पंचायती राज और शहरी स्थानीय स्वशासन भारतीय लोकतंत्र की जमीनी और शहरी नींव हैं

पंचायती राज और शहरी स्थानीय स्वशासन भारतीय लोकतंत्र की जमीनी और शहरी नींव हैं। BPSC PT के लिए 73वें और 74वें संविधान संशोधन के प्रावधान, त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था, और बिहार के नगर निकायों की संरचना को समझना अत्यंत आवश्यक है।

🏛️ पंचायती राज व्यवस्था (73वां संविधान संशोधन)

73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा पंचायती राज संस्थाओं (PRI) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया। इसने संविधान में भाग IX और ग्यारहवीं अनुसूची को जोड़ा, जिसमें 29 विषय शामिल हैं।

मुख्य विशेषताएँ:

  • त्रिस्तरीय संरचना: बिहार में पंचायती राज की त्रिस्तरीय प्रणाली है — ग्राम पंचायत (ग्राम स्तर), पंचायत समिति (प्रखंड स्तर), और जिला परिषद (जिला स्तर)
  • ग्राम सभा: यह पंचायती राज प्रणाली की नींव है। इसमें पंचायत क्षेत्र के सभी पंजीकृत मतदाता शामिल होते हैं। यह एक स्थायी इकाई है, जबकि निर्वाचित निकायों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है
  • आरक्षण: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण अनिवार्य है। बिहार में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण प्रदान किया गया है
  • बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006: राज्य में वर्तमान में 8,053 ग्राम पंचायतें, 533 पंचायत समितियाँ, और 38 जिला परिषदें हैं

🏙️ नगरपालिका और शहरी स्थानीय स्वशासन (74वां संविधान संशोधन)

74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा शहरी स्थानीय निकायों (ULB) को संवैधानिक दर्जा दिया गया। इसने भाग IX-A और बारहवीं अनुसूची को जोड़ा, जिसमें 18 विषय शामिल हैं।

बिहार में नगर निकायों की संरचना:
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत शहरी निकायों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है :

  • नगर निगम: 2 लाख से अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों के लिए।
  • नगर परिषद: 0.40 से 2 लाख जनसंख्या वाले क्षेत्रों के लिए (श्रेणी क, ख, ग)।
  • नगर पंचायत: 0.12 से 0.40 लाख जनसंख्या वाले क्षेत्रों के लिए (संक्रमणकालीन क्षेत्र)।

प्रशासनिक ढांचा:

  • नगर निगम: नगर आयुक्त कार्यकारी प्रमुख होते हैं
  • नगर परिषद/नगर पंचायत: मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी कार्यकारी प्रमुख होते हैं
  • निर्वाचित प्रमुख: नगर निगम में महापौर, नगर परिषद में सभापति, और नगर पंचायत में नगर अध्यक्ष होते हैं, जो सशक्त स्थायी समिति की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं

वर्तमान स्थिति: बिहार में वर्तमान में 19 नगर निगम, 89 नगर परिषद और 156 नगर पंचायतें हैं। 2027 की जनगणना के बाद इनके पुनर्गठन की योजना है

📝 BPSC PT के लिए मॉडल प्रश्न

प्रश्न 1: 73वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को क्या प्रदान किया गया?
(a) प्रशासनिक शक्ति
(b) संवैधानिक दर्जा
(c) वित्तीय स्वायत्तता
(d) न्यायिक शक्ति

उत्तर: (b) संवैधानिक दर्जा

प्रश्न 2: बिहार में पंचायती राज की त्रिस्तरीय संरचना में सबसे निचला स्तर कौन सा है?
(a) जिला परिषद
(b) पंचायत समिति
(c) ग्राम पंचायत
(d) ग्राम सभा

उत्तर: (c) ग्राम पंचायत

प्रश्न 3: बिहार में नगर निगम के कार्यकारी प्रमुख कौन होते हैं?
(a) महापौर
(b) नगर आयुक्त
(c) मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी
(d) सभापति

उत्तर: (b) नगर आयुक्त

प्रश्न 4: बिहार में कितने नगर निगम हैं?
(a) 12
(b) 15
(c) 19
(d) 25

उत्तर: (c) 19

💡 BPSC PT के लिए रणनीति

  • संशोधन और अनुसूची: 73वां संशोधन (ग्यारहवीं अनुसूची, 29 विषय), 74वां संशोधन (बारहवीं अनुसूची, 18 विषय)।
  • नाम और पद: ग्राम पंचायत = मुखिया, पंचायत समिति = प्रमुख, जिला परिषद = अध्यक्ष। नगर निगम = महापौर/नगर आयुक्त, नगर परिषद = सभापति।
  • बिहार के आंकड़े: 8,053 ग्राम पंचायतें, 19 नगर निगम, 89 नगर परिषद, 156 नगर पंचायतें।

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