नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) — BPSC PT नोट्स

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) भारत का सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्थान है, जो सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है। BPSC PT के लिए इसकी संवैधानिक स्थिति, स्वतंत्रता की गारंटी और कार्यक्षेत्र महत्वपूर्ण हैं।

🏛️ संवैधानिक प्रावधान और नियुक्ति

  • अनुच्छेद 148: CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है
  • निष्कासन प्रक्रिया: CAG को पद से केवल सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह ही हटाया जा सकता है
  • स्वतंत्रता की गारंटी:
    • वेतन और खर्च संचित निधि पर भारित (Charged) हैं, यानी संसद के वोट के बिना भी उपलब्ध।
    • पद छोड़ने के बाद वह भारत या राज्य सरकार के अधीन कोई अन्य पद नहीं ले सकता।

🔑 प्रमुख कार्य और शक्तियाँ

CAG की शक्तियाँ CAG (कर्तव्य, शक्तियाँ और सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1971 से निर्धारित होती हैं । इसके तहत:

  • लेखा परीक्षा का दायरा: संघ और राज्य सरकारों की सभी प्राप्तियाँ और व्यय (संचित निधि), आपातकालीन निधि, लोक लेखा, स्टोर और स्टॉक, सरकारी कंपनियाँ (ONGC, SAIL आदि), और स्वायत्त निकाय (नगर निकाय, IIT, IIM आदि)
  • रिपोर्ट प्रस्तुत करना (अनुच्छेद 151) :
    • संघ की रिपोर्ट राष्ट्रपति को, जो संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाते हैं।
    • राज्य की रिपोर्ट राज्यपाल को, जो राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं।

🏛️ बिहार संदर्भ

रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी जाती है, जो इसे बिहार विधानमंडल के पटल पर रखवाते हैं। यह लोक लेखा समिति (PAC) के माध्यम से जाँच का आधार बनती है

📝 BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न

प्रश्न 1: CAG की नियुक्ति कौन करता है?
(a) प्रधानमंत्री
(b) राष्ट्रपति
(c) संसद
(d) मुख्य न्यायाधीश
उत्तर: (b) राष्ट्रपति

प्रश्न 2: CAG की रिपोर्ट राज्य के संदर्भ में किसे सौंपी जाती है?
(a) मुख्यमंत्री
(b) राज्यपाल
(c) विधानसभा अध्यक्ष
(d) राष्ट्रपति
उत्तर: (b) राज्यपाल

प्रश्न 3: CAG के वेतन और खर्च किस निधि पर भारित होते हैं?
(a) आकस्मिकता निधि
(b) लोक लेखा
(c) भारत की संचित निधि
(d) राज्य की संचित निधि
उत्तर: (c) भारत की संचित निधि

💡 BPSC PT के लिए रणनीति

  • अनुच्छेद याद रखें: 148 (नियुक्ति), 149 (कर्तव्य), 151 (रिपोर्ट)।
  • स्वतंत्रता के चार स्तंभ: राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति, विशेष निष्कासन प्रक्रिया, संचित निधि पर भारित खर्च, पदोत्तर रोजगार पर प्रतिबंध।
  • बिहार कनेक्शन: राज्य की रिपोर्ट राज्यपाल के माध्यम से विधानमंडल में जाती है, जहाँ PAC इसकी जाँच करती है।

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