असहयोग आंदोलन (1920-22): महत्वपूर्ण नोट्स
August 17, 2026
1. पृष्ठभूमि और प्रारंभ
- तात्कालिक कारण: जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919), रौलेट एक्ट, और खिलाफत आंदोलन (तुर्की के खलीफा के प्रति सहानुभूति) के कारण देश में राष्ट्रवादी लहर तेज हुई-7-9।
- शुरुआत: महात्मा गांधी ने 1 अगस्त 1920 को असहयोग आंदोलन की शुरुआत की-5-10। यह आंदोलन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में औपचारिक रूप से स्वीकृत हुआ-10।
- मुख्य उद्देश्य: ‘स्वराज’ (आत्म-शासन) की प्राप्ति-9-10।
2. आंदोलन के मुख्य कार्यक्रम
असहयोग आंदोलन के तहत अंग्रेजों से सहयोग करने वाली हर चीज़ का बहिष्कार करने का आह्वान किया गया:
- उपाधियों और सम्मानों का त्याग करना।
- सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और अदालतों का बहिष्कार करना।
- विदेशी वस्त्रों (विशेष रूप से मशीन से बने कपड़े) का बहिष्कार और स्वदेशी को अपनाना।
- सरकारी नौकरियों से इस्तीफा देना।
- शराब का बहिष्कार करना-10।
BPSC के लिए खास बात: इस आंदोलन के दौरान शराब के बहिष्कार से सरकार को भारी राजस्व हानि हुई। जवाब में, बिहार और उड़ीसा सरकार ने उन महान व्यक्तियों की एक सूची वितरित की जो शराब पीते थे, ताकि लोगों को फिर से शराब पीने के लिए प्रेरित किया जा सके-10।
3. बिहार में असहयोग आंदोलन
- सक्रिय भागीदारी: बिहार में यह आंदोलन काफी सफल रहा। लोगों ने बड़े पैमाने पर विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार किया और स्वदेशी अपनाया।
- प्रमुख नेता: डॉ. राजेंद्र प्रसाद, श्री कृष्ण सिंह, अनुग्रह नारायण सिन्हा, और हसन इमाम जैसे नेताओं ने बिहार में आंदोलन का नेतृत्व किया।
🔥 चौरी-चौरा कांड (4 फरवरी, 1922)
1. घटना का विवरण
- स्थान: चौरी-चौरा, गोरखपुर जिला, उत्तर प्रदेश (तब संयुक्त प्रांत)-1-2-4।
- तिथि: 4 फरवरी, 1922-1-4।
- घटना: असहयोग आंदोलन के दौरान, एक बड़ी भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया और उसमें आग लगा दी। इस घटना में 22 पुलिसकर्मी मारे गए-2-4-5।
2. घटना का प्रभाव
- आंदोलन का अंत: गांधीजी इस घटना से अत्यधिक दुखी हुए। उन्होंने आंदोलन को हिंसक होता देख 12 फरवरी, 1922 को असहयोग आंदोलन को वापस ले लिया-1-3-5। उन्होंने इस आंदोलन को अपनी ‘हिमालयी भूल’ (Himalayan Blunder) कहा-4।
- गिरफ्तारी: इसके बाद, मार्च 1922 में गांधीजी को गिरफ्तार कर 6 साल की सजा सुनाई गई-3-5।
- स्वराज पार्टी: इस घटना के कारण कांग्रेस में मतभेद पैदा हुए, जिसके परिणामस्वरूप मोतीलाल नेहरू और सी.आर. दास ने 1923 में स्वराज पार्टी की स्थापना की-6-8।
📜 पिछले वर्षों के BPSC प्रश्न (PYQs) और उनके हल
- प्रश्न (BPSC 67वीं Re-Exam): चौरी-चौरा किस राज्य में स्थित है, जहाँ फरवरी 1922 में एक पुलिस स्टेशन को आग लगा दी गई थी?
- (a) मध्य प्रदेश
- (b) बिहार
- (c) उत्तर प्रदेश
- (d) राजस्थान
- प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बारे में सही नहीं है?
- (a) महात्मा गांधी को 1921 में गिरफ्तार किया गया था।
- (b) गांधीजी ने चौरी-चौरा कांड के कारण असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था।
- (c) गांधीजी ने अपना पहला प्रमुख सार्वजनिक भाषण बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में दिया था।
- प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- (a) चौरी-चौरा कांड – 1920
- (b) असहयोग आंदोलन – 1920
- (c) स्वराज पार्टी की स्थापना – 1923
🎯 मॉडल अभ्यास प्रश्न (Model Questions)
- असहयोग आंदोलन को किस कारण वापस लेना पड़ा?
- (a) जलियांवाला बाग हत्याकांड
- (b) चौरी-चौरा कांड
- (c) बिहार में भूकंप
- (d) लोकमान्य तिलक की मृत्यु
- महात्मा गांधी ने किस घटना के बाद असहयोग आंदोलन को अपनी ‘हिमालयी भूल’ कहा था?
- (a) चंपारण सत्याग्रह
- (b) खेड़ा सत्याग्रह
- (c) चौरी-चौरा कांड
- (d) दांडी मार्च
- असहयोग आंदोलन किस वर्ष शुरू हुआ था?
- (a) 1919
- (b) 1920
- (c) 1921
- (d) 1922
- चौरी-चौरा कांड के बाद, गांधीजी ने आंदोलन को किस स्थान से वापस लेने की घोषणा की थी?
- (a) साबरमती आश्रम
- (b) बारडोली
- (c) दांडी
- (d) वर्धा
- असहयोग आंदोलन के बाद, कांग्रेस के किस गुट ने स्वराज पार्टी की स्थापना की?
- (a) गरम दल
- (b) नरम दल
- (c) सी.आर. दास और मोतीलाल नेहरू
- (d) सुभाष चंद्र बोस और जवाहरलाल नेहरू