मुद्रास्फीति (Inflation) और उसके कारण — BPSC PT नोट्स
मुद्रास्फीति अर्थव्यवस्था की एक ऐसी स्थिति है जिसमें सामान्य कीमत स्तर में लगातार वृद्धि होती है, जिससे मुद्रा की क्रय शक्ति (Purchasing Power) घट जाती है। BPSC PT के लिए इसके प्रकार, कारण और प्रभावों को समझना आवश्यक है।
📈 मुद्रास्फीति की मुख्य प्रकार (BPSC के लिए याद रखें)
अर्थशास्त्र में मुद्रास्फीति को मुख्यतः तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:
- मांग-प्रेरित मुद्रास्फीति (Demand-Pull Inflation): जब वस्तुओं और सेवाओं की मांग, उत्पादन क्षमता से अधिक हो जाती है, तो कीमतें बढ़ जाती हैं। इसे “बहुत अधिक धन, बहुत कम वस्तुएं” की स्थिति कहा जाता है ।
- लागत-जनित मुद्रास्फीति (Cost-Push Inflation): जब कच्चे माल, श्रम या ऊर्जा जैसे उत्पादन के साधनों की लागत बढ़ जाती है, तो उत्पादक कीमतें बढ़ाने को बाध्य होते हैं। उदाहरण: कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ।
- अंतर्निहित मुद्रास्फीति (Built-in Inflation): यह मजदूरी-मूल्य चक्र (Wage-Price Spiral) से जुड़ी है। जब श्रमिक भविष्य की कीमतों में वृद्धि की अपेक्षा करते हुए अधिक मजदूरी की मांग करते हैं, तो उत्पादन लागत बढ़ती है और कीमतें और बढ़ जाती हैं ।
🔑 मुद्रास्फीति के प्रमुख कारण
- मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि: यह मुद्रास्फीति का मूल कारण माना जाता है। जब सरकार या केंद्रीय बैंक बाजार में अधिक मुद्रा छोड़ते हैं, तो मुद्रा का मूल्य गिरता है और कीमतें बढ़ती हैं ।
- घाटे की वित्त व्यवस्था (Deficit Financing): सरकार जब अपने खर्चों को पूरा करने के लिए करों से अधिक खर्च करती है और घाटा पूरा करने के लिए नई मुद्रा छापती है, तो यह मुद्रास्फीति का दबाव बनाता है ।
- जनसंख्या वृद्धि: बढ़ती जनसंख्या मांग को बढ़ाती है, लेकिन आपूर्ति उस अनुपात में नहीं बढ़ पाती, जिससे कीमतें बढ़ती हैं ।
- मुद्रा के संचलन का वेग बढ़ना: आर्थिक तेजी के दौरान लोग तेजी से पैसा खर्च करते हैं, जिससे मांग बढ़ती है और मुद्रास्फीति को बल मिलता है ।
🏛️ बिहार संदर्भ
मुद्रास्फीति का सीधा असर बिहार के आम उपभोक्ताओं, विशेषकर ग्रामीण और निम्न-आय वर्ग पर पड़ता है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि बिहार के गरीब परिवारों के बजट पर दबाव डालती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा लाई गई मौद्रिक नीतियों का असर बिहार की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है।
📝 BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न
प्रश्न 1: मुद्रास्फीति का मुख्य कारण क्या है?
(a) मुद्रा आपूर्ति में कमी
(b) मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि
(c) उत्पादन में वृद्धि
(d) करों में कमी
उत्तर: (b) मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि
प्रश्न 2: जब मांग उत्पादन से अधिक हो जाती है, तो किस प्रकार की मुद्रास्फीति होती है?
(a) लागत-जनित
(b) मांग-प्रेरित
(c) अंतर्निहित
(d) संरचनात्मक
उत्तर: (b) मांग-प्रेरित
प्रश्न 3: मजदूरी-मूल्य चक्र किस मुद्रास्फीति से संबंधित है?
(a) मांग-प्रेरित
(b) लागत-जनित
(c) अंतर्निहित
(d) आयातित
उत्तर: (c) अंतर्निहित
💡 BPSC PT के लिए रणनीति
- प्रकार याद रखें: मांग-प्रेरित (Demand-Pull), लागत-जनित (Cost-Push), अंतर्निहित (Built-in)।
- कारण स्पष्ट करें: मुद्रा आपूर्ति, घाटे की वित्त व्यवस्था, जनसंख्या वृद्धि।
- बिहार कनेक्शन: मुद्रास्फीति का आम उपभोक्ता पर प्रभाव, विशेषकर खाद्य कीमतों के संदर्भ में।