जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल, 1919)
August 17, 2026
1. पृष्ठभूमि और कारण
- रौलेट एक्ट (1919): अंग्रेजों ने सरकार विरोधी गतिविधियों को कुचलने के लिए यह दमनकारी कानून पारित किया, जिसमें बिना मुकदमे किसी को भी जेल भेजने का अधिकार था। इसके विरोध में पूरे देश में आंदोलन हुए।
- अमृतसर में विरोध: 10 अप्रैल, 1919 को अमृतसर में इस कानून के विरोध में एक शांतिपूर्ण जुलूस निकाला गया, जिस पर पुलिस ने गोली चलाई और कई लोग मारे गए। इस उग्र प्रतिक्रिया ने शहर में तनाव बढ़ा दिया।
2. घटना का विवरण
- स्थान और तिथि: 13 अप्रैल, 1919 को पंजाब के अमृतसर शहर में स्थित जलियांवाला बाग में, जो चारों तरफ से दीवारों से घिरा एक संकरा बगीचा था।
- बैशाखी का मेला: इस दिन बैशाखी का पारंपरिक मेला था, जिसमें हजारों लोग इकट्ठा हुए थे। कई लोग बाग से बाहर निकलने के रास्ते से अनजान थे।
- आदेश और नरसंहार: ब्रिगेडियर जनरल रेजिनाल्ड डायर ने बिना किसी चेतावनी के, सैनिकों को भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दिया। गोलीबारी तब तक जारी रही जब तक गोलियां खत्म नहीं हो गईं-1। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 379 लोग मारे गए, जबकि कांग्रेस के अनुसार 1000 से अधिक लोग शहीद हुए। डायर का उद्देश्य विद्रोह की भावना को बेरहमी से कुचलना था-1।
3. परिणाम और प्रभाव
- हंटर कमीशन: सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक कमीशन बनाया, लेकिन डायर को मात्र एक प्रतीकात्मक सजा दी गई और उसे ब्रिटेन में नायक की तरह सम्मानित किया गया।
- राष्ट्रीय चेतना: इस हत्याकांड ने महात्मा गांधी का ब्रिटिश शासन के प्रति दृष्टिकोण पूरी तरह बदल दिया और उन्हें पूर्ण स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया।
- गांधी की प्रतिक्रिया: गांधी ने इसे ‘शासन की बर्बरता’ करार दिया और असहयोग आंदोलन का रास्ता साफ हुआ।
☪️ खिलाफत आंदोलन (1919-1924)
1. पृष्ठभूमि
- तुर्की का विभाजन: प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) में ब्रिटेन ने तुर्की (ओटोमन साम्राज्य) को हरा दिया। तुर्की के सुल्तान को इस्लामी जगत का ‘खलीफा’ (आध्यात्मिक नेता) माना जाता था। ब्रिटेन ने खलीफा की सत्ता को खत्म करने और उसके साम्राज्य को विभाजित करने की योजना बनाई।
2. उद्देश्य
- खलीफा की सुरक्षा: मुस्लिम समुदाय का उद्देश्य ब्रिटिश सरकार पर दबाव बनाकर तुर्की के खलीफा की स्थिति और उसके धार्मिक स्थलों की रक्षा सुनिश्चित करना था-1।
- हिजरत आंदोलन: इसी दौरान, कुछ उलेमाओं ने भारत को ‘दार-उल-हर्ब’ (युद्ध का घर) घोषित कर मुसलमानों को अफगानिस्तान हिजरत (प्रवास) करने का आह्वान किया। हालांकि, अफगान शासक ने उन्हें वापस भेज दिया और यह आंदोलन असफल रहा-2।
3. गांधीजी और खिलाफत
- हिंदू-मुस्लिम एकता: गांधीजी ने इसे हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत करने का एक सुनहरा अवसर देखा और अखिल भारतीय खिलाफत समिति का गठन किया।
- असहयोग आंदोलन से जुड़ाव: उन्होंने खिलाफत आंदोलन को असहयोग आंदोलन (1920-22) के साथ जोड़ दिया, जिससे राष्ट्रीय आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला।
📜 पिछले वर्षों के BPSC प्रश्न (PYQs) और उनके हल
- प्रश्न: जलियांवाला बाग नरसंहार किस वर्ष और किस स्थान पर हुआ था?उत्तर: 13 अप्रैल, 1919, अमृतसर (पंजाब) में।
- प्रश्न: जलियांवाला बाग हत्याकांड के समय पंजाब के गवर्नर कौन थे?उत्तर: सर माइकल ओ’ड्वायर।
- प्रश्न: खिलाफत आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?उत्तर: तुर्की के खलीफा की स्थिति और इस्लामी धार्मिक स्थलों की रक्षा करना, साथ ही ब्रिटिश सरकार के खिलाफ एकजुटता दिखाना-1-2।
🎯 मॉडल अभ्यास प्रश्न (Model Questions)
- जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद ब्रिटिश सरकार ने किस आयोग की स्थापना की?
- (a) साइमन कमीशन
- (b) हंटर कमीशन
- (c) कैबिनेट मिशन
- (d) रॉलेट कमीशन
- निम्नलिखित में से कौन-सा आंदोलन खिलाफत आंदोलन के साथ जोड़कर चलाया गया था?
- (a) सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (b) भारत छोड़ो आंदोलन
- (c) असहयोग आंदोलन
- (d) चंपारण सत्याग्रह
- हिजरत आंदोलन का संबंध किस आंदोलन से था?
- (a) खिलाफत आंदोलन
- (b) असहयोग आंदोलन
- (c) अकाली आंदोलन
- (d) तेवरी आंदोलन
- जलियांवाला बाग नरसंहार का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
- (a) विद्रोह की भावना को कुचलना
- (b) अंग्रेजों की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
- (c) जनता को डराना
- (d) उपरोक्त सभी