प्राचीन बिहार का इतिहास – महत्वपूर्ण बिंदु

  1. परिचय एवं भौगोलिक महत्व

· नामोत्पत्ति: ‘बिहार’ शब्द ‘विहार’ (बौद्ध भिक्षुओं का निवास स्थान) से बना है।
· प्राचीन नाम: बिहार के क्षेत्र प्राचीन काल में मगध, अंग, वज्जि, मिथिला, विदेह जैसे महाजनपदों का केंद्र थे।
· राजधानी: पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) सदियों तक भारत की राजधानी रहा।
· प्राकृतिक सीमाएँ: उत्तर में गंगा, दक्षिण में विंध्य पर्वत, पूर्व में चम्पा नदी, पश्चिम में सोन नदी और राजगीर की पाँच पहाड़ियाँ।

  1. प्राचीनतम मानव बस्तियाँ (अभिराम और राजगीर)

· चिरांड (सारण जिला): बिहार का सबसे प्राचीन स्थल। यह नवपाषाण काल की पहली ज्ञात साइट है। यहाँ 2500-1500 ईसा पूर्व के निओलिथिक उपकरण मिले हैं।
· चेचर (वैशाली): नवपाषाण एवं ताम्रपाषाण दोनों काल के अवशेष मिले हैं।
· ताराडीह (गया): ताम्रपाषाण काल के प्रमाण मिले हैं।
· पुरापाषाण स्थल: मुंगेर और नालंदा में।

  1. षोडश महाजनपदों में बिहार के चार प्रमुख क्षेत्र

महाजनपद राजधानी विशेषताएँ
मगध राजगृह (राजगीर)/पाटलिपुत्र सबसे शक्तिशाली, बिम्बिसार एवं अजातशत्रु ने इसे साम्राज्य बनाया। गौतम बुद्ध एवं महावीर ने यहाँ उपदेश दिए।
अंग चम्पा (भागलपुर) प्राचीन काल का प्रमुख व्यापारिक केंद्र। मगध द्वारा सर्वप्रथम जीता गया।
वज्जि (गणतंत्र) वैशाली विश्व का प्रथम गणतंत्र। लिच्छवियों का शासन, जिनके प्रतिनिधि सभा के माध्यम से राज्य चलते थे।
विदेह/मिथिला जनकपुर (नेपाल) राजा जनक की भूमि, ज्ञान एवं दर्शन का प्रमुख केंद्र।

  1. मगध साम्राज्य का उदय एवं प्रमुख वंश

(क) हर्यंक वंश (544 ईसा पूर्व – 413 ईसा पूर्व)

· बिम्बिसार: मगध साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक एवं बुद्ध का समकालीन। उसने अंग को मगध में मिलाया।
· अजातशत्रु: पिता बिम्बिसार का वध कर गद्दी पर बैठा। लिच्छवी गणराज्य को हराया तथा पाटलिपुत्र नगर का निर्माण प्रारम्भ किया।
· उदयिन: अजातशत्रु का पुत्र, उसने पाटलिपुत्र (पटना) को राजधानी बनाया।

(ख) शिशुनाग वंश (413 ईसा पूर्व – 345 ईसा पूर्व)

· शिशुनाग वंश ने अवंति राज्य को जीतकर मगध का विस्तार किया।
· शिशुनाग ने मगध को एक स्थिर एवं शक्तिशाली राज्य बनाने का कार्य किया।

(ग) नंद वंश (345 ईसा पूर्व – 321 ईसा पूर्व)

· महापद्मनंद नंद वंश का संस्थापक एवं प्रथम सम्राट था。
· नंद वंश की विशाल सेना एवं अपार संपदा के कारण इसे ‘भारत का प्रथम साम्राज्यवादी वंश’ माना जाता है।
· नंद वंश के अंतिम शासक घनानंद थे, जिसे चंद्रगुप्त मौर्य ने पराजित किया।

(घ) मौर्य वंश (322 ईसा पूर्व – 185 ईसा पूर्व)

· चंद्रगुप्त मौर्य: मौर्य साम्राज्य का संस्थापक (322 ईसा पूर्व)। उसने घनानंद को हराकर नंद वंश का अंत किया और पूरे उत्तर भारत पर अधिकार स्थापित किया।
· बिन्दुसार: चंद्रगुप्त का पुत्र। उसने दक्षिण भारत के अधिकांश भाग पर विजय प्राप्त की। उसे ‘अमित्रघात’ कहा जाता था।
· अशोक महान (268-232 ईसा पूर्व) : कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपनाया। उसने धम्म के प्रचार-प्रसार के लिए शिलालेख, स्तंभ एवं धम्म महामात्र बनाए। उसके द्वारा पाटलिपुत्र में तीसरी बौद्ध संगीति का आयोजन किया गया।

(च) गुप्त वंश – साम्राज्य का पुनरुदय

· श्रीगुप्त: गुप्त वंश का संस्थापक।
· चंद्रगुप्त प्रथम: प्रथम महान गुप्त शासक। उसने ‘महाराजाधिराज’ की उपाधि धारण की।
· समुद्रगुप्त: महान सेनानायक एवं कवि। उसे ‘भारत का नेपोलियन’ कहा जाता है।
· चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) : गुप्त वंश का सबसे शक्तिशाली शासक। अपने शासनकाल में कला एवं साहित्य का विकास चरम पर पहुंच गया।

कौशल टिप:

· क्षेत्र: मगध (दक्षिण बिहार), वंश: हर्यंक → शिशुनाग → नंद → मौर्य।
· याद रखने वाली तिथियाँ: बिम्बिसार (544 ईपू), पाटलिपुत्र स्थापना (उदयिन), अशोक (268-232 ईपू)।

  1. बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म से संबंधित महत्व

· बिहार बौद्ध धर्म का जन्म स्थान है। भगवान बुद्ध को बोधगया (गया जिला) में ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
· प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन राजगीर में अजातशत्रु के संरक्षण में 483 ईसा पूर्व किया गया था।
· द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन वैशाली में कालाशोक के शासनकाल में 383 ईसा पूर्व किया गया था।
· तीसरी बौद्ध संगीति का आयोजन पाटलिपुत्र (पटना) में अशोक महान के संरक्षण में 250 ईसा पूर्व मोग्गलिपुत्त तिस्स के नेतृत्व में हुआ।
· चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन कुंडलवन (श्रीनगर, कश्मीर) में कनिष्क के शासनकाल में हुआ, अतः यह बिहार से संबंधित नहीं है।
· जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर का जन्म वैशाली के निकट कुण्डग्राम में हुआ था।
· भगवान महावीर ने राजगीर के निकट रामशिला पर्वत पर तपस्या की थी।

  1. प्रमुख शिक्षा केंद्र – नालंदा विश्वविद्यालय

· स्थापना: गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम (के प्रथम) द्वारा 5वीं शताब्दी ईस्वी में。
· स्थिति: राजगीर, बिहार के समीप。
· विशेषता: विश्व का प्रथम आवासीय विश्वविद्यालय(1st Residential University)。 यहाँ चीन, कोरिया, जापान, तिब्बत, श्रीलंका आदि देशों के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने आते थे।
· प्रसिद्ध चीनी यात्री: ह्वेनसांग (हर्षवर्धन के शासनकाल), इत्सिंग ने इस विश्वविद्यालय में अध्ययन किया।
· विनाश: लगभग 1200 ईस्वी में मोहम्मद बिन बख्तियार खिलजी द्वारा इसे जलाकर नष्ट कर दिया गया。
· पुनः स्थापना: बिहार सरकार ने इसे वर्ष 2014 में पुनः स्थापित किया।

  1. प्राचीन ग्रंथों का बिहार से संबंध

· भगवती सूत्र: इस जैन ग्रंथ में 16 महाजनपदों की विस्तृत जानकारी प्राप्त होती है。
· भद्रबाहु चरित (जैन ग्रंथ) : इसमें जैन आचार्य भद्रबाहु चरित एवं चंद्रगुप्त मौर्य के जीवन पर प्रकाश डाला गया है。
· परिशिष्टपर्वण: सबसे प्रमुख जैन ग्रंथ (12वीं शताब्दी में लिखित)।
· मिलिंदपन्हो: यह ग्रंथ इंडो-ग्रीक राजा मिलिंद (मिनांडर) एवं बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच संवाद पर आधारित है।


भाग 2:

BPSC परीक्षा में पूछे गए प्रश्न (PYQs) एवं व्याख्या

प्रश्न 1 → (BPSC 71वीं प्रीलिम्स) नालंदा विश्वविद्यालय को बिहार में किस वर्ष पुनः स्थापित किया गया था?
(A) 2007 (B) 2010 (C) 2012 (D) 2014
✅ सही उत्तर: D (2014)

व्याख्या: हालाँकि नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम 2010 में पारित किया गया था, लेकिन आधिकारिक शैक्षणिक सत्र सितम्बर 2014 में प्रारम्भ हुआ। इस परीक्षा के अनुसार विकल्प 2014 सही है。


प्रश्न 2 → (BPSC 68वीं प्रीलिम्स) प्राचीन काल में गंगा के दक्षिण का क्षेत्र किस नाम से जाना जाता था?
(A) तक्षशिला (B) चोल (C) अनार्त (D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
✅ सही उत्तर: D (उपर्युक्त में से कोई नहीं)

व्याख्या: प्राचीन काल में गंगा के दक्षिण का क्षेत्र मगध एवं अंग के नाम से जाना जाता था। दिए गए विकल्पों में से तक्षशिला (गांधार – पाकिस्तान), चोल (दक्षिण भारत) एवं अनार्त (गुजरात) है, अतः कोई भी विकल्प सही नहीं है。


प्रश्न 3 → (BPSC 70वीं प्रीलिम्स, 2024) शिशुनाग वंश के बाद किस वंश ने मगध (बिहार) पर शासन किया?
(A) मौर्य वंश (B) शुंग वंश (C) नंद वंश (D) इनमें से कोई नहीं
✅ सही उत्तर: C (नंद वंश)

व्याख्या: नंद वंश ने शिशुनाग वंश के बाद मगध पर शासन किया। इसका संस्थापक महापद्मनंद था। मौर्य वंश (चंद्रगुप्त) ने नंद वंश के बाद गद्दी संभाली, शुंग वंश (पुष्यमित्र) मौर्यों के बाद आया।


प्रश्न 4 → (BPSC 64वीं प्रीलिम्स, 2018) बख्तियार खिलजी के बिहार पर आक्रमण का सबसे प्राचीन विवरण निम्नलिखित में किस रचना में प्राप्त होता है?
(A) तारीख-ए-हिंद (B) तबकात-ए-नासिरी (C) ताज-उल-मासिर (D) तारीख-ए-मुबारक शाही
✅ सही उत्तर: C (ताज-उल-मासिर)

व्याख्या: बख्तियार खिलजी द्वारा बिहार एवं नालंदा पर आक्रमण का सबसे प्रारंभिक विवरण ताज-उल-मासिर (Taj-ul-Massir) में मिलता है। इसकी फारसी में रचना सदरुद्दीन हसन निज़ामी ने की थी।


प्रश्न 5 → (BPSC 68वीं प्रीलिम्स से संबंधित/समान प्रश्न) निम्नलिखित में से कौन बिहार की नवपाषाण (Neolithic) सभ्यता का स्थल है?
(A) चिरांड (B) मुंगेर (C) राजगीर (D) नालंदा
✅ सही उत्तर: A (चिरांड)

व्याख्या: चिरांड (सारण जिला) बिहार का प्रथम एवं प्राचीनतम नवपाषाण स्थल है। यहाँ नवपाषाण काल के उपकरण, मनके, मिट्टी के बर्तन मिले हैं। यह स्थल नवपाषाण काल से लेकर पाल वंश के शासनकाल तक लगातार बसा रहा。


✅ अध्ययन एवं परीक्षा टिप्स

  1. सांस्कृतिक धरोहरों पर फोकस: बिहार का इतिहास बौद्ध एवं जैन धर्म दोनों का उद्गम स्थल है। परीक्षा में दोनों के लिए प्रश्न पूछे जाते हैं। महावीर (वैशाली) एवं बुद्ध (बोधगया) के जीवन प्रसंगों एवं संगीति (Council) के स्थानों को अवश्य कंठस्थ करें।
  2. नालंदा विश्वविद्यालय: BPSC में नालंदा से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं (स्थापना कुमारगुप्त प्रथम ने की, वर्ष 2014 में पुनर्स्थापित हुआ, 12वीं शताब्दी में बख्तियार खिलजी द्वारा नष्ट किया गया)。
  3. राजवंशों के क्रम का मानसिक मानचित्र बनाए रखें: नंद वंश का अंत → चंद्रगुप्त मौर्य (322 ईपू) → अशोक (268-232 ईपू)।
  4. प्राचीन ग्रंथ षोडश महाजनपद एवं बिहार से संबंधित उद्धरणों को संक्षेप में लिखें। इससे पीवाईक्यू में सीधे मदद मिलती है।
  5. प्राचीन एवं स्थानीय उपाधियों का अध्ययन: परीक्षा कभी-कभी स्थानीय विशेषणों एवं ऐतिहासिक स्थलों के उपनामों पर प्रश्न पूछती है**।

📜 प्राचीन बिहार इतिहास – मॉक प्रश्न सेट (20 MCQs) व्याख्या सहित


प्रश्न 1: बिहार के किस जिले में नवपाषाण काल की सबसे प्राचीन बस्ती ‘चिरांड’ स्थित है?
(A) गया
(B) सारण ✔️
(C) नालन्दा
(D) भागलपुर

व्याख्या: चिरांड (सारण जिला) बिहार की प्राचीनतम नवपाषाण बस्ती है। यहाँ 2500-1500 ईसा पूर्व के पॉलिश्ड पत्थर के औजार, मनके और मिट्टी के बर्तन मिले हैं।


प्रश्न 2: प्रथम बौद्ध संगीति (First Buddhist Council) का आयोजन कहाँ और किसके संरक्षण में हुआ?
(A) वैशाली – कालाशोक
(B) पाटलिपुत्र – अशोक
(C) राजगृह – अजातशत्रु ✔️
(D) कुण्डलवन – कनिष्क

व्याख्या: प्रथम बौद्ध संगीति (लगभग 483 ईपू) राजगृह (राजगीर) में अजातशत्रु के संरक्षण में हुई। इसमें भिक्षु महाकश्यप की अध्यक्षता में त्रिपिटक का संकलन हुआ।


प्रश्न 3: भगवान महावीर (जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर) का जन्म स्थल कहाँ था?
(A) पावापुरी
(B) कुण्डग्राम (वैशाली के निकट) ✔️
(C) राजगीर
(D) गया

व्याख्या: महावीर का जन्म कुण्डग्राम (वर्तमान बसुकुण्ड, वैशाली जिले के पास) में हुआ था। उनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम त्रिशला था।


प्रश्न 4: अशोक के शिलालेखों (Ashokan Edicts) में बिहार के किस स्थान पर ‘सिंह स्तंभ’ का सबसे प्रसिद्ध शिलालेख मिलता है?
(A) लौरिया-नन्दनगढ़
(B) रामपुरवा ✔️
(C) वैशाली
(D) राजगीर

व्याख्या: रामपुरवा (पश्चिम चम्पारण) में अशोक का एक स्तंभ है जिसके शीर्ष पर सिंह की आकृति है। इसमें विनय और धम्म से संबंधित आदेश उत्कीर्ण हैं। लौरिया-अरराज भी प्रसिद्ध है।


प्रश्न 5: किस मौर्य शासक को ‘अमित्रघात’ (शत्रुओं का संहारक) कहा जाता था?
(A) चन्द्रगुप्त मौर्य
(B) बिन्दुसार ✔️
(C) अशोक
(D) दशरथ मौर्य

व्याख्या: बिन्दुसार (चन्द्रगुप्त मौर्य का पुत्र) को यूनानी लेखकों ने ‘अमित्रघात’ (Allitrochates) कहा। उसने दक्षिण भारत के 16 राज्यों पर विजय प्राप्त की।


प्रश्न 6: नालन्दा विश्वविद्यालय की स्थापना किस गुप्त शासक ने की थी?
(A) चन्द्रगुप्त प्रथम
(B) समुद्रगुप्त
(C) चन्द्रगुप्त द्वितीय
(D) कुमारगुप्त प्रथम ✔️

व्याख्या: नालन्दा विश्वविद्यालय की स्थापना कुमारगुप्त प्रथम (शक 415-455 ई.) ने की थी। यह विश्व का प्रथम आवासीय विश्वविद्यालय था। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने यहाँ अध्ययन किया था।


प्रश्न 7: ‘मिलिंदपन्हो’ (Milinda Panha) ग्रंथ संबंधित है –
(A) मगध के राजा और बौद्ध भिक्षु के बीच संवाद ✔️
(B) जैन आचार्यों के बीच
(C) चन्द्रगुप्त और मेगस्थनीज के बीच
(D) अशोक और बुद्ध के बीच

व्याख्या: मिलिंदपन्हो (पालि ग्रंथ) में इंडो-ग्रीक राजा मिलिंद (मिनांडर) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच धार्मिक संवाद है। इसका रचना काल लगभग 100 ई.पू. माना जाता है।


प्रश्न 8: बिहार के किस प्राचीन शहर को ‘गणतंत्रों का गढ़’ और विश्व का प्रथम गणतंत्र कहा जाता है?
(A) राजगृह
(B) पाटलिपुत्र
(C) वैशाली ✔️
(D) चम्पा

व्याख्या: वैशाली (लिच्छवी गणराज्य की राजधानी) विश्व का प्रथम गणतंत्र माना जाता है। यहाँ के शासक जनसभा के माध्यम से चुने जाते थे। बुद्ध और महावीर दोनों ने यहाँ उपदेश दिए।


प्रश्न 9: मगध साम्राज्य के प्रशासन में ‘ग्रामक’ का क्या कार्य था?
(A) गाँव का मुखिया ✔️
(B) कर वसूलने वाला अधिकारी
(C) सैन्य अधिकारी
(D) न्यायाधीश

व्याख्या: मौर्य प्रशासन में गाँव के मुखिया को ग्रामक (Gramika) कहा जाता था। वह गाँव के राजस्व, न्याय और सुरक्षा का प्रबंधन करता था। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में इसका विवरण मिलता है।


प्रश्न 10: निम्नलिखित में से कौन सा स्थान पुरापाषाण काल (Paleolithic Age) के अवशेषों के लिए प्रसिद्ध है?
(A) मुंगेर ✔️
(B) चेचर
(C) ताराडीह
(D) राजगीर

व्याख्या: मुंगेर जिले की पहाड़ियों से पुरापाषाण काल के हाथ के कुल्हाड़ी जैसे पत्थर के औजार मिले हैं। यह बिहार के सबसे पुराने मानव निवास स्थलों में से एक है।


प्रश्न 11: ‘दो राजाओं के बीच युद्ध’ का वर्णन करने वाला प्राचीनतम महाकाव्य कौन सा है जिसकी घटनाएँ बिहार (मगध) से भी जुड़ी हैं?
(A) रामायण
(B) महाभारत
(C) बुद्धचरित
(D) अभिधम्म पिटक

व्याख्या: महाभारत युद्ध में मगध के राजा जरासंध का उल्लेख है। जरासंध को…
मध्यकालीन बिहार के महत्वपूर्ण बिंदु (Points wise नोट्स) दिए जा रहे हैं, साथ ही BPSC परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों (PYQs) को उनकी विस्तृत व्याख्या के साथ प्रस्तुत किया गया है। मध्यकालीन बिहार में मुख्यतः पाल साम्राज्य, सेन वंश, दिल्ली सल्तनत का आक्रमण, शर्की राजवंश, लोदी वंश, मुगल शासन, बिहार में सूर वंश (शेरशाह) तथा मुगलों के पतन के बाद का क्षेत्र शामिल है। BPSC की दृष्टि से यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है।


📝 भाग 1: मध्यकालीन बिहार – महत्वपूर्ण बिंदु

  1. पाल साम्राज्य (8वीं-12वीं शताब्दी) – बिहार का स्वर्ण काल

· संस्थापक: गोपाल (750 ई.)
· प्रमुख शासक:
· धर्मपाल (770-810 ई.) : कन्नौज पर अधिकार, त्रिपक्षीय संघर्ष (पाल, प्रतिहार, राष्ट्रकूट) ।
· देवपाल (810-850 ई.) : सबसे शक्तिशाली पाल शासक, उसने पूरे उत्तरी भारत और बिहार को एक सूत्र में बाँधा।

देवपाल (810-850 ई.) : सबसे शक्तिशाली पाल शासक, उसने पूरे उत्तरी भारत और बिहार को एक सूत्र में बाँधा।
· महिपाल (988-1038 ई.) : गजनी के महमूद के आक्रमण के समय शासक।
· रामपाल (1077-1120 ई.) : अंतिम प्रमुख पाल शासक।
· राजधानी: मुंगेर (पाल काल में ‘मुद्गगिरि’) एवं विक्रमशिला भी राजधानी रहा।
· धर्म: पाल शासक बौद्ध धर्म के अनुयायी थे। उन्होंने नालंदा, विक्रमशिला, ओदंतपुरी जैसे विश्वविद्यालयों को संरक्षण दिया।
· पतन: लगभग 1160 ई. में सेन वंश (बंगाल) तथा मुस्लिम आक्रमणों के कारण पाल साम्राज्य का अंत हुआ।

  1. सेन वंश का बिहार पर प्रभाव (लगभग 1070-1230 ई.)

· संस्थापक: हेमंत सेन (बंगाल में)
· विजयसेन ने बिहार के बड़े भाग पर अधिकार कर लिया।
· लक्ष्मणसेन (1178-1206 ई.) के समय मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी ने नालंदा पर आक्रमण किया।
· सेन वंश ब्राह्मणवादी हिंदू थे, उन्होंने बौद्ध संस्थाओं को कमज़ोर किया।

  1. मुस्लिम आक्रमण और दिल्ली सल्तनत

· मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी (1204-1206 ई.) :
· वह कुतुबुद्दीन ऐबक का सेनापति था।
· 1203 ई. में नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों को लूटा और जलाया।
· उसने बिहार शहर (वर्तमान जिला) पर अधिकार किया और इसे ‘बिहार’ नाम दिया गया।
· बाद में उसने बंगाल पर आक्रमण किया और लखनौती में अपनी राजधानी बनाई।
· खिलजी वंश : अलाउद्दीन खिलजी के समय बिहार दिल्ली सल्तनत का एक प्रांत रहा।
· तुगलक वंश : मुहम्मद बिन तुगलक ने बिहार के विद्रोहों को कुचला।

  1. शर्की राजवंश (जौनपुर, 1394-1479 ई.) – बिहार में स्वतंत्र शासन

· संस्थापक: मलिक सरवर (ख्वाजा-ए-जहाँ)
· इब्राहिम शर्की (1402-1440 ई.) ने बिहार के कई किलों को जीता।
· हुसैन शाह शर्की (1458-1479 ई.) अंतिम शर्की शासक था, जिसे बहलोल लोदी ने हराया।
· शर्की शासकों ने बिहार में कई मस्जिदों एवं मदरसों का निर्माण कराया।

  1. लोदी वंश और बिहार

· बहलोल लोदी (1451-1489 ई.) ने जौनपुर पर अधिकार कर बिहार को दिल्ली सल्तनत में मिला लिया।
· सिकंदर लोदी (1489-1517 ई.) ने बिहार के दक्षिणी भाग पर अधिकार किया।
· लेकिन सम्राट ने एक बार फिर से अपना ध्यान बिहार की ओर नहीं दिया।

  1. सूर वंश – शेरशाह सूरी (बिहार का गौरव)

· शेरशाह सूरी (शेर खान) का जन्म सासाराम (रोहतास) में हुआ।
· उसने बिहार के रोहतासगढ़ किले को अपनी राजधानी बनाया।
· 1539 ई. में चौसा (बक्सर) के युद्ध में हुमायूँ को हराया।
· 1540 ई. में कन्नौज के युद्ध में फिर से हुमायूँ को पराजित कर दिल्ली सल्तनत पर अधिकार किया।
· शेरशाह की उपलब्धियाँ जो बिहार से संबंधित हैं:
· ग्रैंड ट्रंक रोड (सड़क) : सोनारगाँव (बंगाल) से सिंध तक, जो बिहार (सासाराम, पटना) से गुजरती है।
· प्रशासनिक सुधार : जिलों (सरकार) में विभाजन, मुकद्दम और चौधरी की व्यवस्था।
· सिक्के : रुपया (चाँदी) का प्रचलन।
· भू-राजस्व : भूमि की माप (जरीब) एवं ‘रैयतवारी’ व्यवस्था की शुरुआत।
· मृत्यु: 1545 ई. में कालिंजर (बुंदेलखंड) में।
· मकबरा: सासाराम में स्थित है (यह एक भव्य स्मारक है)।

  1. मुगल काल में बिहार

· अकबर (1556-1605) ने बिहार पर अधिकार किया। उसने बिहार को बंगाल सूबा का एक सरकार (प्रांत) बनाया बाद में बिहार को एक अलग सूबा घोषित किया गया।
· राजा मान सिंह (अकबर का सेनापति) बिहार का सूबेदार नियुक्त हुआ।
· जहाँगीर ने बिहार में शांति स्थापित की।
· शाहजहाँ के समय बिहार में विद्रोह हुआ।
· औरंगज़ेब ने अपने भाई दारा शिकोह का पीछा करते हुए बिहार में कई स्थानों का दौरा किया।

  1. मुगलों के पतन के बाद बिहार (18वीं शताब्दी)

· 1707 के बाद बिहार बंगाल के नवाबों के अधीन हो गया।
· उनमें सिराजुद्दौला, मीर कासिम आदि शामिल थे।
· पटना व्यापार का प्रमुख केंद्र बन गया – यूरोपीय कंपनियों (ब्रिटिश…
यहाँ मध्यकालीन बिहार के महत्वपूर्ण बिंदु (Points wise नोट्स) दिए जा रहे हैं, साथ ही BPSC परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों (PYQs) को उनकी विस्तृत व्याख्या के साथ प्रस्तुत किया गया है। मध्यकालीन बिहार में मुख्यतः पाल साम्राज्य, सेन वंश, दिल्ली सल्तनत का आक्रमण, शर्की राजवंश, लोदी वंश, मुगल शासन, बिहार में सूर वंश (शेरशाह) तथा मुगलों के पतन के बाद का क्षेत्र शामिल है। BPSC की दृष्टि से यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है।


📝 भाग 1: मध्यकालीन बिहार – महत्वपूर्ण बिंदु

  1. पाल साम्राज्य (8वीं-12वीं शताब्दी) – बिहार का स्वर्ण काल

· संस्थापक: गोपाल (750 ई.)
· प्रमुख शासक:
· धर्मपाल (770-810 ई.) : कन्नौज पर अधिकार, त्रिपक्षीय संघर्ष (पाल, प्रतिहार, राष्ट्रकूट) ।
· देवपाल (810-850 ई.) : सबसे शक्तिशाली पाल शासक, उसने पूरे उत्तरी भारत और बिहार को एक सूत्र में बाँधा।

महिपाल (988-1038 ई.) : गजनी के महमूद के आक्रमण के समय शासक।
· रामपाल (1077-1120 ई.) : अंतिम प्रमुख पाल शासक।
· राजधानी: मुंगेर (पाल काल में ‘मुद्गगिरि’) एवं विक्रमशिला भी राजधानी रहा।
· धर्म: पाल शासक बौद्ध धर्म के अनुयायी थे। उन्होंने नालंदा, विक्रमशिला, ओदंतपुरी जैसे विश्वविद्यालयों को संरक्षण दिया।
· पतन: लगभग 1160 ई. में सेन वंश (बंगाल) तथा मुस्लिम आक्रमणों के कारण पाल साम्राज्य का अंत हुआ।

  1. सेन वंश का बिहार पर प्रभाव (लगभग 1070-1230 ई.)

· संस्थापक: हेमंत सेन (बंगाल में)
· विजयसेन ने बिहार के बड़े भाग पर अधिकार कर लिया।
· लक्ष्मणसेन (1178-1206 ई.) के समय मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी ने नालंदा पर आक्रमण किया।
· सेन वंश ब्राह्मणवादी हिंदू थे, उन्होंने बौद्ध संस्थाओं को कमज़ोर किया।

  1. मुस्लिम आक्रमण और दिल्ली सल्तनत

· मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी (1204-1206 ई.) :
· वह कुतुबुद्दीन ऐबक का सेनापति था।
· 1203 ई. में नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों को लूटा और जलाया।
· उसने बिहार शहर (वर्तमान जिला) पर अधिकार किया और इसे ‘बिहार’ नाम दिया गया।
· बाद में उसने बंगाल पर आक्रमण किया और लखनौती में अपनी राजधानी बनाई।
· खिलजी वंश : अलाउद्दीन खिलजी के समय बिहार दिल्ली सल्तनत का एक प्रांत रहा।
· तुगलक वंश : मुहम्मद बिन तुगलक ने बिहार के विद्रोहों को कुचला।

  1. शर्की राजवंश (जौनपुर, 1394-1479 ई.) – बिहार में स्वतंत्र शासन

· संस्थापक: मलिक सरवर (ख्वाजा-ए-जहाँ)
· इब्राहिम शर्की (1402-1440 ई.) ने बिहार के कई किलों को जीता।
· हुसैन शाह शर्की (1458-1479 ई.) अंतिम शर्की शासक था, जिसे बहलोल लोदी ने हराया।
· शर्की शासकों ने बिहार में कई मस्जिदों एवं मदरसों का निर्माण कराया।

  1. लोदी वंश और बिहार

· बहलोल लोदी (1451-1489 ई.) ने जौनपुर पर अधिकार कर बिहार को दिल्ली सल्तनत में मिला लिया।
· सिकंदर लोदी (1489-1517 ई.) ने बिहार के दक्षिणी भाग पर अधिकार किया।
· लेकिन सम्राट ने एक बार फिर से अपना ध्यान बिहार की ओर नहीं दिया।

  1. सूर वंश – शेरशाह सूरी (बिहार का गौरव)

· शेरशाह सूरी (शेर खान) का जन्म सासाराम (रोहतास) में हुआ।
· उसने बिहार के रोहतासगढ़ किले को अपनी राजधानी बनाया।
· 1539 ई. में चौसा (बक्सर) के युद्ध में हुमायूँ को हराया।
· 1540 ई. में कन्नौज के युद्ध में फिर से हुमायूँ को पराजित कर दिल्ली सल्तनत पर अधिकार किया।
· शेरशाह की उपलब्धियाँ जो बिहार से संबंधित हैं:
· ग्रैंड ट्रंक रोड (सड़क) : सोनारगाँव (बंगाल) से सिंध तक, जो बिहार (सासाराम, पटना) से गुजरती है।
· प्रशासनिक सुधार : जिलों (सरकार) में विभाजन, मुकद्दम और चौधरी की व्यवस्था।
· सिक्के : रुपया (चाँदी) का प्रचलन।
· भू-राजस्व : भूमि की माप (जरीब) एवं ‘रैयतवारी’ व्यवस्था की शुरुआत।
· मृत्यु: 1545 ई. में कालिंजर (बुंदेलखंड) में।
· मकबरा: सासाराम में स्थित है (यह एक भव्य स्मारक है)।

  1. मुगल काल में बिहार

· अकबर (1556-1605) ने बिहार पर अधिकार किया। उसने बिहार को बंगाल सूबा का एक सरकार (प्रांत) बनाया बाद में बिहार को एक अलग सूबा घोषित किया गया।
· राजा मान सिंह (अकबर का सेनापति) बिहार का सूबेदार नियुक्त हुआ।
· जहाँगीर ने बिहार में शांति स्थापित की।
· शाहजहाँ के समय बिहार में विद्रोह हुआ।
· औरंगज़ेब ने अपने भाई दारा शिकोह का पीछा करते हुए बिहार में कई स्थानों का दौरा किया।

  1. मुगलों के पतन के बाद बिहार (18वीं शताब्दी)

· 1707 के बाद बिहार बंगाल के नवाबों के अधीन हो गया।
· उनमें सिराजुद्दौला, मीर कासिम आदि शामिल थे

पटना व्यापार का प्रमुख केंद्र बन गया – यूरोपीय कंपनियों (ब्रिटिश, डच, फ्रेंच) के कारखाने (फैक्ट्री) लगी।
· 1764 ई. का बक्सर का युद्ध (Battle of Buxar) : मीर कासिम, शुजा-उद-दौला एवं शाह आलम द्वितीय की संधि हुई। हेक्टर मुनरो ने अंग्रेजों की सेना का नेतृत्व किया। इस युद्ध के बाद बिहार ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन आ गया।


❓ भाग 2: BPSC परीक्षा में पूछे गए प्रश्न (PYQs) – मध्यकालीन बिहार

प्रश्न 1 (BPSC 70वीं प्री, 2024) : शेरशाह का मकबरा (मकबरा) कहाँ स्थित है?
(A) दिल्ली
(B) आगरा
(C) सासाराम ✔️
(D) पटना

व्याख्या: शेरशाह सूरी का मकबरा सासाराम (रोहतास जिला) में एक कृत्रिम झील के बीच स्थित है। इसे आठ-पहलू मकबरा (Octagonal Tomb) कहा जाता है।


प्रश्न 2 (BPSC 67वीं प्री, 2022) : शेरशाह द्वारा बनाई गई सड़क कौन-सी है?
(A) उत्तरापथ
(B) दक्षिणापथ
(C) ग्रैंड ट्रंक रोड ✔️
(D) राजमार्ग

व्याख्या: शेरशाह ने सड़क-ए-आज़म (Grand Trunk Road) का निर्माण कराया। यह सड़क सोनारगाँव (बंगाल) से पेशावर (पाकिस्तान) तक जाती है।


प्रश्न 3 (BPSC 63वीं प्री, 2019) : बिहार में नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट करने वाला सेनापति कौन था?
(A) कुतुबुद्दीन ऐबक
(B) इल्तुतमिश
(C) मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी ✔️
(D) अलाउद्दीन खिलजी

व्याख्या: बख्तियार खिलजी ने 1203 ई. में नालंदा और विक्रमशिला को जलाकर नष्ट किया। यह नालंदा के पुस्तकालयों (धर्मगंज, रत्नगंज, रत्नसागर) को भी जला दिया गया।


प्रश्न 4 (BPSC 64वीं प्री, 2019) : किस पाल शासक को ‘बंगाल का नेपोलियन’ कहा जाता है?
(A) धर्मपाल
(B) देवपाल
(C) महिपाल
(D) रामपाल

व्याख्या: देवपाल को ‘बंगाल का नेपोलियन’ कहा जाता है। उसने पड़ोसी राज्यों (कामरूप, कन्नौज) पर विजय प्राप्त की।


प्रश्न 5 (BPSC 69वीं प्री, 2023) : शेरशाह द्वारा प्रचलित चांदी के सिक्के को क्या कहा जाता था?
(A) टंका
(B) रुपया ✔️
(C) दीनार
(D) जीतल

व्याख्या: शेरशाह ने 1542 ई. में रुपया (चांदी) और पैसा (तांबा) चलाया। आज का रुपया उसी से विकसित हुआ है।


प्रश्न 6 (BPSC 66वीं प्री, 2019) : ‘बक्सर का युद्ध’ किस वर्ष और किनके बीच हुआ था?
(A) 1757 – प्लासी
(B) 1764 – मीर कासिम, शुजा-उद-दौला, शाह आलम द्वितीय V/S अंग्रेज ✔️
(C) 1765 – बक्सर
(D) 1857 – कुंवर सिंह

व्याख्या: 22 अक्टूबर 1764 को बक्सर में हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में अंग्रेजों ने संयुक्त मुगल सेना को हराया। 1765 की इलाहाबाद संधि ने अंग्रेजों को बंगाल, बिहार, उड़ीसा की दीवानी प्रदान की।


प्रश्न 7 : शर्की राजवंश की राजधानी कहाँ थी?
(A) पटना
(B) जौनपुर ✔️
(C) दिल्ली
(D) सासाराम

व्याख्या: शर्की राजवंश ने जौनपुर (उत्तर प्रदेश) में 1394-1479 ई. तक शासन किया। उन्होंने ‘अटाला मस्जिद’ जैसी इमारतें बनवाईं।


प्रश्न 8 : सूर वंश का अंतिम शासक कौन था?
(A) इस्लाम शाह
(B) आदिल शाह ✔️
(C) फिरोज शाह
(D) बहलोल लोदी

व्याख्या: आदिल शाह (1552-1555) अंतिम सूर शासक था। 1555 में हुमायूँ ने सूर वंश को समाप्त किया।


प्रश्न 9 : बिहार किस मुगल बादशाह के काल में एक अलग सूबा (प्रांत) बना?
(A) बाबर
(B) हुमायूँ
(C) अकबर ✔️
(D) जहाँगीर

व्याख्या: अकबर (1576-1580) के शासन काल में बिहार को बंगाल सूबा से अलग कर, एक स्वतन्त्र सूबा बनाया गया। इसका पहला सूबेदार मुनिम खान था।


प्रश्न 10 : निम्नलिखित में से कौन सा पाल शासक संस्कृत और बंगाली का विद्वान था?
(A) देवपाल
(B) धर्मपाल
(C) रामपाल
(D) महिपाल

व्याख्या: रामपाल के समय संस्कृत कवि संध्याकर नंदी ने ‘रामचरितम्’ लिखा, जिसमें पाल इतिहास का वर्णन है।

प्रश्न 11 : विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना किसने की थी?
(A) गोपाल
(B) धर्मपाल ✔️
(C) देवपाल
(D) महिपाल

व्याख्या: धर्मपाल ने विक्रमशिला (भागलपुर के पास) विश्वविद्यालय की स्थापना की। यह तांत्रिक बौद्ध शिक्षा का केंद्र था।


✅ परीक्षा टिप्स (मध्यकालीन बिहार)

· नालंदा एवं विक्रमशिला का विनाश : बख्तियार खिलजी।
· शेरशाह : सासाराम, ग्रैंड ट्रंक रोड, रुपया।
· मुगल काल में बिहार का सूबा बनना।
· बक्सर का युद्ध (1764) – बिहार पर ब्रिटिश अधिकार का कारण।
· पाल वंश : गोपाल, धर्मपाल, देवपाल, रामपाल।

यहाँ बिहार में आधुनिक काल (लगभग 18वीं सदी के अंत से 1947 तक) तथा भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बिहार की भूमिका के महत्वपूर्ण बिंदु (Points wise नोट्स) दिए जा रहे हैं। साथ ही BPSC परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों (PYQs) को उनकी विस्तृत व्याख्या के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह विषय BPSC PT की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रत्येक वर्ष 8-10 प्रश्न बिहार के आधुनिक इतिहास से पूछे जाते हैं।


📝 भाग 1: बिहार में आधुनिक काल – महत्वपूर्ण बिंदु

  1. ब्रिटिश शासन का आगमन एवं बिहार (1764-1857)

(क) बक्सर का युद्ध (1764) एवं उसके परिणाम

· तिथि: 22 अक्टूबर 1764
· स्थान: बक्सर (बिहार)
· युद्धरत पक्ष:
· अंग्रेज (हेक्टर मुनरो) बनाम
· संयुक्त मुगल सेना : मीर कासिम (बंगाल के नवाब), शुजा-उद-दौला (अवध के नवाब), शाह आलम द्वितीय (मुगल सम्राट)

· परिणाम: अंग्रेजों की निर्णायक जीत।
· इलाहाबाद की संधि (1765) :
· अंग्रेजों को बंगाल, बिहार एवं उड़ीसा की दीवानी (राजस्व अधिकार) मिला।
· बिहार औपचारिक रूप से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के नियंत्रण में आ गया।

(ख) स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement, 1793)

· लॉर्ड कॉर्नवालिस ने बिहार, बंगाल में स्थायी बंदोबस्त लागू किया।
· जमींदारों को राजस्व वसूली का अधिकार, किसानों पर अत्याचार बढ़ा।
· बिहार में जमींदारी प्रथा ने किसानों को बर्बाद कर दिया, जो आगे चलकर किसान आंदोलनों का कारण बना।

(ग) 1857 का विद्रोह (बिहार में) – विस्तृत चर्चा

(पिछले उत्तर में 1857 पर नोट्स दे चुके हैं, यहाँ केवल मुख्य बिंदु)

· नेता : कुंवर सिंह (जगदीशपुर, भोजपुर) – 80 वर्ष की आयु में गुरिल्ला युद्ध।
· प्रमुख केंद्र : आरा, दानापुर, पटना (पीर अली), जगदीशपुर।
· विशेषताएँ : बिहार में विद्रोह मुख्यतः पूर्वी और मध्य भागों तक सीमित रहा। कुंवर सिंह का 26 अप्रैल 1858 को निधन।

  1. बिहार का गठन एवं भाषा आंदोलन

(क) बिहार का अलग राज्य बनना (1912)

· 1911 में दिल्ली दरबार के बाद, लॉर्ड हार्डिंग ने बंगाल विभाजन (1905) को रद्द कर बंगाल, बिहार, उड़ीसा को एक प्रेसीडेंसी बनाया।
· 22 मार्च 1912 को बिहार एक अलग प्रांत बना। (पटना राजधानी बना)
· प्रथम गवर्नर : चार्ल्स बेली स्टीवर्ट
· प्रथम मुख्यमंत्री : नहीं थे (प्रांत में गवर्नर शासन)

टिप: 1912 में बिहार एक अलग राज्य बना; 1935 के भारत सरकार अधिनियम ने बिहार को पूर्ण प्रांत का दर्जा दिया।

(ख) हिन्दी भाषा आंदोलन

· 19वीं सदी के अंत में उर्दू को विरासत में मिला दर्जा।
· भारतेन्दु हरिश्चंद्र, बाबू श्याम सुंदर दास ने हिन्दी को राजभाषा बनाने के लिए आंदोलन किया।
· 1881 में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्थापना।
· 1900 में सरकार ने देवनागरी लिपि को कोर्ट-कचहरी में स्थान दिया, लेकिन पूर्ण राजभाषा 1918 के बाद मिली।

  1. बिहार में किसान आंदोलन (स्वतंत्रता पूर्व)

आंदोलन वर्ष नेता मुख्य मांग स्थान
चम्पारण सत्याग्रह 1917 गांधी, राजकुमार शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद तिनकठिया प्रणाली उन्मूलन पश्चिम चम्पारण
खेड़ा सत्याग्रह (गुजरात) 1918 गांधी – –
मप्पिला विद्रोह (केरल) 1921 – – –
बिहार किसान सभा 1934 सहजानंद सरस्वती जमींदारों के अत्याचार विरुद्ध पटना, दरभंगा
बकास्त जमीन आंदोलन 1937-39 कारी बाबू, यदुनंदन शर्मा बंजर भूमि पर कब्जा गया, नालंदा

सबसे महत्वपूर्ण: चम्पारण सत्याग्रह 1917 – गांधी का पहला सत्याग्रह आंदोलन।

  1. असहयोग आंदोलन (1920-22) में बिहार

· बिहार में बहिष्कार: अंग्रेजी कपड़ों की होली जलाई गई, शराब की दुकानों पर धरना।
· प्रमुख नेता: डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा, ब्रज किशोर प्रसाद।
· चौरी-चौरा कांड (1922, उत्तर प्रदेश) के बाद गांधी ने आंदोलन वापस लिया।

  1. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34) में बिहार

· नमक सत्याग्रह : 12 अप्रैल 1930 को बिहार में गांधी के नेतृत्व में पटना में नमक कानून तोड़ा।
· मुजफ्फरपुर नमक सत्याग्रह : मोहर सिंह, शिव प्रसाद गुप्त ने किया।
· ब्रिटिश सरकार ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद, ब्रज किशोर प्रसाद को गिरफ्तार किया।

  1. भारत छोड़ो आंदोलन (1942) – बिहार में

· अगस्त क्रांति : 9 अगस्त 1942।
· बिहार की भूमिगत गतिविधियाँ:
· जयप्रकाश नारायण ने भूमिगत रेडियो स्टेशन ‘अजाद रेडियो’ का संचालन किया (पटना के पास से)।
· रामवृक्ष बेनीपुरी ने पर्चे बाँटे।
· डॉ. राजेंद्र प्रसाद को नजरबंद किया गया।
· बिहार में गोली कांड: दरभंगा, बेगूसराय, पटना में जुलूसों पर फायरिंग।

  1. बिहार के महान स्वतंत्रता सेनानी (BPSC हेतु अति महत्वपूर्ण)

नाम जन्म-मृत्यु जिला विशेष योगदान
डॉ. राजेंद्र प्रसाद 1884-1963 सिवान भारत के प्रथम राष्ट्रपति; चम्पारण में गांधी के साथ; भारत छोड़ो आंदोलन
अनुग्रह नारायण सिन्हा 1887-1957 औरंगाबाद ‘बिहार विभूति’; देश का पहला उपमुख्यमंत्री (1946)
श्री कृष्ण सिंह 1887-1961 नालन्दा प्रथम मुख्यमंत्री 1946-61; भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय
जयप्रकाश नारायण 1902-1979 मधुबनी ‘लोकनायक’; कांग्रेस छोड़ी; भूमिगत रेडियो (1942); कुली बेगार उन्मूलन
सहजानंद सरस्वती 1889-1950 गाजीपुर (यूपी) बिहार किसान सभा के संस्थापक; ‘मैं किसान हूं’ नारा
बाबू कुंवर सिंह 1777-1858 भोजपुर 1857 के विद्रोह के नेता (गुरिल्ला युद्ध)
पीर अली 19वीं शताब्दी पटना 1857 में पटना में डॉ. लायल की हत्या
राजकुमार शुक्ला 1870-1929 पश्चिम चम्पारण चम्पारण सत्याग्रह के प्रेरक; गांधी को बिहार बुलाया

ट्रिक याद रखें: सिवान (राजेंद्र), औरंगाबाद (अनुग्रह), नालंदा (श्री कृष्ण सिंह), मधुबनी (जयप्रकाश)।

  1. बिहार में दलित एवं पिछड़ा वर्ग आंदोलन

· दलितों के लिए : भीमराव अम्बेडकर ने 1930 के दशक में बिहार का दौरा किया।
· पूर्णिया, भागलपुर में दलित सत्याग्रह हुए।
· पिछड़ा वर्ग आयोग : 1953 में काका कालेलकर, बाद में 1978 में बीपी मंडल (बिहार के मुख्यमंत्री) ने मंडल आयोग का गठन किया। हालाँकि यह स्वतंत्रता के बाद की घटना है, BPSC में मंडल आयोग का प्रश्न पूछा जाता है।


❓ भाग 2:

BPSC परीक्षा में पूछे गए प्रश्न (PYQs) – आधुनिक बिहार एवं स्वतंत्रता संग्राम

प्रश्न 1 (BPSC 70वीं प्री, 2024) : ‘बिहार विभूति’ के नाम से किस प्रसिद्ध व्यक्ति को जाना जाता था?
(A) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
(B) अनुग्रह नारायण सिन्हा ✔️
(C) श्री कृष्ण सिंह
(D) जयप्रकाश नारायण

व्याख्या: अनुग्रह नारायण सिन्हा को ‘बिहार विभूति’ कहा जाता है। वे स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के प्रथम उपमुख्यमंत्री (1946-57) थे।


प्रश्न 2 (BPSC 69वीं प्री, 2023) : बिहार को एक अलग प्रांत कब बनाया गया?
(A) 1905
(B) 1912 ✔️
(C) 1935
(D) 1947

व्याख्या: 22 मार्च 1912 को ‘बिहार एंड उड़ीसा’ प्रांत बना। 1935 में उड़ीसा अलग हुआ और बिहार पूर्ण प्रांत बना। 1912 ही सही उत्तर है।


प्रश्न 3 (BPSC 68वीं प्री, 2022) : चम्पारण सत्याग्रह में गांधी जी के साथ वकील के रूप में किसने कार्य किया?
(A) राजकुमार शुक्ला
(B) डॉ. राजेंद्र प्रसाद ✔️
(C) जयप्रकाश नारायण
(D) मजहर-उल-हक

व्याख्या: डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मजहर-उल-हक, ब्रज किशोर प्रसाद, अचार्य कृपलानी ने किसानों की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ी। राजकुमार शुक्ला ने गांधी को बुलाया था, वकील नहीं थे।


प्रश्न 4 (BPSC 67वीं प्री, 2021) : ‘अजाद रेडियो’ का संचालन बिहार के किस नेता ने किया था?
(A) श्री कृष्ण सिंह
(B) जयप्रकाश नारायण ✔️
(C) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
(D) रामवृक्ष बेनीपुरी

व्याख्या: 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान, जयप्रकाश नारायण ने पटना के निकट से ‘अजाद रेडियो’ (कभी-कभी ‘सम्राट रेडियो’) प्रसारित किया।


प्रश्न 5 (BPSC 66वीं प्री, 2019) : बक्सर का युद्ध किस वर्ष हुआ था?
(A) 1757
(B) 1764 ✔️
(C) 1765
(D) 1772

व्याख्या: 22 अक्टूबर 1764। इसने अंग्रेजों को बिहार, बंगाल, उड़ीसा का दीवानी अधिकार दिलाया।


प्रश्न 6 (BPSC 64वीं प्री, 2018) : बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?
(A) अनुग्रह नारायण सिन्हा
(B) श्री कृष्ण सिंह ✔️
(C) दीप नारायण सिंह
(D) बिनोदानंद झा

व्याख्या: श्री कृष्ण सिंह (1946-1961) बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री बने। अनुग्रह नारायण सिन्हा उपमुख्यमंत्री थे।

श्न 7 (BPSC 63वीं प्री, 2017) : भारत छोड़ो आंदोलन के समय पटना में गोली चलाने का आदेश किसने दिया ? (संभावित)
(A) सर फ्रांसिस मडी
(B) सर थॉमस रैम्बोल्ड
(C) सर जेम्स डेविड
(D) इनमें से कोई नहीं

व्याख्या: पटना के तत्कालीन कमिश्नर ए. फ्रांसिस ने 11-12 अगस्त 1942 को गोली चलाने का आदेश दिया। (BPSC में प्रायः यह प्रश्न आता है)


प्रश्न 8 : तिनकठिया प्रणाली किस फसल के लिए लागू थी?
(A) गन्ना
(B) नील ✔️
(C) तम्बाकू
(D) चाय

व्याख्या: चम्पारण में यूरोपीय जमींदार किसानों को 3/20 भाग पर नील की खेती के लिए बाध्य करते थे।


प्रश्न 9 : ‘बिहार किसान सभा’ के संस्थापक कौन थे?
(A) राजेंद्र प्रसाद
(B) जयप्रकाश नारायण
(C) सहजानंद सरस्वती ✔️
(D) स्वामी विद्यानंद

व्याख्या: सहजानंद सरस्वती ने 1934 में किसान सभा की स्थापना की। यह जमींदारी उन्मूलन के लिए एक संगठित मंच था।


प्रश्न 10 : निम्नलिखित में से कौन 1857 के विद्रोह से संबंधित नहीं है?
(A) कुंवर सिंह
(B) पीर अली
(C) राजकुमार शुक्ला ✔️
(D) मंगल पांडे

व्याख्या: राजकुमार शुक्ला 1917 के चम्पारण सत्याग्रह से जुड़े हैं, 1857 के विद्रोह से नहीं।


📋 भाग 3: अतिरिक्त अभ्यास हेतु 10 मॉक प्रश्न

प्रश्न 11: ‘जन-नायक’ किसे कहा जाता था?
(A) जयप्रकाश नारायण
(B) राम मनोहर लोहिया
(C) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
(D) अनुग्रह नारायण सिन्हा
उत्तर: (A) जयप्रकाश नारायण – उन्हें ‘लोकनायक’ भी कहते हैं।

प्रश्न 12: बिहार में स्थायी बंदोबस्त किस गवर्नर जनरल ने लागू किया था?
(A) वारेन हेस्टिंग्स
(B) लॉर्ड कॉर्नवालिस ✔️
(C) लॉर्ड वेलेजली
(D) लॉर्ड डलहौजी

प्रश्न 13: ‘रामवृक्ष बेनीपुरी’ किस आंदोलन में सक्रिय थे?
(A) चम्पारण
(B) असहयोग
(C) भारत छोड़ो आंदोलन ✔️
(D) सविनय अवज्ञा

प्रश्न 14: डॉ. राजेंद्र प्रसाद को किस उपाधि से सम्मानित किया गया था?
(A) बिहार केसरी
(B) देशरत्न
(C) राजर्षि ✔️
(D) लोकप्रिय

प्रश्न 15: 1857 का विद्रोह बिहार के किस जिले में सबसे तीव्र था?
(A) पटना
(B) आरा (भोजपुर) ✔️
(C) मुजफ्फरपुर
(D) दरभंगा

प्रश्न 16: बिहार में नमक सत्याग्रह की शुरुआत किस शहर से हुई?
(A) पटना ✔️
(B) गया
(C) मुजफ्फरपुर
(D) छपरा

प्रश्न 17: ‘बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन’ की स्थापना किस वर्ष हुई?
(A) 1881
(B) 1900
(C) 1912
(D) 1920 ✔️ (संशोधित: वास्तव में 1881 में हिन्दी भाषा प्रचारक सभा, लेकिन सम्मेलन 1900 के बाद)

प्रश्न 18: कौन स्वतंत्रता सेनानी ‘बाबू’ और ‘वीर’ के नाम से जाने जाते थे?
(A) कुंवर सिंह ✔️
(B) पीर अली
(C) नामदार खान
(D) मंगल पाण्डे

प्रश्न 19: बिहार का वह जिला जहाँ गांधी जी ने सबसे पहले कदम रखा?
(A) पटना
(B) पश्चिम चम्पारण ✔️
(C) सारण
(D) मुजफ्फरपुर

प्रश्न 20: किस ब्रिटिश अधिनियम ने बिहार को विधायिका प्रदान की?
(A) 1909
(B) 1919
(C) 1935 ✔️
(D) 1947


✅ उत्तर कुंजी (मॉक)

Q. Ans. Q. Ans. Q. Ans. Q. Ans.
11 A 13 C 15 B 17 (1881)
12 B 14 C 16 A 18 A
19 B 20 C


💡 परीक्षा टिप्स (आधुनिक बिहार)

· तिथियाँ : बक्सर (1764), बिहार अलग राज्य (1912), चम्पारण (1917), 1942 (अगस्त क्रांति)।
· उपाधियाँ : राजर्षि (राजेंद्र), बिहार विभूति (अनुग्रह), लोकनायक (जयप्रकाश)।
· प्रश्नों में चम्पारण सत्याग्रह से हर साल प्रश्न पूछा जाता है – तिनकठिया, राजकुमार शुक्ला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद याद रखें।
· 1942 आंदोलन में बिहार का योगदान – अजाद रेडियो, जयप्रकाश, रामवृक्ष बेनीपुरी।



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