गवर्नर-जनरल और वायसराय: मुख्य कार्य
August 17, 2026
यह समझना ज़रूरी है कि दोनों पद एक ही व्यक्ति के थे, लेकिन 1857 के बाद उनकी शक्तियों और दर्जे में बदलाव आया -8-11।
- प्रशासनिक प्रमुख: वे ब्रिटिश भारत के सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी थे। चार्टर एक्ट 1833 ने उन्हें पूरे भारत के सिविल और सैन्य प्रशासन का “पर्यवेक्षण, निर्देशन और नियंत्रण” का अधिकार दिया -4-6।
- विधायी शक्तियाँ: वे विधान परिषद के प्रमुख थे।
- विदेश नीति: भारत अधिनियम 1784 ने स्पष्ट किया कि भारतीय रियासतों के साथ युद्ध या संधि करने का अधिकार केवल गवर्नर-जनरल को था -4।
- राजनीतिक एजेंट: वायसराय के रूप में, वे ब्रिटिश क्राउन के प्रत्यक्ष प्रतिनिधि थे और हैदराबाद, मैसूर, जम्मू-कश्मीर जैसी प्रमुख रियासतों पर नज़र रखते थे -6।
- परिषद के साथ संबंध:
महत्वपूर्ण अंतर: गवर्नर-जनरल बनाम वायसराय
| विशेषता | गवर्नर-जनरल (1833-1858) | वायसरय (1858-1947) |
|---|---|---|
| आधार | चार्टर एक्ट 1833 (ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन) -8 | गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1858 (ब्रिटिश क्राउन के अधीन) -8 |
| प्रथम/अंतिम | प्रथम: लॉर्ड विलियम बेंटिक; अंतिम: लॉर्ड कैनिंग (पहले वायसराय भी बने) -8 | प्रथम: लॉर्ड कैनिंग; अंतिम: लॉर्ड माउंटबेटन -8-9 |
| मुख्य भूमिका | कंपनी का प्रशासनिक प्रमुख | ब्रिटिश सम्राट का प्रतिनिधि -8 |
अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (BPSC अंदाज़ में)
यहाँ कुछ ऐसे प्रश्न दिए गए हैं, जो BPSC में पूछे जा सकते हैं:
- अध्यादेश जारी करने की शक्ति किस अधिनियम के तहत गवर्नर-जनरल को मिली?
- (a) पिट्स इंडिया एक्ट 1784
- (b) गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1858
- (c) इंडियन काउंसिल एक्ट 1861
- (d) इंडियन काउंसिल एक्ट 1892 -1
- चार्टर एक्ट 1833 के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?सही उत्तर: (d)
- निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें: (यह UPSC/PCS शैली का प्रश्न है, जो BPSC में भी पूछा जाता है) -2
- लॉर्ड मेयो – अंडमान में हत्या
- लॉर्ड हार्डिंग – दिल्ली में बम हमला
- लॉर्ड कर्ज़न – बंगाल का विभाजन
- 1857 के विद्रोह के बाद ‘वायसराय’ की उपाधि किस गवर्नर-जनरल को दी गई?
- (a) लॉर्ड डलहौजी
- (b) लॉर्ड कैनिंग
- (c) लॉर्ड लिटन
- (d) लॉर्ड रिपन -8
पिछले वर्षों के प्रश्न (BPSC) और उनके स्रोत
BPSC में अक्सर किसी विशेष वायसराय के कार्यकाल की महत्वपूर्ण घटनाओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं। कुछ उदाहरण:
- 41वीं BPSC (प्रारंभिक) 1996: “लॉर्ड वेलेजली की सहायक संधि स्वीकार करने वाले पहले मराठा सरदार कौन थे?” -2 -> उत्तर: पेशवा बाजीराव द्वितीय
- 70वीं BPSC (प्रारंभिक) 2024: इस परीक्षा में “शाही उपाधियों अधिनियम, 1876” से संबंधित प्रश्न पूछा गया था, जिसमें महारानी विक्टोरिया को 1877 में ‘भारत की महारानी’ घोषित किया गया -12।