प्रमुख व्यक्तित्व (चंपारण सत्याग्रह, 1917)
August 17, 2026
BPSC में अक्सर इन नेताओं की भूमिकाओं को मिलान करने के लिए कहा जाता है। इन्हें क्रमबद्ध रूप से याद रखें:
| व्यक्तित्व | भूमिका / विशेष योगदान | BPSC के लिए विशेष तथ्य |
|---|---|---|
| गांधीजी | आंदोलन के नेता, सत्याग्रह के जनक | भारत में पहला सत्याग्रह प्रयोग। |
| राजकुमार शुक्ल | गांधीजी को चंपारण आमंत्रित करने वाले | वे एक स्थानीय नील किसान थे। |
| डॉ. राजेंद्र प्रसाद | गांधीजी के साथ जांच में शामिल प्रमुख वकील | बाद में भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने। |
| अनुग्रह नारायण सिन्हा | गांधीजी के साथ जांच में शामिल वकील | ‘बिहार के बिहारी’ के नाम से प्रसिद्ध। |
| बृजकिशोर प्रसाद | गांधीजी के साथ जांच में शामिल वकील | उनके घर पर ही किसानों के बयान दर्ज किए गए। |
| आचार्य जे.बी. कृपलानी | गांधीजी के साथ आए स्वयंसेवक | बाद में स्वतंत्र भारत के प्रथम कांग्रेस अध्यक्ष बने। |
🔥 मॉडल मिलान प्रश्न (Match the Following):
सूची-I (व्यक्तित्व) को सूची-II (भूमिका) से सुमेलित करें:
- राजकुमार शुक्ल → (A) बिहार के बिहारी
- अनुग्रह नारायण सिन्हा → (B) स्वतंत्र भारत के प्रथम कांग्रेस अध्यक्ष
- जे.बी. कृपलानी → (C) नील किसान
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद → (D) भारत के प्रथम राष्ट्रपति
सही उत्तर: 1-C, 2-A, 3-B, 4-D
📅 2. महत्वपूर्ण तिथियाँ (Chronology)
BPSC में तिथियों के क्रम (Chronological Sequence) से भी प्रश्न पूछे जाते हैं। इस क्रम को याद रखें:
- 10 अप्रैल, 1917 – गांधीजी का चंपारण आगमन (मोतिहारी पहुँचे)।
- 18 अप्रैल, 1917 – गांधीजी ने आदेश का उल्लंघन किया और मोतिहारी कोर्ट में पेश हुए। (इस दिन उनके समर्थन में लगभग 2000 लोग जमा हुए थे)।
- 19 अप्रैल, 1917 – जनसमर्थन के दबाव में सरकार ने मुकदमा वापस लिया और आंदोलन औपचारिक रूप से शुरू हुआ।
BPSC ट्रिक: 10 (आगमन) → 18 (कोर्ट) → 19 (शुरुआत) यह क्रम याद रखें।
📜 3. ‘तिनकठिया प्रथा’ (Tinkathia System)
यह आंदोलन का मूल कारण था, इसलिए इसके तथ्यों को बिल्कुल सटीक याद रखें:
- नाम: ‘तिनकठिया’ का अर्थ है 3/20 (तीन-बीसवाँ) भाग।
- अर्थ: ब्रिटिश प्लांटर्स किसानों को उनकी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील (Indigo) की खेती करने के लिए मजबूर करते थे।
- परिणाम: आंदोलन की सफलता के बाद, इस प्रथा को समाप्त कर दिया गया।
🔥 मॉडल प्रश्न:
“चंपारण सत्याग्रह का मुख्य कारण क्या था?” – इसका उत्तर हमेशा ‘तिनकठिया प्रथा’ होगा, न कि चौकीदारी कर या अन्य कोई कारण।
📜 4. पिछले वर्षों के BPSC प्रश्न (PYQs) – आपके बिंदुओं पर आधारित
- प्रश्न (67वीं BPSC, रद्द): गांधीजी को चंपारण आने के लिए किसने आमंत्रित किया था?
- (a) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- (b) राजकुमार शुक्ल
- (c) जयप्रकाश नारायण
- (d) अनुग्रह नारायण सिन्हा
- प्रश्न (64वीं BPSC): महात्मा गांधी का भारत में पहला सत्याग्रह कौन-सा था?
- (a) खेड़ा
- (b) चंपारण
- (c) अहमदाबाद
- (d) रॉलेट
- प्रश्न (BPSC DSO, 2025): निम्नलिखित में से कौन चंपारण सत्याग्रह (1917) से जुड़ा नहीं था?
- (a) राजकुमार शुक्ल
- (b) राजेंद्र प्रसाद
- (c) राम मनोहर लोहिया
- (d) अनुग्रह नारायण सिन्हा
⚠️ 5. बिहार विशेष (BPSC का मूल मंत्र)
- स्थान: आंदोलन चंपारण जिले (जो अब पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण में विभाजित है) के मोतिहारी (सदर मुख्यालय) में केंद्रित था।
- बिहारी नेता: इस आंदोलन ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा, बृजकिशोर प्रसाद और श्री कृष्ण सिंह जैसे बिहारी नेताओं को राष्ट्रीय मंच दिया, जो बाद में बिहार की राजनीति के स्तंभ बने।
🧠 अंतिम रिवीजन टेबल (Last-Minute Revision)
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| वर्ष | 1917 |
| गांधीजी के सहयोगी | राजेंद्र प्रसाद, अनुग्रह, बृजकिशोर, कृपलानी |
| आयोजक (गांधी को लाने वाले) | राजकुमार शुक्ल (नील किसान) |
| मूल समस्या | तिनकठिया प्रथा (3/20 भूमि पर नील की खेती) |
| गांधीजी का आगमन | 10 अप्रैल, 1917 |
| कोर्ट में पेशी | 18 अप्रैल, 1917 |
| आंदोलन प्रारंभ | 19 अप्रैल, 1917 |
| परिणाम | तिनकठिया प्रथा समाप्त, 25% मुआवज़ा |