भारतीय प्रेस का विकास: विस्तृत नोट्स
August 17, 2026
1. प्रेस की शुरुआत (18वीं सदी के अंत में)
- पहला समाचार पत्र: भारत में सबसे पहला समाचार पत्र जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने 1780 में ‘द बंगाल गजट’ (The Bengal Gazette) या ‘कलकत्ता जनरल एडवर्टाइजर’ निकाला था-1-2-9।
- अन्य प्रारंभिक समाचार पत्र: इसके बाद ‘द इंडिया गजट’, ‘द कलकत्ता गजट’ (1784), ‘द मद्रास कूरियर’ (1785) और ‘द बॉम्बे हेराल्ड’ (1789) जैसे अखबार शुरू हुए-1-2।
- प्रारंभिक दमन: 1782 में हिक्की के अखबार पर सरकार की आलोचना करने के कारण रोक लगा दी गई थी-1। कंपनी के अधिकारियों को डर था कि ये अखबार लंदन पहुँचकर उनके कुकृत्यों को उजागर कर देंगे, इसलिए उन्होंने प्रेस पर नियंत्रण की आवश्यकता महसूस की-6।
2. प्रमुख दमनकारी अधिनियम
समय-समय पर अंग्रेजों ने भारतीय प्रेस की स्वतंत्रता को कुचलने के लिए कई कानून बनाए। इनके नाम, वर्ष और प्रमुख बिंदुओं को याद रखना BPSC के लिए सबसे महत्वपूर्ण है-1-2-6।
| अधिनियम/कानून | वर्ष | किसके द्वारा / संबंधित | मुख्य बिंदु |
|---|---|---|---|
| प्रेस सेंसरशिप अधिनियम | 1799 | लॉर्ड वेलेजली -1-6 | फ्रांसीसी आक्रमण की आशंका में समाचार-पत्रों पर सख्त सेंसरशिप लागू की। इसे लगभग युद्धकालीन प्रतिबंध माना गया। |
| लाइसेंसिंग विनियम | 1823 | जॉन एडम्स (कार्यवाहक गवर्नर-जनरल) -1-6 | बिना लाइसेंस के प्रेस चलाना दंडनीय अपराध बना दिया गया। इसी के कारण राजा राममोहन राय को अपना अखबार ‘मिरात-उल-अखबार’ बंद करना पड़ा था-1-6। |
| प्रेस अधिनियम, 1835 (मेटकाफ एक्ट) -1-2 | 1835 | लॉर्ड मेटकाफ | 1823 के लाइसेंसिंग विनियमों को निरस्त किया। मेटकाफ को ‘भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता’ (Liberator of the Press) भी कहा जाता है-1-2-6। |
| लाइसेंसिंग अधिनियम | 1857 | लॉर्ड कैनिंग -1-6 | 1857 के विद्रोह के कारण लाए गए आपातकाल में लाइसेंसिंग प्रतिबंधों को फिर से लागू किया। |
| पंजीकरण अधिनियम | 1867 | – | 1835 के मेटकाफ अधिनियम को बदला। यह प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि नियामक था। इसके तहत हर किताब/अखबार पर प्रिंटर, प्रकाशक और प्रकाशन स्थान का नाम छापना अनिवार्य था-2-6। |
| देशी भाषा प्रेस अधिनियम (Vernacular Press Act) -1-4 | 1878 | लॉर्ड लिटन -4 | ‘गैगिंग एक्ट’ (Gagging Act) के नाम से कुख्यात। इसका उद्देश्य देशी भाषाओं में प्रकाशित अखबारों की आलोचनात्मक लेखनी को दबाना था। 1882 में लॉर्ड रिपन ने इसे निरस्त कर दिया-1-4-6। |
| समाचार पत्र (अपराध के लिए उकसाना) अधिनियम, 1908 -1-2 | 1908 | लॉर्ड कर्जन -2 | उग्र राष्ट्रवादी गतिविधियों को दबाने के लिए बनाया गया। इसने जिला मजिस्ट्रेट को आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित करने पर प्रेस की संपत्ति जब्त करने का अधिकार दिया-2। |
| भारतीय प्रेस अधिनियम, 1910 -1 | 1910 | – | देशी भाषा प्रेस अधिनियम की सबसे खराब धाराओं को फिर से लागू किया। |
| भारतीय प्रेस (आपातकालीन शक्तियाँ) अधिनियम, 1931 -1 | 1931 | – | सविनय अवज्ञा आंदोलन के बाद लाया गया। |
| द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान | 1939-45 | – | रक्षा भारत नियम (Defence of India Rules) के तहत और अधिक दमनकारी कदम उठाए गए-1-4। |
3. स्वतंत्रता संग्राम में प्रेस की भूमिका
प्रेस ने राष्ट्रीय चेतना जगाने और स्वतंत्रता संग्राम को एक आकार देने में अहम भूमिका निभाई।
- प्रारंभिक राष्ट्रवादी आंदोलन: 1870 से 1918 के बीच के शुरुआती दौर में, कांग्रेस अपने प्रस्तावों और विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह से प्रेस पर निर्भर थी-6।
- प्रमुख पत्रकार और समाचार पत्र: इस दौरान कई साहसी पत्रकारों ने शक्तिशाली समाचार पत्रों का संपादन किया, जिन्होंने अंग्रेजों की नीतियों की कड़ी आलोचना की-6-9:
- गोपाल कृष्ण गोखले – ‘सुधारक’
- बाल गंगाधर तिलक – ‘केसरी’ (मराठी) और ‘मराठा’ (अंग्रेज़ी)
- सुरेन्द्रनाथ बनर्जी – ‘द बेंगाली’ (उन्हें 1883 में जेल जाने वाले पहले भारतीय पत्रकार का गौरव भी प्राप्त है)-1-6
- जी. सुब्रह्मण्य अय्यर – ‘द हिन्दू’ और ‘स्वदेशमित्रान’
- सिसिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष – ‘अमृत बाजार पत्रिका’
- दादाभाई नौरोजी – ‘वॉइस ऑफ इंडिया’
- राष्ट्रवादी पत्रकारिता का संघर्ष: राष्ट्रीय आंदोलन ने शुरुआत से ही प्रेस की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। 1876-77 के अकाल के दौरान लॉर्ड लिटन की सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करने के बाद ही सरकार ने 1878 में देशी भाषा प्रेस अधिनियम पारित किया-6।
📜 पिछले वर्षों के BPSC प्रश्न (PYQs)
- प्रश्न (69वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा, 2023): देशी भाषा प्रेस अधिनियम, 1878 के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?-4
- इसे लॉर्ड लिटन द्वारा अधिनियमित किया गया था।
- यह ‘गैगिंग एक्ट’ के रूप में जाना जाने लगा।
- इस अधिनियम को लॉर्ड रिपन द्वारा निरस्त कर दिया गया था।
- (a) केवल 1 और 2
- (b) केवल 1 और 3
- (c) केवल 2 और 3
- (d) 1, 2 और 3
- प्रश्न (BPSC 2015, संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा): भारत में मीडिया को नियंत्रित करने के लिए ‘अधिनियम’ किस वर्ष पारित किए गए थे?-2
- (a) 1835, 1867, 1878, 1908
- (b) 1835, 1857, 1878, 1910
- (c) 1799, 1835, 1857, 1867
- (d) 1799, 1823, 1878, 1910
🎯 मॉडल अभ्यास प्रश्न (Model Questions)
- ‘भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता’ (Liberator of the Press) किसे कहा जाता है?
- (a) लॉर्ड वेलेजली
- (b) लॉर्ड मेटकाफ
- (c) लॉर्ड लिटन
- (d) लॉर्ड रिपन
- किस अधिनियम को ‘गैगिंग एक्ट’ (Gagging Act) के नाम से जाना जाता है और इसे किसने निरस्त किया?
- (a) लाइसेंसिंग विनियम, 1823; लॉर्ड मेटकाफ
- (b) देशी भाषा प्रेस अधिनियम, 1878; लॉर्ड रिपन
- (c) समाचार पत्र अधिनियम, 1908; लॉर्ड हार्डिंग
- (d) भारतीय प्रेस अधिनियम, 1910; लॉर्ड चेम्सफोर्ड
- भारत के पहले समाचार पत्र ‘द बंगाल गजट’ को किसने और कब शुरू किया था?
- (a) जेम्स ऑगस्टस हिक्की, 1780
- (b) जे.एस. बकिंघम, 1818
- (c) राजा राममोहन राय, 1821
- (d) लॉर्ड वेलेजली, 1799
- किस अधिनियम के तहत हर किताब/अखबार पर प्रिंटर और प्रकाशक का नाम छापना अनिवार्य किया गया, और यह प्रकृति में नियामक (regulatory) था, प्रतिबंधात्मक (restrictive) नहीं?
- (a) प्रेस अधिनियम, 1835
- (b) पंजीकरण अधिनियम, 1867
- (c) लाइसेंसिंग अधिनियम, 1857
- (d) देशी भाषा प्रेस अधिनियम, 1878