भारतीय प्रेस का विकास: विस्तृत नोट्स

1. प्रेस की शुरुआत (18वीं सदी के अंत में)

  • पहला समाचार पत्र: भारत में सबसे पहला समाचार पत्र जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने 1780 में ‘द बंगाल गजट’ (The Bengal Gazette) या ‘कलकत्ता जनरल एडवर्टाइजर’ निकाला था-1-2-9
  • अन्य प्रारंभिक समाचार पत्र: इसके बाद ‘द इंडिया गजट’, ‘द कलकत्ता गजट’ (1784), ‘द मद्रास कूरियर’ (1785) और ‘द बॉम्बे हेराल्ड’ (1789) जैसे अखबार शुरू हुए-1-2
  • प्रारंभिक दमन: 1782 में हिक्की के अखबार पर सरकार की आलोचना करने के कारण रोक लगा दी गई थी-1। कंपनी के अधिकारियों को डर था कि ये अखबार लंदन पहुँचकर उनके कुकृत्यों को उजागर कर देंगे, इसलिए उन्होंने प्रेस पर नियंत्रण की आवश्यकता महसूस की-6

2. प्रमुख दमनकारी अधिनियम

समय-समय पर अंग्रेजों ने भारतीय प्रेस की स्वतंत्रता को कुचलने के लिए कई कानून बनाए। इनके नाम, वर्ष और प्रमुख बिंदुओं को याद रखना BPSC के लिए सबसे महत्वपूर्ण है-1-2-6

अधिनियम/कानूनवर्षकिसके द्वारा / संबंधितमुख्य बिंदु
प्रेस सेंसरशिप अधिनियम1799लॉर्ड वेलेजली -1-6फ्रांसीसी आक्रमण की आशंका में समाचार-पत्रों पर सख्त सेंसरशिप लागू की। इसे लगभग युद्धकालीन प्रतिबंध माना गया।
लाइसेंसिंग विनियम1823जॉन एडम्स (कार्यवाहक गवर्नर-जनरल) -1-6बिना लाइसेंस के प्रेस चलाना दंडनीय अपराध बना दिया गया। इसी के कारण राजा राममोहन राय को अपना अखबार ‘मिरात-उल-अखबार’ बंद करना पड़ा था-1-6
प्रेस अधिनियम, 1835 (मेटकाफ एक्ट) -1-21835लॉर्ड मेटकाफ1823 के लाइसेंसिंग विनियमों को निरस्त किया। मेटकाफ को ‘भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता’ (Liberator of the Press) भी कहा जाता है-1-2-6
लाइसेंसिंग अधिनियम1857लॉर्ड कैनिंग -1-61857 के विद्रोह के कारण लाए गए आपातकाल में लाइसेंसिंग प्रतिबंधों को फिर से लागू किया।
पंजीकरण अधिनियम18671835 के मेटकाफ अधिनियम को बदला। यह प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि नियामक था। इसके तहत हर किताब/अखबार पर प्रिंटर, प्रकाशक और प्रकाशन स्थान का नाम छापना अनिवार्य था-2-6
देशी भाषा प्रेस अधिनियम (Vernacular Press Act) -1-41878लॉर्ड लिटन -4‘गैगिंग एक्ट’ (Gagging Act) के नाम से कुख्यात। इसका उद्देश्य देशी भाषाओं में प्रकाशित अखबारों की आलोचनात्मक लेखनी को दबाना था। 1882 में लॉर्ड रिपन ने इसे निरस्त कर दिया-1-4-6
समाचार पत्र (अपराध के लिए उकसाना) अधिनियम, 1908 -1-21908लॉर्ड कर्जन -2उग्र राष्ट्रवादी गतिविधियों को दबाने के लिए बनाया गया। इसने जिला मजिस्ट्रेट को आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित करने पर प्रेस की संपत्ति जब्त करने का अधिकार दिया-2
भारतीय प्रेस अधिनियम, 1910 -11910देशी भाषा प्रेस अधिनियम की सबसे खराब धाराओं को फिर से लागू किया।
भारतीय प्रेस (आपातकालीन शक्तियाँ) अधिनियम, 1931 -11931सविनय अवज्ञा आंदोलन के बाद लाया गया।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान1939-45रक्षा भारत नियम (Defence of India Rules) के तहत और अधिक दमनकारी कदम उठाए गए-1-4

3. स्वतंत्रता संग्राम में प्रेस की भूमिका

प्रेस ने राष्ट्रीय चेतना जगाने और स्वतंत्रता संग्राम को एक आकार देने में अहम भूमिका निभाई।

  • प्रारंभिक राष्ट्रवादी आंदोलन: 1870 से 1918 के बीच के शुरुआती दौर में, कांग्रेस अपने प्रस्तावों और विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह से प्रेस पर निर्भर थी-6
  • प्रमुख पत्रकार और समाचार पत्र: इस दौरान कई साहसी पत्रकारों ने शक्तिशाली समाचार पत्रों का संपादन किया, जिन्होंने अंग्रेजों की नीतियों की कड़ी आलोचना की-6-9:
    • गोपाल कृष्ण गोखले – ‘सुधारक’
    • बाल गंगाधर तिलक – ‘केसरी’ (मराठी) और ‘मराठा’ (अंग्रेज़ी)
    • सुरेन्द्रनाथ बनर्जी – ‘द बेंगाली’ (उन्हें 1883 में जेल जाने वाले पहले भारतीय पत्रकार का गौरव भी प्राप्त है)-1-6
    • जी. सुब्रह्मण्य अय्यर – ‘द हिन्दू’ और ‘स्वदेशमित्रान’
    • सिसिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष – ‘अमृत बाजार पत्रिका’
    • दादाभाई नौरोजी – ‘वॉइस ऑफ इंडिया’
  • राष्ट्रवादी पत्रकारिता का संघर्ष: राष्ट्रीय आंदोलन ने शुरुआत से ही प्रेस की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। 1876-77 के अकाल के दौरान लॉर्ड लिटन की सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करने के बाद ही सरकार ने 1878 में देशी भाषा प्रेस अधिनियम पारित किया-6

📜 पिछले वर्षों के BPSC प्रश्न (PYQs)

  1. प्रश्न (69वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा, 2023)देशी भाषा प्रेस अधिनियम, 1878 के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?-4
    1. इसे लॉर्ड लिटन द्वारा अधिनियमित किया गया था।
    2. यह ‘गैगिंग एक्ट’ के रूप में जाना जाने लगा।
    3. इस अधिनियम को लॉर्ड रिपन द्वारा निरस्त कर दिया गया था।
    • (a) केवल 1 और 2
    • (b) केवल 1 और 3
    • (c) केवल 2 और 3
    • (d) 1, 2 और 3
    सही उत्तर: (d) 1, 2 और 3-4
  2. प्रश्न (BPSC 2015, संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा)भारत में मीडिया को नियंत्रित करने के लिए ‘अधिनियम’ किस वर्ष पारित किए गए थे?-2
    • (a) 1835, 1867, 1878, 1908
    • (b) 1835, 1857, 1878, 1910
    • (c) 1799, 1835, 1857, 1867
    • (d) 1799, 1823, 1878, 1910
    सही उत्तर: (a) 1835, 1867, 1878, 1908-2

🎯 मॉडल अभ्यास प्रश्न (Model Questions)

  1. ‘भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता’ (Liberator of the Press) किसे कहा जाता है?
    • (a) लॉर्ड वेलेजली
    • (b) लॉर्ड मेटकाफ
    • (c) लॉर्ड लिटन
    • (d) लॉर्ड रिपन
    उत्तर: (b) लॉर्ड मेटकाफ-1-2
  2. किस अधिनियम को ‘गैगिंग एक्ट’ (Gagging Act) के नाम से जाना जाता है और इसे किसने निरस्त किया?
    • (a) लाइसेंसिंग विनियम, 1823; लॉर्ड मेटकाफ
    • (b) देशी भाषा प्रेस अधिनियम, 1878; लॉर्ड रिपन
    • (c) समाचार पत्र अधिनियम, 1908; लॉर्ड हार्डिंग
    • (d) भारतीय प्रेस अधिनियम, 1910; लॉर्ड चेम्सफोर्ड
    उत्तर: (b)-1-4
  3. भारत के पहले समाचार पत्र ‘द बंगाल गजट’ को किसने और कब शुरू किया था?
    • (a) जेम्स ऑगस्टस हिक्की, 1780
    • (b) जे.एस. बकिंघम, 1818
    • (c) राजा राममोहन राय, 1821
    • (d) लॉर्ड वेलेजली, 1799
    उत्तर: (a)-1-2
  4. किस अधिनियम के तहत हर किताब/अखबार पर प्रिंटर और प्रकाशक का नाम छापना अनिवार्य किया गया, और यह प्रकृति में नियामक (regulatory) था, प्रतिबंधात्मक (restrictive) नहीं?
    • (a) प्रेस अधिनियम, 1835
    • (b) पंजीकरण अधिनियम, 1867
    • (c) लाइसेंसिंग अधिनियम, 1857
    • (d) देशी भाषा प्रेस अधिनियम, 1878
    उत्तर: (b)-2-6

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