क्रिप्स मिशन (1942) – BPSC PT के लिए संपूर्ण नोट्स
1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (आवश्यकता क्यों पड़ी?)
BPSC में अक्सर पूछा जाता है कि क्रिप्स मिशन को भारत क्यों भेजा गया। इसके चार मुख्य कारण थे :
कारण विवरण
ब्रिटेन की सैन्य हार सिंगापुर (15 फरवरी), मलाया और रंगून (17 फरवरी) पर जापान की जीत ने ब्रिटिश साम्राज्य की अजेयता का मिथक तोड़ दिया
जापानी आक्रमण का खतरा जापानी सेना भारत की सीमाओं के निकट आ चुकी थी
अमेरिकी दबाव राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने चर्चिल पर भारतीय मुद्दा सुलझाने और युद्ध में भारतीय सहयोग लेने का दबाव बनाया
युद्ध सहयोग की आवश्यकता ब्रिटेन को भारतीय जनता और नेताओं का युद्ध प्रयासों में पूर्ण सहयोग चाहिए था
💡 परीक्षा ट्रिक: क्रिप्स मिशन के कारण याद रखने के लिए – “साजाअ” (SAJAA)
· S – सिंगापुर का पतन
· A – अमेरिकी दबाव (रूजवेल्ट)
· J – जापानी आक्रमण का खतरा
· A – अंग्रेजों की हार
· A – अमेरिकी (पुनः) सहयोग की आवश्यकता
—
2. क्रिप्स मिशन का परिचय
विवरण जानकारी
प्रेषक ब्रिटिश युद्ध कैबिनेट (प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल)
नेता सर स्टैफोर्ड क्रिप्स (हाउस ऑफ कॉमन्स के नेता)
भारत आगमन 22 मार्च 1942
घोषणा तिथि 29 मार्च 1942 (प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक)
विफलता तिथि 11 अप्रैल 1942 (लगभग 2 सप्ताह की वार्ता)
—
3. क्रिप्स प्रस्तावों की मुख्य बातें
“ड्राफ्ट डिक्लेरेशन” में निम्नलिखित प्रस्ताव थे :
✅ सकारात्मक प्रावधान
1. डोमिनियन स्टेटस – युद्ध के बाद भारत को पूर्ण डोमिनियन का दर्जा (ब्रिटिश राष्ट्रमंडल में) देने का वादा
2. संविधान सभा – प्रांतों और रियासतों के निर्वाचित सदस्यों से एक संविधान निर्मात्री सभा का गठन
3. अलग होने का अधिकार – नया संविधान बनने के बाद भारत ब्रिटिश राष्ट्रमंडल से अलग हो सकता था
4. प्रांतों का पृथक्करण – कोई भी प्रांत नए संविधान को स्वीकार नहीं करना चाहेगा तो वह अलग संघ बना सकता था
5. अंतरिम व्यवस्था – संविधान बनने तक रक्षा का दायित्व ब्रिटिश सरकार के पास रहेगा
❌ नकारात्मक पक्ष
1. तत्काल स्वतंत्रता नहीं – सभी प्रस्ताव दीर्घकालिक थे (युद्ध के बाद लागू होने वाले)
2. रक्षा पर ब्रिटिश नियंत्रण – अंतरिम काल में भारत की रक्षा ब्रिटिश हाथों में रहेगी
3. वायसराय की शक्तियाँ – गवर्नर जनरल की निरंकुश शक्तियाँ यथावत रहेंगी
4. भारत का विभाजन संभव – प्रांतों को अलग संघ बनाने का अधिकार भारत के विभाजन का रास्ता खोलता था
—
4. कांग्रेस की प्रतिक्रिया
गांधीजी का कथन: क्रिप्स प्रस्ताव को “एक डूबते बैंक पर पोस्ट-डेटेड चेक” (A post-dated cheque on a failing bank) कहा
आपत्तियाँ :
1. कोई तत्काल योजना नहीं, केवल युद्ध के बाद के वादे
2. प्रांतों को अलग होने का अधिकार – कांग्रेस के अखंड भारत के विचार के विरुद्ध
3. रक्षा ब्रिटिश हाथों में रहेगी
4. वायसराय की वीटो शक्ति यथावत
जवाहरलाल नेहरू का कथन :
“सरकार की मौजूदा संरचना पहले जैसी ही बनी रहेगी, वायसराय की निरंकुश शक्तियाँ बनी रहेंगी, और हम में से कुछ उनके नौकर बनकर कैंटीन आदि देखेंगे।”
—
5. मुस्लिम लीग की प्रतिक्रिया
आपत्तियाँ :
1. एकल सरकार का विरोध – पूरे भारत के लिए एक सरकार के विचार को अस्वीकार
2. पाकिस्तान की मांग – प्रस्तावों में मुस्लिम लीग की पाकिस्तान की मांग को स्वीकार नहीं किया गया
3. स्वनिर्णय का अधिकार – मुसलमानों के लिए स्वनिर्णय के अधिकार की मांग की
—
6. विफलता के कारण (Exam की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण)
कारण स्पष्टीकरण
“ले इट ऑर लीव इट” रवैया क्रिप्स ने प्रस्तावों में किसी भी संशोधन को अस्वीकार कर दिया
विश्वास की कमी भारतीय नेताओं को ब्रिटिश वादों पर भरोसा नहीं था
तत्काल स्वतंत्रता का अभाव केवल दीर्घकालिक वादे, तत्काल सत्ता हस्तांतरण नहीं
भारत के विभाजन का खतरा प्रांतों को अलग होने का अधिकार कांग्रेस के लिए अस्वीकार्य था
रक्षा पर ब्रिटिश नियंत्रण भारतीय रक्षा ब्रिटिश हाथों में रहने से स्वतंत्रता अधूरी लगी
—
7. क्रिप्स मिशन के परिणाम
1. आंदोलन का रास्ता साफ – क्रिप्स मिशन की विफलता ने यह साबित कर दिया कि अंग्रेज भारतीयों को तुरंत सत्ता नहीं देना चाहते
2. भारत छोड़ो आंदोलन का आधार – ठीक 4 महीने बाद (अगस्त 1942) गांधीजी ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया
3. साम्प्रदायिकता को बल – प्रांतों को अलग होने का अधिकार देकर मुस्लिम लीग के पाकिस्तान प्रस्ताव को अप्रत्यक्ष रूप से बल मिला
4. विश्वसनीयता में कमी – ब्रिटिश सरकार की विश्वसनीयता समाप्त हो गई
—
8. संक्षिप्त तुलना (BPSC विशेष)
तत्व क्रिप्स मिशन (1942) अगस्त प्रस्ताव (1940)
केंद्रीय बिंदु डोमिनियन स्टेटस + संविधान सभा युद्ध के बाद डोमिनियन स्टेटस
नया तत्व प्रांतों को अलग होने का अधिकार अल्पसंख्यकों की सहमति अनिवार्य
नियति पूर्ण विफल (तुरंत) कांग्रेस ने अस्वीकार किया
—
📝 BPSC PT मॉडल प्रश्न पत्र (क्रिप्स मिशन पर आधारित)
निम्नलिखित प्रश्नों को हल कीजिए। सभी प्रश्न BPSC की पैटर्न (150 प्रश्न, 2 घंटे) के अनुसार बनाए गए हैं। यहाँ केवल क्रिप्स मिशन संबंधी 10 बहुविकल्पीय प्रश्न प्रस्तुत हैं, जो पूर्ण मॉडल पेपर का एक भाग है।
—
प्रश्न 1
क्रिप्स मिशन को भारत भेजे जाने का तात्कालिक कारण क्या था?
(A) भारतीयों की बढ़ती असंतोष को शांत करना
(B) द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय सहयोग प्राप्त करना
(C) भारत को तत्काल स्वतंत्रता देना
(D) कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता कराना
उत्तर: (B) द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय सहयोग प्राप्त करना
व्याख्या: दिसंबर 1941 में जापान के युद्ध में शामिल होने और ब्रिटिश सेनाओं (सिंगापुर, रंगून) की हार के बाद ब्रिटेन को भारतीय सहयोग की सख्त आवश्यकता थी। राष्ट्रपति रूजवेल्ट के दबाव ने भी चर्चिल को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया ।
—
प्रश्न 2
निम्नलिखित में से कौन-सा क्रिप्स मिशन का प्रस्ताव था?
(A) युद्ध समाप्त होते ही भारत को स्वतंत्रता
(B) युद्ध के बाद भारत को डोमिनियन स्टेटस
(C) भारत को तुरंत डोमिनियन स्टेटस
(D) भारत का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय
उत्तर: (B) युद्ध के बाद भारत को डोमिनियन स्टेटस
व्याख्या: क्रिप्स मिशन ने डोमिनियन स्टेटस का वादा “युद्ध के बाद” किया था, तत्काल नहीं। यही कारण था कि गांधीजी ने इसे “पोस्ट-डेटेड चेक” कहा ।
—
प्रश्न 3
‘भारत छोड़ो‘ का नारा किसने दिया था?
(A) महात्मा गांधी
(B) यूसुफ मेहरअली
(C) जवाहरलाल नेहरू
(D) सुभाष चंद्र बोस
उत्तर: (B) यूसुफ मेहरअली
व्याख्या: महत्वपूर्ण तथ्य: ‘भारत छोड़ो‘ नारा यूसुफ मेहरअली ने गढ़ा था। बाद में गांधीजी ने इसे आंदोलन का नारा बनाया। हालाँकि गांधीजी ने ‘करो या मरो‘ (Do or Die) का नारा दिया था।
—
प्रश्न 4
क्रिप्स मिशन के प्रस्ताव को गांधीजी ने क्या कहा था?
(A) “घातक दस्तावेज”
(B) “एक डूबते बैंक पर पोस्ट-डेटेड चेक”
(C) “स्वतंत्रता का अमृत पत्र”
(D) “धोखे का साधन”
उत्तर: (B) “एक डूबते बैंक पर पोस्ट-डेटेड चेक”
व्याख्या: गांधीजी ने क्रिप्स प्रस्तावों को “पोस्ट-डेटेड चेक” कहा, जिस पर किसी ने “डूबते बैंक” शब्द जोड़ दिया । यह प्रस्तावों की अविश्वसनीयता को दर्शाता है।
—
प्रश्न 5
क्रिप्स मिशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(A) मिशन के प्रस्तावों को कांग्रेस ने स्वीकार कर लिया था
(B) मिशन ने प्रांतों को अलग संघ बनाने का अधिकार दिया
(C) मिशन ने भारत को तत्काल स्वतंत्रता दे दी
(D) मिशन ने पाकिस्तान की मांग को स्वीकार कर लिया
उत्तर: (B) मिशन ने प्रांतों को अलग संघ बनाने का अधिकार दिया
व्याख्या: क्रिप्स प्रस्तावों का सबसे विवादास्पद प्रावधान यह था कि कोई भी प्रांत नया संविधान नहीं अपनाना चाहे तो वह अलग संघ (और अलग संविधान) बना सकता था । कांग्रेस ने इस भारत के विभाजन के रास्ते खोलने के कारण अस्वीकार किया।
—
प्रश्न 6
क्रिप्स मिशन की विफलता का सीधा परिणाम क्या हुआ?
(A) गांधी-इरविन समझौता
(B) भारत छोड़ो आंदोलन 1942
(C) नील आंदोलन
(D) खिलाफत आंदोलन
उत्तर: (B) भारत छोड़ो आंदोलन 1942
व्याख्या: क्रिप्स मिशन की विफलता ने यह साबित कर दिया कि अंग्रेज तुरंत सत्ता हस्तांतरित नहीं करना चाहते। ठीक चार महीने बाद (8 अगस्त 1942) गांधीजी ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया ।
—
प्रश्न 7
निम्नलिखित में से किसने क्रिप्स मिशन का सबसे अधिक विरोध किया?
(A) मुस्लिम लीग – क्योंकि पाकिस्तान नहीं मिला
(B) कांग्रेस – क्योंकि तत्काल स्वतंत्रता नहीं मिली
(C) हिंदू महासभा – क्योंकि विभाजन की संभावना थी
(D) कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों
उत्तर: (D) कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों
व्याख्या: यह BPSC के लिए महत्वपूर्ण तथ्य है। क्रिप्स मिशन एकमात्र ऐसा प्रस्ताव था जिसे कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने अस्वीकार कर दिया। कांग्रेस ने विभाजन की संभावना और तत्काल स्वतंत्रता न मिलने पर अस्वीकार किया, जबकि मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान न मिलने पर अस्वीकार किया ।
—
प्रश्न 8
क्रिप्स मिशन के समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कौन थे?
(A) लॉर्ड माउंटबेटन
(B) क्लीमेंट एटली
(C) विंस्टन चर्चिल
(D) हेरोल्ड विल्सन
उत्तर: (C) विंस्टन चर्चिल
व्याख्या: विंस्टन चर्चिल ने 10 मार्च 1942 को घोषणा की कि युद्ध कैबिनेट ने भारत नीति पर सर्वसम्मति बना ली है और सर स्टैफोर्ड क्रिप्स को भारत भेजा जाएगा । क्लीमेंट एटली 1945 में प्रधानमंत्री बने (भारत छोड़ो आंदोलन के बाद)।
—
प्रश्न 9
निम्नलिखित में से किस नेता ने क्रिप्स मिशन के बारे में कहा था कि “सरकार की मौजूदा संरचना पहले जैसी ही बनी रहेगी, वायसराय की निरंकुश शक्तियाँ बनी रहेंगी”?
(A) महात्मा गांधी
(B) जवाहरलाल नेहरू
(C) सरदार पटेल
(D) राजेंद्र प्रसाद
उत्तर: (B) जवाहरलाल नेहरू
व्याख्या: यह प्रसिद्ध उद्धरण जवाहरलाल नेहरू का है, जिसमें उन्होंने क्रिप्स प्रस्तावों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे कुछ नहीं बदलेगा और भारतीय केवल “लिवरेड कैंप-फॉलोअर” (नौकर) बनकर रह जाएँगे ।
—
प्रश्न 10
क्रिप्स मिशन के प्रस्तावों में ‘अंतरिम काल‘ के दौरान किस मामले को ब्रिटिश सरकार के नियंत्रण में रखने का प्रस्ताव था?
(A) शिक्षा
(B) न्यायपालिका
(C) रक्षा
(D) कृषि
उत्तर: (C) रक्षा
व्याख्या: क्रिप्स प्रस्तावों के अनुसार, नया संविधान बनने तक की अंतरिम अवधि में रक्षा का दायित्व ब्रिटिश सरकार के पास रहना था । इसका अर्थ था कि भारतीयों को अपनी रक्षा का अधिकार भी तत्काल नहीं मिल रहा था।
—
✅ निष्कर्ष (परीक्षा हेतु सारांश)
तत्व विवरण
कब मार्च-अप्रैल 1942
क्यों ब्रिटेन की हार + अमेरिकी दबाव + जापानी खतरा
प्रमुख प्रस्ताव युद्ध के बाद डोमिनियन स्टेटस + संविधान सभा + प्रांतों को पृथक्करण का अधिकार
अस्वीकारकर्ता कांग्रेस (तत्काल स्वतंत्रता नहीं, विभाजन की संभावना) + मुस्लिम लीग (पाकिस्तान नहीं मिला)
गांधीजी का वक्तव्य “पोस्ट-डेटेड चेक ऑन ए फेलिंग बैंक”
परिणाम भारत छोड़ो आंदोलन 1942 का प्रारंभ
—
सुझाव: BPSC PT में क्रिप्स मिशन से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इन नोट्स को रटने के बजाय समझने का प्रयास करें। विशेष ध्यान दें: (1) अस्वीकार के कारण, (2) गांधी-नेहरू के कथन, (3) यह कैसे 1942 के आंदोलन का कारण बना।
Liked the careful word choice throughout, every term seemed picked for a reason rather than thrown in casually, and a stop at thisdomainisabdu continued that precise style, this kind of attention to small details is what separates careful writing from the usual rushed content that dominates blog spaces today across pretty much every topic I follow.
Came in skeptical and left mostly convinced, that is the highest praise I can offer, and a look at tasseltract pushed me further in the same direction, content that survives a critical first read is rare and worth recognising because most blog posts crumble under any real scrutiny these days when you actually pay attention closely.
Liked the way the post handled the final paragraph, no neat bow but no abrupt cutoff either, and a stop at stridertorch continued that thoughtful ending pattern, endings are hard and most blog writers either over engineer them or skip them entirely and this site has clearly figured out a sustainable middle approach.
Will be coming back to this for sure, too much good content to absorb in one sitting, and a stop at siskatrance only added more pages I want to dig through, this site is going onto my regular rotation list because it consistently delivers something worth the visit lately rather than empty filler.
Worth saying that the post fit naturally into a rhythm of careful reading, and a stop at tweedvolume extended the same rhythm, content that pairs well with how I actually read rather than demanding a different mode is content well calibrated to its likely audience and this site has clearly thought about that consistently.
Reading this on a difficult day was a small bright spot, and a stop at vesseltame extended that brightness, content that improves a hard day is content that has earned a particular kind of place in my reading habits and this site is occupying that uplifting role for me today which I appreciate clearly.
Following the post through to the end without my attention drifting once, and a look at singersorbet earned the same uninterrupted attention, content that holds attention without manipulating it is content with substantive pull and this site has demonstrated that substantive pull across multiple pieces in a single reading session reliably here today.
Started taking notes about halfway through because the points were stacking up, and a look at swansignal added enough material that my notes file grew further, content that demands note taking from a passive reader is content with substance and the writers here are clearly producing that kind of work consistently across topics.
Just dropping by to say thanks for the effort, it does not go unnoticed when a writer cares this much about the reader, and after I went through waferturtle I was certain this is one of the better corners of the internet for this particular kind of content which is genuinely refreshing.
Really appreciate the absence of stock photos that have nothing to do with the content, and a quick visit to starlitvixen maintained the same restraint, visual filler is a tell that the writing cannot stand on its own and the lack of it here suggests the team has confidence in their content quality alone.