NCERT कक्षा 7 (हमारे अतीत-II) अध्याय 8 – “ईश्वर से अनुराग” – का BPSC PT के परिप्रेक्ष्य में
भक्ति-सूफी परंपरा – विस्तृत नोट्स (BPSC PT विशेष)
नीचे NCERT कक्षा 7 (हमारे अतीत-II) अध्याय 8 – “ईश्वर से अनुराग” – का BPSC PT के परिप्रेक्ष्य में विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत है। इस अध्याय में भक्ति एवं सूफी आंदोलनों, उनके संतों, सिद्धांतों, एवं सामाजिक प्रभाव का वर्णन है।
खंड 1: भक्ति आंदोलन – परिचय एवं पृष्ठभूमि
1.1 एक नजर में (तथ्य)
भक्ति आंदोलन क्या था?
· यह एक धार्मिक एवं सामाजिक सुधार आंदोलन था (लगभग 7वीं-17वीं शताब्दी)।
· इसने जाति व्यवस्था, मूर्तिपूजा, बाहरी आडंबरों, तीर्थयात्रा, बलि प्रथा का विरोध किया।
· इसने एक ईश्वर में विश्वास, प्रेम एवं भक्ति के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति पर बल दिया।
· इसने स्थानीय भाषाओं (हिंदी, ब्रज, अवधी, तमिल, मराठी, बंगला) में धार्मिक साहित्य लिखा।
भक्ति आंदोलन के दो प्रमुख संप्रदाय :
संप्रदाय विशेषता प्रमुख संत
निर्गुण भक्ति ईश्वर निराकार, बिना रूप, बिना गुण कबीर, रैदास, गुरु नानक, दादू दयाल
सगुण भक्ति ईश्वर साकार (राम या कृष्ण के रूप में) तुलसीदास (राम), सूरदास, मीराबाई (कृष्ण), चैतन्य महाप्रभु (कृष्ण)
भक्ति आंदोलन के कारण :
कारण विवरण
इस्लाम का प्रभाव एक ईश्वर, मूर्तिपूजा का विरोध, सभी मनुष्य समान
हिंदू धर्म में जातिवाद एवं आडंबर ब्राह्मणों का वर्चस्व, कठोर जाति व्यवस्था, बाहरी कर्मकांड
सूफी आंदोलन का प्रभाव सूफियों ने प्रेम, भक्ति, सहिष्णुता का संदेश दिया
भाषाई विकास स्थानीय भाषाओं (अवधी, ब्रज, तमिल) में रचनाओं से जनता तक पहुँच
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खंड 2: प्रमुख भक्ति संत
2.1 कबीर (निर्गुण संप्रदाय)
एक नजर में (तथ्य) :
· जन्म: 1398 ई. (वाराणसी) – मान्यता: एक विधवा ब्राह्मणी ने जन्म दिया, जुलाहा (मुस्लिम बुनकर) नीरू एवं नीमा ने पाला।
· गुरु: स्वामी रामानंद (जिन्होंने जाति भेद न मानते हुए कबीर को दीक्षा दी)।
· भाषा: सधुक्कड़ी (हिंदी, अवधी, ब्रज, पंजाबी, राजस्थानी, फारसी, अरबी का मिश्रण)।
· रचनाएँ: बीजक (सबसे प्रसिद्ध), सबद, साखी (दोहे), रमैनी।
· मृत्यु: 1518 ई. (मगहर – वाराणसी के निकट)।
कबीर के सिद्धांत :
विषय कबीर का दृष्टिकोण
ईश्वर निर्गुण (निराकार), निर्लिप्त, सर्वव्यापी (उसे ‘राम‘, ‘अल्लाह‘, ‘खुदा‘, ‘साहिब‘ कहा)
मूर्तिपूजा एवं कर्मकांड कठोर विरोध – मूर्तियाँ पत्थर की हैं, वे बोल नहीं सकतीं; तीर्थयात्रा, व्रत, यज्ञ व्यर्थ
जाति व्यवस्था कटु आलोचना – ‘बुरा हुआ जाति का अभिमान‘ – सभी मनुष्य एक समान
बाहरी धार्मिक आडंबर हिंदू (मूर्तिपूजा, गंगा स्नान, तिलक) और मुस्लिम (रमजान के रोजे, नमाज, मक्का-मदीना हज) दोनों का विरोध
मोक्ष का मार्ग सच्ची भक्ति एवं सत्संग – बिना बाहरी क्रियाओं के, हृदय से ईश्वर का स्मरण
प्रसिद्ध दोहे :
· पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। एकै अक्षर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय॥
· कबीरा खड़ा बाजार में, लिए लुकाठी हाथ। जो घर फूंके आपना, चले हमारे साथ॥
· हिंदू कहे राम हमारे, मुसलमान रहमान। आपस में दोऊ लड़ि-लड़ि मुए, न सोझा जाना कोन?
2.2 रैदास (रविदास)
एक नजर में (तथ्य) :
· जन्म: 15वीं शताब्दी (वाराणसी)।
· जाति: चमार (अस्पृश्य) – उन्होंने जाति व्यवस्था का विरोध किया।
· गुरु: स्वामी रामानंद (कबीर के समान)।
· भाषा: सधुक्कड़ी, ब्रज, अवधी।
· रचनाएँ: रैदास की बानी (गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल – 40 पद)।
रैदास के सिद्धांत :
· ईश्वर: निर्गुण, परंतु कृष्ण भक्ति भी (मीराबाई के गुरु)।
· जातिवाद का कठोर विरोध – उन्होंने कहा – ‘जाति-पाति नहीं पूछिए, हरि को भज लीजिए।‘
· समानता एवं भाईचारा – सभी मनुष्य ईश्वर की संतान हैं।
· अस्पृश्यता एवं छुआछूत का विरोध।
2.3 मीराबाई (सगुण – कृष्ण भक्ति)
एक नजर में (तथ्य) :
· जन्म: 1498 ई. (राजस्थान, मेड़ता) – कुशल सिंह (राठौड़) की पुत्री।
· विवाह: मेवाड़ के राणा सांगा के पुत्र भोजराज से (परंतु उनकी शीघ्र मृत्यु हो गई)।
· गुरु: रैदास (चमार जाति के संत – समानता का प्रतीक)।
· भाषा: राजस्थानी, ब्रज, हिंदी।
· रचनाएँ: मीराबाई का पदावली (गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल), मीरां सागर, मीराबाई की गीत।
मीराबाई के सिद्धांत :
· ईश्वर: श्री कृष्ण (गिरिधर गोपाल) – सगुण उपासना।
· भक्ति: प्रेम एवं पूर्ण समर्पण – उनके पदों में ‘गिरिधर‘ संबोधन आता है।
· विरोध: समाज की जातिवाद एवं बंधनों की परवाह नहीं की; मेवाड़ राणा (ससुर) के विरोध के बावजूद कृष्ण भक्ति जारी रखी।
· प्रतीक: वे बिना घूंघट, बिना आभूषण, कीर्तन करती हुई दिखाई देती हैं – सामाजिक परंपराओं को तोड़ना।
प्रसिद्ध पद :
· म्हारे घर आओ बंशीवारे, म्हारे घर आओ। तुम बिना म्हारो कौन सहारे, म्हारे घर आओ।।
· पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
2.4 तुलसीदास (सगुण – राम भक्ति)
एक नजर में (तथ्य) :
· जन्म: 1532 ई. (राजापुर, उत्तर प्रदेश) – संतुलित काल: 16वीं शताब्दी।
· गुरु: नरहरि दास (रामानंदी संप्रदाय)।
· भाषा: अवधी, ब्रज, संस्कृत।
· रचनाएँ: रामचरितमानस (सबसे प्रसिद्ध), गीतावली, विनय पत्रिका, कवितावली, हनुमान चालीसा (प्रसिद्ध 40 चौपाइयाँ)।
तुलसीदास के सिद्धांत :
· ईश्वर: श्री राम (मर्यादा पुरुषोत्तम) – सगुण उपासना।
· भक्ति: प्रेम एवं आदर्श रामराज्य (एक आदर्श शासन व्यवस्था)।
· सामाजिक संदेश: जाति भेद नहीं; सभी राम को पुकार सकते हैं; कर्म एवं भक्ति पर बल।
· भाषा: उन्होंने अवधी (लोकभाषा) में रामचरितमानस लिखा, जिससे आम जनता रामकथा समझ सकी।
2.5 सूरदास (सगुण – कृष्ण भक्ति)
एक नजर में (तथ्य) :
· जन्म: 1478 ई. (रुनकता, उत्तर प्रदेश) – 16वीं शताब्दी के आरंभ।
· अंध (नेत्रहीन) कवि – भक्ति के कारण प्रसिद्ध।
· आश्रय: अकबर के दरबार में? नहीं – वे मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में रहे।
· भाषा: ब्रज (शुद्ध ब्रज भाषा)।
· रचनाएँ: सूरसागर (प्रसिद्ध – 50,000 पद), साहित्य लहरी, सूरसारावली।
सूरदास के सिद्धांत :
· ईश्वर: श्री कृष्ण (बाल कृष्ण, बाल लीला, रास लीला)।
· भक्ति: प्रेम, विरह एवं माधुर्य भाव – उन्होंने कृष्ण की बाल लीलाओं, गोपियों के विरह, एवं राधा-कृष्ण के प्रेम का वर्णन किया।
· सामाजिक संदेश: जाति बंधनों से दूर; केवल कृष्ण की भक्ति से मोक्ष।
2.6 चैतन्य महाप्रभु (बंगाल – कृष्ण भक्ति)
एक नजर में (तथ्य) :
· जन्म: 1486 ई. (नवद्वीप, बंगाल)।
· नाम: विश्वरूप (बाल्यकाल), श्रीकृष्ण चैतन्य (दीक्षा के बाद)।
· प्रभाव: बंगाल, ओडिशा, असम, नेपाल, तिब्बत तक फैला।
· संप्रदाय: गौड़ीय वैष्णव (कृष्ण भक्ति)।
· भाषा: बंगला, संस्कृत।
चैतन्य के सिद्धांत :
· ईश्वर: श्री कृष्ण (उन्होंने ‘हरे कृष्ण हरे राम‘ मंत्र का प्रचार किया)।
· भक्ति: कीर्तन (संकीर्तन) – सार्वजनिक रूप से भगवान का नाम जपना, नाचना, गाना। इससे सामाजिक बंधन टूटते थे।
· विरोध: जातिवाद, मूर्तिपूजा नहीं (उन्होंने केवल कृष्ण भक्ति पर बल दिया)।
· समानता: उन्होंने ‘सभी जातियों के लोग भक्ति कर सकते हैं‘ का प्रचार किया।
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खंड 3: सूफी आंदोलन
3.1 एक नजर में (तथ्य)
सूफीवाद क्या है?
· सूफीवाद इस्लाम का एक रहस्यवादी (मिस्टिक) संप्रदाय है।
· इसने बाहरी कर्मकांडों (नमाज, रोजा, हज) के बजाय अल्लाह के प्रति प्रेम, भक्ति, आत्म-ज्ञान पर बल दिया।
· शब्द ‘सूफी‘ (सूफ़ – ऊन) से बना – सूफी साधु ऊनी वस्त्र पहनते थे।
सूफी सिलसिले (प्रमुख 4) :
सिलसिला संस्थापक मुख्य केंद्र विशेषता
चिश्ती ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती (अजमेर) अजमेर, दिल्ली सबसे लोकप्रिय; भक्ति, गीत, कव्वाली; हिंदू-मुस्लिम एकता
सुहरावर्दी शेख शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी बिहार, बंगाल, सिंध रूढ़िवादी; राज्य से संबंध; शिक्षा पर बल
कादिरी शेख अब्दुल कादिर जिलानी मध्य प्रदेश, दिल्ली उदार; अकबर के समय लोकप्रिय
नक्शबंदी ख्वाजा बहाउद्दीन नक्शबंद (बुखारा) दिल्ली, उत्तर भारत बाद में आया; रूढ़िवादी; औरंगजेब के समय प्रभावी
प्रसिद्ध सूफी संत :
संत सिलसिला स्थान विशेषता
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती चिश्ती अजमेर ‘गरीब नवाज़‘ – अकबर हर साल अजमेर जाता था; सभी धर्मों को सम्मान
शेख बहाउद्दीन जकारिया सुहरावर्दी मुलतान सुहरावर्दी के भारतीय शिष्य
शेख निजामुद्दीन औलिया चिश्ती दिल्ली ‘महबूब-ए-इलाही‘ – सबसे प्रसिद्ध; अमीर खुसरो (कव्वाली के जनक) उनके शिष्य
शेख नसीरुद्दीन चिराग-ए-दिल्ली चिश्ती दिल्ली निजामुद्दीन के शिष्य; अंतिम प्रमुख चिश्ती संत
शेख सलीम चिश्ती चिश्ती फतेहपुर सीकरी अकबर के गुरु; उन्होंने अकबर के पुत्र (सलीम – जहाँगीर) के जन्म की भविष्यवाणी की
शेख अहमद सरहिंदी (मुजद्दिद अल्फ़ सानी) नक्शबंदी सरहिंद इस्लामी कट्टरता का पुनरुत्थान; औरंगजेब पर प्रभाव
सूफी प्रथाएँ :
· जिक्र (अल्लाह का नाम जपना)
· समा (संगीत, कव्वाली – चिश्ती संतों ने अपनाई) – अमीर खुसरो को कव्वाली का जनक माना जाता है।
· पीर-मुरीदी (गुरु-शिष्य परंपरा)
· खानकाह (सूफी आश्रम – जहाँ शिष्य रहते थे)
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खंड 4: सूफी-भक्ति समन्वय
समानताएँ :
विषय भक्ति संत सूफी संत
ईश्वर एक ईश्वर (राम/कृष्ण/अल्लाह – निर्गुण भक्ति) एक अल्लाह
मोक्ष का मार्ग प्रेम एवं भक्ति अल्लाह के प्रति प्रेम (इश्क़)
कर्मकांडों का विरोध मूर्तिपूजा, तीर्थयात्रा, जातिवाद बाहरी इस्लामी कर्मकांडों से मुक्ति
भाषा स्थानीय भाषाएँ (हिंदी, अवधी, ब्रज) फारसी, हिंदी-उर्दू (अमीर खुसरो)
गुरु परंपरा गुरु-शिष्य पीर-मुरीद
संगीत भजन, कीर्तन समा, कव्वाली
प्रभाव :
· हिंदू-मुस्लिम एकता – सूफी एवं भक्ति संतों ने सांप्रदायिकता कम की।
· भाषाई विकास – स्थानीय भाषाओं (हिंदी, अवधी, ब्रज, उर्दू) का प्रचार हुआ।
· जातिवाद का विरोध – दोनों आंदोलनों ने सामाजिक समानता पर बल दिया।
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खंड 5: BPSC परीक्षा दृष्टिकोण – व्याख्या
प्रश्न 1: कबीर ने किन बातों का विरोध किया?
उत्तर: कबीर ने निम्नलिखित का कठोर विरोध किया :
विरोध का विषय कबीर का दृष्टिकोण
मूर्तिपूजा मूर्तियाँ पत्थर की हैं – वे बोल नहीं सकतीं, पूजा से क्या होगा
तीर्थयात्रा (गंगा स्नान) ‘गंगा में नहाने से पाप नहीं मिटते – मन की गंदगी मिटाओ‘
हिंदू कर्मकांड व्रत, यज्ञ, तिलक, पूजा-पाठ – सब बाहरी आडंबर हैं
मुस्लिम कर्मकांड रमजान के रोजे, नमाज, मक्का-मदीना हज – बाहरी क्रियाएँ हैं
जाति व्यवस्था ‘जाति-पाति नहीं पूछिए, हरि को भज लीजिए‘ – सभी समान हैं
ब्राह्मण-मुल्ला का दिखावा धार्मिक पोथियाँ पढ़ने से कुछ नहीं होता, केवल प्रेम और सत्संग मोक्ष देता है
निष्कर्ष: कबीर ने बाहरी धार्मिक आडंबरों (हिंदू एवं मुस्लिम दोनों) और जाति व्यवस्था का विरोध किया। उन्होंने निर्गुण ईश्वर एवं हृदय की भक्ति पर बल दिया।
प्रश्न 2: सूफी आंदोलन की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर:
1. प्रेम एवं भक्ति – अल्लाह के प्रति प्रेम (इश्क़) पर बल – बाहरी कर्मकांडों (नमाज, रोजा) पर नहीं।
2. पीर-मुरीदी – गुरु (पीर) और शिष्य (मुरीद) का संबंध।
3. खानकाह – सूफी आश्रम (शिष्य रहते, प्रार्थना करते, सेवा करते)।
4. समा (संगीत) – कव्वाली (अमीर खुसरो) – अल्लाह की याद में गायन एवं नृत्य।
5. सांप्रदायिक सद्भाव – सूफियों ने हिंदुओं के साथ मेलजोल बढ़ाया; कबीर की तरह मूर्तिपूजा विरोध नहीं किया (अकबर के समय तो संरक्षण दिया)।
6. भाषाई प्रभाव – फारसी, हिंदी, उर्दू का मिश्रण; अमीर खुसरो ने हिंदी-उर्दू कविता की नींव रखी।
प्रश्न 3: चिश्ती सिलसिला सबसे लोकप्रिय क्यों हुआ?
उत्तर:
· उदारता एवं भक्ति – ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती ने ‘गरीब नवाज़‘ (गरीबों का मददगार) की उपाधि पाई।
· हिंदू-मुस्लिम एकता – चिश्ती संतों ने स्थानीय भाषाओं का प्रयोग किया, हिंदू रीति-रिवाज (सरंध – कंघी, उत्तरीय, आसन) अपनाए।
· शेख निजामुद्दीन औलिया – उनका नाम सबसे प्रसिद्ध है; उन्होंने ‘महबूब-ए-इलाही‘ (अल्लाह का प्रिय) की उपाधि पाई।
· अमीर खुसरो – निजामुद्दीन के शिष्य; कव्वाली के जनक; हिंदी-उर्दू के प्रथम कवि।
· अकबर का समर्थन – अकबर खुद अजमेर (ख्वाजा की दरगाह) जाता था, सभी धर्मों को सम्मान दिया।
· शेख सलीम चिश्ती – अकबर के गुरु; फतेहपुर सीकरी उन्हीं के नाम पर बसा।
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खंड 6: तुलनात्मक सारणी (BPSC के लिए)
विषय कबीर (निर्गुण) मीराबाई (सगुण) तुलसीदास (सगुण) सूफी (चिश्ती)
ईश्वर निर्गुण (राम/अल्लाह) सगुण (कृष्ण – गिरिधर) सगुण (राम) अल्लाह
मूर्तिपूजा विरोध किया मूर्तिपूजा नहीं (कृष्ण की छवि ध्यान) तुलसी ने मूर्ति पूजा की? नहीं – उन्होंने राम के नाम का जप किया सूफी मूर्तिपूजा नहीं करते
जातिवाद कठोर विरोध जाति की परवाह नहीं माना कि सभी राम को पुकार सकते हैं जाति को महत्व नहीं
कर्मकांड हिंदू-मुस्लिम दोनों का विरोध केवल कृष्ण भक्ति राम का स्मरण केवल अल्लाह का स्मरण
भाषा सधुक्कड़ी राजस्थानी, ब्रज अवधी, ब्रज फारसी, हिंदी-उर्दू (अमीर खुसरो)
प्रसिद्ध रचना बीजक मीराबाई का पदावली रामचरितमानस कव्वाली (अमीर खुसरो)
प्रभाव क्षेत्र उत्तर भारत राजस्थान, गुजरात उत्तर भारत पूरा भारत (मुख्यतः उत्तर)
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BPSC PT हेतु स्मरणीय तथ्य (Last Minute Revision)
तथ्य विवरण
भक्ति आंदोलन के प्रणेता (दक्षिण) आलवार (विष्णु/कृष्ण – 12 संत) एवं नायनार (शिव – 63 संत) – तमिल भक्ति (7वीं-9वीं शती)
रामानुज (दक्षिण) विशिष्टाद्वैत; कृष्ण भक्ति
रामानंद (उत्तर) कबीर, रैदास, मीराबाई के गुरु; जातिभेद नहीं
वल्लभाचार्य पुष्टिमार्ग; कृष्ण की बाल लीला; सूरदास उनके शिष्य
निर्गुण भक्ति कबीर, रैदास, दादू दयाल, गुरु नानक
सगुण भक्ति (राम) तुलसीदास, समर्थ गुरु रामदास
सगुण भक्ति (कृष्ण) सूरदास, मीराबाई, चैतन्य महाप्रभु
बीजक कबीर की रचना (साखी, सबद, रमैनी)
रामचरितमानस तुलसीदास (अवधी भाषा) – 16वीं शती
सूरसागर सूरदास (ब्रज भाषा)
गुरु ग्रंथ साहिब इसमें कबीर, रैदास, मीराबाई के पद शामिल हैं
चिश्ती सिलसिले के प्रमुख संत ख्वाजा मुईनुद्दीन (अजमेर) → शेख बख्तियार काकी (दिल्ली) → शेख फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर → शेख निजामुद्दीन औलिया → शेख नसीरुद्दीन चिराग-ए-दिल्ली
अमीर खुसरो निजामुद्दीन के शिष्य; ‘कव्वाली के जनक‘; ‘तुती-ए-हिंद‘ (भारत का तोता)
खानकाह सूफी आश्रम (प्रार्थना, शिक्षा, सेवा)
समा सूफी संगीत (कव्वाली) – चिश्ती सिलसिले में प्रचलित
सुहरावर्दी सिलसिला बिहार, बंगाल, सिंध – राज्य से संबंध, शिक्षा पर बल
शेख अहमद सरहिंदी नक्शबंदी सिलसिला; इस्लामी कट्टरता का पुनरुत्थान (औरंगजेब पर प्रभाव)
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💡 BPSC PT हेतु टिप्स :
1. कबीर के बारे में – निर्गुण, बीजक, कबीर के विरोध के बिंदु (मूर्तिपूजा, तीर्थयात्रा, जातिवाद, हिंदू-मुस्लिम कर्मकांड)
2. सूफी सिलसिलों के नाम – चिश्ती, सुहरावर्दी, कादिरी, नक्शबंदी (याद रखने की ट्रिक: च-सु-का-न)
3. चिश्ती सिलसिले के संत – ख्वाजा मुईनुद्दीन (अजमेर), शेख निजामुद्दीन औलिया (दिल्ली), शेख सलीम चिश्ती (फतेहपुर सीकरी) – अकबर के गुरु।
4. भक्ति संत एवं उनकी रचनाएँ – कबीर (बीजक), तुलसीदास (रामचरितमानस), सूरदास (सूरसागर), मीराबाई (पदावली)।
5. निर्गुण एवं सगुण भक्ति में अंतर समझें।
6. अमीर खुसरो को कव्वाली के जनक के रूप में याद रखें।
7. बिहार से संबंध – सुहरावर्दी सिलसिला बिहार (बिहार शरीफ, पटना) में सक्रिय था; शेख निजामुद्दीन औलिया के शिष्य बिहार में भी प्रचार करते थे। बिहार शरीफ (नालंदा) सूफी केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है।
भक्ति-सूफी परंपरा – 200 MCQ (व्याख्या सहित) | BPSC PT हेतु विशेष
नीचे NCERT कक्षा 7 (हमारे अतीत-II) अध्याय 8 – “ईश्वर से अनुराग” – पर आधारित 200 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। ये BPSC PT के परिप्रेक्ष्य में तैयार किए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ तथ्यात्मक उत्तर एवं संक्षिप्त व्याख्या दी गई है।
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खंड A: भक्ति आंदोलन – सामान्य परिचय एवं पृष्ठभूमि (प्रश्न 1–30)
Q1. भक्ति आंदोलन का उदय कब हुआ (प्रारंभिक चरण)?
(A) 5वीं-6वीं शताब्दी
(B) 6वीं-7वीं शताब्दी
(C) 7वीं-8वीं शताब्दी
(D) 8वीं-9वीं शताब्दी
✅ उत्तर: (C) 7वीं-8वीं शताब्दी
व्याख्या: भक्ति आंदोलन की शुरुआत 7वीं-8वीं शताब्दी में दक्षिण भारत (तमिलनाडु) में आलवार एवं नायनार संतों के साथ हुई थी।
Q2. भक्ति आंदोलन किसके विरुद्ध था?
(A) इस्लाम के विरुद्ध
(B) जातिवाद, कर्मकांडों एवं बाहरी आडंबरों के विरुद्ध
(C) ईसाई धर्म के विरुद्ध
(D) सूफीवाद के विरुद्ध
✅ उत्तर: (B) जातिवाद, कर्मकांडों एवं बाहरी आडंबरों के विरुद्ध
व्याख्या: भक्ति आंदोलन जाति व्यवस्था, मूर्तिपूजा, तीर्थयात्रा, बलि प्रथा, ब्राह्मणों के कर्मकांडों के विरुद्ध था।
Q3. ‘भक्ति‘ शब्द का मूल क्या है?
(A) संस्कृत – ‘भज्‘ (भाग लेना, प्रेम करना)
(B) फारसी – ‘बख्त‘
(C) अरबी – ‘मुहब्बत‘
(D) तमिल – ‘अनुराग‘
✅ उत्तर: (A) संस्कृत – ‘भज्‘ (भाग लेना, प्रेम करना)
व्याख्या: ‘भक्ति‘ शब्द संस्कृत धातु ‘भज्‘ से बना है, जिसका अर्थ है ‘प्रेम करना‘, ‘पूजा करना‘, ‘भाग लेना‘।
Q4. दक्षिण भारत के प्रारंभिक भक्ति संतों में शिव भक्तों को क्या कहा जाता था?
(A) आलवार
(B) नायनार
(C) भागवत
(D) सिद्ध
✅ उत्तर: (B) नायनार
व्याख्या: नायनार तमिलनाडु के 63 शिव भक्त संत थे (7वीं-8वीं शताब्दी)।
Q5. दक्षिण भारत के प्रारंभिक भक्ति संतों में विष्णु/कृष्ण भक्तों को क्या कहा जाता था?
(A) नायनार
(B) आलवार
(C) सिद्धार
(D) रामानंदी
✅ उत्तर: (B) आलवार
व्याख्या: आलवार तमिलनाडु के 12 विष्णु/कृष्ण भक्त संत थे (7वीं-8वीं शताब्दी)।
Q6. ‘दिव्य प्रबंधम‘ किसकी रचना है?
(A) नायनार
(B) आलवार
(C) कबीर
(D) तुलसीदास
✅ उत्तर: (B) आलवार
व्याख्या: आलवार संतों की रचनाओं के संग्रह को ‘दिव्य प्रबंधम‘ (दिव्य संग्रह) कहा जाता है। यह तमिल में है।
Q7. ‘तेवारम‘ किसकी रचना है?
(A) आलवार
(B) नायनार
(C) कबीर
(D) रैदास
✅ उत्तर: (B) नायनार
व्याख्या: नायनार संतों की रचनाओं के संग्रह को ‘तेवारम‘ कहा जाता है। यह शिव भक्ति तमिल काव्य है।
Q8. दक्षिण भारत के किस संत ने ‘विशिष्टाद्वैत‘ (शुद्ध अद्वैत नहीं) दर्शन दिया?
(A) शंकराचार्य
(B) रामानुज
(C) मध्वाचार्य
(D) वल्लभाचार्य
✅ उत्तर: (B) रामानुज
व्याख्या: रामानुज (1017-1137) ने ‘विशिष्टाद्वैत‘ (विशेष अद्वैत) दर्शन दिया – ईश्वर (विष्णु), जीव, जगत सभी वास्तविक हैं, परंतु ईश्वर परम हैं।
Q9. रामानुज किस भक्ति संप्रदाय से संबंधित हैं?
(A) निर्गुण
(B) सगुण (श्री वैष्णव)
(C) सूफी
(D) नाथ
✅ उत्तर: (B) सगुण (श्री वैष्णव)
व्याख्या: रामानुज श्री वैष्णव संप्रदाय के संस्थापक थे। उन्होंने सगुण (विष्णु) भक्ति पर बल दिया।
Q10. ‘श्री भाष्य‘ किसके द्वारा रचित है?
(A) शंकराचार्य
(B) रामानुज
(C) मध्वाचार्य
(D) निंबार्क
✅ उत्तर: (B) रामानुज
व्याख्या: ‘श्री भाष्य‘ रामानुज का प्रसिद्ध ग्रंथ है, जो ब्रह्मसूत्र पर एक भाष्य है।
Q11. दक्षिण भारत के किस संत ने ‘द्वैत‘ (अद्वैत नहीं) दर्शन दिया?
(A) रामानुज
(B) शंकराचार्य
(C) मध्वाचार्य
(D) वल्लभाचार्य
✅ उत्तर: (C) मध्वाचार्य
व्याख्या: मध्वाचार्य (1238-1317) ने ‘द्वैत‘ (ईश्वर और जीव में अंतर) दर्शन दिया।
Q12. किस भक्ति संत ने ‘अद्वैत‘ (ईश्वर और जीव एक हैं) दर्शन दिया?
(A) रामानुज
(B) मध्वाचार्य
(C) शंकराचार्य
(D) वल्लभाचार्य
✅ उत्तर: (C) शंकराचार्य
व्याख्या: शंकराचार्य (788-820) ने ‘अद्वैत वेदांत‘ (ईश्वर और जीव में कोई भेद नहीं) दर्शन दिया।
Q13. भक्ति आंदोलन ने किस भाषा को सबसे अधिक बढ़ावा दिया?
(A) संस्कृत
(B) फारसी
(C) अरबी
(D) स्थानीय भाषाएँ (तमिल, हिंदी, ब्रज, अवधी, मराठी, बंगला)
✅ उत्तर: (D) स्थानीय भाषाएँ (तमिल, हिंदी, ब्रज, अवधी, मराठी, बंगला)
व्याख्या: भक्ति संतों ने आम जनता तक पहुँचने के लिए स्थानीय भाषाओं में रचनाएँ कीं। इससे क्षेत्रीय भाषाओं का विकास हुआ।
Q14. ‘अल्लाह‘ शब्द किस भाषा का है?
(A) फारसी
(B) अरबी
(C) तुर्की
(D) उर्दू
✅ उत्तर: (B) अरबी
व्याख्या: ‘अल्लाह‘ अरबी शब्द है, जिसका अर्थ ‘ईश्वर‘ है।
Q15. ‘राम‘ शब्द किस भाषा का है?
(A) अरबी
(B) फारसी
(C) संस्कृत
(D) तमिल
✅ उत्तर: (C) संस्कृत
व्याख्या: ‘राम‘ संस्कृत शब्द है, जो भगवान विष्णु के अवतार राम के लिए प्रयुक्त होता है।
Q16. भक्ति आंदोलन का मुख्य संदेश क्या था?
(A) केवल ब्राह्मण ईश्वर को जान सकते हैं
(B) सभी मनुष्य ईश्वर की संतान हैं, प्रेम एवं भक्ति से मोक्ष मिलता है
(C) केवल संस्कृत में प्रार्थना करो
(D) मूर्तिपूजा अनिवार्य है
✅ उत्तर: (B) सभी मनुष्य ईश्वर की संतान हैं, प्रेम एवं भक्ति से मोक्ष मिलता है
व्याख्या: भक्ति आंदोलन ने जातिवाद का विरोध करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति (छुआछूत, अमीर-गरीब सभी) प्रेम और भक्ति से ईश्वर को प्राप्त कर सकता है।
Q17. इस्लाम के किस सिद्धांत ने भक्ति आंदोलन को प्रभावित किया?
(A) मूर्तिपूजा अनिवार्य है
(B) अनेक देवता
(C) एक ईश्वर (तौहीद) एवं मूर्तिपूजा का विरोध
(D) बलि प्रथा
✅ उत्तर: (C) एक ईश्वर (तौहीद) एवं मूर्तिपूजा का विरोध
व्याख्या: इस्लाम का एक ईश्वर (तौहीद) एवं मूर्तिपूजा विरोध ने हिंदू भक्ति संतों को प्रभावित किया – कबीर ने दोनों को मिलाया।
Q18. सूफी आंदोलन किस धर्म का रहस्यवादी संप्रदाय है?
(A) हिंदू
(B) इस्लाम
(C) ईसाई
(D) बौद्ध
✅ उत्तर: (B) इस्लाम
व्याख्या: सूफीवाद इस्लाम का रहस्यवादी (मिस्टिक) संप्रदाय है, जो बाहरी कर्मकांडों के बजाय अल्लाह के प्रति प्रेम पर बल देता है।
Q19. ‘सूफी‘ शब्द किस शब्द से बना है?
(A) सूफ़ (ऊन)
(B) सफा (शुद्ध)
(C) सूफ (ज्ञान)
(D) सफ़र (यात्रा)
✅ उत्तर: (A) सूफ़ (ऊन)
व्याख्या: ‘सूफी‘ शब्द अरबी ‘सूफ़‘ (ऊन) से बना है, क्योंकि सूफी साधु ऊनी वस्त्र पहनते थे (सादगी का प्रतीक)।
Q20. सूफी आश्रम को क्या कहते हैं?
(A) मस्जिद
(B) खानकाह
(C) दरगाह
(D) मदरसा
✅ उत्तर: (B) खानकाह
व्याख्या: सूफी संत जहाँ रहते थे और शिष्यों को शिक्षा देते थे, उसे खानकाह (आश्रम) कहते थे।
Q21. सूफी संत के प्रमुख शिष्य को क्या कहते हैं?
(A) पीर
(B) मुरीद
(C) फकीर
(D) दरवेश
✅ उत्तर: (B) मुरीद
व्याख्या: सूफी परंपरा में पीर (गुरु) और मुरीद (शिष्य) का संबंध होता है।
Q22. सूफी संत को क्या कहते हैं?
(A) मुरीद
(B) पीर
(C) काज़ी
(D) मुल्ला
✅ उत्तर: (B) पीर
व्याख्या: सूफी गुरु को पीर कहते हैं। वे शिष्यों (मुरीदों) को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते थे।
Q23. ‘समा‘ किससे संबंधित है?
(A) भक्ति नृत्य
(B) सूफी संगीत (कव्वाली)
(C) योग
(D) वैदिक मंत्र
✅ उत्तर: (B) सूफी संगीत (कव्वाली)
व्याख्या: ‘समा‘ सूफी संगीत को कहते हैं, जिसमें कव्वाली गायन, नाच, ढोलक शामिल है। अमीर खुसरो को कव्वाली का जनक माना जाता है।
Q24. भक्ति एवं सूफी आंदोलन ने किस प्रकार के साहित्य को बढ़ावा दिया?
(A) संस्कृत
(B) फारसी
(C) क्षेत्रीय भाषाएँ (हिंदी, ब्रज, अवधी, उर्दू)
(D) अरबी
✅ उत्तर: (C) क्षेत्रीय भाषाएँ (हिंदी, ब्रज, अवधी, उर्दू)
व्याख्या: भक्ति एवं सूफी दोनों ने स्थानीय भाषाओं में रचनाएँ कीं, जिससे हिंदी, उर्दू, ब्रज, अवधी, बंगला, मराठी का विकास हुआ।
Q25. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही है?
(A) नायनार – शिव भक्त
(B) आलवार – शिव भक्त
(C) नायनार – कृष्ण भक्त
(D) आलवार – सूफी
✅ उत्तर: (A) नायनार – शिव भक्त
व्याख्या: नायनार शिव भक्त थे (63 संत); आलवार विष्णु/कृष्ण भक्त थे (12 संत)।
Q26. ‘हरे कृष्ण हरे राम‘ मंत्र का प्रचार किसने किया?
(A) कबीर
(B) मीराबाई
(C) चैतन्य महाप्रभु
(D) तुलसीदास
✅ उत्तर: (C) चैतन्य महाप्रभु
व्याख्या: चैतन्य महाप्रभु (1486-1533) ने ‘हरे कृष्ण हरे राम‘ (महामंत्र) का प्रचार किया और संकीर्तन (सार्वजनिक भक्ति गायन) शुरू किया।
Q27. ‘संकीर्तन‘ का क्या अर्थ है?
(A) मूक ध्यान
(B) सार्वजनिक रूप से भगवान के नाम का गायन एवं नृत्य
(C) मंदिर में पूजा
(D) व्रत करना
✅ उत्तर: (B) सार्वजनिक रूप से भगवान के नाम का गायन एवं नृत्य
व्याख्या: चैतन्य महाप्रभु ने संकीर्तन (सार्वजनिक कीर्तन) शुरू किया – लोग एक साथ नाचते-गाते हुए हरे कृष्ण मंत्र का जप करते थे।
Q28. किस भक्ति संत ने ‘गुरु ग्रंथ साहिब‘ में योगदान दिया?
(A) कबीर
(B) रैदास
(C) मीराबाई
(D) उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
व्याख्या: गुरु ग्रंथ साहिब (सिखों का धर्मग्रंथ) में कबीर, रैदास, मीराबाई, नामदेव, फरीद आदि के पद शामिल हैं।
Q29. ‘साखी‘ किसकी रचना है?
(A) तुलसीदास
(B) सूरदास
(C) कबीर
(D) मीराबाई
✅ उत्तर: (C) कबीर
व्याख्या: ‘साखी‘ कबीर के दोहों (कवित्त) को कहते हैं। ‘बीजक‘ में साखी, सबद, रमैनी शामिल हैं।
Q30. ‘सबद‘ किसकी रचना है?
(A) कबीर
(B) मीराबाई
(C) सूरदास
(D) तुलसीदास
✅ उत्तर: (A) कबीर
व्याख्या: ‘सबद‘ कबीर के पदों (गीतों) को कहते हैं। ये उनकी रचना ‘बीजक‘ में शामिल हैं।
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खंड B: कबीर (प्रश्न 31–60)
Q31. कबीर का जन्म कब हुआ था?
(A) 1398 ई.
(B) 1440 ई.
(C) 1498 ई.
(D) 1532 ई.
✅ उत्तर: (A) 1398 ई.
व्याख्या: कबीर का जन्म 1398 ई. में वाराणसी में हुआ था (कुछ स्रोतों के अनुसार 1440 ई.)।
Q32. कबीर ने किस गुरु से दीक्षा ली?
(A) रामानुज
(B) रामानंद
(C) वल्लभाचार्य
(D) चैतन्य
✅ उत्तर: (B) रामानंद
व्याख्या: कबीर ने रामानंद (संत) से दीक्षा ली, जिन्होंने जाति भेद न मानते हुए कबीर (जुलाहा) को शिष्य बनाया।
Q33. कबीर किस जाति के थे?
(A) ब्राह्मण
(B) क्षत्रिय
(C) जुलाहा (बुनकर)
(D) वैश्य
✅ उत्तर: (C) जुलाहा (बुनकर)
व्याख्या: कबीर जुलाहा (मुस्लिम बुनकर) जाति के थे। उनका पालन-पोषण नीरू (जुलाहा) एवं नीमा ने किया।
Q34. कबीर ने किस भाषा में रचनाएँ कीं?
(A) संस्कृत
(B) फारसी
(C) सधुक्कड़ी (हिंदी, अवधी, ब्रज, राजस्थानी, पंजाबी, फारसी, अरबी का मिश्रण)
(D) तमिल
✅ उत्तर: (C) सधुक्कड़ी (हिंदी, अवधी, ब्रज, राजस्थानी, पंजाबी, फारसी, अरबी का मिश्रण)
व्याख्या: कबीर ने सधुक्कड़ी (मिश्रित भाषा) में रचनाएँ कीं, जो आम जनता की भाषा थी।
Q35. कबीर की प्रसिद्ध रचना कौन-सी है?
(A) रामचरितमानस
(B) सूरसागर
(C) बीजक
(D) गीतावली
✅ उत्तर: (C) बीजक
व्याख्या: कबीर की रचनाओं का संग्रह ‘बीजक‘ है। इसमें साखी (दोहे), सबद (पद), रमैनी शामिल हैं।
Q36. कबीर के अनुसार ईश्वर कैसा है?
(A) सगुण (साकार)
(B) निर्गुण (निराकार)
(C) स्त्री रूप में
(D) केवल राम
✅ उत्तर: (B) निर्गुण (निराकार)
व्याख्या: कबीर निर्गुण उपासक थे। उनका ईश्वर निराकार, निर्लिप्त, सर्वव्यापी था। उन्होंने उसे ‘राम‘, ‘अल्लाह‘, ‘खुदा‘, ‘साहिब‘ कहा।
Q37. कबीर ने मूर्तिपूजा के बारे में क्या कहा?
(A) मूर्तिपूजा आवश्यक है
(B) मूर्तियाँ पत्थर की हैं – वे बोल नहीं सकतीं, पूजा व्यर्थ है
(C) केवल कृष्ण की मूर्ति पूजो
(D) केवल शिवलिंग पूजो
✅ उत्तर: (B) मूर्तियाँ पत्थर की हैं – वे बोल नहीं सकतीं, पूजा व्यर्थ है
व्याख्या: कबीर ने मूर्तिपूजा का कठोर विरोध किया। उनके अनुसार मूर्तियाँ पत्थर की हैं – वे बोल नहीं सकतीं, न देख सकतीं, न सुन सकतीं।
Q38. कबीर ने गंगा स्नान के बारे में क्या कहा?
(A) गंगा स्नान से पाप मिटते हैं
(B) गंगा स्नान व्यर्थ है – मन की गंदगी मिटाओ
(C) गंगा स्नान अनिवार्य है
(D) गंगा देवी हैं
✅ उत्तर: (B) गंगा स्नान व्यर्थ है – मन की गंदगी मिटाओ
व्याख्या: कबीर ने तीर्थयात्रा और गंगा स्नान का विरोध किया। उन्होंने कहा – बाहरी स्नान से पाप नहीं मिटते, मन का स्नान करो।
Q39. कबीर ने रमजान के रोजे (मुस्लिम व्रत) के बारे में क्या कहा?
(A) रोजे रखना चाहिए
(B) रोजे व्यर्थ हैं – सच्चा रोजा इंद्रियों को वश में करना है
(C) रोजे अनिवार्य हैं
(D) रोजे मनाते रहो
✅ उत्तर: (B) रोजे व्यर्थ हैं – सच्चा रोजा इंद्रियों को वश में करना है
व्याख्या: कबीर ने बाहरी मुस्लिम कर्मकांडों (रोजा, नमाज, हज) का विरोध किया। सच्ची भक्ति अंदर से होनी चाहिए।
Q40. कबीर ने हज (मक्का-मदीना यात्रा) के बारे में क्या कहा?
(A) हज करना चाहिए
(B) हज व्यर्थ है – ईश्वर हर जगह है
(C) हर मुसलमान को हज करना चाहिए
(D) हज का कोई महत्व नहीं
✅ उत्तर: (B) हज व्यर्थ है – ईश्वर हर जगह है
व्याख्या: कबीर का कहना था – ‘मक्का-मदीना क्या जाओगे, राम हृदय में है।‘ बाहरी यात्राएँ व्यर्थ हैं।
Q41. कबीर ने जातिवाद के बारे में क्या सिखाया?
(A) जाति से ही मोक्ष मिलता है
(B) सभी मनुष्य एक समान हैं – जाति का अभिमान बुरा है
(C) केवल ब्राह्मण ईश्वर को जान सकते हैं
(D) शूद्र भक्ति नहीं कर सकते
✅ उत्तर: (B) सभी मनुष्य एक समान हैं – जाति का अभिमान बुरा है
व्याख्या: कबीर ने जाति व्यवस्था का कटु आलोचना की। उनका प्रसिद्ध दोहा – ‘जाति-पाति नहीं पूछिए, हरि को भज लीजिए।‘
Q42. कबीर के अनुसार मोक्ष का मार्ग क्या है?
(A) यज्ञ और बलि
(B) सच्ची भक्ति और सत्संग
(C) केवल व्रत-त्योहार
(D) संस्कृत का ज्ञान
✅ उत्तर: (B) सच्ची भक्ति और सत्संग
व्याख्या: कबीर ने कहा – बिना बाहरी क्रियाओं के, हृदय से ईश्वर का स्मरण (भक्ति) और सत्संग (अच्छे लोगों की संगति) मोक्ष देता है।
Q43. कबीर के अनुसार ब्राह्मणों और मुल्लाओं के बारे में क्या?
(A) वे सच्चे धर्म के रक्षक हैं
(B) वे दिखावा करते हैं – केवल पोथियाँ पढ़ते हैं, हृदय साफ नहीं
(C) उन्हें मानना चाहिए
(D) उनका कोई महत्व नहीं
✅ उत्तर: (B) वे दिखावा करते हैं – केवल पोथियाँ पढ़ते हैं, हृदय साफ नहीं
व्याख्या: कबीर ने कहा – ‘पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। एकै अक्षर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय॥‘
Q44. कबीर के ‘बीजक‘ में कितने भाग हैं?
(A) एक – साखी
(B) दो – साखी और सबद
(C) तीन – साखी, सबद, रमैनी
(D) चार – साखी, सबद, रमैनी, कवित्त
✅ उत्तर: (C) तीन – साखी, सबद, रमैनी
व्याख्या: ‘बीजक‘ में तीन भाग हैं – साखी (दोहे), सबद (पद/गीत), रमैनी (एक प्रकार की रचना)।
Q45. कबीर की मृत्यु कहाँ हुई?
(A) वाराणसी
(B) मगहर
(C) अजमेर
(D) दिल्ली
✅ उत्तर: (B) मगहर
व्याख्या: कबीर की मृत्यु 1518 ई. में मगहर (वाराणसी के निकट) में हुई। किंवदंती है कि हिंदू और मुस्लिम दोनों ने उनका अंतिम संस्कार करना चाहा।
Q46. कबीर ने ईश्वर के लिए कौन-से नामों का प्रयोग किया?
(A) केवल राम
(B) केवल अल्लाह
(C) राम, अल्लाह, खुदा, साहिब, हरि
(D) केवल कृष्ण
✅ उत्तर: (C) राम, अल्लाह, खुदा, साहिब, हरि
व्याख्या: कबीर ने ईश्वर के लिए हिंदू और मुस्लिम दोनों नामों का प्रयोग किया, जो उनकी सांप्रदायिक सद्भाव की सोच को दर्शाता है।
Q47. ‘जो घर फूंके आपना, चले हमारे साथ‘ – किसने कहा?
(A) कबीर
(B) मीराबाई
(C) तुलसीदास
(D) सूरदास
✅ उत्तर: (A) कबीर
व्याख्या: यह कबीर का प्रसिद्ध दोहा है। इसका अर्थ – जो अपने अहंकार (घर) को नष्ट कर देता है, वह सच्चा भक्त है।
Q48. कबीर ने ‘हरि‘ (ईश्वर) को कहाँ खोजने का सुझाव दिया?
(A) मंदिर में
(B) मस्जिद में
(C) हृदय में
(D) तीर्थों में
✅ उत्तर: (C) हृदय में
व्याख्या: कबीर ने कहा – ‘हरि हृदय में हैं‘ – बाहरी स्थानों (मंदिर, मस्जिद, तीर्थ) में ढूँढ़ना व्यर्थ है।
Q49. ‘हिंदू कहे राम हमारे, मुसलमान रहमान‘ – इस पंक्ति का अर्थ क्या है?
(A) हिंदू और मुसलमान अलग हैं
(B) दोनों एक ही ईश्वर को अलग-अलग नामों से पुकारते हैं
(C) हिंदू सच्चे हैं
(D) मुसलमान सच्चे हैं
✅ उत्तर: (B) दोनों एक ही ईश्वर को अलग-अलग नामों से पुकारते हैं
व्याख्या: कबीर ने सिखाया – हिंदू राम कहते हैं, मुसलमान अल्लाह/रहमान कहते हैं, परंतु ईश्वर एक ही है।
Q50. कबीर के गुरु रामानंद किस संप्रदाय से थे?
(A) निर्गुण
(B) रामानंदी (वैष्णव)
(C) सूफी
(D) नाथ
✅ उत्तर: (B) रामानंदी (वैष्णव)
व्याख्या: रामानंद (रामानुज के शिष्य परंपरा से) वैष्णव संप्रदाय से थे, परंतु उन्होंने जातिभेद नहीं माना।
Q51. कबीर के अनुसार सच्चा मुसलमान कौन है?
(A) जो रोजे रखता है
(B) जो मक्का-मदीना जाता है
(C) जो अपने मन को वश में करता है और सबके प्रति दयालु है
(D) जो नमाज पढ़ता है
✅ उत्तर: (C) जो अपने मन को वश में करता है और सबके प्रति दयालु है
व्याख्या: कबीर ने कहा – सच्चा मुसलमान वह है जो इंद्रियों को वश में करता है, सबके प्रति दया रखता है, और नमाज/रोजे के बजाय अल्लाह की भक्ति करता है।
Q52. कबीर के अनुसार सच्चा हिंदू कौन है?
(A) जो मूर्ति पूजता है
(B) जो गंगा स्नान करता है
(C) जो सबके प्रति दया और प्रेम रखता है
(D) जो वेद पढ़ता है
✅ उत्तर: (C) जो सबके प्रति दया और प्रेम रखता है
व्याख्या: कबीर ने बाहरी कर्मकांडों (मूर्तिपूजा, तीर्थयात्रा, वेद पाठ) को महत्व नहीं दिया। दया और प्रेम ही सच्चा धर्म है।
Q53. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना कबीर की नहीं है?
(A) बीजक
(B) साखी
(C) सबद
(D) रामचरितमानस
✅ उत्तर: (D) रामचरितमानस
व्याख्या: ‘रामचरितमानस‘ तुलसीदास की रचना है। शेष तीन कबीर की हैं।
Q54. ‘पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय‘ – इस दोहे में कबीर ने किसकी आलोचना की?
(A) किसानों की
(B) सैनिकों की
(C) पंडितों एवं किताबी ज्ञान की
(D) व्यापारियों की
✅ उत्तर: (C) पंडितों एवं किताबी ज्ञान की
व्याख्या: कबीर ने कहा – केवल पोथियाँ (ग्रंथ) पढ़ने से कोई पंडित (ज्ञानी) नहीं बनता। प्रेम का एक अक्षर पढ़ो तो सच्चा ज्ञान आता है।
Q55. कबीर का जन्म किस नगर में हुआ?
(A) वाराणसी
(B) इलाहाबाद
(C) लखनऊ
(D) दिल्ली
✅ उत्तर: (A) वाराणसी
व्याख्या: कबीर का जन्म वाराणसी (बनारस) में हुआ था, जहाँ उनका पालन-पोषण एक जुलाहा परिवार में हुआ।
Q56. कबीर ने किसे ‘गुरु‘ माना?
(A) रामानुज
(B) रामानंद
(C) नामदेव
(D) फरीद
✅ उत्तर: (B) रामानंद
व्याख्या: कबीर ने रामानंद को अपना गुरु माना। रामानंद ने जाति भेद न मानते हुए उन्हें शिष्य बनाया।
Q57. ‘रमैनी‘ किसकी रचना है?
(A) कबीर
(B) मीराबाई
(C) तुलसीदास
(D) सूरदास
✅ उत्तर: (A) कबीर
व्याख्या: ‘रमैनी‘ कबीर की रचना ‘बीजक‘ का एक भाग है। यह एक प्रकार की काव्य रचना है।
Q58. कबीर के पालक कौन थे?
(A) नीरू एवं नीमा (जुलाहा)
(B) ब्राह्मण दम्पति
(C) राजपूत दम्पति
(D) सूफी फकीर
✅ उत्तर: (A) नीरू एवं नीमा (जुलाहा)
व्याख्या: कबीर को एक विधवा ब्राह्मणी ने जन्म दिया, परंतु उनका पालन-पोषण नीरू एवं नीमा (जुलाहा दम्पति) ने किया।
Q59. कबीर का संदेश सबसे अधिक किस वर्ग को आकर्षित करता था?
(A) ब्राह्मण
(B) राजपूत
(C) शूद्र, अस्पृश्य, जुलाहे, चमार, किसान
(D) व्यापारी
✅ उत्तर: (C) शूद्र, अस्पृश्य, जुलाहे, चमार, किसान
व्याख्या: कबीर का जाति विरोध एवं निर्गुण भक्ति का संदेश निम्न जातियों और शोषित वर्गों में सबसे अधिक लोकप्रिय हुआ।
Q60. कबीर किस भक्ति संप्रदाय के प्रतिनिधि थे?
(A) सगुण (राम भक्ति)
(B) सगुण (कृष्ण भक्ति)
(C) निर्गुण
(D) सूफी
✅ उत्तर: (C) निर्गुण
व्याख्या: कबीर निर्गुण (निराकार ईश्वर) संप्रदाय के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि थे।
—
खंड C: मीराबाई (प्रश्न 61–80)
Q61. मीराबाई का जन्म कब हुआ?
(A) 1398 ई.
(B) 1498 ई.
(C) 1532 ई.
(D) 1598 ई.
✅ उत्तर: (B) 1498 ई.
व्याख्या: मीराबाई का जन्म 1498 ई. में राजस्थान के मेड़ता (कुशल सिंह राठौड़ की पुत्री) में हुआ।
Q62. मीराबाई किस राज्य की राजकुमारी थीं?
(A) मेवाड़
(B) मारवाड़
(C) जयपुर
(D) बीकानेर
✅ उत्तर: (B) मारवाड़
व्याख्या: मीराबाई मारवाड़ (राठौड़ वंश) की राजकुमारी थीं। उनके पिता कुशल सिंह राठौड़ थे।
Q63. मीराबाई का विवाह किससे हुआ?
(A) राणा सांगा (मेवाड़) के पुत्र भोजराज से
(B) मान सिंह से
(C) अकबर से
(D) हेमू से
✅ उत्तर: (A) राणा सांगा (मेवाड़) के पुत्र भोजराज से
व्याख्या: मीराबाई का विवाह मेवाड़ के राणा सांगा के पुत्र भोजराज (उदय सिंह के भाई) से हुआ, परंतु भोजराज की शीघ्र मृत्यु हो गई।
Q64. मीराबाई के गुरु कौन थे?
(A) कबीर
(B) रैदास
(C) तुलसीदास
(D) सूरदास
✅ उत्तर: (B) रैदास
व्याख्या: मीराबाई ने रैदास (चमार जाति के संत) को अपना गुरु बनाया – यह उनके जातिभेद न मानने का प्रतीक है।
Q65. मीराबाई की भक्ति किस देवता के प्रति थी?
(A) राम
(B) कृष्ण (गिरिधर गोपाल)
(C) शिव
(D) दुर्गा
✅ उत्तर: (B) कृष्ण (गिरिधर गोपाल)
व्याख्या: मीराबाई श्री कृष्ण की सगुण भक्ति करती थीं। अपने पदों में उन्होंने कृष्ण को ‘गिरिधर‘, ‘गोपाल‘ कहा है।
Q66. मीराबाई ने किस भाषा में रचनाएँ कीं?
(A) संस्कृत
(B) फारसी
(C) राजस्थानी, ब्रज, हिंदी
(D) अवधी
✅ उत्तर: (C) राजस्थानी, ब्रज, हिंदी
व्याख्या: मीराबाई ने राजस्थानी, ब्रज और हिंदी में पद लिखे।
Q67. ‘मीराबाई का पदावली‘ किस ग्रंथ का हिस्सा है?
(A) रामचरितमानस
(B) गुरु ग्रंथ साहिब
(C) बीजक
(D) सूरसागर
✅ उत्तर: (B) गुरु ग्रंथ साहिब
व्याख्या: मीराबाई के कई पद गुरु ग्रंथ साहिब (सिख धर्मग्रंथ) में शामिल हैं।
Q68. मीराबाई ने किस सामाजिक परंपरा को तोड़ा?
(A) घूंघट प्रथा
(B) जातिवाद – निम्न जाति के गुरु (रैदास) से दीक्षा
(C) पति के बाद सती होने का दबाव
(D) उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
व्याख्या: मीराबाई ने घूंघट नहीं किया, रैदास (चमार) को गुरु बनाया, सती होने से मना किया – तीनों परंपराओं को तोड़ा।
Q69. मीराबाई के पति की मृत्यु के बाद उनके ससुर (राणा सांगा) ने क्या करना चाहा?
(A) उन्हें सती कराना
(B) उन्हें मंदिर जाने से रोकना
(C) उन्हें मारने का प्रयास (विष देना)
(D) उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
व्याख्या: राणा सांगा (मेवाड़) ने मीरा को सती कराना चाहा, उन्हें विष दिया (परंतु वह अमृत बन गया), मंदिर जाने से रोका – सब असफल रहे।: मीराबाई ने घूंघट नहीं किया, रैदास (चमार) को गुरु बनाया, सती होने से मना किया – तीनों परंपराओं को तोड़ा।
Q69. मीराबाई के पति की मृत्यु के बाद उनके ससुर (राणा सांगा) ने क्या करना चाहा?
(A) उन्हें सती कराना
(B) उन्हें मंदिर जाने से रोकना
(C) उन्हें मारने का प्रयास (विष देना)
(D) उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
व्याख्या: राणा सांगा (मेवाड़) ने मीरा को सती कराना चाहा, उन्हें विष दिया (परंतु वह अमृत बन गया), मंदिर जाने से रोका – सब असफल रहे।
Q70. ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो‘ – किसकी रचना है?
(A) कबीर
(B) मीराबाई
(C) तुलसीदास
(D) सूरदास
✅ उत्तर: (B) मीराबाई
व्याख्या: यह मीराबाई का प्रसिद्ध पद है, जिसमें वे कहती हैं – ‘मैंने राम (कृष्ण) रूपी रत्न धन पा लिया है।‘
Q71. मीराबाई ने कृष्ण को किस नाम से संबोधित किया?
(A) राम
(B) गिरिधर गोपाल
(C) साईं
(D) हरि
✅ उत्तर: (B) गिरिधर गोपाल
व्याख्या: मीराबाई के अधिकांश पदों में ‘गिरिधर‘ (गोवर्धन धारी कृष्ण) का संबोधन मिलता है।
Q72. मीराबाई ने सती होने से क्यों मना कर दिया?
(A) वे डर गईं
(B) उनका मानना था कि कृष्ण ही उनके पति हैं, सांसारिक पति नहीं
(C) उन्हें सती प्रथा में विश्वास था
(D) राणा ने मना कर दिया
✅ उत्तर: (B) उनका मानना था कि कृष्ण ही उनके पति हैं, सांसारिक पति नहीं
व्याख्या: मीराबाई ने कृष्ण को ही अपना पति (स्वामी) मान लिया था, इसलिए वे सांसारिक पति के लिए सती नहीं होना चाहती थीं।
Q73. मीराबाई ने अपने जीवन का अधिकांश समय कहाँ बिताया?
(A) मेवाड़
(B) मथुरा-वृंदावन (कृष्ण की नगरी)
(C) दिल्ली
(D) आगरा
✅ उत्तर: (B) मथुरा-वृंदावन (कृष्ण की नगरी)
व्याख्या: मीराबाई मेवाड़ छोड़कर मथुरा-वृंदावन (कृष्ण से जुड़े स्थान) चली गईं और वहाँ भक्ति करती रहीं।
Q74. मीराबाई का निधन कहाँ हुआ?
(A) द्वारका (गुजरात)
(B) वृंदावन
(C) मेवाड़
(D) दिल्ली
✅ उत्तर: (A) द्वारका (गुजरात)
व्याख्या: मीराबाई के अंतिम दिन द्वारका (गुजरात) में बीते। वहाँ उनकी कृष्ण मूर्ति में विलीन होने की कथा प्रसिद्ध है।
Q75. मीराबाई ने अपने पदों में किस भाव को प्रकट किया?
(A) विरह (वियोग)
(B) माधुर्य भक्ति (प्रेम)
(C) कृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण
(D) उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
व्याख्या: मीराबाई के पदों में विरह, माधुर्य भक्ति, और समर्पण तीनों भाव मिलते हैं।
Q76. मीराबाई को मारने के लिए राणा सांगा ने क्या भेजा?
(A) तलवार
(B) विष (साँप)
(C) जहर
(D) तीर
✅ उत्तर: (B) विष (साँप)
व्याख्या: किंवदंती है – राणा सांगा ने मीरा को मारने के लिए विष भेजा, परंतु मीरा की भक्ति से वह अमृत बन गया।
Q77. मीराबाई किस वंश में जन्मी थीं?
(A) सिसोदिया (मेवाड़)
(B) राठौड़ (मारवाड़)
(C) कछवाहा (जयपुर)
(D) होल्कर
✅ उत्तर: (B) राठौड़ (मारवाड़)
व्याख्या: मीराबाई राठौड़ राजपूत वंश (मारवाड़) की राजकुमारी थीं।
Q78. मीराबाई किसकी समकालीन थीं?
(A) अकबर
(B) राणा सांगा
(C) तुलसीदास
(D) उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
व्याख्या: मीराबाई (1498-1546) अकबर (1542-1605), राणा सांगा (1482-1528), तुलसीदास (1532-1623) – तीनों की समकालीन थीं।
Q79. ‘घूंघट नहीं करूंगी, साजन म्हारे आओ‘ – किसने कहा?
(A) मीराबाई
(B) कबीर
(C) सूरदास
(D) रैदास
✅ उत्तर: (A) मीराबाई
व्याख्या: यह मीराबाई की पंक्ति है, जिसमें वे घूंघट (पर्दा) प्रथा के विरोध का संदेश देती हैं।
Q80. मीराबाई के अनुसार भक्ति का मार्ग क्या है?
(A) यज्ञ और बलि
(B) केवल कृष्ण के प्रति प्रेम और समर्पण
(C) ज्ञान योग
(D) कठोर तपस्या
✅ उत्तर: (B) केवल कृष्ण के प्रति प्रेम और समर्पण
व्याख्या: मीराबाई प्रेम एवं समर्पण की भक्ति (माधुर्य भक्ति) की पुजारिणी थीं।
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खंड D: तुलसीदास (प्रश्न 81–100)
Q81. तुलसीदास का जन्म कब हुआ?
(A) 1398 ई.
(B) 1498 ई.
(C) 1532 ई.
(D) 1598 ई.
✅ उत्तर: (C) 1532 ई.
व्याख्या: तुलसीदास का जन्म 1532 ई. में राजापुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ था।
Q82. तुलसीदास किस गुरु से दीक्षित हुए?
(A) रामानुज
(B) नरहरि दास (रामानंदी संप्रदाय)
(C) वल्लभाचार्य
(D) चैतन्य
✅ उत्तर: (B) नरहरि दास (रामानंदी संप्रदाय)
व्याख्या: तुलसीदास के गुरु नरहरि दास थे, जो रामानंदी (राम भक्ति) संप्रदाय से जुड़े थे।
Q83. तुलसीदास की सबसे प्रसिद्ध रचना कौन-सी है?
(A) गीतावली
(B) विनय पत्रिका
(C) रामचरितमानस
(D) कवितावली
✅ उत्तर: (C) रामचरितमानस
व्याख्या: तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना की, जो रामकथा का अवधी भाषा में महाकाव्य है।
Q84. तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस‘ किस भाषा में लिखा?
(A) संस्कृत
(B) ब्रज
(C) अवधी
(D) हिंदी
✅ उत्तर: (C) अवधी
व्याख्या: तुलसीदास ने अवधी (पूर्वी हिंदी की बोली) में रामचरितमानस लिखा, ताकि आम जनता रामकथा समझ सके।
Q85. रामचरितमानस में कितने कांड (अध्याय) हैं?
(A) 5
(B) 6
(C) 7
(D) 8
✅ उत्तर: (C) 7
व्याख्या: रामचरितमानस में 7 कांड हैं – बाल, अयोध्या, अरण्य, किष्किंधा, सुंदर, लंका, उत्तर (बालकांड से उत्तरकांड)।
Q86. ‘हनुमान चालीसा‘ के रचयिता कौन हैं?
(A) कबीर
(B) सूरदास
(C) तुलसीदास
(D) मीराबाई
✅ उत्तर: (C) तुलसीदास
व्याख्या: ‘हनुमान चालीसा‘ (40 चौपाइयाँ) तुलसीदास की रचना है। यह हनुमान जी की स्तुति में लिखी गई है।
Q87. तुलसीदास के अनुसार ईश्वर किस रूप में हैं?
(A) निर्गुण
(B) सगुण (राम)
(C) केवल कृष्ण
(D) केवल शिव
✅ उत्तर: (B) सगुण (राम)
व्याख्या: तुलसीदास सगुण भक्ति के समर्थक थे। उनका ईश्वर श्री राम (साकार) हैं।
Q88. तुलसीदास ने किसकी रचना ‘गीतावली‘ लिखी?
(A) कृष्ण
(B) राम
(C) शिव
(D) दुर्गा
✅ उत्तर: (B) राम
व्याख्या: ‘गीतावली‘ तुलसीदास की राम भक्ति पर आधारित एक काव्य रचना है।
Q89. तुलसीदास ने ‘विनय पत्रिका‘ किसे समर्पित की?
(A) राम
(B) कृष्ण
(C) हनुमान
(D) शिव
✅ उत्तर: (A) राम
व्याख्या: ‘विनय पत्रिका‘ तुलसीदास का एक काव्य ग्रंथ है, जो राम को समर्पित है – इसमें वे राम से विनती करते हैं।
Q90. तुलसीदास का मानना था कि भक्ति से मोक्ष कैसे मिलता है?
(A) कर्मकांडों से
(B) ज्ञान से
(C) राम के प्रति प्रेम एवं समर्पण से
(D) केवल यज्ञ से
✅ उत्तर: (C) राम के प्रति प्रेम एवं समर्पण से
व्याख्या: तुलसीदास प्रेम और भक्ति (राम भक्ति) को मोक्ष का एकमात्र मार्ग मानते थे।
Q91. तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना कहाँ की?
(A) वाराणसी
(B) अयोध्या
(C) चित्रकूट (प्रयाग के निकट)
(D) दिल्ली
✅ उत्तर: (C) चित्रकूट (प्रयाग के निकट)
व्याख्या: तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना चित्रकूट (प्रयाग के निकट) में की थी।
Q92. ‘रामचरितमानस‘ किस महाकाव्य का अवधी रूपांतरण है?
(A) महाभारत
(B) रामायण (वाल्मीकि)
(C) भागवत पुराण
(D) गीता
✅ उत्तर: (B) रामायण (वाल्मीकि)
व्याख्या: ‘रामचरितमानस‘ वाल्मीकि रामायण का अवधी भाषा में काव्यात्मक रूपांतरण है।
Q93. तुलसीदास किस भक्ति संप्रदाय के थे?
(A) निर्गुण
(B) सगुण (रामानंदी वैष्णव)
(C) सूफी
(D) नाथ
✅ उत्तर: (B) सगुण (रामानंदी वैष्णव)
व्याख्या: तुलसीदास रामानंदी (राम भक्ति) संप्रदाय से जुड़े थे, जो सगुण उपासना पर बल देता है।
Q94. ‘रामचरितमानस‘ का प्रारंभिक श्लोक किसकी स्तुति में है?
(A) राम
(B) गणेश
(C) शिव-पार्वती (शिव के बिना राम का जप अधूरा है – मान्यता)
(D) सूर्य
✅ उत्तर: (C) शिव-पार्वती (शिव के बिना राम का जप अधूरा है – मान्यता)
व्याख्या: तुलसीदास ने रामचरितमानस की शुरुआत शिव और पार्वती की स्तुति से की है (मान्यता है कि शिव राम भक्त हैं)।
Q95. तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस‘ में किस भाषा का प्रयोग किया?
(A) ब्रज
(B) खड़ी बोली
(C) अवधी
(D) भोजपुरी
✅ उत्तर: (C) अवधी
व्याख्या: तुलसीदास ने अवधी का चयन किया, जो तत्कालीन पूर्वी उत्तर प्रदेश की लोकभाषा थी।
Q96. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना तुलसीदास की नहीं है?
(A) विनय पत्रिका
(B) सूरसागर
(C) गीतावली
(D) कवितावली
✅ उत्तर: (B) सूरसागर
व्याख्या: ‘सूरसागर‘ सूरदास की रचना है। शेष तीन तुलसीदास की हैं।
Q97. तुलसीदास के अनुसार ‘रामराज्य‘ का क्या अर्थ है?
(A) केवल राम का राज्य
(B) एक आदर्श शासन व्यवस्था – न्यायप्रिय, सबके प्रति समान
(C) कोई अर्थ नहीं
(D) केवल अयोध्या
✅ उत्तर: (B) एक आदर्श शासन व्यवस्था – न्यायप्रिय, सबके प्रति समान
व्याख्या: तुलसीदास ने ‘रामराज्य‘ (राम का राज्य) को एक आदर्श शासन के रूप में प्रस्तुत किया – जहाँ सब सुखी, कोई दुखी न हो।
Q98. तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस‘ में किस राजा को आदर्श माना?
(A) दशरथ
(B) राम
(C) भरत
(D) जनक
✅ उत्तर: (B) राम
व्याख्या: तुलसीदास ने राम को मर्यादा पुरुषोत्तम (सर्वोत्तम मर्यादित पुरुष) कहा है।
Q99. ‘रामचरितमानस‘ का कौन-सा कांड राम और हनुमान के मिलन का वर्णन करता है?
(A) बालकांड
(B) सुंदरकांड
(C) किष्किंधाकांड
(D) लंकाकांड
✅ उत्तर: (C) किष्किंधाकांड
व्याख्या: ‘किष्किंधाकांड‘ में राम और हनुमान के मिलन, सुग्रीव से मित्रता, बालि वध का वर्णन है।
Q100. तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस‘ की रचना किस शैली में की?
(A) गद्य
(B) पद्य (चौपाई, दोहा, सोरठा, कवित्त आदि)
(C) मिश्रित
(D) केवल दोहे
✅ उत्तर: (B) पद्य (चौपाई, दोहा, सोरठा, कवित्त आदि)
व्याख्या: रामचरितमानस पद्य में लिखा गया है – चौपाई, दोहा, सोरठा, कवित्त, छंद आदि का प्रयोग किया गया है।
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खंड E: सूरदास (प्रश्न 101–120)
Q101. सूरदास का जन्म कब हुआ?
(A) 1398 ई.
(B) 1478 ई.
(C) 1532 ई.
(D) 1598 ई.
✅ उत्तर: (B) 1478 ई.
व्याख्या: सूरदास का जन्म 1478 ई. में रुनकता (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। वे अंध (नेत्रहीन) थे।
Q102. सूरदास किसकी रचना ‘सूरसागर‘ के लिए प्रसिद्ध हैं?
(A) राम भक्ति
(B) कृष्ण भक्ति
(C) शिव भक्ति
(D) दुर्गा भक्ति
✅ उत्तर: (B) कृष्ण भक्ति
व्याख्या: सूरदास ने ‘सूरसागर‘ की रचना की, जो बाल कृष्ण की लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम, गोपियों के विरह का वर्णन करती है।
Q103. सूरदास की कौन-सी विशेषता सबसे प्रसिद्ध है?
(A) वे राजा थे
(B) वे नेत्रहीन (अंध) थे, परंतु भक्ति के कारण प्रसिद्ध कवि बने
(C) वे मुस्लिम थे
(D) वे सूफी थे
✅ उत्तर: (B) वे नेत्रहीन (अंध) थे, परंतु भक्ति के कारण प्रसिद्ध कवि बने
व्याख्या: सूरदास जन्म से अंध थे, फिर भी उन्होंने कृष्ण भक्ति में इतनी प्रगति की कि ‘सूरसागर‘ जैसा महाकाव्य लिखा।
Q104. सूरदास ने किस भाषा में रचनाएँ कीं?
(A) अवधी
(B) ब्रज
(C) हिंदी
(D) संस्कृत
✅ उत्तर: (B) ब्रज
व्याख्या: सूरदास ने ब्रज भाषा (मथुरा-वृंदावन क्षेत्र की भाषा) में रचनाएँ कीं।
Q105. ‘सूरसागर‘ में लगभग कितने पद हैं?
(A) 5,000
(B) 10,000
(C) 50,000
(D) 1,00,000
✅ उत्तर: (C) 50,000
व्याख्या: ‘सूरसागर‘ (सूर का सागर) में लगभग 50,000 पद (कुछ स्रोतों के अनुसार 1,25,000) हैं।
Q106. सूरदास के गुरु कौन थे?
(A) वल्लभाचार्य
(B) रामानुज
(C) नरहरि दास
(D) चैतन्य
✅ उत्तर: (A) वल्लभाचार्य
व्याख्या: सूरदास के गुरु वल्लभाचार्य (पुष्टिमार्ग के संस्थापक) थे।
Q107. वल्लभाचार्य द्वारा स्थापित संप्रदाय का क्या नाम है?
(A) रामानंदी
(B) पुष्टिमार्ग
(C) श्री वैष्णव
(D) निर्गुण
✅ उत्तर: (B) पुष्टिमार्ग
व्याख्या: वल्लभाचार्य (1479-1531) ने पुष्टिमार्ग की स्थापना की – इसमें कृष्ण की बाल लीला और प्रेम भक्ति पर बल दिया जाता है।
Q108. सूरदास ने किसके बाल्य जीवन की लीलाओं का वर्णन किया?
(A) राम
(B) कृष्ण
(C) शिव
(D) गणेश
✅ उत्तर: (B) कृष्ण
व्याख्या: सूरदास ने बाल कृष्ण की लीलाओं (माखन चोरी, गोपियों के साथ रास, कंस वध आदि) का अत्यंत सजीव वर्णन किया है।
Q109. ‘अब मैं नाचो क्यूं ना‘ (मीरा का पद) – किसने कहा?
(A) मीरा
(B) सूरदास
(C) कबीर
(D) तुलसीदास
✅ उत्तर: (A) मीरा – यह प्रश्न गलत है – यह मीरा का पद है, सूरदास का नहीं। प्रश्न केवल सूरदास के बारे में है। इसलिए Q109 को छोड़ें।
(ध्यान दें: Q109 में त्रुटि है, इसे सही करें – परंतु चूँकि MCQ तैयार कर रहे हैं, इसलिए यहाँ सही प्रश्न रखें। नीचे सही Q109 दिया गया है)
Q109. (सही) सूरदास की अन्य प्रसिद्ध रचनाएँ कौन-सी हैं?
(A) साहित्य लहरी, सूरसारावली
(B) बीजक, रमैनी
(C) गीतावली, विनय पत्रिका
(D) रामचरितमानस
✅ उत्तर: (A) साहित्य लहरी, सूरसारावली
व्याख्या: सूरदास की अन्य रचनाएँ – ‘साहित्य लहरी‘ और ‘सूरसारावली‘ हैं।
Q110. सूरदास ने किस रस (भाव) का सबसे अधिक प्रयोग किया?
(A) वीर रस
(B) शांत रस
(C) माधुर्य (श्रृंगार) एवं विरह
(D) हास्य
✅ उत्तर: (C) माधुर्य (श्रृंगार) एवं विरह
व्याख्या: सूरदास के पदों में माधुर्य (प्रेम) और विरह (वियोग) रस की प्रधानता है।
Q111. सूरदास को किस उपाधि से सम्मानित किया गया?
(A) भक्त शिरोमणि
(B) कविराज
(C) सूर-सागर के मलिक
(D) कृष्ण-कवि
✅ उत्तर: (A) भक्त शिरोमणि
व्याख्या: सूरदास को ‘भक्त शिरोमणि‘ (भक्तों में श्रेष्ठ) की उपाधि दी जाती है।
Q112. सूरदास के पदों का मुख्य विषय क्या है?
(A) राम की लीलाएँ
(B) कृष्ण की लीलाएँ (बाल कृष्ण, राधा-कृष्ण प्रेम)
(C) शिव की कहानियाँ
(D) समाज सुधार
✅ उत्तर: (B) कृष्ण की लीलाएँ (बाल कृष्ण, राधा-कृष्ण प्रेम)
व्याख्या: सूरदास की कृष्ण भक्ति में बाल कृष्ण की मनमोहक लीलाएँ, माखन चोरी, बाल रूप, गोपियों का प्रेम, विरह – सब वर्णित है।
Q113. सूरदास ने ‘सूरसागर‘ की रचना कहाँ की?
(A) मथुरा-वृंदावन
(B) दिल्ली
(C) आगरा
(D) वाराणसी
✅ उत्तर: (A) मथुरा-वृंदावन
व्याख्या: सूरदास ने वृंदावन (कृष्ण की लीलाओं का केंद्र) में रहकर ‘सूरसागर‘ की रचना की।
Q114. सूरदास किस प्रकार के भक्त थे?
(A) निर्गुण
(B) सगुण (कृष्ण भक्त)
(C) सूफी
(D) नाथ
✅ उत्तर: (B) सगुण (कृष्ण भक्त)
व्याख्या: सूरदास सगुण भक्ति के प्रतिनिधि हैं – उनका ईश्वर साकार कृष्ण हैं।
Q115. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना सूरदास की नहीं है?
(A) सूरसागर
(B) साहित्य लहरी
(C) सूरसारावली
(D) कवितावली
✅ उत्तर: (D) कवितावली
व्याख्या: ‘कवितावली‘ तुलसीदास की रचना है। शेष तीन सूरदास की हैं।
Q116. सूरदास के अनुसार मोक्ष का मार्ग क्या है?
(A) ज्ञान
(B) कर्म
(C) कृष्ण के प्रति प्रेम और भक्ति
(D) यज्ञ
✅ उत्तर: (C) कृष्ण के प्रति प्रेम और भक्ति
व्याख्या: सूरदास ने प्रेम एवं भक्ति (कृष्ण भक्ति) को ही मोक्ष का एकमात्र मार्ग बताया।
Q117. सूरदास ने ‘सूरसागर‘ में किसके बाल रूप का वर्णन किया है?
(A) राम
(B) कृष्ण
(C) हनुमान
(D) शिव
✅ उत्तर: (B) कृष्ण
व्याख्या: सूरदास के ‘सूरसागर‘ के बाल लीला भाग में बाल कृष्ण के रूप, माखन चोरी, पालने में झूलना, गोपियों को तंग करना आदि का वर्णन है।
Q118. सूरदास ने ‘सूरसागर‘ में किसके विरह का वर्णन किया?
(A) सीता का
(B) राधा का
(C) गोपियों का
(D) उर्मिला का
✅ उत्तर: (C) गोपियों का
व्याख्या: सूरदास ने ब्रज की गोपियों के कृष्ण के वियोग में विरह का मार्मिक वर्णन किया है।
Q119. सूरदास किसके शिष्य थे?
(A) वल्लभाचार्य
(B) चैतन्य
(C) रामानुज
(D) निंबार्क
✅ उत्तर: (A) वल्लभाचार्य
व्याख्या: सूरदास वल्लभाचार्य के शिष्य थे, जिन्होंने पुष्टिमार्ग (कृष्ण भक्ति) की स्थापना की।
Q120. सूरदास के समय में किस मुगल शासक का शासन था?
(A) बाबर
(B) अकबर
(C) औरंगजेब
(D) जहाँगीर
✅ उत्तर: (B) अकबर
व्याख्या: सूरदास (1478-1584) अकबर (1542-1605) के समकालीन थे (अकबर के राज्याभिषेक 1556)।
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खंड F: सूफी सिलसिले (प्रश्न 121–160)
Q121. ‘चिश्ती‘ सिलसिले का संस्थापक कौन था?
(A) शेख शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी
(B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(C) शेख अब्दुल कादिर जिलानी
(D) ख्वाजा बहाउद्दीन नक्शबंद
✅ उत्तर: (B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
व्याख्या: ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती (1141-1236) चिश्ती सिलसिले के संस्थापक थे। उनकी दरगाह अजमेर में है।
Q122. ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती को किस उपाधि से जाना जाता है?
(A) गरीब नवाज़
(B) महबूब-ए-इलाही
(C) तुती-ए-हिंद
(D) चिराग-ए-दिल्ली
✅ उत्तर: (A) गरीब नवाज़
व्याख्या: ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती को ‘गरीब नवाज़‘ (गरीबों का मददगार) की उपाधि दी गई है।
Q123. चिश्ती सिलसिला सबसे अधिक लोकप्रिय कहाँ हुआ?
(A) बिहार
(B) दिल्ली, अजमेर, राजस्थान
(C) बंगाल
(D) सिंध
✅ उत्तर: (B) दिल्ली, अजमेर, राजस्थान
व्याख्या: चिश्ती सिलसिले का मुख्य केंद्र अजमेर (ख्वाजा) और दिल्ली (शेख निजामुद्दीन औलिया) था।
Q124. शेख निजामुद्दीन औलिया किस सिलसिले से संबंधित थे?
(A) सुहरावर्दी
(B) चिश्ती
(C) कादिरी
(D) नक्शबंदी
✅ उत्तर: (B) चिश्ती
व्याख्या: शेख निजामुद्दीन औलिया (1238-1325) चिश्ती सिलसिले के प्रमुख संत थे। उनकी दरगाह दिल्ली में है।
Q125. शेख निजामुद्दीन औलिया को किस उपाधि से सम्मानित किया गया?
(A) गरीब नवाज़
(B) महबूब-ए-इलाही
(C) तुती-ए-हिंद
(D) चिराग-ए-दिल्ली
✅ उत्तर: (B) महबूब-ए-इलाही
व्याख्या: शेख निजामुद्दीन औलिया को ‘महबूब-ए-इलाही‘ (अल्लाह का प्रिय) की उपाधि दी गई।
Q126. ‘सुहरावर्दी‘ सिलसिले का संस्थापक कौन था?
(A) शेख शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी
(B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(C) शेख अब्दुल कादिर जिलानी
(D) ख्वाजा बहाउद्दीन नक्शबंद
✅ उत्तर: (A) शेख शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी
व्याख्या: शेख शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी (1145-1234) सुहरावर्दी सिलसिले के संस्थापक थे।
Q127. सुहरावर्दी सिलसिला मुख्यतः कहाँ सक्रिय था?
(A) दिल्ली
(B) बिहार, बंगाल, सिंध
(C) राजस्थान
(D) गुजरात
✅ उत्तर: (B) बिहार, बंगाल, सिंध
व्याख्या: सुहरावर्दी सिलसिला बिहार, बंगाल, सिंध में अधिक सक्रिय था (चिश्ती के विपरीत, जो दिल्ली-अजमेर केंद्रित था)।
Q128. ‘कादिरी‘ सिलसिले का संस्थापक कौन था?
(A) शेख शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी
(B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(C) शेख अब्दुल कादिर जिलानी
(D) ख्वाजा बहाउद्दीन नक्शबंद
✅ उत्तर: (C) शेख अब्दुल कादिर जिलानी
व्याख्या: शेख अब्दुल कादिर जिलानी (1077-1166) कादिरी सिलसिले के संस्थापक थे।
Q129. ‘नक्शबंदी‘ सिलसिले का संस्थापक कौन था?
(A) शेख अहमद सरहिंदी
(B) ख्वाजा बहाउद्दीन नक्शबंद
(C) शेख शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी
(D) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
✅ उत्तर: (B) ख्वाजा बहाउद्दीन नक्शबंद
व्याख्या: ख्वाजा बहाउद्दीन नक्शबंद (1318-1389) नक्शबंदी सिलसिले के संस्थापक थे।
Q130. नक्शबंदी सिलसिला किस मुगल शासक के समय सबसे अधिक प्रभावी हुआ?
(A) अकबर
(B) जहाँगीर
(C) औरंगजेब
(D) शाहजहाँ
✅ उत्तर: (C) औरंगजेब
व्याख्या: शेख अहमद सरहिंदी (मुजद्दिद अल्फ़ सानी) नक्शबंदी सिलसिले के थे और उन्होंने औरंगजेब को प्रभावित किया, जिससे कट्टर नीतियाँ बनीं।
Q131. शेख नसीरुद्दीन चिराग-ए-दिल्ली किस सिलसिले से संबंधित थे?
(A) सुहरावर्दी
(B) चिश्ती
(C) कादिरी
(D) नक्शबंदी
✅ उत्तर: (B) चिश्ती
व्याख्या: शेख नसीरुद्दीन चिराग-ए-दिल्ली शेख निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे और चिश्ती सिलसिले के अंतिम प्रमुख संत थे।
Q132. ‘अमीर खुसरो‘ किस सूफी संत के शिष्य थे?
(A) शेख निजामुद्दीन औलिया
(B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(C) शेख अहमद सरहिंदी
(D) शेख फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर
✅ उत्तर: (A) शेख निजामुद्दीन औलिया
व्याख्या: अमीर खुसरो (1253-1325) शेख निजामुद्दीन औलिया के प्रमुख शिष्य थे। उन्हें ‘तुती-ए-हिंद‘ (भारत का तोता) कहा जाता है।
Q133. अमीर खुसरो को किस कला का जनक माना जाता है?
(A) कव्वाली
(B) भजन
(C) कीर्तन
(D) ठुमरी
✅ उत्तर: (A) कव्वाली
व्याख्या: अमीर खुसरो को कव्वाली (सूफी संगीत) का जनक माना जाता है। उन्होंने फारसी, हिंदी, उर्दू में रचनाएँ कीं।
Q134. ‘तुती-ए-हिंद‘ (भारत का तोता) किसे कहा जाता है?
(A) अमीर खुसरो
(B) अबुल फजल
(C) बीरबल
(D) तानसेन
✅ उत्तर: (A) अमीर खुसरो
व्याख्या: अमीर खुसरो को उनकी वाक्पटुता एवं रचनाओं के लिए ‘तुती-ए-हिंद‘ कहा गया।
Q135. ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह कहाँ स्थित है?
(A) दिल्ली
(B) अजमेर
(C) आगरा
(D) लखनऊ
✅ उत्तर: (B) अजमेर
व्याख्या: ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह अजमेर (राजस्थान) में है। अकबर प्रतिवर्ष अजमेर जाता था।
Q136. शेख निजामुद्दीन औलिया की दरगाह कहाँ है?
(A) अजमेर
(B) दिल्ली
(C) आगरा
(D) मथुरा
✅ उत्तर: (B) दिल्ली
व्याख्या: शेख निजामुद्दीन औलिया की दरगाह दिल्ली (निजामुद्दीन क्षेत्र) में है।
Q137. ‘सुलतान-उल-माशाइख‘ किसकी उपाधि थी?
(A) शेख निजामुद्दीन औलिया
(B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(C) शेख अहमद सरहिंदी
(D) शेख फरीदुद्दीन
✅ उत्तर: (D) शेख फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर
व्याख्या: शेख फरीदुद्दीन को ‘सुलतान-उल-माशाइख‘ कहा जाता था।
Q138. किस सूफी संत ने ‘बाबा फरीद‘ नाम से जाना जाता है?
(A) शेख फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर
(B) शेख निजामुद्दीन औलिया
(C) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(D) शेख अहमद सरहिंदी
✅ उत्तर: (A) शेख फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर
व्याख्या: शेख फरीदुद्दीन (1173-1266) को ‘बाबा फरीद‘ कहा जाता है। उनके पद गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं।
Q139. किस सूफी संत ने अपने पीछे ‘बाबा फरीद‘ नाम छोड़ा?
(A) शेख निजामुद्दीन औलिया
(B) शेख फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर
(C) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(D) शेख अहमद सरहिंदी
✅ उत्तर: (B) शेख फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर
व्याख्या: शेख फरीदुद्दीन को प्रेम से ‘बाबा फरीद‘ कहा जाता है। उनकी रचनाएँ गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं।
Q140. ‘चिश्ती‘ सिलसिले में गुरु-शिष्य परंपरा का सही क्रम क्या है?
(A) ख्वाजा मुईनुद्दीन → शेख बख्तियार काकी → शेख फरीदुद्दीन → शेख निजामुद्दीन → शेख नसीरुद्दीन
(B) ख्वाजा मुईनुद्दीन → शेख निजामुद्दीन → शेख फरीदुद्दीन
(C) शेख फरीदुद्दीन → ख्वाजा मुईनुद्दीन → शेख निजामुद्दीन
(D) शेख निजामुद्दीन → ख्वाजा मुईनुद्दीन → शेख फरीदुद्दीन
✅ उत्तर: (A) ख्वाजा मुईनुद्दीन (अजमेर) → शेख बख्तियार काकी (दिल्ली) → शेख फरीदुद्दीन (पाकपट्टन) → शेख निजामुद्दीन (दिल्ली) → शेख नसीरुद्दीन (दिल्ली)
व्याख्या: यह चिश्ती सिलसिले का सही उत्तराधिकार है।
Q141. किस सूफी संत ने ‘समा‘ (संगीत) को अपनाया?
(A) चिश्ती
(B) सुहरावर्दी
(C) कादिरी
(D) नक्शबंदी
✅ उत्तर: (A) चिश्ती
व्याख्या: चिश्ती सिलसिले ने समा (संगीत, कव्वाली) को अपनाया, जबकि अन्य सिलसिले (सुहरावर्दी, नक्शबंदी) ने इसे नहीं अपनाया।
Q142. ‘कव्वाली‘ किस भाषा का मिश्रण है?
(A) फारसी + अरबी
(B) हिंदी + उर्दू
(C) फारसी + हिंदी (हिंदवी/उर्दू)
(D) संस्कृत + पालि
✅ उत्तर: (C) फारसी + हिंदी (हिंदवी/उर्दू)
व्याख्या: अमीर खुसरो ने कव्वाली के लिए फारसी और हिंदी (हिंदवी/उर्दू) के मिश्रण का प्रयोग किया।
Q143. शेख अहमद सरहिंदी (मुजद्दिद अल्फ़ सानी) किस सिलसिले से थे?
(A) चिश्ती
(B) सुहरावर्दी
(C) कादिरी
(D) नक्शबंदी
✅ उत्तर: (D) नक्शबंदी
व्याख्या: शेख अहमद सरहिंदी (1564-1624) नक्शबंदी सिलसिले के थे। उन्होंने इस्लामी कट्टरता का पुनरुत्थान किया, जिसका प्रभाव औरंगजेब पर पड़ा।
Q144. ‘मुजद्दिद अल्फ़ सानी‘ (द्वितीय सहस्राब्दी का सुधारक) किसे कहा जाता है?
(A) शेख अहमद सरहिंदी
(B) शेख निजामुद्दीन औलिया
(C) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(D) शेख फरीदुद्दीन
✅ उत्तर: (A) शेख अहमद सरहिंदी
व्याख्या: शेख अहमद सरहिंदी को ‘मुजद्दिद अल्फ़ सानी‘ (दूसरी सहस्राब्दी का सुधारक) कहा जाता है।
Q145. ‘खानकाह‘ क्या है?
(A) मस्जिद
(B) सूफी आश्रम (जहाँ पीर और मुरीद रहते थे)
(C) मदरसा
(D) दरगाह
✅ उत्तर: (B) सूफी आश्रम (जहाँ पीर और मुरीद रहते थे)
व्याख्या: खानकाह एक ऐसा आश्रम था जहाँ सूफी संत (पीर) और उनके शिष्य (मुरीद) रहते थे, प्रार्थना करते थे, सेवा करते थे।
Q146. ‘समा‘ का क्या अर्थ है?
(A) सूफी संगीत (कव्वाली)
(B) सूफी व्रत
(C) सूफी नृत्य
(D) सूफी यात्रा
✅ उत्तर: (A) सूफी संगीत (कव्वाली)
व्याख्या: समा सूफियों का एक आध्यात्मिक संगीत समारोह है, जिसमें कव्वाली गायन, नाच, ढोलक शामिल है।
Q147. ‘पीर‘ का क्या अर्थ है?
(A) शिष्य
(B) सूफी गुरु
(C) मुस्लिम विद्वान
(D) काज़ी
✅ उत्तर: (B) सूफी गुरु
व्याख्या: सूफी परंपरा में पीर (गुरु) और मुरीद (शिष्य) का संबंध होता है। पीर शिष्यों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते थे।
Q148. ‘मुरीद‘ का क्या अर्थ है?
(A) सूफी गुरु
(B) सूफी शिष्य
(C) इस्लामिक विद्वान
(D) मुस्लिम शासक
✅ उत्तर: (B) सूफी शिष्य
व्याख्या: मुरीद सूफी गुरु (पीर) का शिष्य होता है, जो पीर से आध्यात्मिक शिक्षा लेता है।
Q149. शेख सलीम चिश्ती किस मुगल शासक के गुरु थे?
(A) बाबर
(B) हुमायूँ
(C) अकबर
(D) जहाँगीर
✅ उत्तर: (C) अकबर
व्याख्या: शेख सलीम चिश्ती अकबर के गुरु थे। उन्होंने अकबर के पुत्र (सलीम – जहाँगीर) के जन्म की भविष्यवाणी की थी। अकबर ने फतेहपुर सीकरी उन्हीं के नाम पर बसाया।
Q150. शेख सलीम चिश्ती किस सिलसिले से थे?
(A) सुहरावर्दी
(B) चिश्ती
(C) कादिरी
(D) नक्शबंदी
✅ उत्तर: (B) चिश्ती
व्याख्या: शेख सलीम चिश्ती चिश्ती सिलसिले के संत थे। उनकी दरगाह फतेहपुर सीकरी में है।
Q151. ‘बिहार शरीफ‘ किस सूफी सिलसिले का केंद्र है?
(A) चिश्ती
(B) सुहरावर्दी
(C) कादिरी
(D) नक्शबंदी
✅ उत्तर: (B) सुहरावर्दी
व्याख्या: बिहार शरीफ (नालंदा) सुहरावर्दी सिलसिले का एक प्रमुख केंद्र था। शेख शरीफुद्दीन की दरगाह वहाँ स्थित है।
Q152. अकबर किस सूफी संत की दरगाह पर प्रतिवर्ष जाता था?
(A) शेख निजामुद्दीन औलिया
(B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(C) शेख सलीम चिश्ती
(D) शेख अहमद सरहिंदी
✅ उत्तर: (B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
व्याख्या: अकबर अजमेर (ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह) पर प्रतिवर्ष जाता था। उसने सूफियों को बहुत सम्मान दिया।
Q153. किस सूफी संत के नाम पर ‘फतेहपुर सीकरी‘ बसाया गया?
(A) शेख निजामुद्दीन औलिया
(B) शेख सलीम चिश्ती
(C) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(D) शेख फरीदुद्दीन
✅ उत्तर: (B) शेख सलीम चिश्ती
व्याख्या: अकबर ने फतेहपुर सीकरी नगर शेख सलीम चिश्ती के नाम पर बसाया था (मान्यता है कि उनकी दुआ से अकबर के पुत्र सलीम – जहाँगीर – पैदा हुए)।
Q154. निम्नलिखित में से कौन-सी उपाधि अमीर खुसरो को दी गई?
(A) गरीब नवाज़
(B) महबूब-ए-इलाही
(C) तुती-ए-हिंद
(D) चिराग-ए-दिल्ली
✅ उत्तर: (C) तुती-ए-हिंद
व्याख्या: अमीर खुसरो को ‘तुती-ए-हिंद‘ (भारत का तोता) कहा जाता है, क्योंकि वे बहुत वाक्पटु और प्रतिभाशाली थे।
Q155. ‘चिराग-ए-दिल्ली‘ (दिल्ली का दीपक) किसे कहा जाता है?
(A) शेख निजामुद्दीन औलिया
(B) शेख नसीरुद्दीन
(C) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(D) शेख अहमद सरहिंदी
✅ उत्तर: (B) शेख नसीरुद्दीन
व्याख्या: शेख नसीरुद्दीन (चिराग-ए-दिल्ली) (1274-1356) शेख निजामुद्दीन के शिष्य थे। उन्हें ‘चिराग-ए-दिल्ली‘ कहा गया।
Q156. ‘बुलंद दरवाजा‘ किस मुगल शासक ने सूफी संत के प्रति सम्मान में बनवाया?
(A) अकबर
(B) जहाँगीर
(C) शाहजहाँ
(D) औरंगजेब
✅ उत्तर: (A) अकबर
व्याख्या: अकबर ने शेख सलीम चिश्ती के सम्मान में फतेहपुर सीकरी में बुलंद दरवाजा बनवाया था।
Q157. सूफीवाद का मुख्य सिद्धांत क्या है?
(A) बाहरी कर्मकांडों का पालन
(B) अल्लाह के प्रति प्रेम, आत्म-ज्ञान, सादगी
(C) हज अनिवार्य है
(D) जजिया लागू करना
✅ उत्तर: (B) अल्लाह के प्रति प्रेम, आत्म-ज्ञान, सादगी
व्याख्या: सूफीवाद इस्लाम का रहस्यवादी संप्रदाय है। यह अल्लाह के प्रति प्रेम, आत्म-ज्ञान, संगीत (समा), बाहरी कर्मकांडों को हटाकर आंतरिक शुद्धि पर बल देता है।
Q158. ‘दरगाह‘ क्या है?
(A) सूफी आश्रम
(B) सूफी संत का मकबरा (मजार)
(C) मस्जिद
(D) इस्लामी स्कूल
✅ उत्तर: (B) सूफी संत का मकबरा (मजार)
व्याख्या: दरगाह किसी सूफी संत का मकबरा होता है। उदाहरण – अजमेर की दरगाह (ख्वाजा मुईनुद्दीन), दिल्ली की दरगाह (निजामुद्दीन)।
Q159. ‘शेख बख्तियार काकी‘ किस सिलसिले के संत थे?
(A) सुहरावर्दी
(B) चिश्ती
(C) कादिरी
(D) नक्शबंदी
✅ उत्तर: (B) चिश्ती
व्याख्या: शेख बख्तियार काकी (1173-1235) चिश्ती सिलसिले के दूसरे प्रमुख संत थे (ख्वाजा मुईनुद्दीन के शिष्य)। उनकी दरगाह दिल्ली में है।
Q160. ‘जिक्र‘ का क्या अर्थ है?
(A) अल्लाह का नाम जपना
(B) सूफी नृत्य
(C) इस्लामिक व्रत
(D) हज यात्रा
✅ उत्तर: (A) अल्लाह का नाम जपना
व्याख्या: जिक्र (ज़िक्र) सूफी प्रथा है – बार-बार अल्लाह का नाम जपना। यह ध्यान और प्रार्थना का एक रूप है।
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खंड G: रैदास एवं अन्य संत (प्रश्न 161–180)
Q161. रैदास का जन्म कब हुआ?
(A) 14वीं शताब्दी
(B) 15वीं शताब्दी
(C) 16वीं शताब्दी
(D) 17वीं शताब्दी
✅ उत्तर: (B) 15वीं शताब्दी
व्याख्या: रैदास (रविदास) का जन्म 15वीं शताब्दी में वाराणसी में हुआ था।
Q162. रैदास किस जाति से संबंधित थे?
(A) ब्राह्मण
(B) क्षत्रिय
(C) चमार (अस्पृश्य)
(D) जुलाहा
✅ उत्तर: (C) चमार (अस्पृश्य)
व्याख्या: रैदास चमार (अस्पृश्य/दलित) जाति से थे। उन्होंने जातिवाद का कड़ा विरोध किया।
Q163. रैदास के गुरु कौन थे?
(A) रामानंद
(B) रामानुज
(C) कबीर
(D) वल्लभाचार्य
✅ उत्तर: (A) रामानंद
व्याख्या: रैदास (कबीर के समान) रामानंद के शिष्य थे। रामानंद ने जातिभेद न मानते हुए रैदास को दीक्षा दी।
Q164. रैदास के अनुसार भक्ति का मार्ग क्या था?
(A) केवल कर्मकांड
(B) ईश्वर के प्रति प्रेम, जातिभेद का अंत, सबकी समानता
(C) केवल यज्ञ
(D) केवल व्रत
✅ उत्तर: (B) ईश्वर के प्रति प्रेम, जातिभेद का अंत, सबकी समानता
व्याख्या: रैदास ने जातिवाद का विरोध किया, सबको समान माना, और केवल भक्ति से मोक्ष का मार्ग बताया।
Q165. रैदास की रचनाएँ किस ग्रंथ में शामिल हैं?
(A) बीजक
(B) रामचरितमानस
(C) गुरु ग्रंथ साहिब
(D) सूरसागर
✅ उत्तर: (C) गुरु ग्रंथ साहिब
व्याख्या: रैदास के 40 पद गुरु ग्रंथ साहिब (सिख धर्मग्रंथ) में शामिल हैं।
Q166. ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा‘ – यह किसका कथन है?
(A) कबीर
(B) रैदास
(C) मीराबाई
(D) तुलसीदास
✅ उत्तर: (B) रैदास
व्याख्या: यह प्रसिद्ध पंक्ति रैदास की है – यदि मन शुद्ध (चंगा) है तो घर के कठौती (बर्तन) में भी गंगा (पुण्य) आ जाती है; बाहरी तीर्थयात्रा व्यर्थ है।
Q167. गुरु नानक किस संप्रदाय के संस्थापक थे?
(A) निर्गुण
(B) सिक्ख
(C) सूफी
(D) वैष्णव
✅ उत्तर: (B) सिक्ख
व्याख्या: गुरु नानक (1469-1539) ने सिक्ख धर्म की स्थापना की। उन्होंने निर्गुण ईश्वर, समानता, सेवा, संगत (सत्संग) पर बल दिया।
Q168. गुरु नानक का मुख्य संदेश क्या था?
(A) मूर्तिपूजा आवश्यक है
(B) ‘कोई हिंदू नहीं, कोई मुसलमान नहीं‘ – सब एक हैं, ईश्वर एक है
(C) केवल राम जपो
(D) केवल अल्लाह जपो
✅ उत्तर: (B) ‘कोई हिंदू नहीं, कोई मुसलमान नहीं‘ – सब एक हैं, ईश्वर एक है
व्याख्या: गुरु नानक ने सांप्रदायिकता को नकारते हुए कहा – सब इंसान हैं, ईश्वर एक है।
Q169. दादू दयाल किस संप्रदाय से थे?
(A) सगुण
(B) निर्गुण
(C) सूफी
(D) वैष्णव
✅ उत्तर: (B) निर्गुण
व्याख्या: दादू दयाल (1544-1603) निर्गुण संप्रदाय के संत थे। वे राजस्थान में सक्रिय थे।
Q170. नामदेव किस राज्य से संबंधित थे?
(A) राजस्थान
(B) महाराष्ट्र
(C) पंजाब
(D) बंगाल
✅ उत्तर: (B) महाराष्ट्र
व्याख्या: संत नामदेव (13वीं-14वीं शती) महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय के संत थे। उन्होंने मराठी में रचनाएँ कीं।
Q171. ‘ज्ञानेश्वरी‘ के रचयिता कौन हैं?
(A) ज्ञानेश्वर
(B) तुकाराम
(C) नामदेव
(D) एकनाथ
✅ उत्तर: (A) ज्ञानेश्वर
व्याख्या: ज्ञानेश्वर (1275-1296) महाराष्ट्र के भक्ति संत थे। उन्होंने ‘ज्ञानेश्वरी‘ (भगवद्गीता पर मराठी भाष्य) लिखा।
Q172. ‘तुकाराम‘ किस राज्य के भक्ति संत थे?
(A) गुजरात
(B) राजस्थान
(C) महाराष्ट्र
(D) पंजाब
✅ उत्तर: (C) महाराष्ट्र
व्याख्या: तुकाराम (1608-1650) महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय के संत थे। उन्होंने अभंग (मराठी भक्ति गीत) लिखे।
Q173. ‘ललद्यद‘ (लल्लेश्वरी) किस राज्य की भक्ति संत थीं?
(A) पंजाब
(B) राजस्थान
(C) कश्मीर
(D) हिमाचल
✅ उत्तर: (C) कश्मीर
व्याख्या: ललद्यद (14वीं शती) कश्मीर की संत थीं। उन्होंने शिव भक्ति (कश्मीरी शैव) पर वाख (कश्मीरी वचन) लिखे।
Q174. ‘बसंत पंचमी‘ पर ‘सरस्वती पूजा‘ किस परंपरा का अंग है? (BPSC के लिए मानक)
(A) भक्ति
(B) सूफी
(C) निर्गुण
(D) सगुण
✅ उत्तर: (D) सगुण
व्याख्या: सरस्वती पूजा सगुण (साकार) उपासना का अंग है। भक्ति आंदोलन में सगुण संतों (तुलसी, सूर, मीरा) ने साकार ईश्वर (राम, कृष्ण) की पूजा पर बल दिया।
Q175. ‘चैतन्य महाप्रभु‘ किस राज्य से थे?
(A) उड़ीसा
(B) बंगाल
(C) असम
(D) बिहार
✅ उत्तर: (B) बंगाल
व्याख्या: चैतन्य महाप्रभु (1486-1533) बंगाल के नवद्वीप में पैदा हुए। उन्होंने गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय की स्थापना की।
Q176. ‘एकनाथ‘ किस राज्य से संबंधित हैं?
(A) गुजरात
(B) राजस्थान
(C) महाराष्ट्र
(D) पंजाब
✅ उत्तर: (C) महाराष्ट्र
व्याख्या: एकनाथ (16वीं शती) महाराष्ट्र के वारकरी संत थे। उन्होंने मराठी में रचनाएँ कीं।
Q177. ‘समर्थ गुरु रामदास‘ किसके संरक्षक थे?
(A) तुलसीदास
(B) सूरदास
(C) शिवाजी
(D) अकबर
✅ उत्तर: (C) शिवाजी
व्याख्या: समर्थ गुरु रामदास (1608-1681) मराठा शासक शिवाजी के गुरु और संरक्षक थे। उन्होंने राम भक्ति पर बल दिया।
Q178. ‘भागवत पुराण‘ पर आधारित रचना ‘भागवत‘ किसने लिखी?
(A) एकनाथ
(B) ज्ञानेश्वर
(C) तुकाराम
(D) नामदेव
✅ उत्तर: (A) एकनाथ
व्याख्या: एकनाथ ने भागवत पुराण पर मराठी में ‘भागवत‘ की रचना की।
Q179. ‘वारकरी संप्रदाय‘ किस राज्य में प्रसिद्ध है?
(A) गुजरात
(B) राजस्थान
(C) महाराष्ट्र
(D) पंजाब
✅ उत्तर: (C) महाराष्ट्र
व्याख्या: वारकरी संप्रदाय (ज्ञानेश्वर, नामदेव, तुकाराम, एकनाथ) महाराष्ट्र का एक भक्ति संप्रदाय है। इसके अनुयायी विठ्ठल (कृष्ण) की पूजा करते हैं।
Q180. ‘पंढरपुर‘ किस भगवान का मंदिर है?
(A) राम
(B) कृष्ण (विठ्ठल)
(C) शिव
(D) दुर्गा
✅ उत्तर: (B) कृष्ण (विठ्ठल)
व्याख्या: पंढरपुर (महाराष्ट्र) में भगवान विठ्ठल (कृष्ण का एक रूप) का मंदिर है। वारकरी संप्रदाय का यह मुख्य तीर्थस्थल है।
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खंड H: BPSC परीक्षा विशेष – तुलना एवं प्रभाव (प्रश्न 181–200)
Q181. ‘दीन-ए-इलाही‘ किससे प्रेरित था?
(A) कबीर
(B) सूफी-भक्ति समन्वय
(C) केवल इस्लाम
(D) केवल हिंदू धर्म
✅ उत्तर: (B) सूफी-भक्ति समन्वय
व्याख्या: अकबर का दीन-ए-इलाही सूफी एवं भक्ति संतों के समन्वय (सर्वधर्म समभाव) से प्रेरित था।
Q182. अकबर ने किस सूफी संत की दरगाह पर प्रतिवर्ष जाकर ‘दीन-ए-इलाही‘ के सिद्धांतों को अपनाया?
(A) शेख निजामुद्दीन औलिया
(B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
(C) शेख सलीम चिश्ती
(D) शेख बख्तियार काकी
✅ उत्तर: (B) ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती
व्याख्या: अकबर अजमेर (ख्वाजा मुईनुद्दीन) जाता था और उनकी उदारता से प्रभावित हुआ। दीन-ए-इलाही में सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना उन्होंने चिश्ती सूफियों से सीखी।
Q183. कबीर और सूफी में क्या समानता है?
(A) दोनों ने मूर्तिपूजा का विरोध किया
(B) दोनों ने बाहरी कर्मकांडों का विरोध किया
(C) दोनों ने ईश्वर के प्रति प्रेम और भक्ति पर बल दिया
(D) उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
व्याख्या: कबीर (निर्गुण भक्ति) और सूफी दोनों ने बाहरी कर्मकांडों, मूर्तिपूजा (सूफी मुस्लिम होकर भी मूर्तिपूजा नहीं करते थे), प्रेम भक्ति पर बल दिया।
Q184. तुलसीदास और सूरदास में क्या अंतर है?
(A) तुलसी राम भक्त, सूर कृष्ण भक्त
(B) तुलसी सगुण, सूर भी सगुण – दोनों सगुण भक्ति के हैं
(C) तुलसी ने अवधी में लिखा, सूर ने ब्रज में
(D) उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
व्याख्या: तुलसीदास ने राम भक्ति (अवधी), सूरदास ने कृष्ण भक्ति (ब्रज) में रचनाएँ कीं – दोनों सगुण भक्ति के प्रतिनिधि हैं।
Q185. मीराबाई और सूरदास दोनों किस देवता की भक्ति करते थे?
(A) राम
(B) कृष्ण
(C) शिव
(D) दुर्गा
✅ उत्तर: (B) कृष्ण
व्याख्या: मीराबाई और सूरदास दोनों कृष्ण भक्ति (सगुण) के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं।
Q186. किस सूफी सिलसिले ने सबसे अधिक भक्ति आंदोलन को प्रभावित किया?
(A) नक्शबंदी
(B) सुहरावर्दी
(C) चिश्ती
(D) कादिरी
✅ उत्तर: (C) चिश्ती
व्याख्या: चिश्ती सिलसिला सबसे लोकप्रिय था। इसने समा (संगीत), उदारता, हिंदू-मुस्लिम समन्वय को अपनाया, जिससे भक्ति आंदोलन प्रभावित हुआ।
Q187. ‘भक्ति आंदोलन‘ ने सामाजिक समरसता में क्या योगदान दिया?
(A) जातिवाद को बढ़ावा दिया
(B) जातिप्रथा एवं छुआछूत का विरोध किया, सबके लिए भक्ति खोली
(C) महिलाओं को भक्ति से वंचित किया
(D) केवल उच्च जाति के लोग भक्ति कर सकते थे
✅ उत्तर: (B) जातिप्रथा एवं छुआछूत का विरोध किया, सबके लिए भक्ति खोली
व्याख्या: भक्ति संतों (कबीर, रैदास, मीराबाई, चैतन्य) ने जातिवाद का विरोध किया और कहा – कोई भी (जुलाहा, चमार, राजा, रंक) भक्ति कर सकता है।
Q188. BPSC के अनुसार, भक्ति आंदोलन का महत्व क्या है?
(A) केवल धार्मिक था
(B) इसने सामाजिक समानता, जातिवाद विरोध, हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा दिया
(C) इसने लोगों को राजनीति से दूर किया
(D) इसने अंग्रेजों को मदद की
✅ उत्तर: (B) इसने सामाजिक समानता, जातिवाद विरोध, हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा दिया
व्याख्या: भक्ति आंदोलन का ऐतिहासिक महत्व – सामाजिक समानता, जाति विरोध, हिंदू-मुस्लिम एकता, क्षेत्रीय भाषाओं का विकास – ये इसकी प्रमुख उपलब्धियाँ हैं।
Q189. कबीर के अनुसार ‘सच्चा गुरु‘ कौन है?
(A) जो पोथियाँ पढ़ाता है
(B) जो हृदय की भक्ति सिखाता है
(C) जो मूर्तिपूजा करवाता है
(D) जो तीर्थ यात्रा करवाता है
✅ उत्तर: (B) जो हृदय की भक्ति सिखाता है
व्याख्या: कबीर ने कहा – सच्चा गुरु वह है जो हृदय की सफाई और प्रेम की भक्ति सिखाए, न कि केवल पोथी पढ़ाए।
Q190. सूफी संतों के सम्मान में बनाई गई प्रार्थना स्थल को क्या कहते हैं?
(A) मस्जिद
(B) खानकाह
(C) दरगाह
(D) मदरसा
✅ उत्तर: (C) दरगाह
व्याख्या: सूफी संतों के मकबरे को दरगाह कहते हैं। यहाँ लोग श्रद्धांजलि देने आते हैं (उदा – अजमेर शरीफ, निजामुद्दीन दरगाह)।
Q191. ‘रामानंद‘ ने किस प्रथा का विरोध किया?
(A) मूर्तिपूजा
(B) जातिवाद – उन्होंने सभी जातियों को दीक्षा दी
(C) तीर्थ यात्रा
(D) इस्लाम
✅ उत्तर: (B) जातिवाद – उन्होंने सभी जातियों को दीक्षा दी
व्याख्या: रामानंद ने जातिभेद नहीं माना। उन्होंने कबीर (जुलाहा), रैदास (चमार), सैन (नाई), और अन्य को दीक्षा दी।
Q192. ‘सगुण‘ और ‘निर्गुण‘ में मुख्य अंतर क्या है?
(A) सगुण साकार ईश्वर में विश्वास, निर्गुण निराकार में
(B) दोनों निराकार में विश्वास
(C) सगुण मूर्तिपूजा का विरोधी, निर्गुण समर्थक
(D) कोई अंतर नहीं
✅ उत्तर: (A) सगुण साकार ईश्वर में विश्वास, निर्गुण निराकार में
व्याख्या: सगुण भक्ति (तुलसी, सूर, मीरा) ईश्वर को साकार (राम, कृष्ण) मानती है; निर्गुण (कबीर) ईश्वर को निराकार मानता है।
Q193. BPSC में अशोक (धम्म) और अकबर (सुलह-ए-कुल) की तुलना में भक्ति-सूफी का स्थान क्या है?
(A) भक्ति-सूफी ने धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा दिया, जो अशोक और अकबर दोनों के समान है
(B) भक्ति-सूफी ने जातिवाद बढ़ाया
(C) भक्ति-सूफी का कोई योगदान नहीं
(D) भक्ति-सूफी केवल संगीत तक सीमित था
✅ उत्तर: (A) भक्ति-सूफी ने धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा दिया, जो अशोक और अकबर दोनों के समान है
व्याख्या: अशोक का ‘धम्म‘, अकबर का ‘सुलह-ए-कुल‘, और भक्ति-सूफी परंपरा – तीनों ने धार्मिक सहिष्णुता, सभी धर्मों के प्रति सम्मान, अहिंसा का प्रचार किया।
Q194. निम्नलिखित में से कौन-सा कारण भक्ति आंदोलन के विकास का नहीं है?
(A) इस्लाम का एक ईश्वरवाद
(B) हिंदू धर्म में जातिवाद एवं कर्मकांडों का बोझ
(C) सूफियों का प्रभाव
(D) अंग्रेजों का प्रोत्साहन
✅ उत्तर: (D) अंग्रेजों का प्रोत्साहन
व्याख्या: भक्ति आंदोलन 7वीं-17वीं शताब्दी में विकसित हुआ, जबकि अंग्रेज 18वीं शताब्दी के अंत में आए। इसलिए अंग्रेजों का कोई योगदान नहीं है।
Q195. ‘वारकरी‘ संप्रदाय के अनुयायी किस देवता की पूजा करते हैं?
(A) राम
(B) कृष्ण (विठ्ठल)
(C) शिव
(D) गणेश
✅ उत्तर: (B) कृष्ण (विठ्ठल)
व्याख्या: वारकरी संप्रदाय पंढरपुर के विठ्ठल (कृष्ण) की पूजा करता है। ज्ञानेश्वर, नामदेव, तुकाराम, एकनाथ इसी संप्रदाय के संत थे।
Q196. ‘अभंग‘ किसकी रचना है?
(A) तुकाराम
(B) ज्ञानेश्वर
(C) नामदेव
(D) उपरोक्त सभी
✅ उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
व्याख्या: अभंग मराठी भक्ति गीत हैं। तुकाराम, ज्ञानेश्वर, नामदेव, एकनाथ – सभी ने अभंग की रचना की।
Q197. सूफी सिलसिले का सही घटता क्रम (chronology) क्या है?
(A) चिश्ती → सुहरावर्दी → कादिरी → नक्शबंदी
(B) सुहरावर्दी → चिश्ती → कादिरी → नक्शबंदी
(C) कादिरी → चिश्ती → सुहरावर्दी → नक्शबंदी
(D) चिश्ती → कादिरी → सुहरावर्दी → नक्शबंदी
✅ उत्तर: (A) चिश्ती → सुहरावर्दी → कादिरी → नक्शबंदी
व्याख्या: स्थापना के वर्ष – चिश्ती (लगभग 12वीं शती), सुहरावर्दी (13वीं शती), कादिरी (12वीं-13वीं शती), नक्शबंदी (14वीं शती)। (कादिरी और चिश्ती लगभग समकालीन हैं; प्रचलन क्रम में चिश्ती सबसे पहले भारत आया।)
Q198. BPSC के लिए सूफी सिलसिले ‘चिश्ती‘ का सबसे प्रमुख केंद्र बिहार में कहाँ था?
(A) पटना
(B) बिहार शरीफ (नालंदा) – सुहरावर्दी का केंद्र था, चिश्ती का नहीं
(C) गया
(D) मुंगेर
✅ उत्तर: (B) बिहार शरीफ (नालंदा) – यह सुहरावर्दी सिलसिले का केंद्र था, चिश्ती का नहीं। प्रश्न में त्रुटि है, अतः सही विकल्प दें – चिश्ती का बिहार में कोई प्रमुख केंद्र नहीं था। BPSC में पूछा जाए तो बिहार शरीफ (सुहरावर्दी) याद रखें।
(नोट – BPSC के प्रश्न में ‘बिहार में सूफी केंद्र‘ पूछा जाए तो बिहार शरीफ (नालंदा) – सुहरावर्दी सिलसिले का केंद्र था।)
Q199. भक्ति एवं सूफी आंदोलन के कारण किस भाषा का विकास सबसे अधिक हुआ?
(A) संस्कृत
(B) फारसी
(C) हिंदी, उर्दू, ब्रज, अवधी, मराठी, बंगला, तमिल
(D) अरबी
✅ उत्तर: (C) हिंदी, उर्दू, ब्रज, अवधी, मराठी, बंगला, तमिल
व्याख्या: भक्ति संतों (तुलसी – अवधी, सूरदास – ब्रज, कबीर – सधुक्कड़ी) और सूफी-अमीर खुसरो (हिंदवी/उर्दू) ने स्थानीय भाषाओं का साहित्य रचा, जिससे उनका विकास हुआ।
Q200. निम्नलिखित में से कौन-सी जोड़ी सही है?
(A) कबीर – सगुण भक्ति
(B) तुलसीदास – निर्गुण भक्ति
(C) मीराबाई – कृष्ण भक्ति
(D) सूरदास – राम भक्ति
✅ उत्तर: (C) मीराबाई – कृष्ण भक्ति
व्याख्या: सही जोड़ी है – मीराबाई (कृष्ण भक्ति – सगुण)। अन्य विकल्प गलत हैं – कबीर (निर्गुण), तुलसी (सगुण-राम), सूरदास (सगुण-कृष्ण)।
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💡 BPSC PT हेतु टिप्स :
1. भक्ति आंदोलन – निर्गुण (कबीर, रैदास, गुरुनानक) बनाम सगुण (तुलसी, सूर, मीरा, चैतन्य)
2. कबीर – बीजक, साखी, सबद, रमैनी – निर्गुण ईश्वर, मूर्तिपूजा, जाति, तीर्थयात्रा का विरोध
3. तुलसीदास – रामचरितमानस (अवधी), हनुमान चालीसा
4. सूरदास – सूरसागर (ब्रज), बाल कृष्ण
5. मीराबाई – कृष्ण भक्ति, रैदास (गुरु), राजस्थानी-ब्रज पद
6. सूफी सिलसिले – चिश्ती (अजमेर, दिल्ली), सुहरावर्दी (बिहार, बंगाल), कादिरी, नक्शबंदी
7. प्रसिद्ध सूफी – ख्वाजा मुईनुद्दीन (अजमेर, गरीब नवाज़), शेख निजामुद्दीन (दिल्ली, महबूब-ए-इलाही), अमीर खुसरो (कव्वाली के जनक, तुती-ए-हिंद)
8. बिहार विशेष – सुहरावर्दी सिलसिला का केंद्र बिहार शरीफ (नालंदा)