राजगीर पर आधारित 30 बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs)

📜 प्राचीन राजधानी: राजगीर का ऐतिहासिक गौरव

· प्रथम राजधानी: राजगीर, जिसे प्राचीन काल में ‘राजगृह’ या ‘गिरिव्रज’ कहा जाता था, मगध साम्राज्य की पहली राजधानी थी।
· राजधानी का विस्थापन: ईसा पूर्व 5वीं शताब्दी में, राजा उदयिन (अजातशत्रु के पुत्र) ने राजधानी को राजगीर से पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) स्थानांतरित कर दिया।
· प्रमुख राजवंश: शिशुनाग, हर्यक, नंद और मौर्य जैसे महान राजवंश इसी भूमि से जुड़े हैं।

🌄 भौगोलिक स्थिति

· वर्तमान जिला: राजगीर, बिहार के नालंदा जिले में स्थित एक प्राचीन नगर है।
· प्राकृतिक संरचना: यह शहर पाँच पहाड़ियों (रत्नागिरी, वैभारगिरी, विपुलगिरी, उदयगिरी और सोनगिरी) से घिरी हुई है।

✨ धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व

· जैन धर्म का केंद्र: राजगीर भगवान महावीर से जुड़ा हुआ है। यहाँ जल मंदिर और मुनि सुव्रतनाथ (20वें जैन तीर्थंकर) की जन्मस्थली है।
· बौद्ध धर्म का केंद्र: भगवान बुद्ध ने यहाँ काफी समय बिताया और प्रथम बौद्ध संगीति यहीं आयोजित की गई थी।
· विश्व शांति स्तूप (विश्व शांति स्तूप): रत्नागिरी पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस सफेद संगमरमर के स्तूप में बुद्ध के चार स्वर्ण प्रतिमाएँ हैं।
· गृद्धकूट पर्वत (Griddhakuta Hill or Vulture’s Peak): वह स्थान जहाँ बुद्ध ने कई प्रसिद्ध उपदेश दिए।
· गर्म जल के कुंड (Hot Springs): राजगीर के गर्म पानी के झरने सात धाराओं ‘सप्तधारा’ के रूप में निकलते हैं।

🏛️ मुख्य पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थल

· साइक्लोपियन दीवार (Cyclopean Wall): लगभग 2500 साल पहले बनी यह 40 किलोमीटर लंबी प्राचीन दीवार, विशाल पत्थरों को बिना मसाले के जोड़कर बनाई गई थी।
· रोपवे (Ropeway): विश्व शांति स्तूप तक पहुंचने के लिए रोपवे की सुविधा उपलब्ध है, जो रोमांचक दृश्य प्रस्तुत करता है।
· राजगीर रोपवे और साहसिक गतिविधियाँ: काँच का पुल, राजगीर नेचर सफारी (जिप लाइनिंग और स्काई बाइकिंग) यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं।

🐅 पर्यावरण एवं सरोकार

· पंत वन्यजीव अभियारण्य (Pant Wildlife Sanctuary): राजगीर में स्थित इस अभयारण्य का क्षेत्रफल 35.84 वर्ग किमी है।
· बिहार का सबसे बड़ा अभयारण्य: कैमूर अभयारण्य सबसे बड़ा है, राजगीर अभयारण्य इसके बाद आता है।

🎉 राजगीर महोत्सव (Rajgir Mahotsav)

· आयोजन: प्रतिवर्ष अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में, तीन दिवसीय यह महोत्सव आयोजित होता है।

💡 BPSC PT परीक्षा के लिए अतिरिक्त जानकारी

· प्रथम बौद्ध संगीति: गौतम बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद राजगृह (राजगीर) में ही पहली बौद्ध संगीति का आयोजन किया गया था।
· पूंजी स्थानांतरण: राजगीर से राजधानी को पाटलिपुत्र (पटना) स्थानांतरित करने वाला शासक उदयिन था।

यहाँ BPSC PT परीक्षा के लिए राजगीर पर आधारित 30 बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) का एक प्रश्नपत्र दिया गया है। इन सभी प्रश्नों का उत्तर और विस्तृत व्याख्या भी संलग्न है।

BPSC PT (प्रारंभिक परीक्षा) हेतु प्रश्नपत्र: राजगीर (Rajgir)

निर्देश: इस खंड में कुल 30 प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें से केवल एक सही है। प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक निर्धारित हैं।

प्राचीन इतिहास एवं राजवंश (Ancient History & Dynasties)

प्रश्न 1: प्राचीन काल में मगध महाजनपद की प्रथम राजधानी कौन-सी थी?

A) पाटलिपुत्र (पटना)

B) वैशाली

C) चम्पा

D) राजगृह (राजगीर)

उत्तर: D) राजगृह (राजगीर)

व्याख्या: राजगृह (वर्तमान राजगीर) प्राचीन मगध महाजनपद की पहली राजधानी थी। बिम्बिसार और अजातशत्रु ने यहाँ से शासन किया। बाद में, अजातशत्रु के उत्तराधिकारी उदयिन ने राजधानी को पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) स्थानांतरित कर दिया।

प्रश्न 2: मगध की राजधानी को राजगीर से पाटलिपुत्र किस शासक ने स्थानांतरित किया?

A) बिम्बिसार

B) अशोक

C) उदयिन

D) चन्द्रगुप्त मौर्य

उत्तर: C) उदयिन

व्याख्या: राजा उदयिन ने पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) की स्थापना की और मगध साम्राज्य की राजधानी को वहाँ स्थानांतरित कर दिया। राजगीर इससे पहले लगभग 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व तक राजधानी बना रहा।

प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन-सा राजवंश राजगीर से सीधे जुड़ा नहीं है?

A) हर्यक

B) नंद

C) शिशुनाग

D) खिलजी

उत्तर: D) खिलजी

व्याख्या: खिलजी वंश (13वीं-14वीं शताब्दी ई.) का राजगीर से कोई संबंध नहीं है। खिलजी वंश का शासन दिल्ली सल्तनत के दौरान बिहार के कुछ हिस्सों में भी था, लेकिन राजगीर इस वंश का केंद्र नहीं था। राजगीर मुख्य रूप से हर्यक, शिशुनाग और नंद वंश से जुड़ा हुआ है।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व (Religious & Cultural Significance)

प्रश्न 4: भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन कहाँ हुआ था?

A) वैशाली

B) पाटलिपुत्र

C) राजगृह (राजगीर)

D) कुशीनारा

उत्तर: C) राजगृह (राजगीर)

व्याख्या: प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन राजगृह (राजगीर) में अजातशत्रु के संरक्षण में हुआ था। दूसरी संगीति वैशाली में और तीसरी पाटलिपुत्र (पटना) में आयोजित की गई थी।

प्रश्न 5: बिहार के राजगीर में स्थित गृद्धकूट पर्वत‘ (Vulture’s Peak) किस धर्म से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है?

A) जैन धर्म

B) बौद्ध धर्म

C) हिंदू धर्म

D) सिख धर्म

उत्तर: B) बौद्ध धर्म

व्याख्या: गृद्धकूट पर्वत‘ (वल्चर पीक) भगवान बुद्ध का पसंदीदा स्थान था, जहाँ उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपदेश दिए। यह स्थल राजगीर में स्थित है।

प्रश्न 6: राजगीर का जल मंदिर (Jal Mandir) किस धर्म से संबंधित है?

A) बौद्ध धर्म

B) हिंदू धर्म

C) जैन धर्म

D) इस्लाम

उत्तर: C) जैन धर्म

व्याख्या: राजगीर में स्थित जल मंदिर एक महत्वपूर्ण जैन तीर्थस्थल है, जो भगवान महावीर से जुड़ा हुआ है। इसके अतिरिक्त, मुनि सुव्रतनाथ (20वें जैन तीर्थंकर) की जन्मस्थली भी यहीं है।

प्रश्न 7: विश्व शांति स्तूप (Vishwa Shanti Stupa) राजगीर की किस पहाड़ी की चोटी पर स्थित है?

A) वैभारगिरी

B) रत्नागिरी

C) विपुलगिरी

D) सोनगिरी

उत्तर: B) रत्नागिरी

व्याख्या: विश्व शांति स्तूप (Vishwa Shanti Stupa) रत्नागिरी पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। राजगीर में कुल पाँच पहाड़ियाँ हैं: रत्नागिरी, वैभारगिरी, विपुलगिरी, उदयगिरी और सोनगिरी।

भूगोल एवं प्रशासन (Geography & Administration)

प्रश्न 8: राजगीर शहर किस प्रशासनिक जिले में स्थित है?

A) गया

B) नालंदा

C) पटना

D) नवादा

उत्तर: B) नालंदा

व्याख्या: राजगीर बिहार के नालंदा जिले का एक प्रमुख ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल है।

वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary)

प्रश्न 9: ‘पंत वन्यजीव अभयारण्य‘ (Pant Wildlife Sanctuary) किस शहर में स्थित है?

A) वाल्मीकिनगर

B) कैमूर

C) राजगीर

D) मुंगेर

उत्तर: C) राजगीर

व्याख्या: राजगीर वन्यजीव अभयारण्यके नाम से प्रसिद्ध पंत वन्यजीव अभयारण्यराजगीर में स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1978 में हुई थी और इसका क्षेत्रफल 35.84 वर्ग किलोमीटर है।

प्रश्न 10: बिहार का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य कौन-सा है?

A) राजगीर अभयारण्य

B) वाल्मीकि अभयारण्य

C) कैमूर अभयारण्य

D) भीमबंध अभयारण्य

उत्तर: C) कैमूर अभयारण्य

व्याख्या: कैमूर अभयारण्य बिहार का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है। राजगीर अभयारण्य कैमूर के बाद दूसरे स्थान पर आता है।

त्योहार एवं संस्कृति (Festivals & Culture)

प्रश्न 11: राजगीर महोत्सव (Rajgir Mahotsav) प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है?

A) जनवरी के अंतिम सप्ताह

B) अक्टूबर के अंतिम सप्ताह

C) मार्च के अंतिम सप्ताह

D) जून के अंतिम सप्ताह

उत्तर: B) अक्टूबर के अंतिम सप्ताह

व्याख्या: राजगीर महोत्सव प्रतिवर्ष अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जाता है। यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम बिहार पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है

विविध (Miscellaneous)

प्रश्न 12: बिहार में विश्व शांति स्तूप कितने स्थानों पर स्थित है?

A) एक

B) दो

C) तीन

D) चार

उत्तर: B) दो

व्याख्या: बिहार में विश्व शांति स्तूप (विश्व शांति स्तूप) दो स्थानों पर स्थित है – राजगीर और वैशाली। राजगीर वाला रत्नागिरी पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जबकि वैशाली वाला बुद्ध के अंतिम उपदेश स्थल के पास स्थित है।

प्रश्न 13: भगवान महावीर ने अपना प्रथम उपदेश कहाँ दिया था?

A) राजगीर

B) पावापुरी

C) वैशाली

D) गया

उत्तर: A) राजगीर

व्याख्या: प्रथम जैन तीर्थंकर ऋषभदेव से भी यह स्थल जुड़ा हुआ है। हालाँकि, भगवान महावीर का प्रथम उपदेश विपुलांचल पहाड़ी (राजगीर) पर ही हुआ था।

प्रश्न 14: राजगीर से प्राप्त साइक्लोपियन दीवार (Cyclopean Wall) किस काल की बताई जाती है?

A) गुप्त काल

B) मौर्य काल

C) मध्यकाल

D) प्राचीन काल

उत्तर: D) प्राचीन काल

व्याख्या: यह विशाल दीवार करीब 2500 साल पुरानी है और मगध साम्राज्य की सुरक्षा के लिए बनाई गई थी। यह बड़े-बड़े पत्थरों को बिना किसी चूने-सुराही के जोड़कर बनाई गई थी।

प्रश्न 15: बिहार के नालंदा जिले में स्थित राजगीर प्राचीन काल में किस नाम से विख्यात था?

A) राजगृह

B) गिरिव्रज

C) वसुमती

D) वसुधा

उत्तर: A) राजगृह

व्याख्या: राजगीर प्राचीन काल में राजगृहके नाम से जाना जाता था। यह मगध साम्राज्य की राजधानी भी रहा।

प्रश्न 16-30 के लिए संक्षिप्त प्रश्न और उत्तर (Short Questions and Answers for 16-30):

प्रश्न 16: बिहार में स्थित सप्तधाराकिस स्थान पर स्थित है?

उत्तर: राजगीर

व्याख्या: राजगीर के गर्म जल के कुंड सप्तधाराके रूप में विख्यात हैं, जो सात धाराओं में निकलते हैं।

प्रश्न 17: राजगीर में स्थित गर्म जल के कुंडों (Hot Springs) का पानी किस रोग के उपचार में लाभकारी माना जाता है?

उत्तर: त्वचा रोग (Skin Diseases)

प्रश्न 18: ‘राजगीर रोपवेकहाँ से प्रारंभ होता है?

उत्तर: राजगीर रेलवे स्टेशन

प्रश्न 19: राजगीर रोपवे का निर्माण किस संगठन ने किया था?

उत्तर: Usha Breco Ltd.

प्रश्न 20: राजगीर में स्थित पंच पहाड़ियों (Panch Pahari) का क्या महत्व है?

उत्तर: ये पाँच पहाड़ियाँ (रत्नागिरी, वैभारगिरी, विपुलगिरी, उदयगिरी, सोनगिरी) राजगीर को एक प्राकृतिक किले का रूप प्रदान करती हैं, जिसके कारण यह एक सुरक्षित स्थान था।

प्रश्न 21: राजगीर किस महत्वपूर्ण बौद्ध स्थल के लिए जाना जाता है?

उत्तर: गृद्धकूट पर्वत (Griddhakuta Hill or Vulture’s Peak), प्रथम बौद्ध संगीति

प्रश्न 22: राजगीर किस महत्वपूर्ण जैन स्थल के लिए जाना जाता है?

उत्तर: जल मंदिर (Jal Mandir), मुनि सुव्रतनाथ की जन्मस्थली

प्रश्न 23: राजगीर में काँच का पुल (Glass Bridge) कहाँ बनाया गया है?

उत्तर: राजगीर नेचर सफारी (Rajgir Nature Safari) के अंतर्गत

प्रश्न 24: राजगीर नेचर सफारी (Rajgir Nature Safari) में कौन-सी साहसिक गतिविधियाँ उपलब्ध हैं?

उत्तर: जिप लाइनिंग (Zip Lining) और स्काई बाइकिंग (Sky Biking)

प्रश्न 25: राजगीर में मकार संक्रांति (Makar Sankranti) का मेला कहाँ लगता है?

उत्तर: राजगीर की पहाड़ियों पर

प्रश्न 26: बिहार में रथ यात्रा के लिए कौन सा स्थान विख्यात है?

उत्तर: राजगीर

प्रश्न 27: राजगीर से कौन-सी प्राचीन मृदभांड प्राप्त हुई है?

उत्तर: काला और लाल मृदभांड (Black and Red Ware)

प्रश्न 28: राजगीर में स्थित घोरा कटोराक्या है?

उत्तर: एक मछली पालन केंद्र (Fish Breeding Center) और पर्यटन स्थल

प्रश्न 29: राजगीर से निकटतम हवाई अड्डा (Nearest Airport) कौन-सा है?

उत्तर: गया हवाई अड्डा (Gaya Airport)

प्रश्न 30: राजगीर से निकटतम रेलवे स्टेशन (Nearest Railway Station) कौन-सा है?

उत्तर: राजगीर रेलवे स्टेशन (Rajgir Railway Station)

REVISION

· परिचय: राजगीर (Rajgir) बिहार के नालंदा जिले में स्थित एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर है। यह स्थल अपनी सांस्कृतिक, धार्मिक, पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्वप्रसिद्ध है।

· भौगोलिक स्थिति: राजगीर, बिहार की राजधानी पटना से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व तथा नालंदा से 12 किलोमीटर दूर स्थित है। यह समुद्र तल से लगभग 73 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

· प्राचीन नाम: राजगीर का प्राचीन नाम राजगृह‘ (Rajagriha) था, जिसका अर्थ है ‘राजाओं का घर’ या ‘शाही निवास’। यह शहर पाँच पहाड़ियों (पंचपहाड़ियाँ) से घिरा हुआ है। उल्लेखनीय है कि इसे गिरिव्रजके नाम से भी जाना जाता था, जो पर्वतों से घिरे स्थान को दर्शाता है।

1. ऐतिहासिक एवं राजनीतिक महत्व (Historical and Political Significance)

· प्राचीन राजधानी: राजगीर प्राचीन काल के शक्तिशाली मगध साम्राज्य की प्रथम राजधानी थी।

· प्रारंभिक राजवंश: मगध पर शासन करने वाले हर्यक वंश (Haryanka Dynasty) और शिशुनाग वंश (Shishunaga Dynasty) की प्रारंभिक राजधानी राजगीर ही थी।

· प्रमुख शासक:

  · बिम्बिसार (Bimbisara): हर्यक वंश के संस्थापक एवं शक्तिशाली शासक बिम्बिसार ने राजगीर से शासन किया। वह बौद्ध धर्म के अनुयायी थे।

  · अजातशत्रु (Ajatashatru): बिम्बिसार के पुत्र अजातशत्रु ने भी राजगीर से राज किया। उन्होंने ही प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन करवाया था।

· राजधानी का स्थानांतरण: बाद में, नन्द वंश (Nanda Dynasty) के शासनकाल में मगध की राजधानी को राजगीर से स्थानांतरित कर पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) ले जाया गया, जो मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) की राजधानी बना।

· महाभारत काल: राजगीर का उल्लेख महाकाव्य महाभारत में भी मिलता है। यहाँ के प्रसिद्ध राजा जरासंध (Jarasandha) का वर्णन आता है।

2. धार्मिक महत्व (Religious Significance)

राजगीर हिन्दू, बौद्ध और जैन – तीनों प्रमुख धर्मों के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है।

· बौद्ध धर्म से सम्बन्ध (Connection with Buddhism): राजगीर का बौद्ध धर्म से गहरा संबंध है।

  · गौतम बुद्ध का प्रवास: भगवान बुद्ध ने राजगीर में कई वर्ष बिताए और यहाँ के गृद्धकूट पर्वत (Griddhakuta Hill/Vulture’s Peak) पर अनेक महत्वपूर्ण उपदेश दिए।

  · प्रथम बौद्ध संगीति (First Buddhist Council): ईसा पूर्व 483 में, भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के कुछ ही महीनों बाद, राजगीर में प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन किया गया था। इसका आयोजन राजा अजातशत्रु के संरक्षण में हुआ था और इसकी अध्यक्षता भिक्षु महाकश्यप ने की थी।

· जैन धर्म से सम्बन्ध (Connection with Jainism): राजगीर जैन धर्म के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

  · महावीर स्वामी: जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर, भगवान महावीर स्वामी ने राजगीर में काफी समय बिताया था। यह उनके उपदेशों का प्रमुख केंद्र था।

  · जन्मभूमि: राजगीर को जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर, मुनिसुव्रतनाथ स्वामी (Munisuvrata) की जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है।

· हिन्दू धर्म से सम्बन्ध (Connection with Hinduism):

  · पौराणिक मान्यता: हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है कि मलमास‘ (Malmas) या अधिक मासके दौरान तीस करोड़ देवी-देवता राजगीर आते हैं, जिससे यह स्थान अत्यंत पवित्र हो जाता है।

  · प्रसिद्ध स्थल: यहाँ का ब्रह्मकुण्ड (Brahmakund) और गर्म जल के झरने हिन्दुओं के लिए पवित्र स्नान के स्थल हैं।

3. प्रमुख पर्यटन एवं पुरातात्विक स्थल (Major Tourist and Archaeological Sites)

राजगीर में कई दर्शनीय एवं पुरातात्विक स्थल हैं जो BPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं:

· विश्व शांति स्तूप (Vishwa Shanti Stupa): यह एक भव्य स्तूप है, जो रत्नगिरि पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इसे जापानी भिक्षुओं ने बनवाया था। इस स्तूप तक पहुँचने के लिए रोपवे (Aerial Ropeway) की सुविधा भी उपलब्ध है।

· गृद्धकूट पर्वत (Griddhakuta Hill): यह वह स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध ने कई प्रसिद्ध उपदेश दिए थे। कहा जाता है कि यहाँ गिद्ध रहते थे, इसलिए इसका नाम गृद्धकूट पड़ा। यहाँ एक प्राचीन बौद्ध मठ और स्तूप के अवशेष भी मिले हैं

· मनियार मठ (Maniyar Math): यह एक प्राचीन मठ है, जिसे प्रारंभ में मणिनाग (सर्प देवता) का मंदिर माना जाता था। बाद में यह शैव धर्म का एक प्रमुख केंद्र बना। यह एक बेलनाकार कुएँ के आकार में बना है

· वेणु वन (Venu Vana): बांसों का यह बगीचा राजा बिम्बिसार द्वारा भगवान बुद्ध को भेंट किया गया था यह एक प्रसिद्ध बौद्ध विहार है, जहाँ बुद्ध ने कई वर्ष वर्षावास किया था।

· जीवकाम्रवन (Jivakarama Vana): यह राजकीय चिकित्सक जीवक का उद्यान था। माना जाता है कि एक बार यहाँ भगवान बुद्ध का उपचार भी किया गया था बौद्ध धर्म के ग्रंथों में जीवक का विशेष उल्लेख आता है।

· सप्तपर्णी गुफाएँ (Saptaparni Caves): ये चट्टानों को काटकर बनाई गईं प्राचीन गुफाएँ हैं। ऐसा माना जाता है कि यहाँ प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन किया गया था।

· जरासंध का अखाड़ा (Jarasandha ka Akhara): यह युद्ध का एक प्राचीन स्थल है, जहाँ महाभारत काल में भीम और जरासंध के बीच युद्ध हुआ था।

· चक्रव्यूह या साइक्लोपियन दीवार (Cyclopean Wall): यह 40 किलोमीटर लंबी प्राचीन दीवार थी। विशाल पत्थरों को संयोजित करके बनाई गई यह मौर्य-पूर्व संरचना अपने आप में अद्वितीय है।

· प्राकृतिक गर्म जल के कुंड (Hot Springs): राजगीर में कई गर्म जल के कुंड हैं, जैसे ब्रह्मकुंड, सूर्यकुंड, गोमुख कुंड आदि। इन जल में औषधीय गुण भी माने जाते हैं।

4. राजगीर के पर्व एवं उत्सव (Fairs and Festivals of Rajgir)

· राजगीर महोत्सव (Rajgir Mahotsav): अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव राजगीर की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करता है।

· राजगीर मलमास मेला (Rajgir Malmas Mela): प्रति तीन वर्ष में आयोजित होने वाला यह विश्वप्रसिद्ध मेला हिन्दुओं के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।

5. परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Oriented Points)

· भौगोलिक स्थिति: नालंदा जिला।

· प्राचीन नाम: राजगृह, गिरिव्रज।

· नाम का अर्थ: राजाओं का घर।

· प्रसिद्ध राजा: बिम्बिसार, अजातशत्रु।

· प्रथम बौद्ध संगीति (First Buddhist Council): 483 ईसा पूर्व, राजा अजातशत्रु के संरक्षण में।

यह अध्ययन सामग्री BPSC प्रारंभिक परीक्षा के परिप्रेक्ष्य में बिहार : इतिहास एवं संस्कृतिखंड के तहत राजगीर से संबंधित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करती है।

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