुपति मुहरसेलखड़ीत्रिमुखी देवता; योग मुद्रा में
कांस्य नृत्य करती लड़कीकांस्यमोहनजोदड़ो से प्राप्त
पुजारी राजासेलखड़ीमोहनजोदड़ो से प्राप्त
मुहरेंसेलखड़ीवर्गाकार, 3/4 से 1 1/2 इंच

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • मुहरें अधिकतर सेलखड़ी (Steatite) से बनी थीं
  • तिपतिया (Trefoil) अभिकल्पना मुहरों से संबंधित है
  • विशाल स्नानागार (Great Bath) सिंधु सभ्यता की सबसे प्रभावशाली निर्माण कृति है, जो तकनीकी कौशल दर्शाती है

आर्थिक जीवन

  • कृषि: मुख्य आधार; गेहूं, जौ, कपास की खेती
  • व्यापार: मेसोपोटामिया, सुमेरिया, मिस्र से व्यापारिक संबंध
  • बाट एवं माप: द्विआधारी प्रणाली (1, 2, 4, 8, 16, 32, 64); सबसे छोटा बाट 0.856 ग्राम

सामाजिक व्यवस्था

  • समतावादी समाज: हड़प्पा की सामाजिक व्यवस्था काफी हद तक समतावादी थी
  • मातृदेवी की पूजा: माँ देवी की मूर्तियाँ प्राप्त

4. बिहार से संबंध

कहुआडीह गाँव (संथाल परगना) की लिपि

महत्वपूर्ण शोध:
अरुण पाठक एवं एन.के. वर्मा की पुस्तक “Echoes of Indus Valley” (1993) में यह प्रस्तुत किया गया है कि संथाल परगना (बिहार) के कहुआडीह गाँव की जनजातीय लिपि और सिंधु लिपि में समानता है

शोध का निष्कर्ष:

  • कहुआडीह गाँव के आदिवासी लोगों की लिपि सिंधु लिपि से मिलती-जुलती है
  • इनकी संस्कृति का मूल सिंधु सभ्यता में है
  • यह सिद्धांत सिंधु सभ्यता और बिहार के जनजातीय समुदायों के बीच सांस्कृतिक निरंतरता को दर्शाता है

सोना मोती गेहूं (जमुई)

  • बिहार के जमुई जिले के किसान निरंजन ने सोना मोती गेहूं की खेती की है
  • यह गेहूं की किस्म 4500 साल पुरानी है और सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ी है

पुरातात्विक संबंध

  • बिहार के सोनपुर और चिरांद से प्राप्त मृदभांड (Pottery) में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पुरातात्विक स्थलों से टाइपोलॉजिकल समानता पाई गई है
  • यह मध्य गंगा घाटी में नवपाषाण-ताम्रपाषाण संस्कृतियों की उपस्थिति दर्शाता है

महत्वपूर्ण निष्कर्ष:
सिंधु घाटी सभ्यता का बिहार से प्रत्यक्ष पुरातात्विक संबंध सीमित है, लेकिन सांस्कृतिक, भाषाई एवं कृषि के स्तर पर महत्वपूर्ण निरंतरता पाई गई है।


5. BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न

प्रश्न 1: सिंधु घाटी सभ्यता मुख्यतः किस युग से संबंधित है?
(a) नवपाषाण युग
(b) कांस्य युग
(c) लौह युग
(d) मध्यपाषाण युग

उत्तर: (b) कांस्य युग
व्याख्या: सिंधु सभ्यता कांस्य युगीन सभ्यता है, क्योंकि विभिन्न स्थलों पर तांबे और पत्थर की वस्तुएं पाई गईं


प्रश्न 2: “सिंधु घाटी सभ्यता” शब्द पहली बार किसने गढ़ा?
(a) अलेक्जेंडर कनिंघम
(b) सर जॉन मार्शल
(c) दया राम साहनी
(d) आर.डी. बनर्जी

उत्तर: (b) सर जॉन मार्शल
व्याख्या: सर जॉन ह्यूबर्ट मार्शल ने “सिंधु घाटी सभ्यता” शब्द गढ़ा


प्रश्न 3: हड़प्पा स्थल का उत्खनन करने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?
(a) सर जॉन मार्शल
(b) सर अलेक्जेंडर कनिंघम
(c) दया राम साहनी
(d) जे. हॉलोवेल-जिमर

उत्तर: (c) दया राम साहनी
व्याख्या: 1921 ई. में हड़प्पा की खुदाई का नेतृत्व दया राम साहनी ने किया


प्रश्न 4: सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे विशिष्ट पहचान क्या है जो इसे अन्य समकालीन सभ्यताओं से अलग करती है?
(a) नगर योजना
(b) भूमिगत जल निकासी व्यवस्था
(c) बाट और माप की एकरूपता
(d) बड़े कृषि अधिशेष

उत्तर: (b) भूमिगत जल निकासी व्यवस्था
व्याख्या: सिंधु सभ्यता अन्य समकालीन सभ्यताओं से भूमिगत जल निकासी व्यवस्था में अलग है


प्रश्न 5: सिंधु सभ्यता की मुहरें अधिकतर किस सामग्री से बनी थीं?
(a) टेराकोटा
(b) तांबा
(c) सेलखड़ी (स्टीयटाईट)
(d) कांस्य

उत्तर: (c) सेलखड़ी (स्टीयटाईट)
व्याख्या: सिंधु सभ्यता की सबसे बड़ी संख्या में मुहरें सेलखड़ी (साबुनकापत्थर) से बनी थीं


प्रश्न 6: किस स्थल पर हल वाले खेत के अवशेष प्राप्त हुए हैं?
(a) हड़प्पा
(b) मोहनजोदड़ो
(c) कालीबंगा
(d) लोथल

उत्तर: (c) कालीबंगा
व्याख्या: कालीबंगा (राजस्थान) में हल वाले खेत के अवशेष प्राप्त हुए हैं, जो कृषि पर निर्भरता दर्शाते हैं


प्रश्न 7: सिंधु सभ्यता के लोगों द्वारा छोड़ी गई सबसे प्रभावशाली निर्माण कृति कौन सी है?
(a) अनाज के भंडार
(b) विशाल स्नानागार
(c) अत्येष्ट
(d) जलनिकासी प्रणाली

उत्तर: (b) विशाल स्नानागार
व्याख्या: विशाल स्नानागार (Great Bath) सिंधु सभ्यता की सबसे प्रभावशाली निर्माण कृति है, जो तकनीकी कौशल दर्शाती है


प्रश्न 8: “पुजारी राजा” की आवक्ष प्रतिमा किस सामग्री से बनी थी?
(a) टेराकोटा
(b) सेलखड़ी
(c) तांबा
(d) कांस्य

उत्तर: (b) सेलखड़ी
व्याख्या: “पुजारी राजा” की आवक्ष प्रतिमा सेलखड़ी से बनी थी


प्रश्न 9: बिहार के किस गाँव की जनजातीय लिपि और सिंधु लिपि में समानता पाई गई है?
(a) चिरांद
(b) कहुआडीह
(c) सोनपुर
(d) मनेर

उत्तर: (b) कहुआडीह
व्याख्या: संथाल परगना (बिहार) के कहुआडीह गाँव की जनजातीय लिपि और सिंधु लिपि में समानता पाई गई है


प्रश्न 10: सिंधु सभ्यता के पतन का सबसे क्षीणतम कारण निम्नलिखित में से कौन सा माना जाता है?
(a) बाढ़
(b) मिट्टी की लवणता
(c) आर्यों का आक्रमण
(d) भूकंप

उत्तर: (c) आर्यों का आक्रमण
व्याख्या: आधुनिक विद्वान आर्यों के आक्रमण को सिंधु सभ्यता के पतन का कारण नहीं मानते, इसलिए यह सबसे क्षीणतम कारण है


6. BPSC PT के लिए रणनीति

  1. मूल तथ्य: काल (3300-1300 ई.पू.), परिपक्व काल (2600-1900 ई.पू.), कांस्य युग, सर जॉन मार्शल
  2. प्रमुख स्थल: हड़प्पा, मोहनजोदड़ो (पाकिस्तान), कालीबंगा (हल वाले खेत), लोथल (गोदीबाड़ा), धोलावीरा
  3. विशेषताएँ: नगर योजना (ग्रिड पैटर्न), भूमिगत जल निकासी, विशाल स्नानागार, मुहरें (सेलखड़ी)
  4. कला: पशुपति मुहर, कांस्य नृत्य करती लड़की, पुजारी राजा
  5. बिहार संबंध: कहुआडीह गाँव की लिपि, सोना मोती गेहूं (जमुई), सोनपुर-चिरांद की मृदभांड समानता
  6. पिछले प्रश्न पत्र: BPSC 66वीं में कालीबंगा (हल वाले खेत) से प्रश्न पूछा गया

इन नोट्स के आधार पर तैयारी करें और नियमित रूप से मॉडल प्रश्नों का अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!

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